आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 11/2019

परिपत्र की तिथि

19/06/2019

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

19/06/2019

परिपत्र सं. 11/2019

परिपत्र सं. 11/2019

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली दिनांक 19 जून, 2019

 

विषय : निर्धारण वर्ष 2017-18 से पहले आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115खखड़ के अंतर्गत विचारनीय आय के समक्ष हानि के समायोजन की गैर-स्वीकार्यता के संबंध में स्पष्टीकरण

 

प्रभावी तिथि 01.04.2017 से, आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 115खखड़ की उप-धारा (2) मुहैया कराती है कि जहां एक निर्धारिती की कुल आय में अधिनियम की धारा 68/69/69क/69ख/69ग/69घ हेतु संदर्भित कोर्इ आय शामिल हो तो किसी व्यय या भत्ते या किसी हानि के समायोजन के संबंध में कोर्इ कटौती अधिनियम की धारा 115खखड़(1) में संदर्भित किसी आय की गणना में अधिनियम के किसी प्रावधान के अंतर्गत निर्धारिती के लिए स्वीकार्य नहीं होगी।

2. इस संबंध में, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के ध्यान में लाया जा सकता है कि निर्धारण वर्ष 2017-18 से पहले के मूल्यांकन में, जब कुछ निर्धारण अधिकारियों ने धारा 68/69/69क/69ख/69ग/69घ के अंतर्गत उनके द्वारा किए गए संवर्धन के समक्ष हानियों को समायोजित किया है, कुछ मामलों में अधिनियम की धारा 115खखड़(1) के अंतर्गत की गर्इ वृद्धि के समक्ष हानियों का समायोजन स्वीकृत नहीं किया गया है। जैसाकि शब्द 'या किसी हानि का समायोजन' को शामिल करते हुए संशोधन प्रभावी तिथि 1 अप्रैल, 2017 से लागू होता है और निर्धारण वर्ष 2017-18 से लागू होता है निर्धारण वर्ष 2017-18 से पहले के वर्षों के निर्धारण में निर्धारण अधिकारियों द्वारा परस्पर विरोधी दृष्टिकोण अपनाया गया है। मामले को बोर्ड को संदर्भित किया गया है ताकि निर्धारण वर्ष 2017-18 से पहले की अवधि के लिए निर्धारण में धारा 115खखड़ के प्रावधानों को लागू करते हुए निर्धारण अधिकारी द्वारा एक तर्कयुक्त दृष्टिकोण को अपनाया जा सके।

3. बोर्ड ने मामले की जांच की है। बोर्ड के परिपत्र सं. 3/2017 दिनांक 20 जनवरी 2017 जिसमें अधिनियम की धारा 115खखड़(2) में किए गए संशोधन के संबंध में पैरा 46.2 में वित्त अधिनियम, 2016 के प्रावधानों हेतु स्पष्टीकरण टिप्पणी शामिल है, निर्दिष्ट करती है कि वर्तमान में धारा 115खखड़ में संदर्भित आय के समक्ष हानियों के समायोजन के मुद्दे पर अनिश्चितता है। यह आगे यह भी निर्दिष्ट करता है कि अधिनियम की धारा 115खखड़ के पूर्व-संशोधित प्रावधान ने इस आशय से संप्रेषित नही किया कि हानियां अधिनियम की धारा 115खखड़ में संदर्भित आय के समक्ष समायोजित होने के लिए स्वीकृत नहीं होगी और इसलिए संशोधन वित्त अधिनियम, 2016 के द्वारा किया गया था।

4. इसलिए स्पष्टीकरण हेतु किसी अस्पष्टता को दूर के लिए वित्त अधिनियम, 2016 के द्वारा धारा 115खखड़(2) में संशोधन के बाद वैधानिक मंशा को रखने के लिए, बोर्ड का मानना है कि चूंकि शब्द 'या किसी हानि का समायोजन' को वित्त अधिनियम, 2016, प्रभावी तिथि 01.04.2017 के द्वारा ही विशेष रूप से शामिल किया था, एक निर्धारिती निर्धारण वर्ष 2016-17 तक अधिनियम की धारा 115खखड़ के अंतर्गत निर्धारित आय के समक्ष हानि को समायोजित करने के दावे का हकदार है।

5. इस परिपत्र का विषय सभी हितधारकों और विभागीय अधिकारियों को सूचित करने के लिए विस्तृत तौर पर प्रसारित किया जा सकता है। इस मुद्दे पर लंबित निर्धारण और मुकद्मेबाजी को तद्नुसार संभाला जा सकता है।

6. हिंदी संस्करण अनुसरित किया जाना है

 

राजा राजेश्वरी आर.

अवर सचिव (आर्इटीए.II), सीबीडीटी

 

(एफ.सं. 225/45/2019-आर्इटीए.II)

 

निम्न को प्रति :

  1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस(एफ) का पीएस/एमओएस(एफ) का ओएसडी

  2. सचिव (राजस्व) का पीएस

  3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी

  4. समस्त प्रधान सीसीआर्इटी/प्रधान डीजीआर्इटी

  5. समस्त संयुक्त सचिव/सीआर्इटी, सीबीडीटी

  6. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

  7. सीआर्इटी (एमएंडटीपी), सीबीडीटी के आधिकारिक प्रवक्ता

  8. आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए प्रधान डीजीआर्इटी (पद्धति) कार्यालय

  9. विभागीय वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए अपर सीआर्इटी (डाटाबेस प्रकोष्ठ)

 

राजा राजेश्वरी आर.

अवर सचिव (आर्इटीए.II), सीबीडीटी