परिपत्र सं. 5/2014, 11-2-2014 दिनांक : परिपत्र सं. 5/2014, 11-2-2014 दिनांक
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 5/2014, 11-2-2014 दिनांक
परिपत्र की तिथि
11/02/2014
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
11/02/2014
सर्कुलर संख्या : 5/2014
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
प्रत्यक्ष कर का केन्द्रीय बोर्ड
नार्थ ब्लॉक, नर्इ दिल्ली
दिनांकित रू 11 फरवरी 2014
विषय : मामले में आयकर की धारा 14ए के तहत व्यय के बिना भत्ते के सम्बन्धित स्पष्टीकरण जहां समरूपी मुक्त आय, वित्तीय वर्ष के दौरान कमाएं नहीं जाते है - संदर्भित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 14ए, आय से सम्बंध में व्यय के बिना भत्ते के लिए प्रदान, कुल आय में शामिल नहीं है।
2. निश्चित मामलों में विवाद खड़े हो जाते है जहां इन मामलों में अधिनियम की धारा 14ए के लागू होने पर गैर-भत्ता बनाया जाता है जहां कोर्इ भी आय, मूल्यांकन के द्वारा नहीं कमार्इ जाती है जो कि वित्तीय वर्ष के दौरान मुक्त के रूप में क्लेम होता है।
3. मामला का बोर्ड में परीक्षण किया जाता है। यह बताना आवश्यक है कि अधिनियम की धारा 14ए, 01.04.1962 से सापेक्ष प्रभाव के साथ वित्त अधिनियम 2001 के द्वारा प्रस्तावित किया गया। अधिनियम के आरम्भ से ही सापेक्ष प्रभाव के साथ धारा 14ए प्रस्तावना के लिए उद्देश्य की जाती है जो कि निम्म के तहत सकुर्लर नम्बर 14 के 2001 के अनुरूप स्पष्टीकरण की जाती है -
निश्चित आय, सम्मिलित नहीं होती है जबकि कुल आय की गणना, अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत मुक्त होते है। यहां इस प्रकार के मामले होते है जहां कमी, इस प्रकार के मुक्त आय के संदर्भ में क्लेम किया जाता है। इसमें प्रभाव का अर्थ होता है कि कर इनसेटिंव, मुक्त के रास्ते के द्वारा, आय की निश्चित श्रेणी, कर योग्य आय के विपरीत मुक्त आय कमाने के लिए कर्ज लेकर किया गया व्यय के द्वारा गैर - मुक्त आय पर कर योग्य की कमी भी उपयोग में लार्इ जा सकती है। यह कर्ज के आधारभूत सिद्धान्तों के खिलाफ है जहां सिर्फ कुल आय जो कि कुल आय से व्यय को घटा दें का ही कर है। इसी गणना पर, कुल आय के संदर्भ में मुक्त होती है। व्यय, सिर्फ खर्च के योग्य ही होता है वे कर योग्य आय को कमाने के लिए सम्बंध योग्य होते है।
इस प्रकार, वैधानिक उद्देश्य स्वीकार होता है कि व्यय जो कि आय से सम्बंधित योग्य होता है और इसके अलावा, इसे फॉलो करता है कि व्यय जो कि मुक्त आय की कमार्इ से सम्बंधित होता है और जिसे गैर - भत्ता के रूप में माना जाता है, तथ्यों के गैर-संदर्भित जहां इस प्रकार की आय वित्तीय वर्ष के दौरान कमार्इ जाती है।
4. ऊपरी स्थिति को आगे स्पष्ट किया जाएगा, वो भी अधिनियम की धारा 14 ए से हेडिंग में इन्क्लूडिबल शब्द का उपयोग करने के द्वारा और आर्इ.टी. नियम 1962 के नियम 8डी से हेडिंग के द्वारा भी जो कि दर्शार्ता है कि यह आवश्यक नहीं है कि मुक्त आय, प्रेरित करने को गैर-भत्ता के लिए विशेष वार्षिक आय में सम्मिलित होनी चाहिये। इसके अलावा, अधिनियम की धारा 14ए, वार्षिक आय जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करती है लेकिन अधिनियम के तहत आय जैसे शब्द का इस्तेमाल करती है। यह दर्शाता है कि धारा 14ए के तहत गैर-भत्ता कोर्इ सामग्री नहीं है कि मूल्यांकन, विचार के तहत वित्तीय वर्ष के दौरान इस प्रकार की मुक्त आय को कमाना चाहिये।
5. उक्त पद आर्इ टी नियम के नियम 8 डी (2(दो)) तथा 8डी(2)(तीन) की भाशा के तहत रहेगी जिसका विवरण नीचे दिया गया है।
''2'' यदि करदाता ने बीते साल में ब्याज के रुप में खर्च कर दिया हो जो कि सीधे तौर पर किसी विशेष आय में समाहित नहीं है या एक राषि विषेश निम्न सूत्र के अनुसार दर्ज की गर्इ हो ।
अ गुणा ब /स
जहाँ़ ़ ़ ़ ़ ़ ़ ़ ़ ़ ़
ब¾ पिछले वर्श के पहले तथा आखिरी दिन निवेष की औसत राषि,करदाता की आय जो संपूर्ण आय का हिस्सा नहीं हो या होना नहीं चाहिए
(3)राषि निवेष के राषि का डेढ प्रतिषत होना चाहिए, आय कुल आय का अंष भाग नहीं हो या नहीं होना चाहिए।
एम्पसिस जोडा गया
6़़ ़ इस प्रकार से, उक्त तथ्यों की रोषनी में, केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, अधिनियम की धारा119 के तहत अपनी "ाक्तियों का प्रयोग करते हुए यह स्पश्टीकरण देते है कि नियम 8 डी को धारा 14 ए के साथ पढते हुए उस खर्च पर भी पाबंदी लगाता है जिसमें किसी साल विषेश में कर दाता ने कोर्इ छूट वाली आय की हो।
7़ यह सभी संबंधित के ध्यान में लाया जाए।
8़हिन्दी संस्करण पालन करने के लिए।
रोहित गर्ग
डिप्टी सेके्रट्री
(एफ संख्या 225/182/2013-आर्इटीए-2)
प््रतिलिपि :
1. अध्यक्ष तथा सीबीडीटी के सभी सदस्य
2. आयकर(सिस्टम) के महानिदेषक के आदेष पर वेबसाइट पर अपलोड
3. आयकर विभाग के सभी मुख्य आयुक्त/महानिदेषक
4. सीबीडीटी के सभी अधिकारियों तथा तकनीकी विभाग
5. आयकर(इन्वेण्) निदेषक/आर्इ तथा ऑडिट/विजीलेंस/इन्वे़/आरएसपी तथा पीआर्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र्र/रिकवरी
6. भारत के सी तथा एजी
7. निरीक्षण (बुलेटिन),नर्इ दिल्ली के सह निदेषक
8. विधि तथा कानून मंत्रालय, नर्इ दिल्ली के जे एस तथा विधिक सलाकार
9. आयकर निदेषक, (ओ तथा एम एस) नर्इ दिल्ली
10.सीबीडीटी का आर्इ टी सीसी विभाग (तीन प्रतियां )
11. एनआर्इसी, एम/ओ. वित वैबसाइट पर अपलोड करने के लिए
12. डाटाबेस सैल को आर्इआरएस अधिकारी वैबसाइट पर अपलोड करने के लिए
13. गार्ड फाइल
रोहित गर्ग
डिप्टी सेके्रट्री भारत सरकार

