परिपत्र सं. 9/2022 : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत दिशानिर्देश
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 9/2022
परिपत्र की तिथि
09/05/2022
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
09/05/2022
2022 की परिपत्र सं. 9
एफ.नं. 370142/2/2022-टीपीएल
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
दिनांक : 9 मई, 2022
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत दिशानिर्देश -संबंधी
वित्त अधिनियम, 2020, अन्य विषयों के साथ-साथ, की मदद से आयकर अधिनियम, 1961 (इसके बाद "अधिनियम" के तौर पर संदर्भित) में वाक्यांश (23चड़) को शामिल किया गया था ताकि अबूधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईडी), सॉवरेन वैल्थ फंड (एसडब्ल्यूएफ) और पेंशन फंड (पीएफ) (इनको बाद में "विशेष व्यक्ति" के तौर पर संदर्भित किया गया है) की पूर्णता नियंत्रित सहायक कंपनियों को कुछ शर्तों को पूरा करने के अनुसार 01.04.2020 से प्रारंभ होने वाली और 31.03.2024 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर में किए गए निवेश से अर्जित होने वाले लाभांश, ब्याज और दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्तियों के रूप में उनकी आय पर छूट दी जा सके।
2 भारत में विशेष व्यक्तियों द्वारा प्रोत्साहित इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट के लिए वित्त अधिनियम, 2021, इसके बाद "वित्त अधिनियम" के तौर पर संदर्भित, अन्य विषयों के साथ-साथ, की मदद से अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के निम्नलिखित प्रावधानों को संशोधित किया गया है :
(i) श्रेणी I या श्रेणी II वैकल्पिक इनवेस्टमेंट फंड (तत्पश्चात् एआईएफ के तौर पर संदर्भित) में विशेष व्यक्ति द्वारा निवेश के लिए छूट की स्वीकृति देने के लिए उसके उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग) को संशोधित किया गया है जिसे एक से अधिक कंपनियों, उद्यमों या संस्थाओं में निवेश किया गया है जैसाकि अधिनियम (बाद में InvIT के तौर पर संदर्भित) की धारा 2 के वाक्यांश (13क) के उप-वाक्यांश (i) में संदर्भित एक इंफ्रास्ट्रक्चर इनवेस्टमेंट ट्रस्ट में निवेश करने वाली घरेलू कंपनी या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों या एआईएफ के माध्यम से मद (ख) (तत्पश्चात् "योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम" के तौर पर संदर्भित) में संदर्भित किया गया है। आगे, वित्त अधिनियम की मदद से योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT में निवेश करने वाले एआईएफ को 100 प्रतिशत से 50 प्रतिशत की शर्तें में छूट भी दी है।
(ii) 01.04.2021 का या उसके बाद स्थापित और पंजीकृत एक घरेलू कंपनी, जिसका योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में कम से कम 75 प्रतिशत निवेश हो, में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा निवेश की स्वीकृति के लिए उसके उप-वाक्यांश (iii) में मद (ख) को शामिल किया गया है।
(iii) एक इंफ्रास्ट्रक्चर वित्त कंपनी, जिसकी योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में कम से कम 90 प्रतिशत ऋण हो, के तौर पर पंजीकृत एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी में विशेष व्यक्ति द्वारा निवेश की स्वीकृति के लिए उसके उप-वाक्यांश (iii) में मद (ड़) को शामिल किया गया है।
(iv) उसके स्पष्टीकरण 3 को शामिल किया गया है ताकि बताया जा सके कि उक्त वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग), (घ) या (ड़) में संदर्भित 50 प्रतिशत, 75 प्रतिशत या 90 प्रतिशत निवेश के निर्धारण के लिए विधि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित की जाएगी।
(v) उसके चौथे परंतुक को शामिल किया गया है यह बताते हुए कि एआईएफ के मामले में, उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग) में संदर्भित, का योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT में 100 प्रतिशत से कम का निवेश है, ऐसे निवेश, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, से अर्जित या हेतु उत्पन्न या द्वारा प्राप्त या से संबंधित आय, जिसे इस वाक्यांश के अंतर्गत छूट दी है उसे निर्धारित प्रारूप में योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT में किए गए निवेश के अनुपात में गिना जाएगा।
(vi) उसके पांचवें परंतुक को शामिल किया गया है यह बताते हुए कि घरेलू कंपनी के मामले में, उप-वाक्यांश (iii) की मद (घ) में संदर्भित, का योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में 100 प्रतिशत से कम का निवेश है, ऐसे निवेश, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, से अर्जित या हेतु उत्पन्न या द्वारा प्राप्त या से संबंधित आय, जिसे इस वाक्यांश के अंतर्गत छूट दी है उसे निर्धारित प्रारूप में योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में किए गए निवेश के अनुपात में गिना जाएगा।
(vii) उसके छठें परंतुक को शामिल किया गया है यह बताते हुए कि एनबीएफसी के मामले में, उप-वाक्यांश (iii) की मद (ड़) में संदर्भित, का योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में 100 प्रतिशत से कम का ऋण है, ऐसे ऋण, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, से अर्जित या हेतु उत्पन्न या द्वारा प्राप्त या से संबंधित आय, जिसे इस वाक्यांश के अंतर्गत छूट दी है उसे निर्धारित प्रारूप में योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में ऋण के अनुपात में गिना जाएगा।
3 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत 50 प्रतिशत, 75प्रतिशत या 90 प्रतिशत की योग्य शुरूआती सीमा की गणना की विधि को 2022 की अधिसूचना सं. 50, 6 मई, 2022 के माध्यम से आयकर नियम (नियम) के नियम 2घगक में निर्धारित किया गया है।
4 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के पहले परंतुक बताता है कि यदि कथित वाक्यांश के प्रावधान की व्याख्या या कार्यान्वयन के संबंध में कोई परेशानी होती है तो बोर्ड, केंद्र सरकार की अनुमति से उन परेशानियों को दूर करने के लिए दिशानिर्देश जारी करेगा। इस परंतुक के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए, बोर्ड केंद्र सरकार की अनुमति से एतद्द्वारा निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी करता है :
दिशानिर्देश
4.1 विशेष व्यक्ति या एआईएफ/घरेलू कंपनी/एनबीएफसी द्वारा 3 वर्षों के अंदर निवेश का स्थानांतरण
4.1.1 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अनुसार, भारत में इसके द्वारा किए गए निवेश से अर्जित लाभांश, ब्याज या दीर्घकालीन पूंजीगत प्राप्ति के रूप में एक विशेष व्यक्ति की किसी प्रकार की आय, चाहे डेब्ट के रूप में हो या शेयर कैपिटल या यूनिट के रूप में, कुछ शर्तों के अनुसार आयकर से मुक्त है। ऐसी एक शर्त को अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (ii) में निर्धारित किया गया है। इस उप-वाक्यांश के अंतर्गत, ऐसे निवेश को कम से कम तीन वर्षों के लिए रखा जाना आवश्यक है। बोर्ड के ध्यान में लाया गया है कि ऐसे मामले हो सकते हैं जहां इनमें से किसी भी निवेश को 3 वर्षों ("तीन वर्ष का नियम") की लॉक-इन-अवधि से पहले स्थानांतरित किया जाए :
(क) योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT या एआईएफ या घरेल कंपनी या एनबीएफसी में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा निवेश
(ख) घरेलू कंपनी या एनबीएफसी या योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से एआईएफ द्वारा निवेश
(ग) एक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में एआईएफ के माध्यम से या सीधे निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से घरेलू कंपनी द्वारा किया गया निवेश
(घ) योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम हेतु या तो एआईएफ के माध्यम से या सीधे निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से एनबीएफसी द्वारा ऋण
4.1.2 ऐसे मामलों में, अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के तीसरे परंतुक के अनुसार, कोई आय जिसे इस वाक्यांश के परंतुक के कारण निर्दिष्ट व्यक्ति की कुल आय में शामिल की गई है, पिछले वर्ष जिस दौरान निर्दिष्ट व्यक्ति कथित वाक्यांश की किसी भी शर्त को पूरा करने में असफल रहता है, की निर्दिष्ट व्यक्ति की आय के तौर पर आयकर हेतु वसूलनीय होगा
4.1.3 इस संदर्भ में, एतद्द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसे निवेश (जिसे तीन वर्षों के नियम के उल्लंघन में स्थानांतरित किया गया है) के स्थानांतरण पर अर्जित या उपार्जित किसी पूंजीगत प्राप्ति को निम्नलिखित समझा जाएगा :
(क) योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT या एआईएफ या घरेलू कंपनी या एनबीएफसी में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा निवेश : ऐसी पूंजीगत प्राप्ति निर्दिष्ट व्यक्ति के हाथों अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत करमुक्त नही होगा।
(ख) घरेलू कंपनी या एनबीएफसी या योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से एआईएफ द्वारा निवेश : चूंकि एआईएफ एक निकासी उद्यम है, ऐसी पूंजीगत प्राप्ति निर्दिष्ट व्यक्ति के हाथों करयोग्य होगी, ऐसे पूंजीगत प्राप्ति को निर्दिष्ट व्यक्ति के हाथों करयोग्य समझा जाएगा और चूंकि तीन वर्ष के नियम का अनुपालन नही किया गया है, आय निर्दिष्ट व्यक्ति के हाथों अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत करमुक्त नही होगी।
(ग) एक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में एआईएफ के माध्यम से या सीधे निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से घरेलू कंपनी द्वारा किया गया निवेश : आय, ऐसी पूंजीगत प्राप्ति से निर्दिष्ट, विशेष व्यक्ति के हाथों कर योग्य होगी और चूंकि तीन वर्ष के नियम का अनुपालन नही किया गया है, ऐसी आय निर्दिष्ट व्यक्ति के हाथों अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत करमुक्त नही होगी।
(घ) योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम हेतु या तो एआईएफ के माध्यम से या सीधे निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से एनबीएफसी द्वारा ऋण : आय, ऐसी पूंजीगत प्राप्ति या एनबीएफसी की अन्य आय हेतु निर्दिष्ट, विशेष व्यक्ति के हाथों कर योग्य होगी और चूंकि तीन वर्ष के नियम का अनुपालन नही किया गया है, ऐसी आय निर्दिष्ट व्यक्ति के हाथों अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत करमुक्त नही होगी।
4.1.4 आगे ऐसे निवेश (जिसे तीन वर्षों के नियम का उल्लंघन करते हुए स्थानांतरित किया गया) पर ब्याज या लाभांश जिसे पहले के वर्षों में अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत आयकर से करमुक्त रखा गया है वह उस पिछले वर्ष की आय के तौर पर निर्दिष्ट व्यक्ति के हाथों कर का विषय होगा जिसमें ऐसा निवेश निर्दिष्ट व्यक्ति या एआईएफ या घरेलू कंपनी या एनबीएफसी, जो भी मामला हो, का उल्लंघन करते हुए स्थानांतरित किया गया है।
4.1.5 उक्त दिशानिर्देशों को निम्नलिखित उदाहरणों की मदद से बताया गया है :
उदाहरण 1 : विशेष व्यक्ति एक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में रू. 100 करोड़ का निवेश करता है। विशेष व्यक्ति 30.04.2021 को अधिसूचित करता है और शेयर के रूप में ऐसा निवेश 31.03.2022 को किया जाता हैै। पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान, निर्दिष्ट व्यक्ति को ऐसे निवेश से रू. 10 करोड़ का लाभांश मिलता है जिसकी छूट का दावा किया है। आगे, पिछले वर्ष 2023-24 के दौरान, रू. 12 करोड़ के लाभांश मिलते हैं जिसकी भी छूट का दावा किया है। 01.04.2024 तक, निर्दिष्ट व्यक्ति बाहर निकलने का निर्णल लेता है और रू. 120 करोड़ की राशि के लिए अपने शेयरों को स्थानांतरित करता है। ऐसे मामले में, पिछले वर्ष 2024-24 के दौरान, पिछले वर्ष 2023-24 के दौरान छूट देते हुए रू. 10 करोड़ और रू. 12 करोड़ की राशि पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान छूट पर दी गई लाभांश आय पर विशेष व्यक्ति के हाथों पिछले वर्ष 2024-25 की आय के तौर पर कर वसूला जाएगा। आगे, विशेष व्यक्ति द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के शेयरों के स्थानांतरण पर कोई पूंजीगत प्राप्ति कर छूट नही होगी।
उदाहरण 2 : विशेष व्यक्ति एक एआईएफ में रू. 100 करोड़ का निवेश करता है जैसाकि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग) में दिया गया है। विशेष व्यक्ति 30.04.2021 को अधिसूचित करता है और यूनिट के रूप में ऐसा निवेश 30.05.2021 को करता हैै। बदले में एआईएफ विशेष व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से 30.06.2021 तक अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग) में संदर्भित घरेलू कंपनी में निवेश करता है। बदले में घरेलू कंपनी एआईएफ द्वारा किए गए निवेश में से 31.07.2021 तक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में रू. 100 करोड़ का निवेश करती है। पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान, निर्दिष्ट व्यक्ति एआईएफ के माध्यम से घरेलू कंपनी में किए गए ऐसे निवेश से रू. 10 करोड़ का लाभांश प्राप्त करता है। नियमों के नियम 2घगक के अंतर्गत रू. 8 करोड़ की राशि करमुक्त है। आगे पिछले वर्ष 2023-24 के दौरान, रू. 12 करोड़ का लाभांश मिलता है। नियमों के नियम 2घगक के अंतर्गत रू. 10 करोड़ की राशि करमुक्त है। 15.07.2024 को, घरेलू कंपनी बाहर निकलने का निर्णय लेती है और रू. 120 करोड़ की राशि के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में अपने शेयरों के स्थानांतरित करती है। पिछले वर्ष 2024-25 के दौरान, रू. 20 करोड़ के लाभांश घरेलू कपंनी की ओर से एआईएफ द्वारा प्राप्त होते हैं जिसे निर्दिष्ट व्यक्ति को एआईएफ द्वारा दिए जाते हैं। ऐसे मामले में, पिछले वर्ष 2024-25 के दौरान, पिछले वर्ष 2024-25 के दौरान प्राप्त रू. 20 करोड़ के लाभांश, रू. 8 करोड़ की लाभांश आय जिसकी छूट की स्वीकृति पिछले वर्ष 2022-23 में मिली और रू. 10 करोड़ की आय जिसे पिछले वर्ष 2023-24 के दौरान लाभांश आय के तौर पर समझा गया निर्दिष्ट व्यक्ति की ओर से पिछले वर्ष 2024-25 की आय के तौर पर करयोग्य होगी। आगे, विशेष व्यक्ति द्वारा एआईएफ के माध्यम से घरेलू कंपनी के शेयर के स्थानांतरण पर कोई पूंजीगत कर प्राप्ति छूट नही मिलेगी।
उदाहरण 3 : विशेष व्यक्ति एक एआईएफ में रू. 100 करोड़ का निवेश करता है जैसाकि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग) में दिया गया है। विशेष व्यक्ति 30.04.2021 को अधिसूचित करता है और यूनिट के रूप में ऐसा निवेश 30.05.2021 को करता हैै। बदले में एआईएफ विशेष व्यक्ति द्वारा किए गए निवेश में से 30.06.2021 तक अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (घ) में संदर्भित एक घरेलू कंपनी में पूरी राशि निवेश करता है। बदले में घरेलू कंपनी एआईएफ द्वारा किए गए निवेश में से 31.07.2021 तक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में रू. 60 करोड़ और योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम बी में रू. 40 करोड़ का निवेश करती है। पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान, निर्दिष्ट व्यक्ति एआईएफ के माध्यम से घरेलू कंपनी में किए गए ऐसे निवेश से रू. 10 करोड़ का लाभांश प्राप्त करता है। नियमों के नियम 2घगक के अंतर्गत रू. 8 करोड़ की राशि करमुक्त है (योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश के संबंध में रू. 4.8 करोड और योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश के संबंध में रू. 3.2 करोड)। आगे पिछले वर्ष 2023-24 के दौरान, रू. 12 करोड़ का लाभांश मिलता है। नियमों के नियम 2घगक के अंतर्गत रू. 10 करोड़ की राशि करमुक्त है (योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश के संबंध में रू. 6 करोड और योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश के संबंध में रू. 4 करोड)। 15.07.2024 को, घरेलू कंपनी बाहर निकलने का निर्णय लेती है और रू. 120 करोड़ की राशि के लिए योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में अपने शेयरों के स्थानांतरित करती है। पिछले वर्ष 2024-25 के दौरान, रू. 25 करोड़ के लाभांश घरेलू कपंनी की ओर से एआईएफ द्वारा प्राप्त होते हैं जिसे निर्दिष्ट व्यक्ति को एआईएफ द्वारा दिए जाते हैं (योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश के संबंध में रू. 20 करोड़ और योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम बी में निवेश के संबंध में रू. 5 करोड)। ऐसे मामले में, पिछले वर्ष 2024-25 के दौरान, पिछले वर्ष 2024-25 के दौरान प्राप्त रू. 20 करोड़ के लाभांश, जो योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए से संबंधित है, पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान दी गई छूट की लाभांश आय रू. 4.8 करोड़ है, जो योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश से संबंधित है, और पिछले वश्र्ख 2023-24 के दौरान छूट प्राप्त लाभांश आय जो रू. 6 करोड़ है, जो योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए से संबंधित है, निर्दिष्ट व्यक्ति हेतु पिछले वर्ष 2024-25 की आय के तौर पर करयोग्य होगी। आगे, इस निवेश के संबंध में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा एआईएफ के माध्यम से घरेलू कंपनी के शेयरों के स्थानांतरण पर कोई पूंजीगत प्राप्ति कर संबंधी छूट नही होगी। योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम बी में निवेश के संबंध में निर्दिष्ट व्यक्ति की आय के संबंध में अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत छूट की राशि को नियम 2घगक के प्रावधानों के अनुसार निर्णित किया जाएगा। नियम 2घगक के उप-नियम (2) और (3) के अनुसार, एआईएफ/घरेलू कंपनी द्वारा निवेश की शुरूआती सीमा योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InVIT जो भी हो, में भी अनुरक्षित रखी जाएगी।
4.2 अन्य व्यापार भी करने वाली योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम
4.2.1 एक विशेष व्यक्ति एक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश कर सकता है। विशेष व्यक्ति की ओर से ऐसा निवेश या तो सीधे या एआईएफ या एक घरेलू कंपनी या एनबीएफसी के माध्यम से हो सकता है। बोर्ड के ध्यान में लाया गया है कि कुछ योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम डेवलपिंग, या संचालन या अनुरक्षण के व्यापार के अलावा अन्य व्यापार या किसी प्रकार की इंफ्रास्ट्रक्चर फेसिलिटी को विकसित, संचालन और अनुरक्षण का व्यापार कर रहे हो जैसा अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) की मद (ख) में दिया गया है। संदे हए उत्पन्न होता है कि ऐसे मामलों में पूरी राशि उक्त वाक्यांश के अंतर्गत छूट के लिए उपलब्ध नही होगी।
4.2.2 करदाता की परेशानियों को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम डेवलपिंग, या संचालन या अनुरक्षण के व्यापार के अलावा अन्य व्यापार या किसी प्रकार की इंफ्रास्ट्रक्चर फसिलिटी को विकसित, संचालन और अनुरक्षण का व्यापार कर रहे हो जैसा अधिनियम की धारा 80-झक की उप-धारा (4) के वाक्यांश (i) में स्पष्टीकरण में परिभाषित है या ऐसे अन्य व्यापार जिसे केंद्र सरकार द्वारा इस संबंध में (तत्पश्चात् "योग्य गतिविधि" के तौर पर संदर्भित) में आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है, छूट फिर भी दी जा सकती है यदि योग्य गतिविधि से योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के कर से पहले लाभ योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के कर से पहले कुल लाभ का 50 प्रतिशत या उससे अधिक है। ऐसी योग्य गतिविधि से संबंधित ऐसे योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम (तत्पश्चात् "हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम" के तौर पर संदर्भित) में निवेश से करमुक्त आय को उसी अनुपात में गिना जाएगा। योग्य गतिविधि से संबंधित ऐसी करमुक्त आय के निर्धारण के लिए ऐसी हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम द्वारा एक अलग बही खाते को अनुरक्षित किया जाएगा। अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत छूट, ऐसी योग्य गतिविधि से संबंधित ऐसी हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम से निर्दिष्ट व्यक्ति की आय निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करते हुए गिनी जाएगी, अर्थात् :
ए=बी×सी/डी, जहां
ए = प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान योग्य गतिविधि में निवेश से संबंधित हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम से निर्दिष्ट व्यक्ति की आय
सी = प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए योग्य गतिविधि से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के कर से पहले लाभ
डी = प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए सभी व्यापार/गतिविधि/स्त्रोतों से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के कर से पहले लाभ
"बी" का अर्थ निम्नलिखित होगा :
I हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निर्दिष्ट व्यक्ति की ओर से किए गए प्रत्यक्ष निवेश के मामले में : बी = कथित वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत निर्दिष्ट व्यक्ति की अधिसूचना की तिथि को या उसके बाद वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत किए गए योग्य निवेश के संबंध में हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम से प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए अर्जित या उपार्जित या उसके द्वारा प्राप्त आय।
II हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निर्दिष्ट व्यक्ति की ओर से किए गए प्रत्यक्ष निवेश के मामले में : बी = "आई" जैसा हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (5) में निर्दिष्ट किया गया है
III एआईएफ और घरेलू कंपनी के माध्यम से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा निवेश के मामले में : बी = "जे" जैसा हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (5) में निर्दिष्ट किया गया है
IV एआईएफ और गैर-बैंकिंग विन्त कंपनी के माध्यम से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा निवेश के मामले में : बी = "के" जैसा हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (5) में निर्दिष्ट किया गया है
V घरेलू कंपनी के माध्यम से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा निवेश के मामले में : बी = हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) के अंतर्गत करमुक्त आय
VI गैर-बैंकिंग कंपनी के माध्यम से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा निवेश के मामले में : बी = हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (7) के अंतर्गत करमुक्त आय
4.2.3 जहां निवेश विभिन्न योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों में निर्दिष्ट व्यक्ति, या तो सीधे या एआईएफ के माध्यम सम या घरेलू कंपनी या एनबीएफसी द्वारा किया गया हो और ऐसी एक या एक से अधिक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम है तो नियमों के नियम 2घगक के अंतर्गत छूट निम्नानुसार दी जाएगी :
(क) इन दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 4.2.2 के अनुसार हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के संबंध में
(ख) ऐसे उद्यम में निवेश के संबंधित सीमा तक नियमों के नियम 2घगक के अनुसार अन्य योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के संबंध में
4.2.4. उक्त दिशानिर्देश निम्नलिखित उदाहरणों की मदद से स्पष्ट किए जाते हैं :
उदाहरण 4 : विशेष व्यक्ति हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में रू. 100 करोड़ का निवेश करता है। निर्दिष्ट व्यक्ति 30.04.2021 को अधिसूचित होता है और शेयरों के रूप में ऐसा निवेश 31.03.2022 को किया जाता है। पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान, विशेष व्यक्ति को ऐसे निवेश से रू. 10 करोड़ का लाभांश प्राप्त होता है जिसकी छूट का दावा किया गया है। ऐसे मामले में, हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम को योग्य और अयोग्य गतिवधियों के लिए अलग बही खातों को सुरक्षित रखना होगा। कल्पना करते हुए कि योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों से योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के कर से पहले के लाभ रू. 50 करोड़ है और कर से पहले के कुल लाभ रू. 100 करोड़ है। ऐसे मामले में वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत विशेष व्यक्ति की करमुक्त आय को निम्नानुसार गिना जाएगा :
ए = बी×सी/डी
बी = रू. 10 करोड़
सी = रू. 50 करोड़
डी = रू. 100 करोड़
ए = 10 करोड×50 करोड़/100 करोड़ = रू. 5 करोड़
(यह मानते हुए कि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) की अन्य सभी शर्तें पूरी की जाती है)
उदाहरण 5 : विशेष व्यक्ति एक एआईएफ में रू. 100 करोड़ का निवेश करता है जैसाकि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग) में दिया गया है। विशेष व्यक्ति 30.04.2021 को अधिसूचित हुआ है और यूनिट के रूप में ऐसा निवेश 31.03.2022 को करता हैै। इस निवेश में से, एआईएफ 31.05.2022 तक अधिनियम की हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में शेयरों के रूप में 100 करोड़ का निवेश करता है। पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान, निर्दिष्ट व्यक्ति योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के माध्यम से घरेलू कंपनी में किए गए ऐसे निवेश से रू. 10 करोड़ का लाभांश प्राप्त करता है। कल्पना करते हुए कि पैराग्राफ 4.2.2-II के अनुसार बी की कीमत रू. 8 करोड़ है। ऐसे मामले में, ऐसे हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम को योग्य और गैर-योग्य व्यापार के लिए अलग बही खातों को सुरक्षित रखना होगा। कल्पना करते हुए कि योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के कर से पहले का लाभ रू. 50 करोड़ है और कर से पहले का कुल लाभ रू. 100 करोड़। ऐसे मामले में पिछले वर्ष 2022-23 के लिए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत करमुक्त निर्दिष्ट व्यक्ति की आय को निम्नानुसार गिना जाएगा :
ए = बी×सी/डी
बी = रू. 8 करोड़
सी = रू. 50 करोड़
डी = रू. 100 करोड़
ए = 8 करोड×50 करोड़/100 करोड़ = रू. 4 करोड़ (यह मानते हुए कि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) की सभी नियम और शर्तें पूरी होती हैं]
उदाहरण 6 : विशेष व्यक्ति एक घरेलू कंपनी में रू. 100 करोड़ का निवेश करता है जैसाकि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (घ) में दिया गया है। विशेष व्यक्ति 30.04.2021 को अधिसूचित हुआ है और घरेलू कंपनी के शेयरों के रूप में ऐसा निवेश 31.03.2022 को करता हैै। ऐसी घरेलू कंपनी बदले में 31.05.2022 को एक हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में इस 100 करोड़ में से रू. 60 करोड़ का निवेश करती है और शेष रू. 40 करोड़ योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम को छोड़कर कंपनियों में निवेश किया जाता है। पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान, निर्दिष्ट व्यक्ति को घरेलू कंपनी में किए गए निवेश से रू. 10 करोड़ के लाभांश प्राप्त होते हैं। पैरग्राफ 4.2.2-v के अनुसार नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) के अंतर्गत करमुक्त आय की कीमत रू. 6 करोड़ है। ऐसे मामले में, हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम को योग्य और अयोग्य व्यापार के लिए अलग बही खातों को सुरक्षित रखना होगा। कल्पना करते हुए कि योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के कर से पहले लाभ रू. 50 करोड़ है और कर से पहले का कुल लाभ रू. 100 करोड़ है। ऐसे मामले में पिछले वर्ष 2022-23 के लिए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत विशेष व्यक्ति को दी गई छूट की आय को निम्नानुसार गिना जाएगा :
ए = बी×सी/डी
बी = रू. 6 करोड़
सी = रू. 50 करोड़
डी = रू. 100 करोड़
ए = 6 करोड़× 50 करोड़/100 करोड़ = रू. 3 करोड़ [यह मानते हुए कि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) की अन्य सभी नियम और शर्तें पूरी होती हैं। ऐसे योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों में नियम 2घगक के उप-नियम (2) और (3) के अनुसार घरेलू कंपनी द्वारा निवेश की न्यूनतम प्रारंभिक सीमा का रखरखाव किया जाना है]
उदाहरण 7 : विशेष व्यक्ति एक घरेलू कंपनी में रू. 100 करोड़ का निवेश करता है जैसाकि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (घ) में दिया गया है। विशेष व्यक्ति 30.04.2021 को अधिसूचित हुआ है और घरेलू कंपनी के शेयरों के रूप में ऐसा निवेश 31.03.2022 को करता हैै। ऐसी घरेलू कंपनी बदले में 31.05.2022 को हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में इस 100 करोड़ में से रू. 40 करोड़ और का निवेश करती है और हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम बी में रू. 20 करोड़ और शेष रू. 40 करोड़ योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम को छोड़कर कंपनियों में निवेश किया जाता है। पिछले वर्ष 2022-23 के दौरान, निर्दिष्ट व्यक्ति को घरेलू कंपनी में किए गए निवेश से रू. 10 करोड़ के लाभांश प्राप्त होते हैं।
पैरग्राफ 4.2.3 के अनुसार, चूंिक इस मामले में निवेश विशेष व्यक्ति के द्वारा विभिन्न योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों में घरेलू कंपनियों के माध्यम से किया गया है और उद्यम ए हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम जबकि बी हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के अलावा योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम है, नियमों के नियम 2घगक के अंतर्गत छूट को निम्नानुसार गिना जाएगा :
(क) इन दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 4.2.2 के अनुसार उद्यम ए के संदर्भ में
(ख) उद्यम ख के संदर्भ में, नियमों के नियम 2घगक के अनुसार, ऐसे उद्यमों में निवेश से संबंधित सीमा तक
हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश से संबंधित छूट
इन दिशानिर्देशों के अनुसार हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए में निवेश से संबंधित एम, एन और ओ की कीमत योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित छूट को छोड़कर क्रमश: रू. 10 करोड़, 40 करोड़ और 100 करोड़ को निम्नानुसार पढ़ा जाएगा :
ए = बी×सी/डी
जहां बी=एम*एन/ओ (पैराग्राफ 4.2.2-V के अनुसार, "बी" हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) के अंतर्गत आंकी गई छूट संबंधी आय के बराबर होगी)
इसलिए बी=10 करोड़×40 करोड़/100 करोड़=4 करोड़
हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम ए को योग्य और अयोग्य व्यापार के लिए अलग बही खातों को सुरक्षित रखना होगा। कल्पना करते हुए कि योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर गतिविधियों से हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम-ए के कर से पहले लाभ रू. 50 करोड़ है और कर से पहले का कुल लाभ रू. 100 करोड़ है। ऐसे मामले में पिछले वर्ष 2022-23 के लिए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत विशेष व्यक्ति को दी गई छूट की आय को निम्नानुसार गिना जाएगा :
ए = बी×सी/डी
बी = रू. 4 करोड़
सी = रू. 50 करोड़
डी = रू. 100 करोड़
ए = 4 करोड़* 50 करोड़/100 करोड़ = रू. 2 करोड़ [यह मानते हुए कि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) की अन्य सभी नियम और शर्तें पूरी होती हैं। ऐसे योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों में नियम 2घगक के उप-नियम (2) और (3) के अनुसार घरेलू कंपनी द्वारा निवेश की न्यूनतम प्रारंभिक सीमा का रखरखाव किया जाना है]
योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम बी में निवेश से संबंधित छूट
पैराग्राफ 4.2.3 के वाक्यांश (ख) के अनुसार, अन्य योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों के संदर्भ में छूट की गणना ऐसे उद्यमों में निवेश से संबंधित सीमा तक नियमों के नियम 2घगक के अनुसार की जाएगी। हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम-ए और योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम-बी के कुल निवेश रू. 60 करोड़ है। पैराग्राफ 4.2.3 के वाक्यांश (ख) के अनुसार, हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के अलावा योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम से आय के संदर्भ में छूट की गणना के दौरान हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम-ए को छोड़कर योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निर्दिष्ट यक्ति के निवेश पर विचार किया जाएगा।
इसलिए नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) में सूत्र में एन की वैल्यू रू. 60 करोड़ घटा रू. 40 करोड़ = रू. 20 करोड़ होगी और योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम बी में निवेश से संबंधित छूट निम्नानुसार होगी :
नियम 2घगक=एम*एन/ओ के अनुसार छूट आय (हाईब्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम को छोड़कर योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश से संबंधित सीमा हेतु नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) के अंतर्गत गिनी गई आय को छोड़कर)
यानी 10 करोड*20 करोड/100 करोड = 2 करोड़
इसलिए, अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत निर्दिष्ट व्यक्ति हेतु उपलब्ध कुल छूट रू. 2 करोड़ + रू. करोड़ = रू. 4 करोड़ होगी [यह मानते हुए कि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) की अन्य सभी नियम और शर्तें पूरी होती हैं। ऐसे योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों में नियम 2घगक के उप-नियम (2) और (3) के अनुसार घरेलू कंपनी द्वारा निवेश की न्यूनतम प्रारंभिक सीमा का रखरखाव किया जाना है]
4.3 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग), (घ) या (ड़) के अनुसार 50 प्रतिशत, 75 प्रतिशत या 90 प्रतिशत उल्लंघन
4.3.1 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के कथित उप-वाक्यांश (iii) की मद (ग), (घ) या (ड़) क योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या invIT में न्यूनतम निवेश की शुरूआती सीमा मुहैया कराती है। नियमों के नियम 2घगक को कथित शुरूआती सीमा की गणना की विधि के लिए मुहैया कराया गया है। हालांकि, बोर्ड के ध्यान में लाया गया है कि इस निवेश की प्रारंभिक सीमा निवेश की अवधि के दौरान एआईएफ या घरेलू कंपनी या एनबीएफसी द्वारा बनाए रखा जाना चाहिए जबतक निवेश स्थानांतरित न हो। ऐसे मामले हो सकते हैं जहां एआईएफ या घरेलू कपंनी या एनबीएफसी अयोग्य उद्यम में निवेश करें या योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या InvIT, जो भी मामला हो, से निवेश स्थानांतरित करें। ऐसे मामलों में उन वर्षों के लिए निर्दिष्ट व्यक्ति को पहले भी छूट दी गई है जिसके दौरान प्रारंभिक सीमा पूरी हुई थी निर्दिष्ट व्यक्तियों को परेशानियों में वृद्धि के कारण दुबारा पर्यवेक्षण की जरूरत हो सकती है।
4.3.2 परेशानियों को दूर करने के लिए, एतद्द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि यदि एआईएफ या घरेलू कंपनी या एनबीएफसी, जैसा कथित उप-वाक्यांश की मद (ग), (घ) या (ड़) में संदर्भित है, किसी बाद के पिछले वर्ष (ऐसी प्रारंभिक सीमा उन सभी पिछले वर्ष के दौरान पूरी हुई जिसके दौरान छूट का दावा विशेष व्यक्ति द्वारा किया गया) के दौरान योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या invIT, जो भी हो, में न्यूनतम प्रारंभिक निवेश को पूरा करने में विफल रहता है तो निर्दिष्ट व्यक्ति की आय जिसे कथित वाक्यांश (जहां न्यूनतम प्रारंभिक सीमा उस पिछले वर्ष के दौरान पूरी हुई) के अंतर्गत किसी बाद के पिछले वर्ष के दौरान छूट दी गई हो तो कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट दी जाती रहेगी और केवल इस कारण से निरस्त नही होगी कि न्यूनतम शर्तें बाद के पिछले वर्ष के दौरान पूरी नही हुई। हालांकि, न्यूनतम प्रारंभिक सीमा के उल्लंघन के पिछले वर्ष के दौरान निर्दिष्ट व्यक्ति की आय और बाद के सभी वर्षों के लिए, ऐसे एआईएफ/कंपनी/एनबीएफसी से कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट नही मिलेगी। यह उस शर्त का विषय है कि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) या नियम 2घगक के अंतर्गत निर्दिष्ट अन्य शर्तों का उल्लंघन नही हुआ है। उदाहरण के लिए, यदि "तीन वर्ष" नियम का उल्लंघन होता है तो परिणाम इन दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 4.1 के अनुसार निर्णय होगा।
4.4 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) या उसके अंतर्गत या नियमों कथित वाक्यांश के अंतर्गत निर्दिष्ट व्यक्ति को छूट देने वाली अधिसूचना के अंतर्गत या उसके अंतर्गत एक या एक से अधिक उल्लंघन
4.4.1 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत निर्दिष्ट व्यक्ति को दी गई छूट कथित वाक्यांश, प्रासंगिक नियमों और निर्दिष्ट व्यक्ति के मामले में जारी अधिसूचना में दी गई विशेष शर्तों के अंतर्गत भी कुछ शर्तों का विषय है। संदेह उत्पन्न हुआ है कि किसी पिछले वर्ष के दौरान ऐसी एक या एक से अधिक शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में ऐसे बाद के पिछले वर्ष के दौरान दी गई छूट निवेशकों की बड़ी अनिश्चितता के चलते ली जा सकती है।
4.4.2 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत या नियमों के नियम 2घख के अंतर्गत निर्धारित शर्तें या एफ. नं. 370142/26/2020-टीपीएल के साथ 2020 की परिपत्र सं. 15, दिनांक 22 जुलाई, 2020 के अंतर्गत दी गई शर्तें आवश्यक शर्तें है, जैसा लागू हो, (उन शर्तों के अलावा जिनके लिए इन दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 4.4.4 के अंतर्गत छूट दी गई है) जिसके बिना अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत छूट का कोई मामला न हो। विशेष लागू होने वाली शर्तों का उल्लंघन करने पर पहले से स्वीकार्य छूट नही मिलेगी। इसलिए, "सामान्य नियम" यह है कि यदि इनमें से किसी भी शर्त का उल्लंघन होता है तो अधिनियम की धारा 10 के अंतर्गत वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत छूट को उन सभी वर्षों के लिए वापस लिया जाएगा जिसमें छूट संबंधी दावा किया गया हो और आय पर उसी पिछले वर्ष में कर लगेगा जिसमें छूट का दावा किया गया था। कुछ मामलों में परेशानियों को दूर करने के लिए, इन दिशानिर्देशों के पैरा 4.1 (तीन वर्षों के नियम के संबंध में) में यह स्पष्ट किया गया है कि अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत शर्तों का उल्लंघन करने परे निवेश के स्थानांतरण पर पूंजीगत प्राप्ति पर कर लगेगा और पूर्व के पिछले वर्ष जिस पर निवेश, जहां ऐसे वर्षों में छूट का दावा किया गया है, में प्राप्त आय उस पिछले वर्ष में करयोग्य होगी जिसके दौरान तीन वर्षों के नियम का उल्लंघन किया गया। इसलिए पैरा 4.1 "सामान्य नियम" हेतु अपवाद को स्पष्ट करती है।
4.4.3 पैरा 4.3 "सामान्य नियम" हेतु अपवाद को स्पष्ट करते हैं और बताते हैं कि एआईएफ या घरेलू कंपनी या एनबीएफसी द्वारा न्यूनतम प्रारंभिक सीमा के उल्लंघन के मामले में, कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट उस पिछले वर्ष में निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए उपलब्ध नही होगी जिसमें और सभी बाद के पिछले वर्षों में उल्लंघन किया गया। यह ध्यान दिया जा सकता है कि पैरा 4.1 (तीन वर्षों के नियम के संबंध में) और पैरा 4.3 (न्यूनतम प्रारंभिक सीमा के उल्लंघन के लिए छूट) "सामान्य नियम" का अपवाद है और निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत दी गई या नियमों के नियम 2घख के अंतर्गत या एफ.नं. 370142/26/2020-टीपीएल (अन्य किसी शर्त जिसके लिए छूट इन दिशानिर्देशों के पैराग्राफ 4.4.4 के अंतर्गत दी गई है) 2020 की परिपत्र सं. 15, दिनांक 22 जुलाई, 2020 निर्धारित किसी भी प्रकार शर्त का अन्य कोई उल्लंघन उसी तरीके से समझा जाएगा जैसा पैराग्राफ 4.1 के अंतर्गत दी गई है यानी जहां किसी प्रकार की आय को अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के प्रावधानों के कारण निर्दिष्ट व्यक्ति की कुल आय में शामिल नही किया गया है, उस पिछले वर्ष के निर्दिष्ट व्यक्ति व्यक्ति की आय के तौर पर आयकर हेतु वसूलनीय होगी जिसके दौरान ऐसा निर्दिष्ट व्यक्ति कथित वाक्यांश की किसी भी शर्तों को पूरा करने में विफल रहता है।
4.4.4 आगे, निम्नलिखित शर्तों को या तो एसडब्ल्यूएफ या पीएफ के तौर पर निर्दिष्ट व्यक्ति के मामले में जारी अधिसूचना में निर्दिष्ट किया गया है :
क. निर्दिष्ट व्यक्ति अधिनियम की धारा 288 की उप-धारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट एक अकाउंटेंट द्वारा वाक्यांश (i) हेतु संदर्भित पिछले वर्षों के लिए अपने बही खातों को अंकेक्षित कराएगा और अधिनियम की धारा 139 की उप-धारा (1) के अंतग्रत आय की विवरणी की प्रस्तुति के लिए निर्दिष्ट देय तिथि से कम से कम एक महीने पहले इसके साथ इस अधिसूचना हेतु अनुलग्नक के तौर पर संलग्न प्रारूप में अंकेक्षण रिपोर्ट को प्रस्तुत करेगा।
ख. इसे ऐसे निवेश के संबंध में आय और व्यय के खंडित खाते को बनाए रखना होगा जिसके लिए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत छूट मिली है।
4.4.5 यह स्पष्ट किया जाता है कि यदि निर्दिष्ट व्यक्ति, एक एसडब्ल्यूएफ या पीएफ के तौर पर, किसी पहले के पिछले वर्ष के दौरान अधिसूचना (पैराग्राफ 4.4.4 में संदर्भित) में निर्दिष्ट किसी भी शर्तों को पूरा करने में असफल रहता है तो एक एसडब्ल्यूएफ या पीएफ के तौर पर कथित निर्दिष्ट व्यक्ति की आय जिसे ऐसे पिछले वर्ष के बाद के कथित वाक्यांश के अंतर्गत किसी पिछले वर्ष के दौरान छूट दी गई हो, केवल इसलिए ही निरस्त नही होगी क्योंकि बाद के पिछले वर्ष के दौरान उक्त पैरा 4.4.4 में निर्दिष्ट एक या दोनों शर्तों का उल्लंघन हुआ है। हालांकि, पिछले वर्ष की निर्दिष्ट व्यक्ति की आय, एक एसडब्ल्यूएफ या पीएफ के तौर पर, जिसके संदर्भ में उक्त पैरा 4.4.4 में निर्दिष्ट एक या एक से अधिक शर्तों का उल्लंघन हुआ है और सभी बाद के वर्षों के लिए कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट नही होगी। यह "सामान्य नियम" की अन्य छूट है।
4.5 घरेलू कंपनी या गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी में निर्दिष्ट व्यक्ति की होल्ंिडंग के स्थानांतरण के कारण निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए अर्जित पूंजीगत प्राप्ति की गणना
4.5.1 नियम 2घगक के उप-नियम (5), (6) और (7) को कथित वाक्यांश की मद (घ) के अंतर्गत घरेलू कंपनी और के उप-वाक्यांश (iii) की मद (ड़) के अंतर्गत एनबीएफसी में ऋण, शेयर कैपिटल या यूनिट के रूप में निवेश, या तो प्रत्यक्ष या एआईएफ के माध्यम से (इसके बाद "पात्र पूंजीगत परिसंपत्ति" के तौर पर संदर्भित) से अधिनियम के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत निर्दिष्ट व्यक्ति की छूट आय की गणना के सूत्र के लिए मुहैया कराया गया है। निम्नलिखित संदेह हुए हैं, अर्थात् -
(क) ये घरेलू कंपनियां या एनबीएफसी बाद में समय से ऐसे घरेलू कंपनी या एनबीएफसी (इसके बाद डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार के तौर पर संदर्भित) में निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा धारित योग्य पूंजीगत परिसंपत्ति में से अपने निवेश/उधार स्थानांतरण करता है
(ख) नियमों के नियम 2घगक के प्रावधानों के अनुसार, निर्दिष्ट व्यक्तियेां की करमुक्त आय, जिसमें पूंजीगत प्राप्ति या योगय पूंजीगत परिसंपत्ति शामिल है, को नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) और (7) के अनुसार गिना जाएगा।
4.5.2 वर्ष जिसमें पूंजीगत परिसंपत्ति निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा स्थानांतरित होती है और वर्ष जिसमें डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार घरेलू कंपनी द्वारा स्थानांतरित होता है या एनबीएफसी को दुबारा दिया जाता है, के बीच अंतर हो सकता है। यह निर्दिष्ट व्यक्ति की हानि का कार्य कर सकता है यदि डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार स्थानांतरण/पुर्नभुगतान योग्य पूंजीगत परिसंपत्ति के स्थानांतरण से बेहतर है। यह इस कारण से है कि योग्य पूंजीगत परिसंपत्ति पर पूंजीगत प्राप्ति के संदर्भ में छूट नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) या (7) के अनुसार प्रासंगिक पिछले वर्ष (प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान की अंतिम तिथि यदि पात्र उधार प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान दिया गया हो) के तुरंत बाद के पिछले वर्ष की अंतिम तिथि पर कुल निवेश/उधार हेतु योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार के अनुपात में निर्दिष्ट व्यक्ति हेतु उपलब्ध होगी। चूंकि योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश पहले के वर्ष में घरेलू कंपनी द्वारा स्थानांतरित था, "एन" की वैल्यू जिसे नियम के नियम 2घगक के उप-नियम (6) के अंतर्गत निर्दिष्ट किया गया है, कम होगी और इसलिए निवेश के स्थानांतरण पर पूंजीगत प्राप्ति के संबंध में निर्दिष्ट व्यक्ति को उपलब्ध छूट भी कम होगी और ऐसे मामले हो सकते हैं जहां पूंजीगत प्राप्तियों से ऐसी छूट बाद के वर्ष में जिसमें योग्य पूजीगत परिसंपत्ति कथित "एन" की कीमत को कम करने के कारण स्थानांतरित हुई है, निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए उपलब्ध नही है।
4.5.3 परेशानियों को दूर करने के लिए, निदिष्ट व्यक्ति को योग्य पूंजीगत परिसंपत्तियों हेतु उत्पन्न पूंजीगत प्राप्ति को योग्य डाउनस्ट्रीम उधार के पुर्नभुगतान या प्रत्येक योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश के स्थानांतरण की तिथि तक नियमों के नियम 2घगक के उप-नियम (6) या (7) के अनुसार निकाले गए हल के अनुपात में गिने जाने की आवश्यकता है। इसलिए योग्य पूंजीगत परिंसंपत्तियों के स्थानांतरण से संबंधित पूंजीगत प्राप्ति को निम्नानुसार गिना जाएगा -
(क) पिछले वर्ष के दौरान जब किसी योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश को स्थानांतरित किया जाता है या ड्राउनस्ट्रीम उधार का भुगतान किया जाता है तो पूंजीगत योग्य परिसंपत्तियों पर पूंजीगत प्राप्ति योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/पुर्नभुगतान के स्थानांतरण की तिथि तक गिनी जाएगी जहां योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार के स्थानांतरण/पुर्नुभुगतान की तिथि तक ऐसे योग्य पूंजीग परिसंपत्ति की उचित बाजार कीमत को योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/पुर्नभुगतान के स्थानांतरण की तिथि पर पूंजीगत प्रािप्त्यों की गणना के लिए प्रयोग किया जाएगा।
(ख) निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा ऐसी पूंजीगत परिसंपत्तियों के स्थानांतरण के बाद उचित बाजार कीमत, जैसा इस पैरा के वाक्यांश (क) में संदर्भित है, ऐसी पूंजीगत परिसंपत्ति के अधिग्रहण की लागत होना समझा जाएगा और कर हेतु वसूले जाने वाली पूंजीगत प्राप्तियां तद्नुसार गिना जाएगी।
4.5.4. इन दिशानिर्देशों के लिए, "उचित बाजार कीमत" का अर्थ -
(i) यदि जहां योग्य पूंजीगत परिसंपत्ति योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार के स्थानांतरण/पुर्नभुगतान की तिथि तक किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध है तो कथित तिथि पर ऐसे एक्सचेंज पर उद्धृत पूंजीगत परिसंपत्ति का अधिकतम मूल्य :
बशर्ते कि जहां योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार के स्थानांतरण/पुर्नभुगतान की तिथि पर ऐसे एक्सचेंज पर ऐसी परिसंपत्ति में कोई कारोबार न किया गया हो तो ऐसी तिथि से तुरंत पहले की तिथि पर ऐसे एक्सचेंज पर ऐसी परिसंपत्ति का सबसे अधिक मूल्य जब ऐसी परिसंपत्ति को ऐसे एक्सचेंज पर लगाया गया उचित बाजार कीमत होगी।
(ii) यदि जहां योग्य पूंजीगत परिसंपत्ति एक यूनिट है जो योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार के स्थानांतरण/पुर्नभुगतान की तिथि तक एक मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नही है तो कथित तिथि तक ऐसी यूनिट के शुद्ध परिसंपत्ति की कीमत
(iii) यदि योग्य पूंजीगत परिसंपत्ति जहां एक कंपनी में ईक्विटी शेयर है जो आयकर नियम, 1962 के नियम 11पक के उप-नियम (2) के प्रावधानों के अनुसार गिनी गई योग्य डाउनस्ट्रीम निवेश/उधार उचित बाजार कीमत के स्थानांतरण/पुर्नभुगतान की तिथि तक मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध नही है।
4.5.6. इन दिशानिर्देशों के लिए, "मान्यताप्राप्त स्टॉक एक्सचेंज" का अर्थ वही होगा जैसा अधिनियम की धारा 43 के वाक्यांश (5) के स्पष्टीकरण 1 के वाक्यांश (ii) में निर्दिष्ट किया गया है।
4.6 इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों में द्वितीयक निवेश
4.6.1 अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के प्रावधानों के अनुसार, निर्दिष्ट व्यक्ति या तो सीधे या एआईएफ के माध्यम से योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों में या एक घरेलू कंपनी में या एनबीएफसी या INvIT में सीधे या एआईएफ के माध्यम से निवेश करेगा। कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर INvIT में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए है।
4.6.2 संदेह उत्पन्न हुआ है कि कुछ निर्दिष्ट व्यक्ति द्वितीयक निवेश यानी निर्दिष्ट व्यक्ति उस व्यक्ति से हिस्सा खरीद रहा है जिसने ऐसे उद्यम/INvIT में पहले निवेश किया था, के तौर पर किसी अन्य व्यक्ति से योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों या INvIT में हिस्सा प्राप्त कर सकता है। इसी प्रकार, एआईएफ या घरेलू कंपनी द्वितीयक निवेश के तौर पर किसी अन्य व्यक्ति से योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यमों में हिस्सा प्राप्त करके निर्दिष्ट व्यक्तियों के फंड को निवेश कर सकते हैं। ऐसे निवेश पर आय कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट हेतु योग्य नही हो सकती चूंकि यह दूसा निवेश है और नाकि इंफ्रास्ट्रक्चर में किया गया पहला निवेश जो 1 अप्रैल, 2020 और 31 मार्च, 2024 के बीच किया गया हो ।
4.6.3 समस्याएं दूर करने के लिए, एतद्द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि 1 अप्रैल, 2020 और 31 मार्च, 2024 (दोनो दिनों को शामिल करते हुए) के बीच पूंजीगत परिसंपत्ति के बाद के स्थानांतरण को अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत निवेश के तौर पर समझा जाएगा, शर्तों को पूरा करने के अनुसार कथित वाक्यांश के अंतर्गत छूट के लिए योग्य, अर्थात् :
(क) अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत ऐसे निर्दिष्ट व्यक्ति की अधिसूचना की तिथि के बाद निर्दिष्ट व्यक्ति को किसी व्यक्ति द्वारा योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या INvIT की शेयरों या यूनिटों का स्थानांतरण
(ख) एआईएफ या घरेलू शेयरों या एनबीएफसी की यूनिटों का स्थानांतरण, जिसे अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत ऐसे निर्दिष्ट व्यक्ति की अधिसूचना की तिथि के बाद एक निर्दिष्ट व्यक्ति को किसी व्यक्ति द्वारा एक योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम या INvIT में निवेश किया गया हो।
(ग) एक एआईएफ हेतु किसी व्यक्ति द्वारा घरेलू कंपनी या एनबीएफसी, जिसने योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम में निवेश किया है, के शेयरों का स्थानांतरण जहां एआईएफ द्वारा ऐसा निवेश अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत ऐसे निर्दिष्ट व्यक्ति की अधिसूचना की तिथि के बाद निर्दिष्ट व्यक्ति के फंड में से किया जाता है या
(घ) एक घरेलू कंपनी हेतु एक व्यक्ति द्वारा योग्य इंफ्रास्ट्रक्चर उद्यम के शेयरों का स्थानांतरण जहां ऐसी घरेलू कंपनी ने अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत ऐसे निर्दिष्ट व्यक्ति की अधिसूचना की तिथि के बाद निर्दिष्ट व्यक्ति के फंड में से निवेश किया हो।
4.7 कर अंकेक्षण
4.7.1 नियमों के नियम 2घख के वाक्यांश (vi) बताता है कि आय की विवरणी के साथ अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के प्रावधानों हेतु अनुपालन के संदर्भ में पीएफ प्रपत्र सं. 10खखग में प्रमाणपत्र प्रस्तुत करेगा। ऐसा प्रमाणपत्र एक अकाउंटेंट द्वारा हस्ताक्षरित होगा जैसाकि अधिनियम की धारा 288 की उप-धारा (2) के नीचे स्पष्टीकरण में परिभाषित है।
4.7.2 इसी प्रकार, 2020 की परिपत्र सं. 15 बताता है कि एसडब्ल्यूएफ को अंकेक्षण रिपोर्ट के साथ आय की विवरणी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। एसडब्ल्यूएफ को छूट देने के लिए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत अधिसूचना कि शर्त है कि निर्धारिती को अधिनियम की धारा 288 की उप-धारा (2) के बाद के स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट किसी खाते द्वारा अपने खातों को अंकेक्षित करना होगा और अधिनियम की धारा 139 की उप-धारा (1) के अंतर्गत आय की विवरणी की प्रस्तुति के लिए निर्दिष्ट देय तिथि से पहले कम से कम एक महीने पहले कथित अधिसूचना को परिशिष्ट के तौर पर संलग्न प्रारूप में अंकेक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।
4.7.3 संदेह उत्पन्न हुआ है कि निर्दिष्ट व्यक्ति बड़े स्तर पर वैश्विक संचालन हो सकता है जिसमें से भारत में किया गया निवेश महत्वपूर्ण तौर पर कम अनुपात का हिस्सा हो सकती है। ऐसी स्थिति में, निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए यह मुश्किल होगा कि वह भारत में निवेश करने के लिए संपूर्ण वैश्विक संचालन के लिए अपने खातों को अकेक्षित करवाए।
4.7.4 उक्त निर्दिष्ट समस्याओं को दूर करने के लिए, एतद्द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि जहां निर्दिष्ट व्यक्ति (i) भारतीय निवेश और विदेशी निवेश के संबंध में पृथक खाते और (ii) योग्य निवेश के संबंध में आय और व्यय के खंडित खाते, जो अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत छूट के योग्य है, बनाए रखता है तो अकाउंटेंट के प्रमाणपत्र, जैसा उक्त पैराग्राफ 4.7.1 और 4.7.2 में निर्दिष्ट है, केवल भारत (दोनो योग्य और अयोग्य निवेश) में किए गए निवेश से संबंधित बही खातों के अंकेक्षण पर आधारित होगा और नाकि ऐसे विशेष व्यक्ति के वैश्विक संचालन पर।
4.8 निवेश का त्रैमासिक ब्यौरा
4.8.1 नियमों के नियम 2घख के वाक्यांश (v) बताता है कि पेंशन फंड प्रपत्र सं. 10खखख में तिमाही की समाप्ति से एक महीने के अंदर तिमाही के दौरान भारत में इसके द्वारा किए गए प्रत्येक निवेश के संदर्भ में ब्यौरे की सूचना देगा। अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत अधिसूचना, पीफए को छूट देते हुए, की भी यही शर्त हैं।
4.8.2 इसी प्रकार, 2020 की परिपत्र सं. 15 बताती है कि एसडब्ल्यूएफ को कथित परिपत्र के अनुलग्नक में तिमाही के दौरान किए गए हर निवेश के संबंध में प्रपत्र II में इलैक्ट्रानिक तौर पर तिमाही की समाप्ति से एक महीने के अंदर त्रैमासिक ब्यौरा प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत अधिसूचना, एसडब्ल्यूएफ को छूट देते हुए, इसी प्रकार की शर्त है।
4.8.3 संदेह उत्पन्न हुआ है कि निर्दिष्ट व्यक्ति भारत में या भारत के बाहर बड़ी मात्रा में निवेश,दोनों योग्य और अयोग्य, कर सकते हैं और सभी निवेशों का ब्यौरा देना एसडब्ल्यूएफ/पीएफ के लिए कठिन हो सकती है।
4.8.4 समस्याओं को दूर करने के लिए, एतद्द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि जहां निर्दिष्ट व्यक्ति (i) भारतीय निवेश और विदेशी निवेश के संबंध में पृथक खाते और (ii) योग्य निवेश के संबंध में आय और व्यय के खंडित खाते, जो अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23चड़) के अंतर्गत छूट के योग्य है, बनाए रखता है तो निवेशों का त्रैमासिक ब्यौरा, जैसा उक्त पैराग्राफ 4.8.1 और 4.8.2 में संदर्भित है, भारत में किए गए योग्य निवेश के संदर्भ में प्रस्तुत किया जाएगा।
(नेहा सहाय)
अवर सचिव, टीपीएल-I
निम्न को प्रति :
1. एफएम का पीएस/ओएसडी/एमओएस (एफ) का पीएस/ओएसडी
2. वित्त सचिव का पीएस
3. अध्यक्ष और सदस्य, सीबीडीटी
4. संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव, सीबीडीटी
5. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (30 प्रतियां)
6. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, विधि व न्याय मंत्रालय, नई दिल्ली
7. भारतीय चार्टेड अकाउंटेंट संस्थान
8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता
9. विभागीय वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति)
(नेहा सहाय)
अवर सचिव, टीपीएल-I

