परिपत्र सं. 21/2017 : वायुयान प्रचालक को एक एयरलाइन द्वारा यात्री सेवा शुल्क (पीएसएफ) के प्रेषण पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194-झ के प्रावधानों की गैर-प्रयोज्यता
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 21/2017
परिपत्र की तिथि
12/06/2017
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
12/06/2017
परिपत्र सं. 21/2017
एफ.नं. 279/विविध/140/2015/आर्इटीजे
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नर्इ दिल्ली, 12 जून, 2017
विषय : वायुयान प्रचालक को एक एयरलाइन द्वारा यात्री सेवा शुल्क (पीएसएफ) के प्रेषण पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194-झ के प्रावधानों की गैर-प्रयोज्यता - संबंधित -
आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 194-झ में शामिल मौजूदा प्रावधानों के अंतर्गत किराये के भुगतान पर स्रोत पर कर की कटौती करना आवश्यक है। शब्द "किराया" को (क) भूमि या (ख) भवन (फैक्ट्री भवन सहित) या (ग) भवन (फैक्ट्री भवन सहित) से संबंधित भूमि या (घ) मशीनरी या (ड़) संयंत्र या (च) उपकरण या (छ) फर्नीचर या (ज) फिटिंग्स चाहे अदाता द्वारा कोर्इ या सभी उक्त चीजें खरीदी गर्इ हो या नहीं, के प्रयोग के लिए (चाहे अलग-अलग हो या साथ-साथ) के लिए किसी पट्टेदारी, भाड़े पर देने, किराये पर देने या किसी अन्य समझौते या व्यवस्था के अंतर्गत किसी भुगतान, चाहे जिस भी नाम से बुलाया जाए, को ध्यान में रखते हुए कथित धारा के स्पष्टीकरण में परिभाषित किया गया है।
2. वायुयान प्रचालक को एक एयरलाइन द्वारा यात्री सेवा शुल्क (पीएसएफ) के भुगतान पर आयकर अधिनियम की धारा 194-झ के प्रावधानों की प्रयोज्यता पर एक विवाद उत्पन्न हुआ है। सीआर्इटी बनाम जेट एयरवेज (इंडिया) लि.1 में माननीय बॉम्बे उच्च न्यायालय ने पीएसएफ शुल्क पर अधिनियम की धारा 194-झ के प्रावधानों की प्रयोज्यता से संबंधित आधार को स्वीकार करने से मना करते हुए कहा है कि कोर्इ वास्तविक कानूनी प्रश्न नहीं उठता। ऐसा करते हुए यह जापान एयरलाइंस और सिंगापुर एयरलाइंस2 की स्थिति में माननीय उच्चतम न्यायालय दिनांक 04.08.2015 के निर्णय पर निर्भर करेगा जहां उच्चतम न्यायालय ने अधिनियम की धारा 194-झ के लिए स्पष्टीकरण का दृष्टिकोण अपनाया है यद्यपि शब्द "किराया" का सामान्य अर्थ विस्तारित मौजूद है, हालांकि, प्राथमिक अनिवार्यता है कि भुगतान भूमि और भवन के प्रयोग के लिए होना चाहिए और अन्य सुविधा और सेवा मुहैया कराने के दौरान इसके मात्र आकस्मिक/छोटे/महत्वहीन प्रयोग भूमि और भवन के प्रयोग के लिए भुगतान नहीं करेगा जिससे अधिनियम की धारा 194झ को लगाया जा सके।
3. बोर्ड ने बॉम्बे उच्च न्यायालय के उक्त दृष्टिकोण को अपनाया है। तद्नुसार यह स्थायी स्थिति है कि अधिनियम की धारा 194-झ पीएसएफ पर लागू नहीं होगी।
4. उक्त को देखते हुए, इसलिए, अपील उक्त निपटित मुद्दों पर विभाग द्वारा दाखिल नहीं की जा सकती और जिन्होंने पहले से दाखिल की है निरस्त/रद्द की जा सकती है।
5. उक्त को सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जा सकता है।
6. इसका हिन्दी संस्करण भी अनुसरित होगा
(नीतिका बंसल)
उप-सचिव, भारत सरकार
निम्न को प्रति :
1. अध्यक्ष, सदस्य तथा अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अधिकारी
2. राजस्व सचिव हेतु ओएसडी
3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त व समस्त आयकर महानिदेशक, समस्त अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए अनुरोध के साथ
4. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
5. प्रमुख आयकर महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, नागपुर
6. प्रमुख आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए सेंटर, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली
7. प्रमुख आयकर महानिदेशक (सर्तकता), नर्इ दिल्ली
8. एडीजी (पीआर, पीपी व ओएल), सामान्य मेलिंग सूची के अनुसार परिपत्र के लिए
9. एडीजी-4 (पद्धति) आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए
10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ
11. एनजेआरएस पर अपलोडिंग के लिए njrs_support@nsdl.co.in
12. परिपत्र के हिन्दी अनुवाद के लिए हिन्दी अनुभाग
13. गार्ड फाइल
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1. 2014 की आर्इटीए सं. 1181 दिनांक 04.01.2017-एनजेआरएस-2017-एलएल-0104-100
2. सीए नं. 9875/2013 व 2013 का सीए नं. 9876-9881 (एससी), एनजेआरएस-2015-एलएल-0804-5

