आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 10/2016

परिपत्र की तिथि

26/04/2016

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

26/04/2016

 परिपत्र सं. 10/2016

परिपत्र सं. 10/2016

 

 

एफ. नं. 279/विविध/एम-140/2015-आर्इटीजे

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

******

नर्इ दिल्ली, 26 अप्रैल, 2016

 

विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 271घ तथा 271ड़ के अंतर्गत जुर्माना प्रक्रियाओं के लिए सीमितता - संबंधी

 

मुद्दा कि क्या आयकर अधिनियम, 1961 (तत्पश्चात् अधिनियम के तौर पर संदर्भित) की धारा 271घ तथा 271ड़ के अंतर्गत जुर्माने के अधिरोपण की सीमितता अधिनियम की धारा 275(1)(क) अथवा धारा 275(1)(ग) के अंतर्गत निर्धारित है, ने विचारनीय मुकद्मेबाजी को वृद्धि दी है।

माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय ने आर्इटीए नं. 232/2014 में अपने आदेश दिनांक 21.05.2014 के द्वारा आयकर आयुक्त बनाम वर्ल्ड वाइड टाउनशिप प्रोजेक्ट लि.1 की स्थिति में मुद्दे पर विचार किया तथा महसूस किया कि "यह अच्छी तरह से तय है कि इस प्रावधान के अंतर्गत एक जुर्माना मूल्यांकन से स्वतंत्र है। जुर्माने के अधिरोपण को आमंत्रित करने वाली कार्यवाही निर्धारित सीमा के ऊपर ऋण को स्वीकृत करता है, बैंकिंग चैनलों के माध्यम की तुलना में तथा अधिनियम की धारा 269धध के ऐसे उल्लंघन आय से संबंधित नहीं है जिसे मूल्यांकित अथवा अंतिम रूप से समायोजित किया जा सकता है। इसे देखते हुए अधिनियम की धारा 275(1)(क) स्वीकार्य नहीं होगा तथा धारा 275(1)(ग) के प्रावधानों लागू होंगे"। निर्णय को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा स्वीकृत किया गया है।

3. उक्त को देखते हुए, यह निश्चित स्थिति है कि अधिनियम की धारा 271घ तथा 271ड़ के अंतर्गत जुर्माना प्रक्रिया की अवधि अधिनियम की धारा 275(1)(ग) के प्रावधानों द्वारा शासित है। इसलिए, इन प्रावधानों के अंतर्गत जुर्माने के अधिरोपण के लिए सीमितता अवधि उस वित्त वर्ष की समाप्ति होगी जिसमें कार्यवाही, जिसकी अवधि में जुर्माने के अधिरोपण के लिए कार्यवाही को प्रारंभ किया गया है, पूर्ण होती है अथवा माह जिसमें जुर्माने के अधिरोपण के लिए प्रारंभ होता है, की समाप्ति से छह महीने के भीतर हो, जो भी पहले हो। सीमितता अवधि अधिनियम की धारा 275(1)(क) में संदर्भित मूल्यांकन अथवा अन्य आदेश के समक्ष अपील की लंबिता पर आश्रित नहीं है।

4. तद्नुसार, किसी अपील को अब से विभाग के अधिकारियों द्वारा इस आधार पर दाखिल किया जा सकता है तथा विभिन्न न्यायालयों/न्यायाधिकरणों के समक्ष इस मुद्दे पर पहले से दाखिल अपील, यदि हो, को प्रकाशित नहीं किया जा सकता।

5. उक्त को संमस्त संदर्भितों के ध्यान में लाया जा सकता है।

 

(साधना पंवार)

उप आयकर आयुक्त, (ओएसडी)(आर्इटीजे),

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली

 

निम्न को प्रति :

  1. अध्यक्ष, सदस्य तथा अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अधिकारी

  2. ओएसडी से राजस्व सचिव

  3. समस्त प्रधान मुख्य आयकर अधिकारी व समस्त आयकर महानिदेशक, समस्त अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए अनुरोध के साथ

  4. प्रमुख आयकर महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, नागपुर

  5. प्रमुख आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए सेंटर, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली

  6. प्रमुख आयकर महानिदेशक (सर्तकता), नर्इ दिल्ली

  7. एडीजी (पीआर, पीपी व ओएल), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली, सामान्य मेलिंग सूची (100 प्रतियां) के अनुसार परिपत्र के लिए तथा त्रैमासिक कर बुलेटिन में मुद्रण के लिए

  8. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

  9. एडीजी-4 (पद्धति) आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए

10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ

11. गार्ड फाइल

 

(साधना पंवार)

उप आयकर आयुक्त (ओएसडी)(आर्इटीजे),

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली

 

  1. 2014 - एल एल - 0521-71 (एनजेआरएस)