9 : परिपत्र: सं 9, 9-7-2001 दिनांकित
परिपत्र सं.
9
परिपत्र की तिथि
09/07/2001
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
09/07/2001
916. अनुभाग 172 के तहत भुगतान कर के उपचार के बारे में स्पष्टीकरण (3) / (4) शिपिंग कारोबार में लगे एक अनिवासी द्वारा
1बोर्ड पहले (3) शिपिंग कारोबार में लगे एक अनिवासी द्वारा अनुभाग 172 के तहत भुगतान कर के उपचार के बारे में सर्कुलर नंबर 730 जारी किया था. खंड 172, से संबंधित या एक अनिवासी द्वारा चार्टर्ड एक जहाज यात्रियों को ले जाने, भारत में एक बंदरगाह से एक यात्रा बना देता है हर समय के प्रावधानों के तहत राशि का प्रतिशत भारत, 7.5 में एक बंदरगाह पर भेज दिया पशुधन, मेल या माल या भुगतान आदि यात्रियों की ढुलाई के कारण देय आय और कर एक विदेशी कंपनी के लिए लागू दर से ऐसी आय पर लगाया जाता है के रूप में समझा जाता है. मूल्यांकन और भुगतान जहाज बंदरगाह मंजूरी दे दी है से पहले किया जाना है. अपवाद आयकर रिटर्न दाखिल किया और कर का भुगतान जहाज के प्रस्थान के 30 दिनों के भीतर किया जाता है, तो यह सुनिश्चित करें कि बना रहे हैं उपयुक्त मामलों में जहाज प्रदान की संतोषजनक व्यवस्था छोड़ने की अनुमति दी जा सकती है, वह यह है.
प्र.20. खंड 172 के प्रावधानों के तहत (7), अनिवासी मालिक या चार्टरर अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अनुसार पिछले वर्ष की उसकी कुल आय पर मूल्यांकन किया जा करने के लिए एक विकल्प की अनुमति दी है. इस तरह के विकल्प का प्रयोग किया जाता है और एक आकलन सही किया जाता है, पहले से ही अनिवासी मालिक या चार्टरर द्वारा अनुभाग 172 (4) के प्रावधानों के तहत भुगतान कर राशि का निर्धारण करने से पहले कि आकलन वर्ष के लिए अग्रिम भुगतान कर के रूप में माना जाएगा टैक्स अंततः कारण.
(3) सर्कुलर नंबर 730 के मुद्दे के समय बोर्ड के विचार के लिए उठी कि सवाल एक नियमित मूल्यांकन धारा 143 के तहत किया जाता है जब (3),, धारा 172 (7) के प्रावधानों के साथ पढ़ा ऐसी एक निर्धारिती कि क्या यह थी कि वर्गों 234B और 234C या नहीं के तहत ब्याज की वसूली के लिए उत्तरदायी. दूसरी ओर, एक वापसी के मामले में, धारा 244A के तहत ब्याज की पात्रता का सवाल भी वृद्धि होगी. बोर्ड, ख़बरदार 14-12-1995 सर्कुलर नं 730,, धारा 172 के तहत उनके विकल्प जो अभ्यास निर्धारिती, (7) इस अधिनियम के अन्य प्रावधानों के अनुसार मूल्यांकन किया उसकी कुल आय प्राप्त करने के लिए स्पष्ट किया है कि करने के लिए उत्तरदायी न तो है वर्गों 234B और 234C के तहत ब्याज का भुगतान, और न ही आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 244A के तहत ब्याज प्राप्त करने के हकदार.
(4) यह समस्या बाद में चर्चा की और के रूप में Glittre डी / 5 मैं / सीआईटी [1997] 225 आईटीआर 739 बनाम एस Garonne के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्णय लिया गया है.यह खंड 172 के तहत टैक्स का भुगतान (3) / (4) अग्रिम कर किश्तों के बराबर है कि आयोजित किया गया है. इसलिए, धारा 172 (7) निर्धारिती वापसी के लिए हकदार है, साथ ही इस तरह के धन की वापसी पर ब्याज है के तहत एक नियमित मूल्यांकन के मामले में.
प्र.5. इस मुद्दे पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर नं 730 इसलिए, वापस ले लिया,, परिस्थिति, अब नहीं है कानूनी तौर पर तर्कसंगत और है. यह खंड 172 के तहत एक नियमित मूल्यांकन के मामले में (7), अनिवासी निर्धारिती वर्गों 234B और 234C के तहत ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है और यह भी रूप में 1961, आयकर अधिनियम की धारा 244A के तहत ब्याज प्राप्त करने के हकदार है कि स्पष्ट किया जाता है मामला हो सकता है.
परिपत्र: नहीं 9/2001, 2001/09/07 दिनांकित.

