आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 14/2022

परिपत्र की तिथि

28/06/2022

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

28/06/2022

 परिपत्र सं. 14/2022

2022 की परिपत्र सं. 14

एफ.नं. 370142/29/2022-टीपीएल (भाग 1)

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

(टीपीएल प्रभाग)

*****

नई दिल्ली, दिनांक 28 जून, 2022

विषय : एक्सचेंज के माध्यम से या उस पर किए गए लेनदेन को छोड़कर अन्य लेनदेन के लिए अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत स्रोत पर कर कटौती के संबंध में आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 119 के अंतर्गत आदेश

वित्त अधिनियम में प्रभावी तिथि 1 जुलाई, 2022 से अधिनियम में एक नई धारा 194ध को शामिल किया गया है। नई धारा एक व्यक्ति, जो किसी निवासी को वर्चुलय डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीएस) के स्थानांतरण पर प्रतिफल के रूप में किसी राशि को देने के लिए जिम्मेदार है, के लिए उसपर आयकर के रूप में ऐसी राशि के 1 प्रतिशत के बराबर राशि की कटौती अनिवार्य करती है। कर कटौती निवासी के खाते में ऐसेी राशि को क्रेडिट करते समय या भुगतान करते समय, जो भी पहले हो, की जानी आवश्यक है।

यह कटौती निम्नलिखित मामलों में आवश्यक नही है :-

 (i) राशि एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा देययोग्य है और ऐसे प्रतिफल की कीमत या कुल राशि वित्त वर्ष के दौरान पचास हजार रूपए से अधिक नही हो; या

(ii) राशि एक निर्दिष्ट व्यक्ति को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा देययोग्य है और ऐसे प्रतिफल की कुल राशि वित्त वर्ष के दौरान दस हजार रूपए से अधिक नही है

निम्नलिखित को इस प्रावधान के लिए "निर्दिष्ट व्यक्ति" के तौर पर निर्दिष्ट किया गया है।

 (i) एक व्यक्ति या हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) जिसकी शीर्षक "व्यापार या पेशे से लाभ और प्राप्ति" के अंतर्गत कोई आय न हो

(ii) शीर्षक "व्यापार या पेशे से लाभ और प्राप्ति" के अंतर्गत कोई आय वाले एक व्यक्ति या एचयूएफ जिसकी उसके द्वारा किए गए व्यापार से कुल बिक्री/कुल प्राप्ति/कारोबार एक करोड़ से अधिक नही है या उसके द्वारा किए गए पेशे के मामले में पचास लाख रूपए से अधिक नही है। इस प्रारंभिक सीमा को वित्त वर्ष जिसमें वीडीए स्थानांतरित किया गया, के तुरंत बाद के वित्त वर्ष में देखा जाना है।

अधिनियम की धारा 194ध की उप-धारा (6) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को दिशानिर्देश जारी करने का अधिकार देती है ताकि केंद्र सरकार की अनुमति से परेशानियों को दूर किया जा सके। तद्नुसार, अधिनियम की धारा 194ध की उप-धारा (6) द्वारा दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए सीबीडीटी ने एक्सचेंज पर या उसके माध्यम से लेनदेन के लिए 2022 के परिपत्र सं. 13 दिनांक 22.06.2022 के रूप में दिशानिर्देश जारी किए हैं। अन्य लेनदेनों के लिए उस परिपत्र के प्रश्न सं. 6 के उत्तर में दिया गया स्पष्टीकरण ही लागू है। शब्द "एक्सचेंज" को यह स्पष्ट करने के लिए परिभाषित किया गया है कि कोई व्यक्ति जो वीडीए के हस्तांतरण के लिए एक आवेदन या प्लेटफॉर्म को संचालित करता है जो खरीद या बिक्री कारोबार का मिलान करता है और इसके एप्लीकेशन या प्लेटफॉर्म पर इसे निष्पादित करता है। यही परिभाषा इस परिपत्र पर लागू होता है।

अन्य सभी लेनदेनों के लिए (जिनको परिपत्र सं. 13/2022 द्वारा शामिल नही किया गया), इस परिपत्र को अधिनियम के उचित प्रशासन के लिए धारा 119 के अंतर्गत जारी किया जा रहा है

1) अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत स्रोत पर कर कटौती हेतु देयता जब प्रतिफल किसी अन्य प्रकार का हो

अधिनियम की धारा 194ध के अनुसार कोई व्यक्ति जो किसी निवासी को वीडीए के स्थानांतरण के लिए प्रतिफल के रूप में किसी राशि का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार है उसे कर कटौती करना आवश्यक है। इसलिए, पीयर से पीयर (यानी एक्सचेंज जाए बिना विक्रेता हेतु क्रेता को) हस्तांतरण में, विक्रेता (यानी प्रतिफल देने वाला व्यक्ति) को अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती करना आवश्यक है। ऐसे काटे गए कर को आयकर नियम, 1962 के प्रासंगिक प्रावधानों के साथ पठित अधिनियम में निर्धारित समय और प्रक्रिया के अनुसार सरकार को जमा करना आवश्यक है।

कटौती के बाद, डिडक्टर को आयकर नियम, 1962 में निर्धारित नियत तिथि को या उससे पहले ऐसे सभी लेनदेनों के लिए एक त्रैमासिक ब्यौरा (प्रपत्र सं. 26थ में) प्रस्तुत करना आवश्यक है। विशेष व्यक्ति के लिए प्रपत्र 26थड़ को प्रस्तुत किया गया है।

यह स्पष्ट किया जा सकता है कि टीडीएस वीडीएस घटा जीएसटी के स्थानांतरण के लिए प्रतिफल पर हो।

2) अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत स्रोत पर कर कटौती की जिम्मेदारी जब राशि वीडीएस के रूप या के स्थान पर होती है

अधिनियम की धारा 194ध की उप-धारा (1) के परंतुक के अनुसार, ऐसी स्थिति हो सकती है जहां राशि इस प्रकार की हो या अन्य वीडीए के स्थान पर हो या आंशिक तौर पर इस प्रकार की हो और नकद टीडीएस देयता को पूरा करने के लिए उपयुक्त न हो। इन स्थितियों में, ऐसे प्रतिफल का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को सुनिश्चित करना होगा कि काटे जाने वाल कर राशि के ज्ञात होने से पहले ऐसी राशि के संदर्भ में दी गई हो।

इसलिए, खरीददार, विक्रेता के ऐसे कर (यानी चालान ब्यौरा आदि) के भुगतान के प्रमाण देने के बाद इस प्रकार की राशि को जारी करेगा। उस स्थिति में जहां वीडीएस "ए" अन्य वीडीएस "बी" के साथ परिवर्तित हो रहा हो तो दोनों व्यक्ति खरीददार साथ ही साथ विक्रेता हैं। एक "ए" के लिए खरीददार हैं और "बी" के लिए विक्रेता और अन्य "बी" के लिए खरीददार है और "ए" के लिए विक्रेता है। इसलिए दोनों को वीडीए के स्थानांतरण के संबंध में कर का भुगतान करने की आवश्यकता है और अन्य को प्रमाण दिखाने की जरूरत है तकि वीडीए को परिवर्तित किया जा सके। इसे चालान नंबर के साथ टीडीएस विवरण में बताया जाना आवश्यक है। इस वर्ष प्रपत्र सं. 26थ को ऐसे लेनदेन की जानकारी के लिए प्रावधानों में शामिल किया जा चुका है। विशेष व्यक्तियों के लिए, प्रपत्र सं. 26थड़ को प्रस्तुत किया गया है।

3. धारा 194ध और 194थ के प्रावधान के बीच के पारिस्परिक संबंध

गुणों पर जाए बिना कि वीडीए अच्छा है या नही, यह स्पष्ट किया जाता है कि अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत एक बार कर काटे जाने पर अधिनियम की धारा 194थ के अंतर्गत कर काटा जाना आवश्यक नही होगा।

अंकित जैन,

अवर सचिव (टीपीएल)-III

निम्न को प्रति :

1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (एफ) का पीएस/एमओएस (एफ) का ओएसडी

2. सचिव (राजस्व) का पीपीएस

3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

4. समस्यत प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त

5. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/उप सचिव/अवर सचिव, सीबीडीटी

6. भारतीय लेखा एवं नियंत्रक परीक्षक

7. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, विधि व न्याय मंत्रालय, नई दिल्ली

8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

9. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए

10. संयुक्त आयकर आयुक्त (डेटाबेस प्रकोष्ठ) www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोड करने के लिए