आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
सुलभता विकल्प
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 17/2019

परिपत्र की तिथि

08/08/2019

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

08/08/2019

 परिपत्र सं. 17/2019

परिपत्र सं. 17/2019

 

एफ.नं. 279/विविध 142/2007-आर्इटीजे (पीटी.)

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

न्यायिक प्रभाग

 

नर्इ दिल्ली, 8 अगस्त, 2019

 

विषय : आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, उच्च न्यायालय के समक्ष विभाग द्वारा अपील को दाखिल करने के लिए मौद्रिक सीमाओं की वृद्धि और उच्च्तम न्यायालय के समक्ष एसएलपी/अपील - 2018 के परिपत्र 3 का संशोधन - मुकद्मेबाजी को कम करने के लिए उपाय

 

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (द बोर्ड) के 2018 के परिपत्र सं. 3 दिनांक 11.07.2018 (परिपत्र) और उसके द्वारा इसके संशोधन दिनांक 20 अगस्त, 2018 के लिए संदर्भ आंमत्रित किया जाता है जिसके द्वारा आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण, उच्च न्यायालय के समक्ष विभाग द्वारा अपील को दाखिल करने के लिए मौद्रिक सीमाओं और उच्च्तम न्यायालय के समक्ष एसएलपी/अपील को निर्दिष्ट किया जा चुका है। प्रतिनिधित्व भी प्राप्त हुआ है कि पैरा 5 में कथित परिपत्र में असंगति हटार्इ जा सकती है।

2. मुकद्मेबाजी के अग्रिम प्रबंधन की ओर बढ़ते हुए बोर्ड द्वारा निर्णय लिया गया है कि आयकर मामलों में अपील को दाखिल करने के लिए मौद्रिक सीमा उक्त निर्दिष्ट परिपत्र के पैरा 3 में संशोधन के माध्यम से आगे बढ़ार्इ जाएगी और तद्नुसार परिपत्र के पैरा 3 में निर्दिष्ट मौद्रिक सीमा को निम्नानुसार पढ़ा जाएगा :

क्र.सं. आयकर मामलों में अपील/एसएलपी मौद्रिक सीमा (रू.)
1. अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष 50,00,000
2. उच्च न्यायालय के समक्ष 1,00,00,000
3. उच्चतम न्यायालय के समक्ष 2,00,00,000

3. आगे, उन परिदृश्यों में अपील को दाखिल करने में अनुरूपता देने के लिए जहां प्रत्येक निर्धारण वर्ष की तुलना में जहां एक से अधिक निर्धारण वर्षों के लिए समग्र आदेश उच्च अपीलीय प्राधिकारी द्वारा पारित किया जाता है तो परिपत्र के पैरा 5 को निम्नलिखित पैरा द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है

" 5. निर्धारण अधिकारी प्रत्येक निर्धारिती के मामले में विवादित मुद्दों के संबंध में प्रत्येक निर्धारण वर्ष के लिए अलग से प्रभावी कर की गणना करेंगे। यदि एक निर्धारिती के मामले में एक निर्धारण वर्ष से अधिक में विवादित मुद्दा उठता है तो अपील ऐसे निर्धारण वर्ष या वर्षों के संबंध में दाखिल की जा सकती है जिसमें विवादित मुददों के संबंध में प्रभावी कर पैरा 3 में निर्दिष्ट मौद्रिक सीमा से अधिक हो। एक ऐसे निर्धारण वर्ष या वर्षों के संबंध में कोर्इ अपील नहीं की जा सकती जिसमें प्रभावी कर पैरा 3 में निर्दिष्ट मौद्रिक सीमा से कम हो। आगे, किसी उच्च न्यायालय या अपीलीय प्राधिकारी के संयुक्त आदेश के मामले में जिसमें एक से अधिक निर्धारण वर्ष और एक निर्धारण वर्ष से अधिक सामान्य मुद्दे शामिल हैं तो उस एक निर्धारण वर्ष या निर्धारण वर्षों के संबंध में कोर्इ अपील नहीं की जाएगी जिसमें प्रभावी कर पैरा 3 में निर्दिष्ट मौद्रिक सीमा से कम हो। यदि जहां एक समग्र आदेश/निर्णय में एक से अधिक निर्धारिती शामिल हों तो प्रत्येक निर्धारिती से अलग से निपटा जाएगा"

4. कथित संशोधन इस परिपत्र के निगर्मन की तिथि से प्रभावी होगा

5. इसे सभी संबंधितों के ध्यान में लाया जा सकता है

6. इसे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 286क के अंतर्गत जारी किया गया है

7. हिंदी संस्करण का अनुसरण किया जाएगा

 

(नीतिका बंसल)

निदेशक, (आर्इटीजे)

सीबीडीटी, नर्इ दिल्ली

 

निम्न को प्रति :

 

  1. अध्यक्ष, सदस्य और अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के सीबीडीटी में अन्य समस्त अधिकारी

  2. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त व समस्त आयकर महानिदेशक - अपने अधिकारियों के ध्यान लाने के अनुरोध के साथ

  3. एडीजी (पीआर, पी एवं पी), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली मेलिंग लिस्ट के अनुसार वितरण तथा त्रैमासिक कर बुलेटिन के मुद्रण के लिए

  4. भारतीय लेखा नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक

  5. एडीजी (सतर्कता), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली

  6. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, कानून व न्यायिक मंत्रालय, नर्इ दिल्ली

  7. समस्त आयकर महानिदेशालय, नर्इ दिल्ली और प्रधान डीजीआर्इटी (एनएडीटी), नागपुर

  8. आर्इटीसीसी (3 प्रतियां)

  9. एडीजी (पद्धति)-4 विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए

10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ

11. एनजेआरएस पर अपलोडिंग के लिए njrs_support@nsdl.co.in

12. अनुवाद के लिए हिंदी प्रभाग

13. गार्ड फाइल

 

(नीतिका बंसल)

निदेशक, (आर्इटीजे)

सीबीडीटी, नर्इ दिल्ली