आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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रिलीज़ दिनांक

07/09/2021

Document Content

 

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

 

नई दिल्ली, 7 सितंबर, 2021

 

प्रेस विज्ञप्ति

 

सीबीडीटी द्वारा चेहरारहित निर्धारण कार्यवाहियों में प्रस्तुत किए गए इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड को प्रमाणित करने को आसान बनाने के लिए आयकर नियम, 1962 का संशोधन

 

चेहरारहित निर्धारण कार्यवाहियों में इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड को प्रमाणित करने प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने अधिसूचना सं. जी.एस.आर. 616(ई) दिनांक 6 सितंबर, 2021 के द्वारा आयकर नियम, 1962 ('नियम') को संशोधित किया है। संशोधित नियम बताते हैं कि आयकर विभाग के पोर्टल पर करदाताओं के पंजीकृत खातों के माध्यम से प्रस्तुत किए गए इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड को इलैक्ट्रानिक सत्यापन कोड (ईवीसी) द्वारा करदाताओं की ओर से प्रमाणीकृत किया जा चुका है समझा जाएगा। इसलिए, जहां एक व्यक्ति आयकर विभाग के नामित पोर्टल में अपने पंजीकृत खाते में लॉगिन करके इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड को प्रस्तुत करता है तो यह समझा जाएगा कि इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड को आयकर अधिनियम, 1961 ('अधिनियम') की धारा 144ख(7)(i)(ख) के लिए ईवीसी द्वारा प्रमाणीकृत किया जा चुका है।

हालांकि, अधिनियम की धारा 144ख(7)(i)(ख) के मौजूदा प्रावधानों के अंतर्गत ईवीसी द्वारा प्रमाणीकरण की सरल प्रक्रिया कुछ व्यक्तियों (जैसे कंपनी, कर अंकेक्षण मामलों आदि) के लिए उपलब्ध नही है और इनको आवश्यक तौर पर डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड को प्रमाणीकृत करना है। इन व्यक्तियों को ईवीसी द्वारा प्रमाणीकरण की सरल प्रक्रिया का लाभ देने के लिए, इन व्यक्तियों को भी ईवीसी द्वारा प्रमाणीकरण की आसान प्रक्रिया देने का निर्णय लिया गया है। इसलिए, जिन व्यक्तियों को डिजिटल हस्ताक्षर द्वारा इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड प्रमाणीकृत करना आवश्यक है, तो जब वह आयकर विभाग के पोर्टल पर अपने पंजीकृत खाते के माध्यम से रिकॉर्ड को प्रस्तुत करते हैं तब इलैक्ट्रानिक रिकॉर्ड को प्रमाणीकृत किया जा चुका है समझा जाएगा। इस संबंध में कानून संबंधी संशोधन समय रहते प्रस्तावित किए जाऐंगे।

 

(सुरभि आहलूवालिया)

आयकर आयुक्त

(मीडिया व तकनीकी नीति)

आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी