आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

8/2008

परिपत्र की तिथि

22/09/2008

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

22/09/2008

 

सर्कुलर

आय-कर अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961 की धारा 139- आय का रिटर्न- मूल्यांकन वर्ष 2008-09 के लिए आय की अनिवार्य ई-रिटर्न दाखिल करना- अनिवासी भारतीयों के मूल्यांकन प्रतिनिधियों द्वारा रिटर्न की प्रक्रिया को पूरा करना

सर्कुलर संख्या 8/ 2008, दिनांक 22-9-2008

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड अपनी अधिसूचना एस ओ संख्या 752 (ई) दिनांक 28-03-2008 तदनुसार मूल्यांकन वर्ष 2008-09 के लिए सभी आयकरदाताओं के लिए नए रिटर्न फॉर्म दाखिल करने की सूचना जारी कर चुका है। आयकर नियमावली, 1962 के नियम 12 में इसका प्रावधान किया गया था, कि एक व्यवसायिक फर्म को आईटीआर-5 में रिटर्न दाखिल करने की जरूरत है, और जिनके लिए धारा 44 कख के प्रावधान लागू हैं ,या एक कंपनी को आईटीआर-6 में रिटर्न दाखिल करने की जरूरत है, उनको निश्चित रूप से मूल्यांकन वर्ष 2008-09 के लिए इलेक्ट्रानिक विधि का इस्तेमाल करते हुए अनिवार्य तौर पर आय-कर रिटर्न दाखिल करना होगा।

2. बोर्ड की संज्ञान में यह लाया गया है कि अनिवासियों के एजेंटों को आयकर अधिनियम की धारा 160 (1) (i) की परिभाषा के दायरे में इलेक्ट्रॉनिक विधि से अनिवासियों की रिटर्न दाखिल करने में दिक्कतों का सामना करना पड रहा है। इसका कारण यह हो सकता है कि किसी अनिवासी के लिए भारत में विविध लेन-देनों के लिए एक से ज्यादा एजेंट हो सकते हैं या भारत में बतौर एजेंट कोई व्यक्ति एक से ज्यादा अनिवासियों को एजेंट हो सकता है। वर्तमान कार्यरत सॉफ्टवेयर में द्वारा इन चीजों की अनदेखी की गई है। दरअसल, यह सॉफ्टवेयरएक करदाता- एक पैन- एक रिटर्न के सिद्धांत पर काम करता है. इन दिक्कतों को देखते हुए बोर्ड ने यह निर्णय लिया है कि आय-कर अधिनियम की धारा 160 (1)(i) की परिभाषा के दायरे में मूल्यांकन वर्ष 2008-09 के लिए इलेक्ट्रॉनिक विधि से अनिवासियों के एजेंटों द्वारा रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य नहीं होगा।

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