आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

02/09/2020

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भारत सरकार

राजस्व विभाग

वित्त मंत्रालय

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 2 सितंबर, 2020

 

प्रेस विज्ञप्ति

सीबीडीटी द्वारा अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के लिए आईटीआर दाखिलीकरण अनुपालन जांच कार्यप्रणाली की उपलब्धता

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 138(1)(क) के अंतर्गत दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए, अधिनियम की धारा 138 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (क) के उप-वाक्यांश (ii) के अंतर्गत अधिसूचना सं. 71/2020 दिनांक 31.08.2020 के द्वारा अधिसूचित अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को आईटी विवरणी दाखिलीकरण स्थिति के बारे में सूचना को प्रस्तुत करने के लिए एफ.नं. 225/136/2020/आईटीए.II दिनांक 31-8-2020 में आदेश जारी किया है।

नकदी निकालने संबंधी आंकड़े दर्शाते हैं कि बड़ी मात्रा में नकद उन व्यक्तियों द्वारा निकाला जा रहा है जिन्होनें कभी आयकर विवरणी दाखिल ही नहीं की। इन व्यक्तियों द्वारा विवरणी के दाखिलीकरण को सुनिश्चित करने के लिए और गैर-दाखिलकर्ताओं द्वारा नकद निकासी पर नजर रखने और काला धन पर रोक लगाने के लिए, प्रभावी तिथि 1 जुलाई, 2020 से वित्त अधिनियम, 2020, आयकर अधिनियम, 1961 को आगे संशोधित किया गया ताकि दाखिल न करने वालों के लिए टीडीएस को लागू करने के लिए नकद निकालने की प्रारंभिक सीमा को रू. 20 लाख तक कम किया जा सके और दाखिल न करने वालों द्वारा रू. 1 करोड़ से अधिक की नकद निकासी पर 5 प्रतिशत की अधिकतम दर पर टीडीएस को अनिवार्य किया जा सके।

आयकर विभाग ने 1 जुलाई, 2020 से बैंकों और डाकघरों के लिए www.incometaxindiaefiling.gov.in पर धारा 194ढ़ के अंतर्गत "प्रयोज्यता के सत्यापन" की कार्यप्रणाली को पहले ही उपलब्ध करा दिया है। इस कार्यप्रणाली के माध्यम से, बैंक/डाकघर उस व्यक्ति के पैन को डालते हुए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194ढ़ के अंतर्गत टीडीएस की दर को लागू कर सकेगा जो नकद निकाल रहा है।

विभाग ने अब एक नई कार्यप्रणाली "आईटीआर दाखिलीकरण अनुपालन जांच" को जारी किया है जो एक साथ कई पैन की आयकर विवरणी दाखिलीकरण स्थिति को जांचने के लिए अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) के पास उपलब्ध होगी। प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) ने अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को अधिसूचित सूचना मुहैया कराने के लिए प्रक्रिया और प्रारूप को अधिसूचित किया है। कार्यप्रणाली का प्रयोग करते हुए प्रमुख फीचर इस प्रकार हैं :

  क. "आईटीआर दाखिलीकरण अनुपालन जांच" का निर्धारण - प्रधान अधिकारी व एससीबी के नामित निदेशक, जो आयकर विभाग के रिर्पोटिंग पोर्टल (https://report.insight.gov.in) के साथ पंजीकृत है अपने विवरणों का प्रयोग करते हुए रिर्पोंटिंग पोर्टल में लॉगिन करने के बाद कार्यप्रणाली का प्रयोग करेंगे। सफलतापूर्वक लॉगिन करने के बाद, कार्यप्रणाली "आईटीआर दाखिलीकरण अनुपालन जांच" हेतु लिंक रिर्पोंटिंग पोर्टल के मुख्य पृष्ठ पर दर्शाया जाएगा।

  ख. पैन वाली अनुरोध (इनपुट) फाइल को तैयार करना : पैन ब्यौरा डालने के लिए सीएसवी टैंपलेट को "आईटीआर दाखिलीकरण अनुपालन जांच" पृष्ठ पर "सीएसवी टैंपलेट डाउनलोड" बटन पर क्लिक करके डाउनलोड किया जा सकता है। पैन, जिसके लिए आयकर विवरणी दाखिलीकरण स्थिति आवश्यक है, उसे डाउनलोड की गई सीएसवी टैंपलेट में डाला जाना आवश्यक है। एक फाइल में पैन की वर्तमान सीमा 10,000 है।

  ग. इनपुट सीएसवी फाइल की अपलोडिंग : इनपुट एससीवी फाइल को अपलोड एससीवी बटन पर क्लिक करके अपलोड किया जा सकता है। अपलोडिंग के दौरान, "संदर्भ वित्त वर्ष" को चुना जाना आवश्यक है। संदर्भ वर्ष वह वर्ष है जिसके लिए परिणाम आवश्यक है। यदि चुना गया संदर्भ वर्ष 2020-21 है तो परिणाम निर्धारण वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के लिए उपलब्ध होगा। अपलोड की गई फाइल, अपलोड की गई स्थिति को प्रदर्शित करेगा।

  घ. आउटपुट सीएसवी फाइल की डाउनलोडिंग : प्रसंस्करण के बाद, डाले गए पैन की आईटी विवरणी दाखिलीकरण स्थिति वाली सीएसवी फाइल डाउनलोड के लिए उपलब्ध होगी और "स्थिति" उपलब्ध होने के लिए परिवर्तित होगा। आउटपुट सीएसवी फाइल में पैन, पैनधारक का नाम (मास्क्ड) पिछले तीन निर्धारण वर्षों के लिए आयकर विवरणी स्थिति होगी। फाइल को डाउनलोड किए जाने के बाद, स्थिति डाउनलोडिड पर परिवर्तित होगी और फाइल के उपलब्ध होने के 24 घंटों के बाद डाउनलोड लिंक समाप्त हो जाएगा और स्थिति भी समाप्त हो चुकी है के तौर पर परिवर्तित होगी।

अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक बैंक कोर बैंकिंग सॉल्यूशन के साथ प्रक्रिया को स्वचालित और एकीकृत करने के लिए एपीआई आधारित विनिमय का भी प्रयोग कर सकते हैं। अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को सूचना की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट की गई भूमिका और जिम्मेदारियों के साथ उपयुक्त सूचना सुरक्षा नीतियों और प्रक्रियाओं को रिकॉर्ड और कार्यान्वित करना आवश्यक है।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी