परिपत्र सं. 13/2022 : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194ध की उप-धारा (6) के अंतर्गत समस्याओं को दूर करने के लिए दिशानिर्देश
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 13/2022
परिपत्र की तिथि
22/06/2022
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
22/06/2022
2022 की परिपत्र सं. 13
एफ.नं. 370142/29/2022-टीपीएल-(भाग-I)
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
(टीपीएल प्रभाग)
*****
नई दिल्ली, दिनांक 22 जून, 2022
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194ध की उप-धारा (6) के अंतर्गत समस्याओं को दूर करने के लिए दिशानिर्देश
वित्त अधिनियम 2022 की मदद से प्रभावी तिथि 1 जुलाई, 2022 को आयकर अधिनियम, 1961 (तत्पश्चात् "अधिनियम" के तौर पर संदर्भित) में एक नई धारा 194ध को शामिल किया गया है।
नई धारा एक व्यक्ति, जो वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति (वीडीए) के स्थानांतरण के लिए राशि के रूप में किसी प्रकार की आय निवासी को देने के लिए जिम्मेदार है, के लिए अनिवार्य करती है कि उसे आयकर के तौर पर ऐसी राशि के 1 प्रतिशत के बराबर की राशि की कटौती करनी होगी। कर कटौती निवासी के खाते में ऐसी राशि को डालते समय या भुगतान के समय, जो भी पहले हो, की जानी आवश्यक है।
यह कटौती निम्नलिखित मामलों में की जानी जरूरी नही है :-
(i) राशि एक निर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा दी जानी है और ऐसे प्रतिफल की राशि या कुल कीमत वित्त वर्ष के दौरान पचास हजार रूपए से अधिक नही होनी चाहिए; या
(ii) राशि एक निर्दिष्ट व्यक्ति को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा देययोग्य है और ऐसे प्रतिफल की राशि या कुल कीमत वित्त वर्ष के दौरान दस हजार रूपए से अधिक नही होनी चाहिए
निम्नलिखित इस प्रावधान के लिए निर्दिष्ट व्यक्ति के तौर पर निर्दिष्ट है :
(i) एक व्यक्ति या हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) जिसकी शीर्षक "व्यापार या पेशे के लाभ या प्राप्ति" के अंतर्गत कोई आय नही है
(ii) शीर्षक "व्यापार या पेशे के लाभ या प्राप्ति" के अंतर्गत किसी प्रकार की आय वाले एक व्यक्ति या एचयूएफ जिसकी उसके द्वारा किए जाने वाले व्यापार से कुल बिक्री/कुल प्राप्तियां/कारोबार एक करोड़ से अधिक नही है या पेशे के मामले में पचास लाख से अधिक नही है। इस प्रारंभिक सीमा को उस वित्त वर्ष के तुरंत बाद के वित्त वर्ष में देखा जाना है जिसमें वीडीए को स्थानांतरित किया गया।
अधिनियम की धारा 194ध की उप-धारा (6) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को यह अधिकार देती है कि वह केंद्र सरकार की अनुमति से परेशानियों को दूर करने के लिए दिशानिर्देश जारी करे। यह दिशानिर्देश संसद के प्रत्येक सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है और यह आयकर प्राधिकारियों और वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि देने वाले व्यक्ति के लिए बाध्यकारी है।
तद्नुसार, अधिनियम की धारा 194ध की उप-धारा (6) द्वारा दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए, सीबीडीटी एतद्द्वारा निम्नलिखित दिशानिर्देश जारी करता है। यह दिशानिर्देश केवल उन मामलों मे लागू होंगे जहां वीडीए का स्थानांतरण होता है या एक्सचेंज के माध्यम से होता है। अन्य मामलों में (जैसे कि पीयर टू पीयर और अन्य) अधिनियम की धारा 194ध के प्रावधान लागू होंगे और जहां तक इन दिशानिर्देशों का संबंध है, स्पष्टीकरण केवल प्रश्न 6 में ही लागू होगा।
दिशानिर्देश
प्रश्न 1. किसे कर कटौती करना आवश्यक है जब एक्सचेंज के माध्यम से या उस पर वीडीए का स्थानांतरण किया जाता है और भुगतान एक्सचेंज (प्रत्यक्ष या ब्रोकर के माध्यम से) को खरीददार द्वारा किया जाता है और फिर एक्सचेंज के द्वारा यह सीधे या ब्रोकर के माध्यम से विक्रेता को किया जाता है?
उत्तर : अधिनियम की धारा 194ध के अनुसार, कोई भी व्यक्ति जो किसी व्यक्ति को वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि के रूप में किसी कीमत को देने के लिए जिम्मेदार है तो कर कटौती करना आवश्यक है। इसलिए, पीयर से पीयर (यानी सीधे खरीददार से विक्रेता को) हस्तांतरण में, विक्रेता (यानी प्रतिफल देने वाला व्यक्ति) को अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती करना आवश्यक है।
हालांकि, यदि लेनदेन एक्सचेंज पर या उनके माध्यम से किया जाता है तो कई स्तरों पर अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती की आवश्यकता संबंधी संभावना है। इसलिए, एक्सचेंज पर या उसके माध्यम से लेनदेन होने के संबंध में परेशानियों को दूर करने के लिए निम्नलिखित स्पष्टीकरणों को जारी किया गया है :
(i) यदि जहां वीडीए का स्थानांतरण एक्सचेंज पर या उसके माध्यम से होता है और वीडीए को एक्सचेंज के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा स्थानांतरित किया जा रहा हो : इस मामले में खरीददार एक्सचेंज (प्रत्यक्ष या ब्रोकर के माध्यम से) को भुगतान करेगा। एक्सचेंज को फिर स्थानांतरणकर्ता के तौर पर वीडीए के मालिक को भुगतान जमा या देना आवश्यक होगा, या तो सीधे या ब्रोकर के माध्यम से। चूंकि कई प्लेसर है, परेशानियों को दूर करने के लिए यह स्पष्ट किया जाता है कि :
1. कर एक्सचेंज द्वारा ही अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत काटा जा सकता है जो विक्रेता (वीडीए के मालिक को स्थानांतरित किया जा रहा है) के भुगतान क्रेडिट या जमा करेगा। यदि जहां ब्रोकर के पास वीडीए हो तो ब्रोकर ही विक्रेता है। इसलिए, एक्सचेंज द्वारा ब्रोकर को क्रेडिट या भुगतान की जा रही राशि अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती का विषय है।
2. यदि जहां एक्सचेंज और विक्रेता के बीच क्रेडिट/भुगतान ब्रोकर (और ब्रोकर विक्रेता न हो) के माध्यम से होता है तो अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती की जिम्मेदारी दोनों एक्सचेंज और ब्रोकर पर होगी। हालांकि, यदि एक्सचेंज और ब्रोकर के बीच लिखित समझौता हो कि ब्रोकर ऐसे क्रेडिट/भुगतान पर कर कटौती करेगा तो ब्रोकर अकेले अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती कर सकता है। एक्सचेंज को आयकर अधिनियम, 1962 में निर्धारित की गई अंतिम तिथि को या उससे पहले तिमाही के ऐसे सभी लेनदेनों के लिए एक त्रैमासिक विवरण (प्रपत्र सं. 26थच) को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
(ii) यदि जहां वीडीए का स्थानांतरण एक्सचेंज पर या उसके माध्यम से होता है और वीडीए को ऐसे एक्सचेंज द्वारा स्थानांतरित किया जा रहा हो : इस मामले में बहुत सारे प्लेयर नही है। खरीददार को अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती करना आवश्यक है। हालांकि, हो सकता है कि वास्तविक मुद्दे हों चूंकि खरीददार को पता नही कि स्थानांतरित किया गया वीडीए एक्सचेंज द्वारा नियंत्रित है या नही। इसलिए, अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती की इसकी जिम्मेदारी के संबंध में खरीददार के मन में वास्तविक संदेह हो। यह परेशानी वहां भी हो सकती है जहां यदि खरीददार एक ब्रोकर के माध्यम से एक्सचेंज से वीडीए खरीद रहा हो।
इस परेशानी को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि जहां अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती की प्रमुख जिम्मेदारी, इस मामले में, खरीददार या उसके ब्रोकर की है, एक विकल्प के तौर पर एक्सचेंज खरीददार या उसके ब्रोकर के साथ एक लिखित समझौता कर सकता है कि इस संबंध में ऐसे सभी लेनदेनों के लिए एक्सचेंज उस तिमाही के लिए अंतिम तिथि को या उससे पहले कर का भुगतान करेगा। एक्सचेंज को आयकर नियम, 1962 में निर्धारित देय तिथि को या उससे पहले तिमाही के ऐसे सभी लेनदेनों के लिए त्रैमासिक विवरण (प्रपत्र सं. 26थच) में प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। एक्सचेंज को अपनी आयकर विवरणी को भी प्रस्तुत करना आवश्यक होगा और इन सभी लेनदेनों को ऐसी विवरणी में शामिल किया जाना चाहिए। यदि यह शर्तें संकलित हैं तो खरीददार या उसके ब्रोकर इन लेनदेनों के लिए अधिनियम की धारा 201 के अंतर्गत गलती करने वाले निर्धारिती के तौर पर जिम्मेदार नहीं होगे।
इस परिपत्र के लिए :
(i) शब्द "एक्सचेंज" का अर्थ कोई व्यक्ति जो वीडीए के स्थानांतरण के लिए एक एप्लीकेशन या प्लेटफॉर्म को संचालित करता है, जो खरीद या बिक्री कारोबार से मेल खाता है और इसके एप्लीकेशन या प्लेटफॉर्म पर निष्पादित होता है।
(ii) शब्द "ब्रोकर" का अर्थ कोई व्यक्ति जो वीडीए के हस्तांतरण के लिए एप्लीकेशन या प्लेटफॉर्म संचालित करता है और ऐसे कारोबार के निष्पादन के लिए एक्सचेंज के साथ ब्रोकेज खाता/खाते रखता है।
प्रश्न 2 : प्रश्न सं. 1 उस लेनदेन के संबंध में था जहां वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि उस प्रकार की नही है। एक ऐसी स्थिति में यह कैसे संचालित होगा जहां यह अन्य वीडीएस के रूप में या उसके स्थान पर हो?
उत्तर : अधिनियम की धारा 194ध की उप-धारा (1) के परंतुक के अनुसार, ऐसी स्थिति हो सकती है जहां राशि इस प्रकार की हो या अन्य वीडीए के स्थान पर हो या आंशिक तौर पर इस प्रकार की हो और नगद टीडीएस देयता को पूरा करने के लिए उपयुक्त न हो। इन स्थितियों में, ऐसे प्रतिफल का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को सुनिश्चित करना होगा कि काटे जाने वाला कर राशि के ज्ञात होने से पहले ऐसी राशि के संदर्भ में दी गई हो।
उक्त स्थिति में, खरीददार, विक्रेता के ऐसे कर (यानी चालान ब्यौरा आदि) के भुगतान के प्रमाण देने के बाद इस प्रकार की राशि को जारी करेगा। उस स्थिति में जहां वीडीएस "ए" अन्य वीडीएस "बी" के साथ परिवर्तित हो रहा हो तो दोनों व्यक्ति खरीददार साथ ही साथ विक्रेता हैं। एक "ए" के लिए खरीददार है और "बी" के लिए विक्रेता और अन्य "बी" के लिए खरीददार है और "ए" के लिए विक्रेता है। इसलिए दोनों को वीडीए के स्थानांतरण के संबंध में कर का भुगतान करने की आवश्यकता है और अन्य को प्रमाण दिखाने की जरूरत है ताकि वीडीए को परिवर्तित किया जा सके। इसे चालान नंबर के साथ टीडीएस विवरण में बताया जाना आवश्यक है। इस वर्ष प्रपत्र सं. 26थ को ऐसे लेनदेन की जानकारी के लिए प्रावधानों में शामिल किया जा चुका है। विशेष व्यक्तियों के लिए, प्रपत्र सं. 26थड़ को प्रस्तुत किया गया है।
हालांकि, यदि लेनदेन एक्सचेंज के माध्यम से होता है तो इस प्रावधान को लागू करने में वास्तविक मुद्दे हैं। इन वास्तविक मुद्दों के समाधान के लिए और परेशानियों को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि ऐसी स्थिति में, विकल्प के तौर पर, कर एक्सचेंज द्वारा काटा जा सकता है। ऐसा वैकल्पिक तंत्र का प्रयोग एक्सचेंज की ओर से खरीददार/विक्रेता के साथ लिखित अनुबंधात्मक समझौते के आधार पर किया जा सकता है।
यदि एक वैकल्पिक तरीके का प्रयोग किया जाता है
(i) एक्सचेंज को लेनदेन के हिस्सों के लिए कर कटौती करना और सरकार को देना आवश्यक है। प्रपत्र 26थ में पहले बताए गए कारणों के लिए इसकी जानकारी देना आवश्यक होगा कि कर लेनदेन के दोनों हिस्सों पर की गई है।
(ii) खरीददार और विक्रेता को अधिनियम की धारा 194ध की उप-धारा (1) के परंतुक में निर्धारित प्रक्रिया का स्वतंत्र तौर पर अनुसरण करना आवश्यक नही है।
जब एक्सचेंज ऐसे लेनदेन पर अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती को चुनता है तो यह संभावना है कि काटा गया कर इस ही प्रकार का हो और सरकार को जमा किए जाने से पहले नकदी में रूपांतरित किए जाने की आवश्यकता हो। इस संबंध में, निम्नलिखित तरीका एक्सचेंज की ओर से अपनाया जाएगा—
(i) लेनदेन के समय, एक्सचेंज व्यापारिक जोड़े में टीडीएस की कटौती करेगा। उदाहरण के लिए, monero से deso के लिए कारोबार के मामले में, monero का 1 प्रतिशत और deso का 1 प्रतिशत एक्सचेंज द्वारा अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर के तौर पर काटा जाएगा और शेष को ग्राहक को स्थानांतरित किया जाएगा। प्रत्येक वीडीए से वीडीए के लिए राशि के 1 प्रतिशत की कटौती को दर्शाते हुए लेनदेन एक्सचेंज द्वारा अनुरक्षित होगा।
(ii) एक्सचेंज तुरंत एक प्रमुख वीडीए (बीटी, ईटीएच, यूएसडीटी, यूएसडीसी) हेतु इस प्रकार के (उक्त उदाहरण में monero का 1 प्रतिशत और deso का 1 प्रतिशत ) काटे गए कर को रूपांतरित करने के लिए एक बाजार आदेश का निष्पादन करेगा जिसे आसानी से रूपए में परिवर्तित किया जा सकता है। इस कदम से यह सुनिश्चित होगा कि गैर-प्राथमिक वीडीए जैसे monero और deso के रूप में अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत काटे गए कर प्राथमिक वीडीए के बराबर रूपांतरित होते हैं जिसका रूपए में तैयार बाजार है। आदेशों की समयसीमा की मोहर को यह सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षित रखना चाहिए कि वीडीए कटौती का ऐसा रूपांतरण एक्सचेंज द्वारा तुरंत आधार पर पूरा किया जाना चाहिए। यदि करों की कटौती प्राथमिक वीडीएस में की जाती है तो इस कदम को नजरअंदाज किया जाएगा।
(iii) प्राथमिक वीडीए {या चरण (ii) के अंतर्गत प्राथमिक वीडीए में रूपांतरण} के रूप में अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत काटे गए सभी कर उस दिन के लिए संचयित होंगे। समयसीमा 00:00 से 23.59 तक तक होगी। एक्सचेंज द्वारा संचयन दिन के दौरान किए गए वीडीए से वीडीए के कारोबार के लिए कई आदेशों से सत्यापित होगी।
(iv) 00:00 बजे प्रमुख वीडीए के इकट्ठा बैलेंस को उस समय पर मौजूदा बाजार की दर के आधार पर रूपए में रूपांतरित किया जाएगा। निरंतरता लाने के लिए और समस्या दूर करने के लिए, एक्सचेंज को आईएनआर में रूपांतरण के लिए प्रमुख वीडीए के रूप में कर कटौती {या चरण (ii) के अंतर्गत रूपांतरण} के लिए 00:00 बजे मार्किट आदेश देना आवश्यक है। यह बिक्री मार्किट आदेश मार्किट में खुली खरीद आदेशों के आधार पर निष्पादित होंगे। प्रत्येक संगत कारोबार के लिए मूल्य और गुणवत्ता डेटा एक्सचेंज द्वारा अनुरक्षित होगी और सत्यापन के लिए उपलब्ध होगी। यह सिस्टम कोडिंग के माध्यम से सत्यापन करने योग्य होगी कि रूपए में रूपांतरण, रूपांतरण के समय संबंधित एक्सचेंज की प्रचलित बॉय ऑर्डर बुक पर आधारित पहले बॉय आदेश पर होगा। अभ्यास के तौर पर , वीडीए की तरलीकृत करने वाले संबंधित एक्सचेंज इन वीडीए के लिए खरीददार होने से रोकेगा।
(v) ग्राहक को ईमेल पर अनुबंध नोट जारी किया जाएगा जिसमें धारा 194ध के अंतर्गत इस प्रकार की कर कटौती की राशि और ऐसी कर कटौती से प्राप्त रूपए की राशि शामिल होगी।
(vi) अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत इस प्रकार की कर कटौती और उक्त प्रक्रिया का अनुसरण करते हुए आईएनआर में रूपांतरण आयकर नियम, 1962 में दी गई समय सीमा और प्रक्रिया के अनुसार सरकारी खाते में जमा की जाएगी।
यह स्पष्ट किया जाता है कि वीडीए के रूप में आईएनआर में या एक वीडीएस से अन्य वीडीए में और फिर वीडीए में कर कटौती को रूपांतरित करने के लिए कोई अग्रिम टीडीएस नहीं है।
प्रश्न 3 : क्या अधिनियम की धारा 194थ के प्रावधान वीडीए के स्थानांतरण पर लागू होते हैं ?
उत्तर : गुणों में जाए बिना कि वीडीए अच्छा है या नहीं, यह स्पष्ट किया जाता है कि अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत एक बार कर काटे जाने पर अधिनियम की धारा 194थ के अंतर्गत कर काटा जाना आवश्यक नही होगा।
प्रश्न 4 : क्या वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि जीएसटी/कमीशन को शामिल करने के बाद कुल आधार पर होगी या इन मदों को हटाने के बाद "शुद्ध आधार" पर होगी
उत्तर : समस्याओं को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत काटे जाने वाले कर सेवा देने के लिए डिडक्टर द्वारा लगाए गए जीएसटी/प्रभार को शामिल न करने के बाद "शुद्ध" प्रतिफल पर होगी।
प्रश्न 5 : लेनदेन के दौरान जहां भुगतान पेमेंट गेटवे के माध्यम से किया जा रहा हो, तो हो सकता है कटौती दो बार हो जाए। उदाहरण के लिए एक व्यक्ति "एक्सवाईजेड" को वीडीए के स्थानांतरण के लिए विक्रेता को भुगतान करना आवश्यक है। वह "एबीसी" के डिजिटल प्लेटफॅार्म के माध्यम से एक लाख रूपए का भुगतान करता है। इस तथ्य पर अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत काटे गए कर की देयता दोनो "एक्सवाईजेड" और "एबीसी" पर हो सकती है। क्या कर दोनों की ओर से कटवाया जाना है?
उत्तर : परेशानियों को दूर करने के लिए, यह बताया जाता है कि उक्त उदाहरण में, पेमेंट गेटवे में लेनदेन पर अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती करने की आवश्यकता नही होगी यदि अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कटौती करने वाले व्यक्ति ("एक्सवाईजेड") द्वारा कर कटौती की गई हो। इसलिए, उक्त उदाहरण में, यदि "एक्सवाईजेड" ने एक लाख रूपए पर अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती की हो तो "एबीसी"को उसी लेनदेन पर अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती करने की आवश्यकता नही होगी। उपयुक्त कार्यान्वयन के लिए, "एबीसी"कर कटौती के संबंध में "एक्सवाईजेड" से वचन ले सकता है।
प्रश्न 6 : धारा 194ध 1 जुलाई, 2022 को प्रभावी होगी। अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती की जिम्मेदारी केवल तब लागू होगी जब वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि की कीमत या औसत कीमत विशेष व्यक्ति द्वारा दी जा रही राशि के मामले में वित्त वर्ष के दौरान पचास हजार रूपए से अधिक होती है और अन्य मामलों में दस हजार रूपए से अधिक। यह स्पष्ट नही है कि पचास हजार (या दस हजार) की यह सीमा कैसे गिनी जाऐगी ?
उत्तर : यह स्पष्ट किया जाता है कि -
(i) चूंकि पचास हजार (या दस हजार) की प्रारंभिक सीमा वित्त वर्ष से संबंधित है, अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कटौती करते हुए वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि की गणना 1 अप्रैल, 2022 से की जाएगी। इसलिए, एक व्यक्ति द्वारा देययोग्य वीडीए के स्थानांतरण की राशि की कुल कीमत या राशि वित्त वर्ष 2022-23 (30 जून 2022 तक की अवधि सहित) के दौरान पचास हजार (या दस हजार) से अधिक होती है तो अधिनियम की धारा 194ध के प्रावधान 1 जुलाई, 2022 को या उसके बाद जमा या दी गई किसी राशि, वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि का प्रतिनिधित्व करते हुए, पर लागू होगी।
(ii) चूंकि अधिनियम की धारा 194ध के प्रावधान वीडीए के स्थानांतरण के लिए राशि का प्रतिनिधित्व करते हुए, किसी राशि के क्रेडिट या भुगतान (जो पहले हो) के समय लागू होता है, ऐसी राशि जिसे 1 जुलाई, 2022 से पहले क्रेडिट या भुगतान किया गया है, वह अधिनियम की धारा 194ध के अंतर्गत कर कटौती का विषय नही होगा।
अंकित जैन,
अवर सचिव, भारत सरकार
निम्न को प्रति :
1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (एफ) का पीएस/एमओएस (एफ) का ओएसडी
2. सचिव (राजस्व) का पीपीएस
3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी
4. समस्यत प्रधान आयकर महानिदेशक/प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त
5. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/उप सचिव/अवर सचिव, सीबीडीटी
6. भारतीय लेखा एवं नियंत्रक परीक्षक
7. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, विधि व न्याय मंत्रालय, नई दिल्ली
8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी
9. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए
10. संयुक्त आयकर आयुक्त (डेटाबेस प्रकोष्ठ) www.irsofficersonline.gov.in पर अपलोड करने के लिए

