परिपत्र सं. 4/2018 : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10क के अंतर्गत स्वीकार्य कटौती की गणना - संबंधित
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 4/2018
परिपत्र की तिथि
14/08/2018
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
14/08/2018
परिपत्र सं. 4/2018
एफ.नं. 279/विविध/140/2015/आर्इटीजे
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नर्इ दिल्ली, 14 अगस्त, 2018
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 10क के अंतर्गत स्वीकार्य कटौती की गणना - संबंधित
आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 10क की उप-धारा (4) के प्रावधानों के अनुसार, उत्पादों या वस्तुओं या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से प्राप्त लाभ वह राशि होगी जो उपक्रम के व्यापार के लाभ हेतु उचित हो, वही अनुपात जैसा उसी उत्पाद या वस्तु या कम्यूटर सॉफ्टवेयर के संदर्भ में निर्यात करोबार के तौर पर है उसी उपक्रम द्वारा किए गए व्यापार के कुल कारोबार हेतु उचित है।
2. आगे, अधिनियम की धारा 10क के स्पष्टीकरण 2 के वाक्यांश (iv) के अनुसार "निर्यात कारोबार" का अर्थ उप-धारा (3) के अनुसार परिवर्तनीय विदेशी विनिमय में निर्धारिती द्वारा भारत में प्राप्त या लाए गए उत्पाद या वस्तु या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर के संदर्भ में प्रतिफल है लेकिन इसमें भारत के बाहर तकनीकी सेवाएं देने के लिए विदेशी विनिमय में किए गए व्यय, यदि हो, या भारत के बाहर वस्तु या उत्पाद या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की सुपुर्दगी हेतु भाड़ा, दूरसंचार शुल्क या बीमा शामिल नहीं है।
3. मुद्दे चाहे भाड़े, दूरसंचार शुल्क या बीमा व्यय से जुड़े हो उन्हें इस आधार पर अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत स्वीकार्य कटौती करने के दौरान दोनों "निर्यात कारोबार" और "कुल कारोबार" से बाहर रखा जाना हो यह भारत के बारह उत्पाद या वस्तु या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की सुपुर्दगी की वजह से अति विवादास्पद हो गया है। इसी प्रकार, मुद्दे चाहे भारत से बाहर तकनीकी सेवाएं देने के लिए शुल्क को इस आधार पर अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत स्वीकार्य कटौती करने के दौरान दोनों "निर्यात कारोबार" और "कुल कारोबार" से बाहर रखा जाना हो यह भारत के बाहर उत्पाद या वस्तु या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की सुपुर्दगी की वजह से अति विवादास्पद हो गया है।
4. विवाद को आयकर आयुक्त के मामले में इसके निर्णय दिनांक 24.04.2018 के द्वारा माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा निपटाया गया है। निम्नानुसार उच्चतम न्यायालय द्वारा मुद्दे के निर्णय के दौरान सेंट्रल-III बनाम मैसर्स एचसीएल टैक्नालॉजी लिमिटेड के मामले में उच्चतम न्यायालय ने निम्नानुसार निर्णय दिया है
"17) इसी प्रकार का विवाद, इस मामले के समान, सीआर्इटी बनाम टाटा एलेक्सी लि. (2012) 204 टैक्समैन 321/17 में कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष आया था। कर्नाटक उच्च न्यायालय के समक्ष मुद्दा था कि क्या न्यायाधिकरण आयकर अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत राहत देने के दौरान यह निर्णय यही था कि संप्रेषण व्यय की राशि को कुल कारोबार से बाहर रखा जाना चाहिए यदि इसे निर्यात करोबार से घटाया जाता है? मुद्दे पर उत्तर देने के दौरान, उच्च न्यायालय ने, परस्पर, बताया कि जब एक विशेष शब्द विधान मंडल द्वारा परिभाषित न हो और सामान्य अर्थ इससे संबंधित हो तो कथित सामान्य अर्थ उस परिपेक्ष के साथ पुष्ट होना है जिसमें यह प्रयोग हुआ। इसलिए, जो "निर्याता कारोबार" से बाहर है वह "कुल कारोबार" से भी बाहर होना चाहिए। चूंकि कुल कारोबार का एक घटक निर्यात करोबार है। अन्य कोर्इ व्याख्या विधान मंडल के आशय के विरूद्ध होगी और अनुचित होगी
18) तद्नुसार, अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत कटौती की गणना के लिए फॉमूर्ला निम्नानुसार होगा
| निर्यात लाभ - व्यापार का कुल लाभ | X | आयकर अधिनियम की धारा 10क के स्पष्टीकरण 2(iv) में परिभाषितानुसार निर्यात कारोबार | |
| आयकर अधिनियम की धारा 10क के स्पष्टीकरण 2(iv) में परिभाषितानुसार निर्यात कारोबार + घरेलू बिक्री प्राप्ति |
19) वर्तमान मामले में, यदि भाड़ा, दूरसंचार और बीमा आयकर अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत कॅम्प्यूटर सॉफ्टवेयर की सुपुर्दगी से संबंधित हैं तो वह केवल निर्यात करोबार में ही स्वीकार्य है लेकिन कुल करोबार से नहीं तत्पश्चात् यह बेपरवाह, गैरकानूनी, अर्थहीन और अजीब परिणाम में वृद्धि करेगा जो प्रतिवादी के साथ अन्याय का कारण होगा जो विधान मंडल की इच्छा नहीं रही थी।
20) सामान्य अर्थ में, जब फार्मूला का उद्देश्य निर्यात व्यापार से लाभ प्राप्त करना हो तो व्यय निर्यात करोबार से बाहर रखे गए व्यय कुल कारोबार से भी बाहर रखे जाने चाहिए। अन्यथा, अन्य कोर्इ व्याख्या फार्मूले को अव्यवहार्य और असंगत बना देगी। इसलिए, हम संतुष्ट है कि ऐसी कटौती उसी अनुपात में कुल कारोबार से स्वीकार्य होगी।
21) बाहर दी गर्इ तकनीकी सेवाओं पर व्यय के मुद्दे पर, हमें भाड़े, दूरसंचार आदि के व्यय की स्थिति में अनुसरित किए जाने वाले उन्हीें सिद्धांतों का अनुसरण करना होगा अन्यथा गणना का फार्मूला व्यर्थ होगा। इसलिए, इसी प्रकार भारत से बाहर तकनीकी सेवाओं को देने के लिए विदेशी विनिमय में किए गए व्यय कुल कारोबार से बाहर होंगे।
5. बोर्ड द्वारा मुद्दे की जांच की गर्इ और यह स्पष्ट किया गया कि भाड़े, दूरसंचार शुल्क और बीमा व्यय को "निर्यात कारोबार" और "कुल कारोबार" से बाहर रखा जाना है। इस सीमा तक अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत स्वीकृत कटौती करने के दौरान यह भारत के बाहर वस्तु या उत्पाद या कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर से संबंधित है।
6. इसी प्रकार, भारत से बाहर तकनीकी सेवाओं को देने के लिए विदेशी विनिमय में किए गए व्यय अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत स्वीकृत कटौती की गणना के दौरान दोनों "निर्यात कारोबार" और "कुल करोबार" से बाहर रखा जाना है।
इसलिए, अधिनियम की धारा 10क हेतु स्पष्टीकरण 2(iv) में निर्दिष्ट सभी शुल्क/व्यय अधिनियम की धारा 10क के अंतर्गत कटौती की गणना के लिए भी कुल करोबार से बाहर रखा जाना है।
7. तद्नुसार, अब से, अपील उक्त निपटाए गए मुद्दे पर विभाग द्वारा दाखिल नहीं हो सकती और जो पहले से दाखिल की गर्इ है उन्हें निरस्त/बाध्य नहीं किया जा सकता।
8. उक्त को सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जा सकता है।
9. इसका हिंदी संस्करण भी अनुसरित होगा।
(नीतिका बंसल)
निदेशक (आर्इटीजे)
सीबीडीटी, नर्इ दिल्ली
निम्न को प्रति :
1. अध्यक्ष, सदस्य और अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के सीबीडीटी मे अन्य समस्त अधिकारी
2. राजस्व सचिव का ओएसडी
3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त व समस्त आयकर महानिदेशक - अपने कार्यालयों मे ध्यान लाने के अनुरोध के साथ
4. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
5. प्रधान आयकर महानिदेशक, एनएडीटी, नागपुर
6. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए सेंटर, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली
7. प्रधान आयकर महानिदेशक (सतर्कता), नर्इ दिल्ली
8. एडीजी(पीआर, पीपी व ओएल), मेलिंग लिस्ट के अनुसार वितरण
9. एडीजी-4(पद्धति) आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए
10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ
11. njrs_support@nsdl.co.in एनजेआरएस पर अपलोड करने के लिए
12. परिपत्र के अनुवाद के लिए हिंदी प्रभाग
13. गार्ड फाइल
निदेशक (आर्इटीजे)
सीबीडीटी, नर्इ दिल्ली

