आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

मुख्य सामग्री पर जाने के लिए यहां क्लिक करें
सुलभता विकल्प
शब्द आकार
सैचुरेशन
मदद

परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 11/2022

परिपत्र की तिथि

03/06/2022

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

03/06/2022

 परिपत्र सं. 11/2022

2022 की परिपत्र सं. 11

एफ.नं. 370142/4/2021-टीपीएल

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

(टीपीएल प्रभाग)

दिनांक : 3 जून, 2022

विषय : इस परिपत्र की तिथि तक जारी प्रपत्र सं. 10कग से संबंधित स्पष्टीकरण - संबंधित

वित्त अधिनियम, 2022 के माध्यम से प्रधान आयुक्त या आयकर आयुक्त को यह जांचने की स्वीकृति देने के लिए आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 12कख में उप-धारा (4) को शामिल किया गया है कि धारा 12कख की उप-धारा (1) या धारा 12कक की उप-धारा (1) के प्रासंगिक वाक्यांश के अंतर्गत पंजीकृत या अंनतिम रूप से पंजीकृत न्यास या संस्थान द्वारा कोई "विशेष उल्लंघन" किया गया है। प्रधान आयुक्त या आयकर आयुक्त द्वारा जांच के बाद या तो पंजीकरण को निरस्त करने के लिए या पंजीकरण को निरस्त करने से मना करने के लिए एक आदेश पारित किया जाना चाहिए। फंड या संस्थागत न्यास या संस्थान या कोई विश्वविद्यालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या इस वाक्यांश के उप-वाक्यांश (iv), (v),(vi), (viक) के अंतर्गत संदर्भित अन्य चिकित्सा संस्थान के संदर्भ में कथित वाक्यांश के पंद्रहवें परंतुक को प्रतिस्थापित करते हुए अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23ग) में इसी प्रकार के प्रावधानों को प्रस्तुत किया गया है और जिनको कथित वाक्यांश के दूसरे परंतुक के अंतर्गत स्वीकृत या अनंतिम तौर पर स्वीकृत किया गया है। यह संशोधन 1 अप्रैल, 2022 से प्रभावी है। उक्त संदर्भित विशेष प्रकार के उल्लंघनों के अतिरिक्त, निरस्ती का अधिकार बोर्ड द्वारा प्राधिकृत किए गए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को आयकर नियम 1962 (नियम) के नियम 17क के उप-नियम (5) और नियम 2ग के उप-नियम 2ग के अंतर्गत भी अनुमति दी गई है। यह परिपत्र केवल निर्दिष्ट उल्लंघन के मामले में पंजीकरण/अनुमति या अंनतिम पंजीकरण/अनुमति को निरस्त करने से संबंधित है।

2. अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23ग) और धारा 12कख के पंद्रहवें परंतुक के लिए "निर्दिष्ट उल्लंघन" की परिभाषा संबंधित वाक्यांश और धारा में मुहैया कराई गई है। कथित परिभाषा, साथ ही साथ, में ऐसे उदाहरण शामिल हैं जहां फंड या न्यास या संस्थान की किसी प्रकार की गतिविधि उन सभी या किसी भी शर्तों के अनुसार नही की जा रही जिसके अनुसार इसे अनुमोदित/अनंतिम तौर पर अनुमोदित या पंजीकृत/अनंतिम तौर पर पंजीकृत किया गया था।

3. यह नोट किया जा सकता है कि धर्मार्थ न्यासों, जिनकी अधिसूचना सं. 19/2021 दिनांक 26.03.2021 के द्वारा अधिसूचित किया गया था, के अनुमोदन/पंजीकरण की नई प्रक्रिया के अनुसार पुन: पंजीकरण/मंजूरी या अंनतिम पंजीकरण/मंजूरी (नई) की मांग प्रपत्र 10क में आवेदन करके की जानी आवश्यक है। आगे, पंजीकरण या अनंतिम पंजीकरण या मंजूरी या अनंतिम मंजूरी देने वाले आदेश कुछ शर्तों को पूरा करने के अनुसार प्रपत्र 10ग में की जानी है।

4. वित्त अधिनियम, 2022 के द्वारा किए गए संशोधनों को देखते हुए, शर्तें जिनके अनुसार पंजीकरण/मंजूरी या अनंतिम पंजीकरण/अनंतिम मंजूरी न्यासों या संस्थानों को दी गई थी उनको वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप करने के लिए संशोधित किए जाने की आवश्यकता है।

5. उक्त को देखते हुए, एतद्द्वारा यह स्पष्ट किया जाता है कि -

(i) प्रपत्र सं. 10कग में शामिल शर्तें जिनको 01.04.2021 से इस परिपत्र के जारी करने की तिथि तक जारी किया गया था, को ऐसे पढ़ा जा सकता है जैसाकि कथित शर्तों को शर्तों के साथ प्रतिस्थापित किया गया था जैसाकि प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2022 से तालिका 1 में बताया गया है

तालिका 1

क्र.सं. धारा कोड धारा जिसके अंतर्गत आदेश पारित हुआ है शर्तें
1 01 धारा 12कख की उप-धारा (1) का वाक्यांश (क) अनुलग्नक क के अनुसार
2 02 धारा 12कख की उप-धारा (1) का वाक्यांश (ग) अनुलग्नक ख के अनुसार
3 03 से 06 धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के दूसरे परंतुक का वाक्यांश (i) अनुलग्नक ग के अनुसार
4 07 से 10 धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के दूसरे परंतुक का वाक्यांश (iii) अनुलग्नक घ के अनुसार
5 11 धारा 80छ के उप-वाक्यांश (5) के दूसरे परंतुक का वाक्यांश (i) अनुलग्नक ड़ के अनुसार
6 12 धारा 80छ के उप-वाक्यांश (5) के दूसरे परंतुक का वाक्यांश (iii) अनुलग्नक च के अनुसार

(ii) जहां तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से प्रपत्र सं. 10कग को "पंजीकरण आदेश" या "अनुमति आदेश" के स्थान पर "अनंतिम पंजीकरण" या "अनंतिम अनुमति" के लिए आदेश शीर्षक के साथ वित्त वर्ष 2021-2022 के दौरान जारी किया गया हो तो ऐसे सभी प्रपत्र 10कग को "पंजीकरण या अनुमति आदेश" के तौर पर समझा जाएगा और ऐसे मामलों में जहां प्रपत्र सं. 10कग को जारी किया गया हो -

(क) धारा कोड 01 के अंतर्गत (पुन: पंजीकरण की मांग करते हुए आवेदन) -

(i) शीर्षक में और पंक्ति 6,7,9 और 10 में शब्द "अनंतिम पंजीकरण" को "पंजीकरण" के तौर पर पढ़ा जाएगा

(ii) पंक्ति 8 में शब्द "अनंतिम पंजीकृत" को "पंजीकृत" के तौर पर पढ़ा जाएगा

(ख) धारा कोड 03, 04, 05, 06 या 11 के अंतर्गत (पुन: अनुमति की मांग करने वाले आवेदन)

(i) शीर्षक में और पंक्ति 6,7,9 और 10 में शब्द "अनंतिम पंजीकरण" को "पंजीकरण" के तौर पर पढ़ा जाएगा

(ii) पंक्ति 8 में शब्द "अनंतिम पंजीकृत" को "पंजीकृत" के तौर पर पढ़ा जाएगा

(iii) प्रपत्र सं. 10कग की पंक्ति सं. 5 (सभी धारा कोड हेतु जारी) को "अनंतिम अनुमति/अनुमति संख्या" या "अनंतिम पंजीकरण/अनंतिम संख्या" जो भी हो, के स्थान पर "विशेष पंजीकरण संख्या" के तौर पर पढ़ा जाएगा।

(नेहा सहाय)

अवर सचिव

टीपीएल डिविजन

निम्न को प्रति :

1. एफएम का पीएस/ओएसडी/एमओएस(एफ) का पीएस/ओएसडी

2. वित्त सचिव का पीएस

3. अध्यक्ष और सचिव, सीबीडीटी

4. संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त/निदेशक/उप सचिव/अवर सचिव, सीबीडीटी

5. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परिषद् (30 प्रतियां)

6. जेएस व कानूनी सलाहकार, विधि व न्याय मंत्रालय, नई दिल्ली

7. भारतीय चार्टेड अकाउंटेंट संस्थान

8. आयकर आयुक्त (एमएंडटीपी), आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

9. प्रधान डीजीआईटी (पद्धति) विभागीय वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए

(नेहा सहाय)

अवर सचिव

टीपीएल डिविजन

अनुलग्नक क

1. धारा 12कख की उप-धारा (1) के वाक्यांश (क) के अंतर्गत पारित आदेशों के लिए (पुन: पंजीकरण) :

प्रपत्र 10कग

(नियम 17क के अनुसार)

पंजीकरण की अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अनुसार दी गई है :-

1 न्यास, पूर्णता या आंशिक तौर पर धर्मांर्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए, के अंतर्गत नियंत्रित संपत्ति से प्राप्त कोई आय न्याय या संस्थान के उद्देश्यों को छोड़कर किसी अन्य उद्देश्य के लिए प्रयोग नहीं होगी।
2 न्यास या संस्थान की व्यापार के लाभ या प्राप्तिय, जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं, से आय नहीं  होगी।
3 ऐसे व्यापार के संबंध में ऐसे न्यास या संस्थान द्वारा अलग बही खातों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं।
4 न्यास या संस्थान ऐसे निजी धार्मिक उद्देश्यों के लिए एक न्यास के पास रखी संपत्ति से इसकी आय के किसी हिस्से के लिए लागू नहीं होगी जनता के लाभ के लिए न हो।
5 इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद सृजित या स्थापित किए गए धर्मांर्थ उद्देश्यों के लिए स्थापित न्यास या संस्थान किसी विशेष धार्मिक समुदाय या पंथ के लाभ के लिए इसकी आय के आंशिक हिस्से पर लागू नहीं होगा।
6 न्यास या संस्थान द्वारा कोई गैर-वास्तविक गतिविधि नहीं की जाएगी।
7 न्यास या संस्थान की ओर से ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जाएगी जो सभी या किसी भी शर्त के अनुसार न हो जिसके अनुसार यह पंजीकृत हुई थी।
8 न्यास या संस्थान किसी अन्य कानून की अनिवार्यता का पालन करेगा जैसा धारा 12कख की उप-धारा (1) के वाक्यांश (ख) की मद (ख) में संदर्भित है।
9 प्रपत्र 10क में पंजीकरण के लिए प्रपत्र सभी सूचनाएं या दस्तावेजों को देते हुए विधिवत तौर पर भरा गया हो और कोई गलत सूचना या दस्तावेज न दिया गया हो।
10 जहां धारा 12क की उप-धारा (1) के वाक्यांश (कग) के उप-वाक्यांश (ii) के अंतर्गत पंजीकरण के लिए आवेदन प्रस्तुत करना आवश्यक हो कथित न्यास या संस्थान को उस वाक्यांश के अंतर्गत दिए गए समय के अंदर ऐसे आवेदन को प्रस्तुत करना होगा।
11 जहां न्यास या संस्थान ने उन उद्देश्यों के संशोधनों को अपनाया हो या किया हो जो पंजीकरण की शर्तों के अनुसार न हो तो न्यास या संस्थान ऐसे अपनाने या संशोधन की प्रक्रिया की तिथि से तीस दिनों की अवधि के अंदर न्यास या संस्थान के पंजीकरण के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को निर्धारित प्रपत्र या तरीके में आवेदन करेगा।

अनुलग्नक ख

2. धारा 12कख की उप-धारा (1) के वाक्यांश (ग) के अंतर्गत पारित आदेशों के लिए (पुन: पंजीकरण) :

प्रपत्र 10कग

(नियम 17क के अनुसार)

पंजीकरण की अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अनुसार दी गई है :-

1 न्यास, पूर्णता या आंशिक तौर पर धर्मांर्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए, के अंतर्गत नियंत्रित संपत्ति से प्राप्त कोई आय न्याय या संस्थान के उद्देश्यों को छोड़कर किसी अन्य उद्देश्य के लिए प्रयोग नहीं होगी।
2 न्यास या संस्थान की ऐसे व्यापार के लाभ या प्राप्तियों से आय नहीं होगी, जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नहीं है।
3 ऐसे व्यापार के संबंध में ऐसे न्यास या संस्थान द्वारा अलग बही खातों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं
4 न्यास या संस्थान ऐसे निजी धार्मिक उद्देश्यों के लिए एक न्यास के पास रखी संपत्ति से इसकी आय के किसी हिस्से के लिए लागू नहीं होगी जनता के लाभ के लिए न हो
5 इस अधिनियम के प्रारंभ होने के बाद सृजित या स्थापित किए गए धर्मांर्थ उद्देश्यों के लिए स्थापित न्यास या संस्थान किसी विशेष धार्मिक समुदाय या पंथ के लाभ के लिए इसकी आय के आंशिक हिस्से पर लागू नहीं होगा।
6 न्यास या संस्थान द्वारा कोई गैर-वास्तविक गतिविधि नहीं की जाएगी।
7 न्यास या संस्थान की ओर से ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जाएगी जो सभी या किसी भी शर्त के अनुसार न हो जिसके अनुसार यह पंजीकृत हुई थी
8 न्यास या संस्थान किसी अन्य कानून की अनिवार्यता का पालन करेगा जैसा धारा 12कख की उप-धारा (1) के वाक्यांश (ख) की मद (ख) में संदर्भित है।
9 प्रपत्र 10क में पंजीकरण के लिए प्रपत्र सभी सूचनाएं या दस्तावेजों को देते हुए विधिवत तौर पर भरा गया हो और कोई गलत सूचना या दस्तावेज न दिया गया हो।
10 न्यास या संस्थान गतिविधि करने के 6 महीनों के अंदर या अनंतिम पंजीकरण की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 6 महीने, जो भी पहले हो, के अंदर पंजीकरण के लिए आवेदन करेगा
11 जहां न्यास या संस्थान ने उन उद्देश्यों के संशोधनों को अपनाया हो या किया हो जो पंजीकरण की शर्तों के अनुसार न हो तो न्यास या संस्थान ऐसे अपनाने या संशोधन की प्रक्रिया की तिथि से तीस दिनों की अवधि के अंदर न्यास या संस्थान के पंजीकरण के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त को निर्धारित प्रपत्र या तरीके में आवेदन करेगा

अनुलग्नक ग

III.  धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के दूसरे परंतुक के वाक्यांश (i) के अंतर्गत पारित आदेशों के लिए (पुन: पंजीकरण) :

प्रपत्र 10कग

(नियम 2ग के अनुसार)

अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अनुसार दी गई है :-

1 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की कोई आय उन उद्देश्यों को छोड़कर किसी अन्य उद्देश्यों के प्रयोग नहीं की जाएगी जिसके लिए वह बनाए गए हैं।
2 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान के ऐसे व्यापार के लाभ या प्राप्तियां से आय नहीं होगी, जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं।
3 ऐसे व्यापार के संबंध में ऐसे फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा अलग बही खातों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं।
4 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा कोई गैर-वास्तविक गतिविधि नहीं की जाएगी।
5 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की ओर से ऐसी कोई गतिविधि नहीं की जाएगी जो ऐसी सभी या किसी भी शर्त के अनुसार न हो जिसके अनुसार यह पंजीकृत हुई थी।
6 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान वर्तमान में लागू किसी अन्य कानून की अनिवार्यताओं को पालन करेगा।
7 प्रपत्र 10क में अनुमति के लिए प्रपत्र सभी सूचनाएं या दस्तावेजों को देते हुए विधिवत तौर पर भरा गया हो और कोई गलत या असत्य सूचना या दस्तावेज न दिया गया हो।
8 जहां फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान को धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के पहले परंतुक के वाक्यांश (ii) के अंतर्गत अनुमति के लिए आवेदन प्रस्तुत करना आवश्यक है तो उक्त फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान उस वाक्यांश के अंतर्गत दिए गए समय के अंदर ऐसा आवेदन प्रस्तुत करेगा।

अनुलग्नक घ

IV.  धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के दूसरे परंतुक के वाक्यांश (iii) के अंतर्गत पारित आदेशों के लिए (पुन: पंजीकरण) :

प्रपत्र 10कग

(नियम 2ग के अनुसार)

अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अनुसार दी गई है :-

1 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की कोई आय उन उद्देश्यों को छोड़कर किसी अन्य उद्देश्यों के प्रयोग नहीं की जाएगी जिसके लिए वह बनाए गए हैं।
2 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान के ऐसे व्यापार के लाभ या प्राप्तियां से आय नहीं होगी, जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नही हैं।
3 ऐसे व्यापार के संबंध में ऐसे फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा अलग बही खातों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए जो इसके उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए प्रासंगिक नहीं हैं।
4 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान द्वारा कोई गैर-वास्तविक गतिविधि नहीं की जाएगी।
5 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान की ओर से ऐसी कोई गतिविधि नही की जाएगी जो ऐसी सभी या किसी भी शर्त के अनुसार न हो जिसके अनुसार यह पंजीकृत हुई थी।
6 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान वर्तमान में लागू किसी अन्य कानून की अनिवार्यताओं को पालन करेगा।
7 प्रपत्र 10क में अनुमति के लिए प्रपत्र सभी सूचनाएं या दस्तावेजों को देते हुए विधिवत तौर पर भरा गया हो और कोई गलत या असत्य सूचना या दस्तावेज न दिया गया हो।
8 फंड या संस्थान या न्यास या किसी विश्वविधालय या अन्य शैक्षणिक संस्थान या कोई अस्पताल या अन्य चिकित्सा संस्थान गतिविधि के प्रारंभ होने के 6 महीनों के अंदर या अनंतिम अनुमति की अवधि के समाप्त होने से कम से कम 6 महीने पहले अनुमति, जो भी पहले हो, के लिए आवेदन करेगा।

अनुलग्नक ड़

V.  धारा 80छ की उप-धारा (5) के द्वितीय परंतुक के वाक्यांश (i) के अंतर्गत पारित आदेशों के लिए (पुन: मंजूरी)

प्रपत्र 10कग

(नियम 11कक के अनुसार)

अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अनुसार दी गई है :-

1 धारा 12कख के अंतर्गत दिया गया पंजीकरण या धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के अंतर्गत दी गई अनुमति विशेष उल्लंघनों के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त द्वारा निरस्त न किया गया हो जैसाकि धारा 12कख की उप-धारा (4) या धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के पांचवें परंतुक के अंतर्गत निर्दिष्ट किया गया है।
2 प्रपत्र 10क में अनुमति के लिए प्रपत्र सभी सूचनाएं या दस्तावेजों को देते हुए विधिवत तौर पर भरा गया हो और कोई गलत या असत्य सूचना या दस्तावेज न दिया गया हो।
3 धारा 12कख के अंतर्गत दिया गया पंजीकरण या धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के अंतर्गत दी गई अनुमति विशेष उल्लंघनों के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त द्वारा निरस्त न किया गया हो जैसाकि आयकर नियम, 1962 के नियम 2ग या नियम 17क में निर्दिष्ट शर्तों का अनुपालन न करने के लिए बोर्ड द्वारा प्राधिकृत किया गया है।
4 जहां संस्थान या फंड को धारा 80छ की उप-धारा (5) के पहले परंतुक के वाक्यांश (ii) के अंतर्गत अनुमति संबंधी आवेदन प्रस्तुत करना आवश्यक है तो उक्त संस्थान या फंउ उस वाक्यांश के अंतर्गत दिए गए समय के अंदर आवेदन को प्रस्तुत करेगा।

अनुलग्नक च

VI. धारा 80छ की उप-धारा (5) के द्वितीय परंतुक के वाक्यांश (iii) के अंतर्गत पारित आदेशों के लिए (पुन: मंजूरी)

प्रपत्र 10कग

(नियम 11कक के अनुसार)

अनुमति निम्नलिखित शर्तों के अनुसार दी गई है :-

1 धारा 12कख के अंतर्गत दिया गया पंजीकरण या धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के अंतर्गत दी गई अनुमति विशेष उल्लंघनों के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त द्वारा निरस्त न किया गया हो जैसाकि धारा 12कख की उप-धारा (4) या धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के पांचवें परंतुक के अंतर्गत निर्दिष्ट किया गया है।
2 प्रपत्र 10क में अनुमति के लिए प्रपत्र सभी सूचनाएं या दस्तावेजों को देते हुए विधिवत तौर पर भरा गया हो और कोई गलत या असत्य सूचना या दस्तावेज न दिया गया हो।
3 संस्थान या फंड गतिविधि के प्रारंभ होने के 6 महीनों के अंदर या अनंतिम अनुमति की समाप्ति से पहले कम से कम 6 महीने पहले, जो भी पहले हो, के अंदर अनुमति के लिए आवेदन करेगा।
4 धारा 12कख के अंतर्गत दिया गया पंजीकरण या धारा 10 के वाक्यांश (23ग) के अंतर्गत दी गई अनुमति विशेष उल्लंघनों के लिए प्रधान आयुक्त या आयुक्त द्वारा निरस्त न किया गया हो जैसाकि आयकर नियम, 1962 के नियम 2ग या नियम 17क में निर्दिष्ट शर्तों का अनुपालन न करने के लिए बोर्ड द्वारा प्राधिकृत किया गया है।