आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 6/2022

परिपत्र की तिथि

17/03/2022

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

17/03/2022

परिपत्र सं. 6/2022

परिपत्र सं. 6/2022

 

एफ.नं. 173/32/2022-आईटीए-1

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 17 मार्च, 2022

 

विषय : निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए प्रपत्र 10-झग को दाखिल करने में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119(2)(ख) के अंतर्गत देरी के लिए क्षमा

 

आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 115खकक को प्रभावी तिथि 01.04.2020 के अनुसार कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 2019 द्वारा शामिल किया गया था। धारा के अनुसार, 1 अप्रैल, 2020 को या उसके बाद प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष के प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए एक व्यक्ति, एक घरेलू कंपनी के तौर पर की कुल आय के संदर्भ में देययोग्य आयकर ऐसे व्यक्ति के विकल्प पर धारा की उप-धारा (2) में शामिल शर्तों को पूरा करने के अनुसार बाईस प्रतिशत की दर पर गिना जाना है।

1.2 आयकर अधिनियम, 1962 (नियम) के नियम 21कड़ के साथ पठित अधिनियम की धारा 115खकक की उप-धारा (5) के अनुसार, निर्धारिती कंपनी को अधिनियम की धारा 139(1) के अंतर्गत आय की विवरणी को दाखिल करने की देय तिथि को या उससे पहले इलैक्ट्रानिक तौर पर प्रपत्र 10-झग को जमा करना आवश्यक है और ऐसे विकल्प को एक बार प्रयोग करने पर बाद के निर्धारण वर्षों के लिए लागू होगा।

1.3 अधिनियम की धारा 139(1) के अंतर्गत निर्दिष्ट देय तिथि को या उससे पहले निर्धारित प्रपत्र में ऐसे विकल्प न देने पर ऐसे व्यक्ति को 22 प्रतिशत की रियायती दर का लाभ नहीं मिलेगा।

2. यह निर्दिष्ट करते हुए बोर्ड द्वारा प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ है कि प्रपत्र 10-झग को निर्धारण वर्ष 2020-21 जो इस प्रपत्र को प्रस्तुत करने को पहला वर्ष था, की विवरणी के साथ प्रस्तुत नही किया जा सका। यह अनुरोध किया गया है कि प्रपत्र 10-झग को दाखिल करने में देरी को माफ किया जा सकता है।

3. मामले पर विचार करते हुए, अधिनियम की धारा 115खकक के अंतर्गत विकल्प का प्रयोग करने वाली घरेलू कंपनियों की समस्याओं से बचाने के लिए, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड अधिनियम की धारा 119(2)(ख) के अंतर्गत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए, एतद्द्वारा निर्दिष्ट करते हैं कि :-

निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए नियमों के नियम 21कड़ के अनुसार प्रपत्र 10-झग को दाखिल करने में देरी को माँफ किया जाता है यदि जहां निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हैं :

  i) निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए आय की विवरणी को अधिनियम की धारा 139(1) के अंतर्गत निर्दिष्ट देय तिथि को या उससे पहले दाखिल किया गया हो

 ii) निर्धारिती कंपनी ने आईटीआर-6 की विवरणी के प्रपत्र के "भाग-क-सामान्य" में "दाखिलीकरण स्थिति" के (ड़) में अधिनियम की धारा 15खकक के अंतर्गत कराधान को चुना हो

 iii) प्रपत्र 10-झग को 30.06.2022 को या उससे पहले या उस महीने के अंत से 3 महीनों के अंदर, जो भी बाद में हो, इलैक्ट्रानिक तौर पर दाखिल किया गया हो जिसमें परिपत्र को जारी किया गया

 

(सौरभ जैन)

अवर सचिव (आईटीए-I)

 

निम्न को प्रति :

  1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस(आर) का पीएस/एमओएस(आर) का ओएसडी

  2. सचिव (राजस्व) का पीपीएस

  3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

  4. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक

  5. प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक, नई दिल्ली

  6. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, सीबीडीटी

  7. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी और सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

  8. अपर महानिदेशक (पीआर व पीपी), नई दिल्ली

  9. अपर आयकर आयुक्त, डेटाबेस प्रकोष्ठ- www.irsofficersonline.gov.in पर चस्पा करने के लिए

10. वेब मैनेजर, प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय, विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के अनुरोध के साथ

11. गार्ड फाइल

 

(सौरभ जैन)

अवर सचिव (आईटीए-I)