परिपत्र सं. 15/2024 : आयकर अधिनियम की धारा 220(2) के अंतर्गत दिए गए या देययोग्य ब्याज की कमी या छूट के संदर्भ में आयकर प्राधिकारियों की मौद्रिक सीमा को निश्चित करते हुए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119(1) के अंतर्गत आदेश
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 15/2024
परिपत्र की तिथि
04/11/2024
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
04/11/2024
परिपत्र सं. 15/2024
एफ.नं. 400/08/2024-आईटी(बी)
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 4 नवम्बर, 2024
विषय: आयकर अधिनियम की धारा 220(2) के अंतर्गत दिए गए या देययोग्य ब्याज की कमी या छूट के संदर्भ में आयकर प्राधिकारियों की मौद्रिक सीमा को निश्चित करते हुए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119(1) के अंतर्गत आदेश - संबंधित
आयकर अघिनियम (अधिनियम) की धारा 220(2) एक करदाता द्वारा आयकर के भुगतान न करने के परिणामों के साथ व्यवहार करती है। अधिनियम की धारा 220(2) के अनुसार यदि एक करदाता अधिनियम की धारा 156 के अंतर्गत किसी मांग नोटिस में निर्दिष्ट राशि का भुगतान नही करती है तो उसे भुगतान में देरी तक की अवधि के लिए प्रति महीने या आंशिक महीने के 1 प्रतिशत की दर पर साधारण ब्याज का भुगतान करना होगा। इसके अलावा, अधिनियम की धारा 220(2क) निर्दिष्ट परिस्थितियों में अधिनियम की धारा 220(2) के अंतर्गत दी गई या दी जाने वाली राशि की कमी या छूट के लिए प्रमुख मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान आयुक्त या आयुक्त को कार्यवाही करने का अधिकारी देती है।
2. अधिनियम की धारा 220(2) के अंतर्गत दिए गए या दिए जाने वाले ब्याज की छूट या कमी के संदर्भ में अधिनियम की धारा 220(2क) में निर्दिष्ट आयकर प्राधिकारियों को दिए गए अधिकारों के अनुसार केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड अधिनियम के उचित प्रशासन के लिए एतद्द्वारा निम्नानुसार निम्नलिखित मौद्रिक सीमा को निर्दिष्ट करते हैं :
| क्र.सं. | आयकर प्राधिकारी | ब्याज की कमी या छूट के लिए मौद्रिक सीमा |
| 1 | प्रधान आयकर आयुक्त/आयकर आयुक्त | रू. 50 लाख तक |
| 2 | मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक | रू. 50 लाख से अधिक से रू. 1.5 करोड़ तक |
| 3 | प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त | रू. 1.5 करोड़ से अधिक |
3. किसी आयकर प्राधिकारी के संदर्भ में अधिनियम की धारा 220(2) के अंतर्गत दिए गए या दिए जाने वाले ब्याज की कमी या छूट के अधिकार अधिनियम की धारा 220(2क) के अंतर्गत निर्दिष्ट निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करने के अनुसार जारी रहेगी -
(i) ऐसी राशि का भुगतान में निर्धारिती को वास्तविक परेशनी हुई या होगी
(ii) उस राशि के भुगतान में चूक, जिस पर ब्याज का भुगतान किया गया है या उक्त उपधारा के तहत देय था, निर्धारिती के नियंत्रण से परे परिस्थितियों के कारण नही दे सका और
(iii) निर्धारिती ने मूल्यांकन से संबंधित किसी भी जांच या उससे देय किसी राशि की वसूली के लिए किसी कार्यवाही में सहयोग किया है।
4. उक्त इस परिपत्र के निगर्मन की तिथि से प्रभावी होगा। हिंदी संस्करण का अनुसरण होगा।
(रूबल सिंह)
उप सचिव (आईटी-बजट)
सीबीडीटी, नई दिल्ली
निम्न को प्रति
1. अध्यक्ष व सदस्य, सीबीडीटी
2. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक
3. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, सीबीडीटी
4. आयकर आयुक्त (मीडिया व टीपी) और आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी, नई दिल्ली
5. अपर महानिदेशक (पीआर, पीएंडपी) आवश्यक कार्रवाई हेतु
6. जेसीआईटी, डेटाबेस प्रकोष्ठ, वेबसाइट www.irsofficersonline.gov.in पर आदेश को अपलोड करने के अनुरोध के साथ
7. वेब मैनेजर, विभागीय वेबसाइट www.incometaxindia.gov.in पर अपलोड करने के अनुरोध के साथ
8. भारतीय चार्टेड अकाउंटेंट संस्थान, आईपी एस्टेट, नई दिल्ली
9. समस्त चैंबर्स ऑफ कॉमर्स
10. अनुवाद के लिए हिंदी प्रकोष्ठ
11. गार्ड फाइल
(रूबल सिंह)
उप सचिव (आईटी-बजट)
सीबीडीटी, नई दिल्ली

