परिपत्र सं. 32/2019 : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269धप के अंतर्गत निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के संदर्भ में स्पष्टीकरण
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 32/2019
परिपत्र की तिथि
30/12/2019
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
30/12/2019
परिपत्र सं. 32/2019
एफ.नं. 370142/35/2019-टीपीएल
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
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दिनांक 30 दिसंबर, 2019
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269धप के अंतर्गत निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के संदर्भ में स्पष्टीकरण
डिजिटल अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने और नकद रहित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर सरकार की घोषित नीतिगत उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए धारा 269धप नामक नए प्रावधान को वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 ("वित्त अधिनियम") के द्वारा आयकर अधिनियम, 1961 ("अधिनियम") में शामिल किया गया था जो बताती है कि रू. 50 करोड़ से अधिक के व्यापारिक कारोबार वाले प्रत्येक व्यक्ति ("निर्दिष्ट व्यक्ति") को निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के माध्यम से भुगतान को स्वीकृत करने की सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाएगी। कथित इलैक्ट्रानिक विधियों को अधिसूचना सं. 105/2019 दिनांक 30.12.2019 ("निर्दिष्ट इलैक्ट्रानिक विधि") के द्वारा निर्धारित किया गया है। इसलिए, प्रभावी तिथि 01 जनवरी, 2020 से निर्दिष्ट व्यक्ति को निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के माध्यम से भुगतान को स्वीकृत करने की सुविधा देनी चाहिए। आगे, वित्त अधिनियम द्वारा शामिल भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 की धारा 10क बताती है कि कोर्इ बैंक या प्रणाली प्रदाता अधिनियम की धारा 269धप के अंतर्गत निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के माध्यम से अदाता के भुगतान करने या लाभार्थी के भुगतान प्राप्त करने पर कोर्इ शुल्क नहीं वसूलेगा। तद्नुसार, एमडीआर (मर्चेंड डिस्काउंट रेट) सहित कोर्इ शुल्क निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधि के माध्यम से किए गए भुगतान पर 1 जनवरी, 2020 को या उसके बाद लागू नहीं होगा।
2. इस संबंध में, यह ध्यान दिया जा सकता है कि वित्त अधिनियम को उस अधिनियम में धारा 271घख में भी शामिल किया जा चुका है जो धारा 269धप के प्रावधानों के अनुसार निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा विफलता की स्थिति में पांच हजार प्रति दिन के जुर्माने को वसूलने को मुहैया कराता है। निर्धारित इलैक्ट्रानिक विधियों के माध्यम से भुगतान को स्वीकृत करने के लिए सुविधा को स्थापित और संचालित करने वाले निर्दिष्ट व्यक्ति को उपयुक्त समय देने के लिए एतद्द्वारा स्पष्ट किया जाता है कि अधिनियम की धारा 271घख के अंतर्गत जुर्माना नहीं लगाया जाएगा यदि निर्दिष्ट व्यक्ति 31 जनवरी, 2020 तक या उससे पहले सुविधा को स्थापित और संचालित करता है। हालांकि यदि निर्दिष्ट व्यक्ति ऐसा करने में असफल रहता है तो ऐसी विफलता के लिए अधिनियम की धारा 271घख के अंतर्गत 1 फरवरी, 2020 से पांच हजार रूपए प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
अंकुर गोयल
अवर सचिव, भारत सरकार
निम्न को प्रति :
1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस(एफ) का पीएस/एमओएस(एफ) का ओएसडी
2. सचिव(राजस्व) का पीपीएस
3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व समस्त सदस्य, सीबीडीटी
4. समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान आयकर आयुक्त
5. सीबीडीटी के समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव
6. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक
7. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, विधि व न्याय मंत्रालय, नर्इ दिल्ली
8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता
9. आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय
10. संयुक्त आयकर आयुक्त (डाटाबेस प्रकोष्ठ)www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोडिंग के लिए

