परिपत्र सं. 09/डीवी/2016 : आयकर अधिनियम, 1961 की धाराऐं 271घ तथा 271ड़ के अंतर्गत जुर्माना प्रक्रियाओं के लिए सीमितता का प्रारंभ - संबंधी
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 09/डीवी/2016
परिपत्र की तिथि
26/04/2016
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
26/04/2016
परिपत्र सं. 09/डीवी/2016
(विभागीय राय)
एफ. नं. 279/विविध/एम-116/2012-आर्इटीजे
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
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नर्इ दिल्ली, 26 अप्रैल, 2016
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धाराऐं 271घ तथा 271ड़ के अंतर्गत जुर्माना प्रक्रियाओं के लिए सीमितता का प्रारंभ - संबंधी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (तत्पश्चात् बोर्ड के तौर पर संदर्भित) के नोटिस को ध्यान में लाया गया है कि मुद्दे पर विभिन्न उच्च न्यायालयों की परस्पर विरोधी व्याख्या है कि क्या आयकर अधिनियम, 1961 (तत्पश्चात् अधिनियम के तौर पर संदर्भित) की धाराऐं 271घ तथा 271ड़ के अंतर्गत जुर्माने के अधिरोपण की सीमितता निर्धारण अधिकारी (संयुक्त आयकर आयुक्त के पद से नीचे) के स्तर पर प्रारंभ होती है अथवा क्षेत्रीय प्राधिकारी के स्तर पर अर्थात् संयुक्त आयकर आयुक्त/अतिरिक्त आयकर आयुक्त के स्तर पर प्रारंभ होगी।
कुछ उच्च न्यायालयों ने संघटित किया है कि सीमितता जुर्माने के अधिरोपण हेतु सक्षम प्राधिकारी, अर्थात् क्षेत्रीय प्रमुख, के स्तर पर प्रारंभ होती है जबकि अन्यों ने संघटित किया है कि भले ही निर्धारण अधिकारी जुर्माने के अधिरोपण हेतु सक्षम नहीं है, सीमितता निर्धारण अधिकारी के स्तर पर प्रारंभ होती है जहां निर्धारण अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है अथवा मूल्यांकन आदेश में प्रक्रियाओं के प्रारंभ हेतु संदर्भित होता है।
2. मामले की सावधानीपूर्वक जांच पर, बोर्ड का मानना है कि स्पष्टीकरण तथा एकरूपता के लिए, विवाद को "विभागीय दृष्टि" के रूप में सुलझाया जाना चाहिए।
3. माननीय केरल उच्च न्यायालय ने 2014 की आर्इटीए सं. 83 व 86 में अपने आदेश दिनांक 8.7.15 के मार्फत गृहलक्ष्मी विजन बनाम अपर आयकर आयुक्त, रेंज 1, कोझीकोड1 के मामले में, यह महसूस किया है कि "प्रश्न पर विचार किया जाना है कि क्या जुर्माने के लिए उदग्रहण की प्रक्रिया निर्धारण अधिकारी द्वारा मूल्यांकन के आदेश को पारित करने के साथ प्रारंभ होती है अथवा ऐसी कार्यवाही संयुक्त सचिव द्वारा जारी नोटिस के निगर्मन के साथ प्रारंभ होती है या नहीं। सांविधिक प्रावधान द्वारा, यह स्पष्ट है कि जुर्माना लगाने वाले सक्षम प्राधिकारी, संयुक्त आयुक्त के तौर पर है। इसलिए, केवल संयुक्त आयुक्त जुर्माने के उदग्रहण के लिए जुर्माने के लिए उदग्रहण की प्रक्रिया को प्रारंभ कर सकता है। ऐसी प्रक्रिया की शुरूआत निर्धारण अधिकारी द्वारा नहीं की जा सकती। मूल्यांकन आदेश में विवरण है कि धारा 271घ तथा ड़ के अंतर्गत प्रारंभ प्रक्रिया परिणामी है। दूसरी ओर, यदि मूल्यांकन आदेश, जुर्माना कार्यवाही के प्रारंभ के तौर पर होती है तो ऐसी पहल एक प्राधिकारी द्वारा प्रारंभ होती है जो अयोग्य है तथा तत्पश्चात् प्रक्रिया क्षेत्राधिकार के बिना होगी। यदि ऐसा हो सके कि, जुर्माना कार्यवाही का प्रारंभ निर्धारिती हेतु संयुक्त आयुक्त द्वारा जारी नोटिस के निगर्मन के साथ ही होता है, जिसके लिए उसने अपना उत्तर दाखिल किया है"।
4. उक्त निर्णय "विभागीय राय" को प्रतिबिंबित करता है। तद्नुसार, निर्धारण अधिकारी (संयुक्त आयकर आयुक्त के पद के नीचे) मूल्यांकन कार्यवाही (अथवा अधिनियम के अंतर्गत कोर्इ अन्य कार्यवाही) के दौरान धारा 269धध तथा धारा 269न के निर्धारण प्रावधानों के किसी उल्लंघन के संबंध में क्षेत्रीय प्रमुख को संदर्भ देने की सलाह दे सकते हैं। निर्धारण अधिकारी (संयुक्त आयकर आयुक्त के पद से नीचे) इस संबंध में नोटिस जारी नहीं करेगा। क्षेत्रीय प्रमुख जुर्माना नोटिस जारी करेगा तथा अधिनियम की धारा 275(1)(ग) के अंतर्गत निर्धारित सीमितता के भीतर कार्यवाही को समाप्त/पूर्ण करेगा।
5. जहां कोर्इ उच्च न्यायालय निर्णय लेता है कि यह निगर्मन "विभागीय राय" से अलग है, उसकी "विभागीय राय" प्रासंगिक उच्च न्यायालय के क्षेत्राधिकार में आने वाले क्षेत्र में प्रवर्ती नहीं होगी। हालांकि, संबंधित मुख्य आयकर आयुक्त को तुरंत केंद्रीय तकनीकी समिति के ध्यान में निर्णय को लाना चाहिए। सीटीसी यह निर्णय लेने के लिए प्राथमिकता के आधार पर कथित निर्णय की जांच करेगा कि उच्चतम न्यायालय हेतु एसएलपी का दाखिलीकरण कुछ समय के लिए पर्याप्त अनुरोध होगा अथवा कुछ विधायी संशोधन आपेक्षित है।
6. उक्त स्पष्टीकरण को समस्त अधिकारियों के ध्यान में लाया जा सकता है।
(साधना पंवार)
उप आयकर आयुक्त (ओएसडी)(आर्इटीजे),
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली
निम्न को प्रति :
1. अध्यक्ष, सदस्य तथा अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अधिकारी
2. ओएसडी से राजस्व सचिव
3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर अधिकारी व समस्त आयकर महानिदेशक, समस्त अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए अनुरोध के साथ
4. प्रमुख आयकर महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, नागपुर
5. प्रमुख आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए सेंटर, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली
6. प्रमुख आयकर महानिदेशक (सर्तकता), नर्इ दिल्ली
7. एडीजी (पीआर, पीपी व ओएल), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली, सामान्य मेलिंग सूची के अनुसार परिपत्र के लिए तथा त्रैमासिक कर बुलेटिन में मुद्रण के लिए
8. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
9. एडीजी-4 (पद्धति) आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए
10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ
11. गार्ड फाइल
(साधना पंवार)
उप आयकर आयुक्त (ओएसडी)(आर्इटीजे),
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली
1. एनजेआरएस 2015 - एलएल - 0807-4

