सीबीडीटी द्वारा नकद पैसे निकालने पर लागू होने वाली टीडीएस दरों को सुनिश्चित करने हेतु प्रदान की जाने वाली यूटिलिटी
रिलीज़ दिनांक
12/07/2020
Document Content
भारत सरकार
राजस्व विभाग
वित्त मंत्रालय
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 12 जुलाई, 2020
प्रेस विज्ञप्ति
सीबीडीटी द्वारा नकद पैसे निकालने पर लागू होने वाली टीडीएस दरों को सुनिश्चित करने हेतु प्रदान की जाने वाली यूटिलिटी
आयकर विभाग ने बैंकों और डाकघरों, जिसके माध्यम से वह आयकर विवरणी को दाखिल न करने वाले के मामले में रू. 20 लाख से अधिक और आईटीआर के दाखिलकर्ता के मामले में रू. 1 करोड़ से अधिक के नकद निकालने पर लागू होने वाली टीडीएस दरों को सुनिश्चित किया जा सकता है, के लिए एक नई कार्यप्रणाली की सुविधा प्रदान की है। अभी तक, इस सुविधा पर रू. 53,000 से अधिक की सत्यापन अनुरोध को सफलतापूर्वक निष्पादित किया जा चुका है।
इस सुविधा को 1 जुलाई, 2020 से www.incometaxindiaefiling.gov.in पर धारा 194ढ के अंतर्गत लागू होने वाले सत्यापन के तौर पर उपलब्ध कराई गई है और वेब-सेवाओं के माध्यम से बैंकों को भी उपलब्ध कराई गई है ताकि पूर्ण प्रक्रिया को स्वचालित किया जा सके और बैंक के आंतरिक कोर बैंकिंग सॉल्यूशन से जोड़ा जा सके।
यह निर्दिष्ट किया जाता है कि अब बैक/डाक घर को टीडीएस की लागू होने वाली दर को सुनिश्चित करने के लिए केवल उस व्यक्ति के पैन को डालना होगा जो नकद पैसे निकाल रहा है। पैन संख्या डालने पर, विभागीय यूटिलिटी पर तुरंत एक संदेश प्रदर्शित होगा : "टीडीएस 2 प्रतिशत की दर पर काटा जाता है यदि निकाली गई नकद राशि रू.1 करोड़ से अधिक है" [यदि नकद निकालने वाला व्यक्ति आईटीआर का दाखिलकर्ता है] और "टीडीएस 2 प्रतिशत की दर पर काटा जाता है" यदि निकाली गई राशि रू. 20 लाख से अधिक है और 5 प्रतिशत की दर पर काटा जाता है यदि राशि रू. 1 करोड़ से अधिक है [यदि नकद निकालने वाला व्यक्ति आईटीआर का दाखिलकर्ता नहीं है]
आगे यह निर्दिष्ट किया जाता है कि नकद पैसे निकालने पर डेटा इंगित करता है कि बड़ी मात्रा में नकद उस व्यक्ति द्वारा निकाला जा रहा है जिसने कभी भी आयकर विवरणी दाखिल नहीं की। इन व्यक्तियों द्वारा विवरणी के दाखिलीकरण को सुनिश्चित करने के लिए और काले धन की राशि को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी तिथि 1 जुलाई, 2020 से वित्त अधिनियम, 2020 को दाखिल न करने वाले व्यक्तियों के लिए इस टीडीएस को लागू करने के लिए रू. 20 लाख की प्रारंभिक सीमा को कम करने के लिए आयकर अधिनियम, 1961 को और अधिक संशोधित किया गया है और दाखिल न करने वाले व्यक्तियों द्वारा 1 करोड़ से अधिक के नकद राशि पर 5 प्रतिशत की अधिकतम दर पर टीडीएस को अनिवार्य किया गया है।
यह भी ध्यान दिया जा सकता है कि नकद पैसे निकालने के प्रचलन को हतोत्साहित करने और नकद रहित अर्थव्यवस्था को ओर आगे बढ़ने के लिए वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 में कुछ छूट के अनुसार एक बैंक/डाक घर खातों से रू. 1 करोड़ से अधिक के नकद पैसे निकालने पर 2 प्रतिशत की दर से टीडीएस लगाने के लिए प्रभावी तिथि 1 सितंबर, 2019 से आयकर अधिनियम, 1961 में धारा 194ढ को शामिल किया गया था।
(सुरभि आहलूवालिया)
आयकर आयुक्त
(मीडिया व तकनीकी नीति)
आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

