आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 14/2020

परिपत्र की तिथि

20/07/2020

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

20/07/2020

परिपत्र सं. 14/2020

परिपत्र सं. 14/2020

 

एफ.नं. 370142/27/2020-टीपीएल

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

(टीपीएल प्रभाग)

 

कमरा नं. 147बी-II, नार्थ ब्लॉक,

नई दिल्ली, दिनांक 20 जुलाई, 2020

 

विषय : वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधन से पूर्व आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 194ढ के परंतुक के वाक्यांश (v) के अंतर्गत जारी अधिसूचना के संबंध में स्पष्टीकरण - संबंधित

 

अधिनियम की धारा 194ढ जैसाकि वित्त (सं. 2) अधिनियम 2019 द्वारा शामिल की गई है, को प्राप्तकर्ता द्वारा सुरक्षित रखे गए एक या एक से अधिक खाते से एक वित्त वर्ष के दौरान नकद में कुल रू. 1 करोड़ से अधिक प्राप्त करने वाले के लिए एक बैंकिंग कंपनी, बैंकिंग के व्यापार में शामिल एक सहकारी संस्था या डाकघर द्वारा किए गए भुगतान पर स्त्रोत पर कर की कटौती के लिए मुहैया कराया गया है। कथित धारा के परंतुक के वाक्यांश (v) ने व्यक्तियों या व्यक्तियों की श्रेणी को पत्र में अधिसूचना के रूप में छूट देने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ विचार-विमर्श करके केंद्र सरकार को सशक्त किया था ताकि ऐसे व्यक्तियों या व्यक्तियों की श्रेणी को किए गए भुगतान इस धारा के अंतर्गत टीडीएस का विषय नही होंगे। तद्नुसार, कथित अधिकारों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार ने तीन अधिसूचनाओं को जारी किया था जो निम्नानुसार है :

(क) 2019 की अधिसूचना 68 दिनांक 18.09.2019 : कथित अधिसूचना में निर्दिष्ट शर्तों के अनुसार इन उद्यमों द्वारा संचालित एटीएम में नकदी भरने के लिए नकदी भरने वाली एजेंसियां (सीआरए) और वाइट लेबल ऑटोमेटिड टैलर (डब्ल्यूएलएटीएमओ) ऑपरेटरों के फ्रैंचाईज एजेंट

(ख) 2019 की अधिसूचना 70 दिनांक 20.09.2019 : कृषि उत्पाद बाजार सीमिति (एपीएमसी) के अंतर्गत संचालन करने वाले कमीशन एजेंट या ट्रेडर ऑपरेटिंग और संबंधित राज्य के कृषि उत्पाद बाजार से संबंधित किसी कानून के अंतर्गत पंजीकृत को कथित अधिसूचना में निर्दिष्ट शर्तों के अनुसार करमुक्त रखा गया हो।

(ग) 2019 की अधिसूचना 80 दिनांक 15.10.2019 : प्राधिकृत डीलर और इसके फ्रेंचाईजी एजेंट और उप-एजेंट और निम्न उद्देश्य के लिए भारतीय रिजर्व बैंक और इसके फ्रैंचाईजी एजेंट द्वारा जारी पूर्णकालिक मनी चेंजर (एफएफएमसी)—

  (i) भारत आने वाले विदेशी पर्यटक या अनिवासी या भारत आने पर भारतीय नागरिकों द्वारा विदेशी मुद्रा की खरीद, नकद में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी निर्देशों या दिशानिर्देशों के अनुसार

  (ii) भारतीय रिजर्व बैंक की राशि स्थानांतरण योजना (एमटीएसएस) के अंतर्गत और कथित अधिसूचना में निर्दिष्ट शर्तों के अनुसार नकद में भारत में लाभकारी प्राप्तकर्ताओं को आंतरिक प्रेषण की अदायगी

2. अधिनियम की धारा 194ढ को आईटीआर दाखिल न करने वालों के लिए कथित धारा के प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाने के लिए वित्त अधिनियम, 2020 (वित्त अधिनियम, 2020) द्वारा संशोधित किया गया था। यह ध्यान दिया जाए कि इसके संशोधन से पूर्व धारा 194ढ के परंतुक के वाक्यांश (v) कथित धारा का चौथा परंतुक बन चुका है। वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार उक्त निर्दिष्ट अधिसूचनाओं की वैधता से संबंधित स्पष्टीकरण की मांग के लिए प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ है।

3. बोर्ड द्वारा मामले की जांच की गई है और एतद्द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि निर्दिष्ट उक्त तीन अधिसूचनाओं को धारा 194ढ के चौथे परंतुक के अंतर्गत जारी किया गया समझा जाएगा जैसा वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित है। आगे यह दोहराया जाता है कि कथित अधिसूचनाओं के अंतर्गत दी गई छूट उसमें निर्दिष्ट शर्तों के अनुसार होगी।

 

अंकित जैन

अवर सचिव (टीपीएल)-III

 

निम्न को प्रति :

  1. एफएम का पीएस/एमओएस का पीएस(एफ)

  2. सचिव (वित्त) का ओएसडी

  3. अध्यक्ष और समस्त सदस्य, सीबीडीटी

  4. समस्त प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त

  5. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, सीबीडीटी

  6. सीबीडीटी के निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव

  7. भारतीय नियत्रंक एवं महालेखा परीक्षक (30 प्रतियां)

  8. जेएस व कानूनी सलाहकार, न्याय व विधि मंत्रालय, नई दिल्ली

  9. भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान

10. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

11. आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय

12. विभागीय वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए संयुक्त आयकर आयुक्त (डेटाबेस प्रकोष्ठ)

 

अंकित जैन

अवर सचिव (टीपीएल)-III