परिपत्र सं. 26/2019 : निर्धारण वर्ष 2019-20 के लिए विवरणी प्रपत्रों को भरने के संबंध में स्पष्टीकरण
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 26/2019
परिपत्र की तिथि
26/09/2019
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
26/09/2019
2019 की परिपत्र सं. 26
एफ.नं. 370142/1/2019-टीपीएल (पीटी.-1)
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
(टीपीएल प्रभाग)
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दिनांक : 26 सितंबर, 2019
निर्धारण वर्ष 2019-20 के लिए विवरणी प्रपत्रों को भरने के संबंध में स्पष्टीकरण
निर्धारण वर्ष (ए.वार्इ) 2019-20 के लिए आयकर विवरणी (आर्इटीआर) प्रपत्रों को जी.एस.आर. 279(र्इ) दिनांक 1 अप्रैल, 2019 की अधिसूचना के द्वारा अधिसूचित किया गया था। तत्पश्चात्, आर्इटीआर प्रपत्रों को दाखिल करने के निर्देशों को जारी किया गया था और सभी आर्इटीआर प्रपत्रों के र्इ-दाखिलीकरण के लिए सॉफ्टवेयर यूटिलिटी को भी जारी किया गया था। आर्इटीआर प्रपत्रों की अधिसूचना के बाद, आर्इटीआर प्रपत्रों के दाखिलीकरण के संबंध में हितधारकों द्वारा विभिन्न सवाल पूछे गए थे। बोर्ड द्वारा सवालों की जांच की गर्इ और 2019 की परिपत्र सं. 18 दिनांक 08.08.2019 और 2019 की परिपत्र सं. 21 दिनांक 27.08.2019 के द्वारा उसमें उठे संदेहों को दूर करने के लिए स्पष्टीकरण जारी किया था।
2. तद्नुसार, प्रपत्र आर्इटीआर-5, आर्इटीआर-6 और आर्इटीआर-7 को दाखिल करने से संबंधित कुछ मुद्दों पर विरोध पत्र प्राप्त किया गया। तद्नुसार, पूर्वकथित बोर्ड परिपत्रों को जारी रखते हुए निम्नलिखित स्पष्टीकरण को जारी किया गया है।
प्रश्न 1 : प्रपत्र आर्इटीआर-6 में, एक स्टार्ट-अप को छोड़कर एक असूचीबद्ध कंपनी को अनुसूची धज-1 में शेयरधारकों के विवरण को प्रस्तुत करना आवश्यक है। यदि जहां शेयरों को स्थानांतरण के रूप में प्राप्त किया गया हो तो कृपया स्पष्ट करें कि कॉलम "आवंटन की तिथि", "निर्गम मूल्य" और "प्राप्त राशि" को किस प्रकार भरा जाना चाहिए ?
उत्तर : यदि शेयरों को स्थानांतरण के रूप में हितधारक द्वारा प्राप्त किया गया है और ना कि कंपनी द्वारा किए गए आवंटन के रूप में तो शेयरधारक का विवरण निम्नानुसार अनुसूची धज-1 में तालिका के संबंधित कॉलम में डाला जाना चाहिए -
(i) शेयरधारक का नाम :- पिछले वर्ष की समाप्ति के अनुसार शेयर रखने वाले व्यक्ति का नाम डालें (वर्तमान हितधारक)
(ii) आवंटन की तिथि :- उस तिथि को डालें जिस पर कंपनियों के रजिस्टर के अनुसार वर्तमान हितधारक को शेयर स्थानांतरित किए गए थे
(iii) प्रति शेयर अंकित मूल्य :- प्रति शेयर अंकित मूल्य डालें जिस पर कंपनी द्वारा शेयरों को मूल रूप से आवंटित किया गया था
(iv) प्रति शेयर निर्गम मूल्य :- उस मूल्य को डालें जिस पर कंपनी द्वारा उस मूल शेयरधारक को शेयर जारी किए गए जिसको कंपनी ने शेयर आवंटित किए थे।
(v) प्राप्त राशि :- पिछले वर्ष की समाप्ति तक मूल शेयरधारक, जिसको शेयरों का आवंटन किया गया था, द्वारा कंपनी की ओर से प्राप्त कुल राशि को डालें
स्टार्ट-अप्स के मामले में, शेयरधारक का विवरण अनुसूची धज-2 में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। यदि जहां स्टार्ट-अप कंपनी के शेयरों को स्थानांतरण के रूप में शेयरधारक द्वारा प्राप्त किया गया हो तो शेयरधारक का विवरण निम्नानुसार अनुसूची धज-2 में तालिका के संबंधित कॉलम में डाला जाना चाहिए
(i) शेयरधारक का नाम :- पिछले वर्ष की समाप्ति के अनुसार शेयर रखने वाले व्यक्ति का नाम डालें (वर्तमान हितधारक)
(ii) आवंटन की तिथि :- उस तिथि को डालें जिस पर कंपनियों के रजिस्टर के अनुसार वर्तमान हितधारक को शेयर स्थानांतरित किए गए थे
(iii) प्रति शेयर अंकित मूल्य :- प्रति शेयर अंकित मूल्य डालें जिस पर कंपनी द्वारा शेयरों को मूल रूप से आवंटित किया गया था
(iv) प्रति शेयर निर्गम मूल्य :- उस मूल्य को डालें जिस पर कंपनी द्वारा उस मूल शेयरधारक को शेयर जारी किए गए जिसको कंपनी ने शेयर आवंटित किए थे।
(v) प्रति शेयर प्रदत्त राशि (पेड अप वैल्यू) :- पिछले वर्ष की समाप्ति तक मूल शेयरधारक, जिसको शेयरों का आवंटन किया गया था, द्वारा प्रति शेयर के लिए कंपनी की ओर से प्राप्त राशि को डालें
(vi) शेयर प्रीमियम :- प्रति शेयर प्रीमियम की राशि डालें जिस पर कंपनी द्वारा मूल शेयरधारक को शेयर आवंटित किए गए थे
प्रश्न 2 : कृपया स्पष्ट करें कि अनुसूची धज-1 में शेयरधारक के पैन नंबर को निर्दिष्ट करना आवश्यक है। यदि जहां शेयरधारक एक विदेशी राष्ट्र का निवासी हो जिसके पास पैन नहीं है या यदि जहां शेयरधारक का पैन अन्य व्यवहारिक कारणों के लिए उपलब्ध नहीं है तो अनुसूची धज-1 में सभी हितधारकों के पैन को दाखिल करना संभव नहीं है।
उत्तर : शेयरधारक का पैन अनुसूची धज-1, यदि उपलब्ध हो, में प्रस्तुत किया जाना चाहिए। हालांकि, यदि शेयरधारक अनिवासी हो, जिसके पास पैन न हो तो एक डिफाल्ट राशि को पैन जैसे "NORES999N" के स्थान पर डाला जा सकता है। इसी प्रकार, किसी अन्य कारण की वजह से शेयरधारक के पैन के उपलब्ध न होने के मामले में एक डिफाल्ट राशि को पैन जैसे "NOAVL99999N" के स्थान पर डाला जा सकता है।
प्रश्न 3 : कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के अंतर्गत या कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के अंतर्गत पंजीकृत एक असूचीबद्ध कंपनी के पास शेयर पूंजी नहीं है। ऐसे मामले में अनुसूची धज-1 में आवश्यक विवरण को किसी प्रकार भरा जाना आवश्यक है ?
उत्तर : अनुसूची धज-1 के प्रांरभ में आर्इटीआर-6 की विभागीय यूटिलिटी में करदाता को प्रश्न "क्या आप कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 या कंपनी अधिनियम 1956 की धारा 25 के अंतर्गत एक पंजीकृत कंपनी है" का उत्तर देना आवश्यक है। यदि करदाता प्रश्न में दी गर्इ ड्रापडाउन में से "हां" को चुनता है तो अनुसूची धज-1 में विवरण को भरना आवश्यक नहीं है।
प्रश्न 4 : एक स्टार्ट अप को छोड़कर एक असूचीबद्ध कंपनी को अनुसूची कध-1 में परिसंपत्ति और देयता के विवरण को प्रस्तुत करना आवश्यक है जो अनिवार्य है। एक स्टार्ट-अप को अनुसूची कध-2 में परिसंपत्तियों और देयताओं के विवरण को प्रस्तुत करना आवश्यक है। यदि जहां असूचीबद्ध कंपनी/स्टार्ट-अप पिछले वर्ष की समाप्ति पर उसमें निर्दिष्ट परिसंपत्तियों में किसी पर अधिकार नहीं रखता तो कृपया बताएं कि अनुसूची कध-1/अनुसूची कध-2 में विवरण किस प्रकार दाखिल किया जाना चाहिए ?
उत्तर : अनुसूची कध-1/अनुसूची कध-2 के प्रारंभ में आर्इटीआर-6 की विभागीय यूटिलिटी में करदाता को प्रश्न - "क्या आपके पास वर्ष की समाप्ति पर परिसंपत्ति और देयताएं है जैसा अनुसूची कध-1/अनुसूची कध-2 में निर्दिष्ट है" का उत्तर देना आवश्यक है। यदि करदाता प्रश्न के समक्ष दिए गए ड्रापडाउन में "नहीं" को चुनता है तो अनुसूची कध-1/अनुसूची कध-2 में विवरण को भरना आवश्यक नहीं है। यदि करदाता प्रश्न के समक्ष दिए गए ड्रापडाउन में "हां" को चुनता है तो अनुसूची कध-1/अनुसूची कध-2 में दी गर्इ कम से कम एक तालिका में विवरण को प्रस्तुत करना आवश्यक है
प्रश्न 5 : एक एओपी/बीओआर्इ स्लैब दर पर कर हेतु वसूलनीय है। हालांकि, आर्इटीआर-5 में आय की विवरणी को दाखिल करने के दौरान विभागीय यूटिलिटी अधिकतम सीमांत दर पर वसूलनीय है ?
उत्तर : भाग क में - आर्इटीआर-5 के सामान्य, एओपी/बीओआर्इ के सदस्यों का विवरण उनके संबंधित शेयरों के साथ प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है। यदि यह विवरण नहीं दिए जाते या गलत तरीके से (उदाहरण सदस्यों के कुल शेयर 100 प्रतिशत तक नहीं जोड़े जाते) प्रस्तुत किए जाते हैं तो कर को अधिकतम सीमांत दर पर वसूला जा रहा है।
प्रश्न 6 : मैं एक निजी न्यास हूं और प्रपत्र आर्इटीआर-2 में आय की विवरणी को दाखिल करने का प्रयास कर रहा हूं। हालांकि मैं निर्धारण वर्ष 2019-20 के लिए आर्इटीआर-2 को दाखिल करने में असमर्थ हूं ?
उत्तर : आयकर नियमों के नियम 12 के अनुसार, केवल व्यक्ति और एचयूएफ, मुख्य व्यापार या पेशे के अंतर्गत कोर्इ आय न होने पर, आर्इटीआर-2 को दाखिल करने के योग्य है। एक निजी न्यास को आर्इटीआर-5 में आय की विवरणी को प्रस्तुत करना आवश्यक है।
प्रश्न 7 : एक निवेश कोष या एक व्यापारिक न्यास को आर्इटीआर-5 में आय की विवरणी को दाखिल करना आवश्यक है। कृपया स्पष्ट करें कि उनकी आय अनुसूची धझ आदि में किस प्रकार दर्शार्इ जानी चाहिए ?
उत्तर : धारा 10(23चख) या 10(23चखक) के अंतर्गत छूट का दावा करने वाले एक निवेश कोष या धारा 10(23चग) या 10(23चगक) के अंतर्गत छूट का दावा करने वाले व्यापारिक न्यास को आर्इटीआर-5 में भाग ख-नझ (आय की गणना) के क्रमश: कॉलम 12(ख) या कॉलम 12(ग) में प्रत्यक्ष आय की छूट की राशि को डालना होगा। ऐसे उद्यमों को अनुसूची खप, अनुसूची जत, अनुसूची गछ, अनुसूची णध और अनुसूची धझ आदि में शीर्षक के अनुसार विवरणों को भरना आवश्यक नहीं है।
प्रश्न 8 : मैं धारा 12क/12कक के अंतर्गत पंजीकृत न्यास हूं जो आर्इटीआर-7 में आय की विवरणी को दाखिल करता हूँ। कोष दान के तौर पर प्राप्त राशि को छूट के तौर पर समझा जाना चाहिए। हालांकि, विभागीय यूटिलिटी इसे कुल आय के भाग के तौर पर शामिल करती है ?
उत्तर : भाग क साधारण में - तालिका "आयकर अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण या अनुमोदन के विवरण" में कृपया कॉलम "धारा जिसके अंतर्गत पंजीकृत या अनुमोदित है" के अंतर्गत धारा 12क/12कक को डालें। आगे, दाखिलीकरण स्थिति पर कॉलम में कृपया फील्ड "कृपया धारा को निर्दिष्ट करें जिसके अंतर्गत छूट का दावा किया गया है" के समक्ष दिए गए ड्रापडाउन में "धारा 11" को चुनें। यदि यह विवरण भाग-क साधारण में सही तरीके से प्रस्तुत की जाती है तो दान की निधि की राशि को कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा।
प्रश्न 9 : मैं एक न्यास/संस्था/कंपनी हूं जिसने धारा 10 या धारा 13क या धारा 13ख के अंतर्गत छूट का दावा किया है और आर्इटीआर-7 में आय की विवरणी को दाखिल किया है। हालांकि विभागीय यूटिलिटी तब भी कर वसूल रहा है जब मैनें राशि को छूट की राशि के तौर पर दर्शाया है ?
उत्तर : ऐसे उद्यमों द्वारा धारा 10 या धारा 13क या धारा 13ख के अंतर्गत छूट का दावा आर्इटीआर-7 में भाग ख-टझ (आय की गणना) के प्रासंगिक कॉलम में प्रत्यक्ष रूप से डाला जाना चाहिए। आय और व्यय विवरण लागू होने वाली अनुसूची यानी अनुसूची झड़-1 या झड़-2 या झड़-3 या झड़-4 में प्रस्तुत होनी चाहिए। ऐसे उद्यमों को अनुसूची खप, अनुसूची जत, अनुसूची गछ, अनुसूची णध और अनुसूची धझ आदि में विवरण को शीर्षक के अनुसार भरना आवश्यक नहीं है।
(अंकुर गोयल)
अवर सचिव, भारत सरकार
26.09.2019
निम्न को प्रति
1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (आर) का ओएसडी
2. सचिव (राजस्व) का पीएस
3. अध्यक्ष, सदस्य और सीबीडीटी में अन्य सभी अधिकारी जो अवर सचिव या उससे ऊपर के पद के अधिकारी हैं
4. समस्त प्रधान मुख्य आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक - अपने क्षेत्रों/प्रभारों में सभी अधिकारियों के बीच वितरित करने के अनुरोध के साथ
5. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति)/प्रधान आयकर महानिदेशक(सर्तकता)/प्रधान आयकर महानिदेशक (प्रशा.)/प्रधान महानिदेशक (एनएडीटी)/प्रधान आयकर महानिदेशक (एलएंडआर)
6. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी
7. विभागीय वेबसाइट पर चस्पा करने के लिए वेब मैनेजर

