आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 21/2021

परिपत्र की तिथि

28/12/2021

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

28/12/2021

 परिपत्र सं. 21/2021

परिपत्र सं. 21/2021

 

एफ.नं. 225/140/2021/आईटीए-II

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, दिनांक 28 दिसंबर, 2021

 

विषय : निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए इलैक्ट्रानिक रूप से प्रस्तुत ऐसी सभी आयकर विवरणियों के सत्यापन के लिए एक बार की रियायत जो ऐसे सत्यापन और ऐसी विवरणियों के प्रसंस्करण के लिए लंबित है - संबंधित

 

1. ऐसी आयकर विवरणी (आईटीआर) के संबंध में जिनको डिजिटल हस्ताक्षर के बिना इलैक्ट्रानिक रूप से प्रस्तुत किया गया है, करदाता के लिए आवश्यक है कि वह आईटीआर को अपलोड करने की तिथि से 120 दिनों की समय-सीमा के अंदर निम्नलिखित किसी भी एक तरीके का प्रयोग करते हुए इसे सत्यापित करें :-

   i. आधार ओटीपी के माध्यम से

  ii. नेट बैंकिंग के माध्यम से ई-दाखिलीकरण अकाउंट में लॉगिन करके

  iii. बैंक खाता संख्या के माध्यम से ईवीसी

  iv. डीमैट खाता संख्या के माध्यम से ईवीसी

  v. बैंक एटीएम के माध्यम से ईवीसी

  vi. सीपीसी, बेंगलूरू को डाक के माध्यम से आईटीआर-v की विधिवत तौर पर हस्ताक्षर की गई प्रति को भेजकर

2. इस संदर्भ में, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (बोर्ड) के ध्यान में लाया गया है कि निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए बड़ी मात्रा में इलैक्ट्रानिक तौर पर प्रस्तुत की गई आईटीआर, सीपीसी, बेंगलूरू के पास वैध आईटीआर-v की रसीद की प्राप्ति के लिए आयकर विभाग के पास लंबित है या संबंधित करदाताओं की ओर से ई-सत्यापन लंबित है। कानून द्वारा, अनुमत समय के अंदर आईटीआर को सत्यापित न कर पाने के परिणाम बेहद अहम हैं चूंकि ऐसी आईटीआर को 'मौजूद नहीं है' के तौर पर नामित किया गया है/किया जा सकता है। तत्पश्चात्, आईटीआर को दाखिल न करने के परिणाम, जैसा आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) में निर्दिष्ट है, भुगतने पडेंगे।

3. इस संदर्भ में, बोर्ड द्वारा निर्धारण वर्ष 2020-21 के लिए गैर-सत्यापित आईटीआर से संबंध रखने वाले करदाताओं की शिकायतों के निपटारे के लिए आईटीआर-v/ई-सत्यापन को प्रस्तुत करने के लिए और ऐसी आईटीआर जो गैर-मौजूद बन चुकी हो या संबंधित आईटीआर-v प्रपत्र की रसीद की जरूरत के लिए आयकर विभाग के पास लंबित है या ई-सत्यापन के लिए लंबित है, को नियमित करने के लिए एक समय की छूट दी गई है। इसलिए, निर्धारण वर्ष 2020-21 की ऐसी सभी आईटीआर के संबंध में जिनको अधिनियम की धारा 139 के अंतर्गत अनुमत समय के अंदर करदाताओं की ओर से इलैक्ट्रानिक तौर पर अपलोड करना था और जो आईटीआर-v प्रपत्र/लंबित ई-सत्यापन को प्रस्तुत न करने के कारण अपूर्ण हैं, बोर्ड ने अधिनियम की धारा 119(2)(क) के अंतर्गत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए, एतद्द्वारा ऐसी विवरणी के सत्यापन की मंजूरी या तो स्पीड पोस्ट के माध्यम से सीपीसी, बेंगलूरू को आईटीआर-v की विधिवत तौर पर हस्ताक्षर की गई कागजी प्रति को भेजकर या ईवीसी/ओटीपी के माध्यम से दी है जैसाकि उक्त पैरा 1 में सूचित है। ऐसी सत्यापन प्रक्रिया 28-2-2022 तक पूरी की जानी चाहिए।

4. यह छूट उन मामलों में नहीं दी जाएगी जहां मध्यवर्ती अवधि के दौरान आयकर विभाग अन्य उपायों का सहारा पहले ही ले चुका हो जैसाकि गैर-मौजूद के तौर पर विवरणी को घोषित करने के बाद संबंधित करदाता की ओर से कर विवरणी को दाखिल करने को सुनिश्चित करने के लिए अधिनियम में निर्दिष्ट है।

5. आगे, बोर्ड ने सूचना जारी करने के लिए समय-सीमा में भी छूट दी है जैसाकि अधिनियम की धारा 143 की उप-धारा (1) के दूसरे परंतुक में दी गई है और निर्देश देते हैं कि ऐसी विवरणी को 30-6-2022 तक प्रसंस्कृत किया जाना चाहिए और ऐसी विवरणी के प्रसंस्करण की सूचना निर्दिष्ट प्रक्रिया के अनुसार संबंधित करदाता को भेजी जाएगी। प्रतिदाय के मामलों में, ब्याज का निर्धारण करने के दौरान, अधिनियम की धारा 244क(2) के प्रावधान लागू होंगे। यह स्पष्ट किया जाता है कि यह छूट उन सभी विवरणियों पर लागू होगी जिनको बढ़ाई गई अवधि के दौरान सत्यापित किया गया है।

6. यदि संबंधित करदाता 28-2-2022 तक एक वैध सत्यापन (चाहे आईटीआर-vया ई-सत्यापन के माध्यम से या ओटीपी के द्वारा) की प्रस्तुत करके अपनी नियमित विवरणी प्राप्त नहीं कर पाता तो विवरणी के दाखिल न करने के लिए कानून में दिए गए आवश्यक परिणामों का अनुसरण किया जा सकता है।

 

हस्ता/-

(रविंद्र मैनी)

निदेशक (आईटीए.II), सीबीडीटी

 

निम्न को प्रति :

   i. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस(एफ) का पीएस/एमओएस(एफ) का ओएसडी

  ii. सचिव (राजस्व) का पीएस

  iii. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

 iv. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक

 v. डीजीआईटी (पद्धति) एक कैंपेन करने के अनुरोध के साथ ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि बढ़ाई गई अवधि के दौरान अधिक से अधिक विवरणियों को सत्यापित किया जा सके

 vi. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, सीबीडीटी

 vii. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी ताकि विस्तृत प्रचार किया जा सके

viii. आधिकारिक आयकर की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए वेब मैनेजर

 ix. जेसीआईटी (डेटाबेस प्रकोष्ठ) irsofficersonline वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए

 

(रविंद्र मैनी)

निदेशक (आईटीए.II), सीबीडीटी