परिपत्र सं. 25/2019 : समय की छूट - प्रत्यक्ष कर कानूनों के अंतर्गत अपराधों को माँफ करना - एक समय का उपाय
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 25/2019
परिपत्र की तिथि
09/09/2019
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
09/09/2019
परिपत्र सं. 25/2019
एफ.सं. 285/08/2014-आर्इटी (अन्वे-V)/350
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
(केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड)
*****
कमरा नं. 515, 5वीं मंजिल, सी-ब्लॉक,
डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविक सेंटर,
मिंटो रोड़, नर्इ दिल्ली-110002
दिनांक : 09.09.2019
विषय : समय की छूट - प्रत्यक्ष कर कानूनों के अंतर्गत अपराधों को माँफ करना - एक समय का उपाय - संबंधी
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) पात्रता शर्तों को निर्धारित करते हुए प्रत्यक्ष कर कानूनों के अंतर्गत अपराधों को माँफ करने के लिए समय-समय पर दिशानिर्देश जारी करता रहा है। क्षमा याचिका को दाखिल करने की एक शर्त यह है कि इसे न्यायालय में शिकायत करने से 12 महीनों के अंदर दाखिल किया जाना चाहिए।
2. सीबीडीटी के ध्यान में ऐसे मामले लाए जा चुके हैं जहां प्रत्यक्ष कर कानून, 2014 दिनांक 23.12.2014 के अंतर्गत अपराधों को माँफ करने के लिए दिशानिर्देश के पैरा 8(vii) को देखते हुए या प्रत्यक्ष कर कानून, 2019 दिनांक 14.06.2019 के अंतर्गत अपराधों को माँफ करने के लिए दिशानिर्देश के पैरा 7(ii) को देखते हुए करदाता अपराधों को माँफ करने के लिए आवेदन नहीं कर सके चूंकि क्षमा याचिका 12 महीनों के बाद दाखिल की गर्इ।
3. योग्य मामलों में करदाता के अनायास कष्ट को कम करने के लक्ष्य से और न्यायालयों के समक्ष मौजूदा अभियोजन मामलों की देरी को कम करने के लिए अधिनियम की धारा 279 की उप-धारा (3) के नीचे स्पष्टीकरण के साथ आयकर अधिनियम, 1961 (द एक्ट) की धारा 119 के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए सीबीडीटी इस परिपत्र को जारी करता है।
4.1 एक समय के उपाय के तौर पर शर्त हैं कि माँफी आवेदन जिसको 12 महीनों के अंदर दाखिल किया जाना चाहिए उसे निम्नलिखित शर्तों के अंतर्गत एतद्द्वारा छूट दी जाती है।
i) ऐसे आवेदन सक्षम प्राधिकारी यानी संबंधित प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक/आयकर महानिदेशक के समक्ष 31.12.2019 को या उससे पहले दाखिल किया जाना चाहिए।
ii) दिशानिर्देश दिनांक 14.06.2019 के पैरा 8.1 को देखते हुए उस अपराध के संबंध में छूट नहीं दी जाएगी जिसकी गणना आमतौर पर/सामान्य तौर पर संभव न हो।
4.2 31.12.2019 को या उससे पहले सक्षम प्राधिकारी के समक्ष दाखिल आवेदन दिशानिर्देश दिनांक 14.06.2019 के पैरा 7(ii) के संबंध में समय से दाखिल किया गया के तौर पर समझा जाएगा।
4.3 यह स्पष्ट किया जाता है कि दिशानिर्देश दिनांक 14.06.2019 का पैरा 9.2 इस एक बार के उपाय के अंतर्गत किए गए ऐसे सभी आवेदनों पर लागू नहीं होगा। माफी प्रक्रिया, माफी शुल्क आदि सहित दिशानिर्देश दिनांक 14.06.2019 के अन्य निर्धारण ऐसे आवेदनों पर लागू होंगे।
5. इस परिपत्र के लिए ऐसे सभी मामलों में आवेदन किया जा सकता है जहां -
क) अभियोजन कार्यवाही 12 महीनों से ज्यादा समय के लिए किसी न्यायलय के समक्ष लंबित हो या
ख) एक अपराध के लिए पहले दाखिल की गर्इ माफी याचिका को केवल इस कारण से आवेदक द्वारा निरस्त कर दिया गया हो कि ऐसे आवेदन को 12 महीनो के बाद दाखिल किया है या
ग) एक अपराध के लिए किसी माफी याचिका को केवल तकनीकी कारणों की वजह से पहले निरस्त कर दिया गया था।
6. हिंदी संस्करण का अनुसरण किया जाएगा।
(ममता बंसल)
निदेशक, भारत सरकार
निम्न को प्रति :
1. वित्त मंत्री का निजी सचिव
2. राजस्व सचिव का निजी सचिव
3. अध्यक्ष और सभी सदस्य, सीबीडीटी
4. सभी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक/आयकर महानिदेश
5. संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त और सीबीडीटी में उससे ऊपर के पद के सभी अधिकारी
6. आयुक्त (मीडिया व तकनीकी नीति), सीबीडीटी
7. एडीजी (पद्धति)-4/www.incometaxindia.gov.in पर इसे चस्पा करने के लिए वेबमैनेजर
8. अपर आयकर आयुक्त, www.irsofficersonline.gov.in पर इसे चस्पा करने के लिए डाटाबेस प्रकोष्ठ
9. गार्ड फाइल
निदेशक, भारत सरकार

