88 : परिपत्र सं. 88, 19-06-1972 दिनांकित
परिपत्र सं.
88
परिपत्र की तिथि
19/06/1972
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
19/06/1972
814. 31 जुलाई 1973 तक का विलंब की अवधि के लिए ब्याज प्रभार्य के माफ - रिटर्न 30 जून 1972 द्वारा दायर होने की वजह से ऐसे मामलों में जहां निर्धारण वर्ष 1972-73 के लिए रिटर्न दाखिल करने के लिए समय का विस्तार
1मैं इस तरह के रिटर्न उस तारीख से पहले होने वाले हैं जहां मामलों में, बोर्ड 31 जुलाई 1972 तक निर्धारण वर्ष 1972-73 के लिए आय और शुद्ध धन की स्वैच्छिक रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए समय का विस्तार करने का फैसला किया है कि आपको सूचित करने के लिए निर्देशित कर रहा हूँ. दिनांक प्रेस नोट की एक प्रति 19-6-1972 [अनुलग्नक के रूप में यहाँ मुद्रित] इस संबंध में जारी किए गए जुड़ा हुआ है.
प्र.20. वित्त अधिनियम, 1972 द्वारा यथा संशोधित धारा 139 के प्रावधानों के तहत, प्रति वर्ष 12 फीसदी की दर से ब्याज की तारीख के लिए ऊपर नियत तिथि की समाप्ति से आय विवरणी प्रस्तुत करने में देरी के लिए शुल्क लिया जा रहा है वापसी सजावट. इसलिए, प्रति वर्ष 12 फीसदी की दर से ब्याज देय 30 जून 1972 द्वारा आय की स्वैच्छिक वापसी उस तारीख से सुसज्जित नहीं है जहां के मामलों में 1 जुलाई 1972 से प्रभार्य होगा. आय की स्वैच्छिक वापसी प्रस्तुत करने के लिए समय आयकर अधिकारियों आय के नियम 117A (वी) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए माफ करने का निर्देश दिया जाए कि 31 जुलाई 1972, बोर्ड की इच्छा तक बढ़ा दिया गया है कर नियमों, ऐसे मामलों में जुलाई 1972 के अंत तक का विलंब की अवधि के संबंध में ब्याज प्रभार्य.उक्त नियम के प्रावधान के अंतर्गत, निरीक्षण सहायक आयुक्त के पूर्व अनुमोदन तो माफ किया जा करने के लिए ब्याज की राशि एक हजार रुपए से अधिक मामलों में जहां आयकर अधिकारी से प्राप्त करना होगा.
परिपत्र: नहीं 88 [एफ / संख्या 142 (12) / 72 टीपीएल], 19-6-1972 दिनांकित.
उपभवन - स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट प्रैस नोट
केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड शीघ्र ही अधिसूचना में इस संबंध में निर्दिष्ट किया जा करने के लिए एक तारीख से अस्तित्व में आ जाएगा जो आय और शुद्ध धन के रिटर्न के नए रूपों को अधिसूचित कर दिया जाएगा. नए और दिनांकित रूपों में आय और शुद्ध धन के उनके रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए करदाताओं को सक्षम करने के लिए, बोर्ड 31 जुलाई तक निर्धारण वर्ष 1972-73 के लिए आय और शुद्ध धन की स्वैच्छिक रिटर्न प्रस्तुत, 1972 के लिए समय का विस्तार करने का निर्णय लिया गया है , जैसे कि रिटर्न की तारीख से पहले होने वाले हैं जहां मामलों में.
1बोर्ड ने ऐसे मामलों में माफ करने के लिए आयकर अधिकारियों को निर्देश जारी कर रहा है, जुलाई 1972 के अंत तक का विलंब की अवधि के संबंध में वापसी की विलम्बित प्रस्तुत करने के लिए आयकर अधिनियम के तहत ब्याज प्रभार्य.
प्र.20. करने के लिए आवश्यक है, या नए रूपों बल में लाया जाता है, इससे पहले कि आय या शुद्ध धन के अपने रिटर्न जमा करने के लिए इच्छा कर रहे हैं करदाताओं जो वर्तमान में बल में रूपों में एक ही प्रस्तुत कर सकते हैं.

