आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 04/2021

परिपत्र की तिथि

23/03/2021

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

23/03/2021

 परिपत्र सं. 04/2021

परिपत्र सं. 04/2021

 

एफ.नं. आईटी(ए)/1/2020-टीपीएल

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

दिनांक : 23 मार्च, 2021

 

विषय : प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास अधिनियम, 2020 के प्रावधानों पर स्पष्टीकरण - संबंधित

 

अन्य विषयों के साथ-साथ लंबित आयकर मुकद्मेबाजी, सरकार के लिए समय पर राजस्व जुटाने और करदाताओं को आराम देते हुए उनको लाभ पहुँचाने, समय और संसाधनों जो अन्यथा लंबे और कष्टकर प्रक्रिया पर खर्च होता है, के मुद्दे पर सुनिश्चितता और बचत के उद्देश्य से प्रत्यक्ष कर विवाद से विश्वास अधिनियम, 2020 (तत्पश्चात् 'विवाद से विश्वास' के तौर पर संदर्भित) को 17 मार्च, 2020 को अधिनियमित किया गया था।

2. विवाद से विश्वास की धारा 10 और 11 केंद्र सरकार/केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को जनहित में निर्देश या आदेश जारी करने या समस्याओं को दूर करने का अधिकार देती है। करदाताओं की सुविधा के लिए, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (एफएक्यू) के उत्तर के तौर पर कथित धारा के अंतर्गत परिपत्र सं. 9/2020 दिनांक 22 अप्रैल, 2020 (एफएक्यू 1-55 को शामिल करते हुए) के द्वारा और परिपत्र सं. 21/2020 दिनांक 4 दिसंबर, 2020 (एफएक्यू सं. 56-89 को शामिल करते हुए) स्पष्टीकरण जारी किए गए थे।

3. परिपत्र 21/2020 के एफएक्यू नं. 70 द्वारा विवाद से विश्वास के अंतर्गत सर्च मामलों की योग्यता को स्पष्ट किया गया था। यह स्पष्ट किया गया था कि यदि कुछ अन्य मामले में किए गए सर्च के आधार पर आयकर अधिनियम की धारा 143(3)/144 के अंतर्गत करदाता के मामले में तैयार किया गया है इसे विवाद से विश्वास के अंतर्गत एक 'सर्च केस' के तौर पर समझा जाना है।

4. विवाद से विश्वास के लिए एक 'सर्च मामले' के तौर पर मामले के स्पष्टीकरण के संबंध में अग्रिम स्पष्टता के लिए कई प्रतिनिधित्व प्राप्त हुए। मामले की जांच की गई है। इस संदर्भ में किसी प्रकार की अनिश्चतता को हटाने के लिए और विवाद से विश्वास की धारा 10 और 11 के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए, एतद्द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि एक 'सर्च केस' का अर्थ आयकर अधिनियम की धारा 132 के अंतर्गत की गई सर्च या धारा 132क के अंतर्गत की गई मांग के आधार पर आयकर अधिनियम की धारा 153क या धारा 153ग या धारा 153खग या धारा 158खघ के अंतर्गत मूल्यांकन या पुर्नमूल्यांकन से है। परिपत्र 21/2020 की एफएक्यू सं. 70 इस सीमा तक संशोधित रहेगी।

 

(शैफाली सिंह)

अवर सचिव, भारत सरकार

 

निम्न को प्रति :

  1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस(एफ) का पीएस/एमओएस(एफ) का ओएसडी

  2. सचिव (राजस्व) का पीपीएस

  3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

  4. समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान आयकर आयुक्त

  5. सीबीडीटी के समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव

  6. भारतीय नियंत्रक व महालेखा परीक्षक

  7. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, न्याय व विधि मंत्रालय, नई दिल्ली

  8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

  9. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए/आयकर आयुक्त (डेटाबेस प्रकोष्ठ) www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोडिंग के लिए