पर्याप्त प्रतिफल के बिना पति या पत्नी को हस्तांतरित संपत्ति से आय को अंतरणकर्ता पति या पत्नी की आय के साथ जोड़ा जा सकता है?
विषय
आय के संयोजन पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
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धारा 64 (1)(iv) के अनुसार अगर एक व्यक्ति (प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से) अपनी संपत्ति (गृह संपत्ति के आलावा अन्य) बिना किसी पर्याप्त प्रतिफल के अपने पति या पत्नी को हस्तांतरित करते हैं तो ऐसी संपत्ति से आय को व्यक्ति (अर्थात, अंतरणकर्ता) की आय के साथ जोड़ दिया जायेगा। पर्याप्त प्रतिफल के बिना गृह संपत्ति के हस्तांतरण से होने वाली आय भी संयोजन के प्रावधानों को आकर्षित करेगी, हालांकि, ऐसे किसी मामले में जोड़ना धारा 27 के अनुसार किया जायेगा धारा 64 (1)(iv) के तहत नहीं। अगर प्राप्त कर्ता पति या पत्नी संपत्ति के स्वरुप को बदल देते हैं, धारा 64 (1)(iv) की संयोजन के प्रावधान तब भी लागू होंगें। कुछ स्थितियां ऐसी भी हैं जिनमें धारा 64 (1)(iv) के संयोजन के प्रावधान लागू नहीं होते (इन स्थितियों के लिए अगले पूछे जाने वाले प्रश्न देखें)।
उदाहरण ग
श्री सोहम श्यामल खनिज लिमिटेड के 8,400 डिबेंचरों को धारण करते हैं। उन्होंने इन इन डिबेंचरों को अपनी पत्नी को भेंट कर दिया। क्या डिबेंचर से प्राप्त आय श्री सोहम की आय के साथ जोड़ा जाएगा?
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इस स्थिति में, डिबेंचर जीवनसाथी को स्थानांतरित किया जा रहा है। स्थानांतरण उपहार के माध्यम से किया गया है (अर्थात किसी भी प्रतिफल के बिना) और, इसलिए, हस्तांतरित संपत्ति से आय, अर्थात, ऐसे डिबेंचरों पर ब्याज श्री सोहम की आय के साथ जोड़ दिया जाएगा।
उदाहरण घ
श्री कपूर ने 8,40,000 रुपये अपनी पत्नी को भेंट किया। उक्त रकम को पत्नी ने एक कंपनी की डिबेंचर में निवेश कर दिया। क्या उपहार के पैसे से श्रीमती कपूर द्वारा खरीदे गए डिबेंचर से आय को श्री कपूर की आय के साथ जोड़ा जायेगा?
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8,40,000 रुपये जीवनसाथी को हस्तांतरित किया गया है। रकम उपहार के माध्यम से स्थानांतरित की गयी है (अर्थात किसी भी प्रतिफल के बिना) और, इसलिए, धारा 64 (1)(iv) के प्रावधान लागू होंगे। संयोजन के प्रावधान तब भी लागू होंगे जब संपत्ति के रूप को अंतरिती-जीवनसाथी ने बदल दिया हो।
इस मामले में हस्तांतरित परिसंपत्ति पैसा है और, बाद में, परिसंपत्ति के रूप को डिबेंचरों में बदल दिया जाता है, इसलिए, पति द्वारा उपहार में दिये गए पैसे से खरीदे गए डिबेंचर से प्राप्त आय को उसके पति की आय के साथ जोड़ दिया जायेगा। इस प्रकार, श्रीमती कपूर द्वारा डिबेंचर पर प्राप्त ब्याज की आय को श्री कपूर की आय के साथ जोड़ दिया जायेगा।

