सीबीडीटी द्वारा आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत उल्लंघनों को तय करने के लिए संशोधित दिशानिर्देशों का निगर्मन
रिलीज़ दिनांक
17/09/2022
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भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 17 सिंतबर, 2022
प्रेस विज्ञप्ति
सीबीडीटी द्वारा आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत उल्लंघनों को तय करने के लिए संशोधित दिशानिर्देशों का निगर्मन
व्यापार करने को आसान करने की सरकार की नीति का अनुपालन करते हुए और उल्लंघनों को वैध करते हुए, सीबीडीटी ने इस दिशा में कदम उठाए हैं और अधिनियम के अभियोजन प्रावधानों के अंतर्गत आने वाले विभिन्न उल्लंघनों के संदर्भ में आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) के अंतर्गत उल्लंघनों को तय करने के लिए संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं।
करदाताओं के लाभ के लिए कुछ प्रमुख परिवर्तनों में समझौतों के तौर पर अधिनियम की धारा 276 के अंतर्गत दंडनीय अपराध करना शामिल हैं। आगे, मामलों को तय करने की पात्रता के दायरा की छूट दी गई है जिसके तहत उन आवेदकों के मामले में जिसे पहले समझौता न करने के तौर पर 2 वर्षों से कम के लिए करावास सहित दोषी ठहराया गया है, वह अब समझौता कर रहे हैं। सक्षम प्राधिकारियों के पास उपलब्ध निर्णय को उपयुक्त तौर पर प्रतिबंधित भी किया गया है।
समझौता आवेदनों की स्वीकृति की समय सीमा को पहले की 24 महीनों से अब शिकायत करने की तिथि से 36 महीने किया गया है। प्रक्रियात्मक जटिलताओं को भी कम/सरल किया गया है।
विशेष उच्च सीमाओं को अधिनियम के कई प्रावधानों में गलतियों को शामिल करते हुए समझौता शुल्क के लिए प्रारंभ किया गया है। 3 महीनों तक प्रति महीने 2 प्रतिशत और 3 महीनों से अधिक के लिए प्रति महीने 3 प्रतिशत की दर पर दंडात्मक ब्याज के रूप में अतिरिक्त समझौता शुल्क को क्रमश: 1 और 2 प्रतिशत तक कम किया गया है।
उल्लंघनों को तय करने के लिए संशोधित दिशानिर्देश दिनांक 16.09.2022 http://www.incometaxindia.gov.in पर उपलब्ध है।
(सुरभि आहलूवालिया)
प्रधान आयकर आयुक्त (ओएसडी)
(मीडिया व तकनीकी नीति)
आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी

