परिपत्र सं. 11/2016 : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 195 के अंतर्गत जमा अतिरिक्त टीडीएस के धारा 244क के अंतर्गत प्रतिदाय पर ब्याज का भुगतान - संबंधी
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 11/2016
परिपत्र की तिथि
26/04/2016
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
26/04/2016
परिपत्र सं. 11/2016
एफ. नं. 279/विविध/एम-140/2015-आर्इटीजे
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
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नर्इ दिल्ली, 26 अप्रैल, 2016
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 195 के अंतर्गत जमा अतिरिक्त टीडीएस के धारा 244क के अंतर्गत प्रतिदाय पर ब्याज का भुगतान - संबंधी
कर की कटौती करने वाले व्यक्ति हेतु आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 195 के अंतर्गत स्रोत पर कर कटौती की प्रतिदाय की प्रक्रिया में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड की परिपत्र सं. 7/2007 दिनांक 23.10.2007 में निरूपित है। परिपत्र सं. 7/2007 निर्दिष्ट करता है कि अधिनियम की धारा 244क के अंतर्गत कोर्इ ब्याज परिपत्र सं. 769 अथवा परिपत्र 790 दिनांक 20.4.2000 के अनुसार पहले से स्वीकृत प्रतिदाय पर अथवा परिपत्रों के अनुसार दिए गए प्रतिदाय पर स्वीकार्य नहीं है।
2. कर कटौतीकर्ता हेतु अतिरिक्त टीडीएस के प्रतिदाय पर ब्याज के लिए पात्रता का निगर्मन विवाद तथा मुकद्मेबाजी का विषय हो गया है। माननीय उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिनांक 26.02.2014 के अनुसार टाटा कैमिकल लिमिटेड1, सिविल अपील नं. 6301/2011 की स्थिति में संघटित किया है कि ष्निर्धारित हेतु देययोग्य तथा देय प्रतिदाय कर्ज बकाया है तथा राजस्व द्वारा देययोग्य है। सरकार, यहां राजस्व द्वारा एकत्रित राशि/कर के अतिरिक्त प्रतिदाय पर ब्याज के भुगतान के लिए कोर्इ सांविधिक प्रावधान के तौर पर नहीं है, ऐसी मुद्रा के प्रतिधारण पूर्ववत की अवधि के लिए उपार्जित ब्याज के साथ कटौतीकर्ता वैध मुद्रा की प्रतिपूर्ति हेतु इसके स्पष्ट दायित्व को नहीं झटक सकते। बिना अधिकार वाली राशि की प्राप्ति वाले राष्ट्र तथा बरकरार तथा उसके प्रयोग के लिए, पक्ष का अच्छा होना अनिवार्य है जैसा सिर्फ व्यक्ति के तौर पर उन्हीं परिस्थितियों के अंतर्गत हो। अधिकार के बिना रखे तथा प्राप्त प्रतिदाय राशि हेतु कार्य ब्याज हेतु इसके साथ प्रयोग तथा व्यवहार किया जाता है।
3. उच्चतम न्यायालय के उक्त निर्णय को देखते हुए यह सुनिश्चित किया जाता है कि यदि एक निवासी कटौतीदाता अधिनियम की धारा 195 के अंतर्गत जमा कर के प्रतिदाय का हकदार है तो इसे ऐसे कर के भुगतान की तिथि से अधिनियम की धारा 244क के अंतर्गत ब्याज के साथ प्रतिदाय होना है।
4. तद्नुसार, यह सलाह दी जाती है कि कोर्इ अपील विभाग के अधिकारियों द्वारा इस आधार पर दाखिल नहीं की जा सकती तथा इस मुद्दे पर पहले से दाखिल अपील को प्रकाशित नहीं किया जा सकता।
5. उक्त को संमस्त संदर्भितों के ध्यान में लाया जा सकता है।
(साधना पंवार)
उप आयकर आयुक्त, (ओएसडी)(आर्इटीजे),
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली
निम्न को प्रति :
1. अध्यक्ष, सदस्य तथा अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अधिकारी
2. ओएसडी से राजस्व सचिव
3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त व समस्त आयकर महानिदेशक, समस्त अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए अनुरोध के साथ
4. प्रमुख आयकर महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, नागपुर
5. प्रमुख आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए सेंटर, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली
6. प्रमुख आयकर महानिदेशक (सर्तकता), नर्इ दिल्ली
7. एडीजी (पीआर, पीपी व ओएल), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली सामान्य मेलिंग सूची के अनुसार परिपत्र के लिए तथा त्रैमासिक कर बुलेटिन में मुद्रण के लिए
8. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक
9. एडीजी-4 (पद्धति) आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए
10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ
11. गार्ड फाइल
(साधना पंवार)
उप आयकर आयुक्त (ओएसडी)(आर्इटीजे),
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली
1. 2014 - एल एल - 0226-164 एन जे आर एस साइटेशन

