794 : परिपत्र: सं 794, 9-8-2000 दिनांकित
परिपत्र सं.
794
परिपत्र की तिथि
09/08/2000
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
09/08/2000
वित्त अधिनियम, 2000 - सर्कुलर नंबर 794, 2000/09/08 दिनांक
वित्त अधिनियम, 2000
2000/09/08 सर्कुलर नं 794,
एक नज़र में संशोधन
धारा / अनुसूची
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विवरण
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वित्त अधिनियम
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2/First अनुसूची
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दर - संरचना 4
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आय कर अधिनियम
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2 (1 ए) (ग), स्पष्टीकरण
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5.3 - "कृषि आय" 5.1 की परिभाषा
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2 (19AA),
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बंटवारे से उत्पन्न इकाइयों के लिए शर्तों में संशोधन
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स्पष्टीकरण 4
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ऊपर या किसी भी अधिकारी के पुनर्निर्माण या एक शरीर या एक स्थानीय प्राधिकारी या डीमर्जर के तहत कवर करने के लिए एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी 6.1-6.3
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9, 80HHE (1) (vi)
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आय भारत में एकत्रित होने या उठता समझा 7.1-7.4
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स्पष्टीकरण 3
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10 (10C)
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राशि की छूट स्वैच्छिक जुदाई पर प्राप्त 8.1-8.4
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10 (15)
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स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी किए गए कुछ बांड के लिए टैक्स छूट 9.1-9.3
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10 (15) (चतुर्थ)
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10.3 - बाह्य उधारी 10.1 पर ब्याज की छूट
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10 (23), 80 जी
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खेल और खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन 11.1-11.4
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10 (23E)
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निवेशक संरक्षण कोष की आय की छूट 12.1-12.5
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10 (23FA), 10 (23FB),
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उद्यम पूंजी को प्रोत्साहन के लिए उपाय 13.1-13.9
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अध्याय बारहवीं एफ
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(से मिलकर
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वर्गों 115O,
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115R, 115U)
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10 (23g) (ए) / (बी) / (ग),
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इंफ्रास्ट्रक्चर पूंजी कोष 14.1-14.5
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स्पष्टीकरण 1,
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10A, 10B
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मौजूदा वर्गों 10A और 10B के लिए एवजी नए प्रावधानों (निर्दिष्ट मुक्त व्यापार क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क या किसी विशेष आर्थिक क्षेत्र में या निर्यात उन्मुख इकाइयों के संबंध में नव स्थापित उपक्रमों के संबंध में विशेष प्रावधान, आदि) 15.1-15.16
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11 (2) / (5) (सात)
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चैरिटेबल ट्रस्ट, छूट नहीं कम करने की धनराशि ऐसी कंपनियों में सरकार द्वारा विनिवेश के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में तीन साल के लिए निवेश रहना 16.1-16.5
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11 (5) (नौ)
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शहरी बुनियादी ढांचे के लिए दीर्घकालिक वित्त में धन निवेश करने की अनुमति दी चैरिटेबल ट्रस्ट 17.1-17.4
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1
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शिक्षा या चिकित्सा सुविधाओं निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए प्रदान की जाती है अगर चैरिटेबल ट्रस्ट छूट खोने के लिए नहीं 18.1-18.3
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17 (2) (ग) / (IIIA),
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प्रतिभूतियों के कराधान कर्मचारी स्टॉक के तहत प्राप्त
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स्पष्टीकरण, 49 (2 बी)
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विकल्प योजना 19.1-19.4
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24 (2), 80-IB
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स्वयं अधिग्रहण या निर्माण करने के लिए उठाए गए कानूनों पर ब्याज की बढ़ी कटौती के संबंध में अंतिम तिथि का विस्तार - घर की संपत्ति पर कब्जा कर लिया 20.1, 20.2
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25B
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रसीद 21.1 के वर्ष में किराए की बकाया राशि का कराधान - 21.3
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32 (2)
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22.1 के साथ तिरस्कृत अनवशोषित मूल्यह्रास के सेट बंद के लिए एक ही व्यवसाय की निरंतरता की आवश्यकता - 22.3
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33AC
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नौवहन उद्योग के लिए प्रोत्साहन 23.1-23.3
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35 (2AB)
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अनुसंधान और विकास व्यय के लिए भारित कटौती की वृद्धि 24.1-24.3
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10 (15) (चतुर्थ) (जी),
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आवश्यकता को दूर करने के लिए परिणामी संशोधन
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11 (5) (आठ), 11 (5) (नौ),
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खंड के अंतर्गत केन्द्र सरकार के अनुमोदन की
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35 दिन (3), 36 (1) (VIIa),
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36 (1) (आठ) 25.1, 25.2
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43B, 80L (1) (सात),
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80L (1) (एक्स),
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88 (2) (xv), 194A (3)
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43 (6), स्पष्टीकरण
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संबंध में समायोजन के आधार होने के लिए नीचे लिखा मूल्य
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2A और 2B
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डीमर्जर में स्थानांतरित करने के लिए 26.1-26.3
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47 (विक) (क)
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भारतीय कंपनी का विदेशी होल्डिंग कंपनी के शेयरों की हालत भारतीय कंपनी से संबंधित के साथ एक समान बनाया के डीमर्जर के संबंध में प्रदान की हालत 27.1-27.3
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48, स्पष्टीकरण (वी)
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लागत मुद्रास्फीति सूचकांक की परिभाषा का युक्तिकरण 28.1, 28.2
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50B (2)
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मंदी के कारण बिक्री के मामले में "निवल मूल्य" की परिभाषा में संशोधन 29.1-29.3
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54EA, 54EB, 54EC
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वर्गों 54EA और 54EB और कृषि वित्त और राजमार्ग बुनियादी ढांचे में पूंजी लाभ का ध्यान केंद्रित निवेश सुनिश्चित करने के लिए एक नया खंड 54EC की शुरुआत करने के लिए सूर्यास्त खंड 30.1-30.4
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54F
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खंड 54F के दायरे का विस्तार 31.1, 31.2
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72A (2) (क)
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समामेलन 32.1 में संपत्ति के मूल्य के बारे में स्पष्टीकरण - 32.3
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80ई
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उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक छात्र द्वारा उठाए गए ऋण की अदायगी के संबंध में कटौती 33.1-33.3
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80HHB, 80HHBA,
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विदेशी के संबंध में कर रियायतों की चरणबद्ध
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80HHC, 80HHD,
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मुद्रा आय - धारा 80HHB, 80HHBA, 80HHC,
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80HHE, 80HHF,
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80HHD, 80HHE, 80HHF, 80R, 80RR और 80RRA 34.1 -
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80 हे, 80R, 80RR,
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34.12
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80RRA
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80HHF
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खंड 80HHF के तहत निर्यात लाभ गैर कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए बढ़ा 35.1-35.3
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80-IA (4) (चतुर्थ)
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ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल उपचार प्रणालियों शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कर अवकाश प्रदान की 36.1-36.4
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80-IB
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औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्यों और संघ आठवीं अनुसूची के क्षेत्रों और औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों में स्थापित उपक्रमों के संबंध में कर अवकाश 31-3-2002 तक बढ़ाया 37.1-37.4
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अनुसंधान और विकास - वैज्ञानिक पर ले जाने के लिए एक कंपनी के लिए कर अवकाश 38.1-38.3
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88B
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39.4 - वरिष्ठ नागरिकों के 39.1 के मामले में आयकर की छूट
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८८
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रुपये के लिए उठाया छूट के लिए आवास ऋण योग्यता की अदायगी की सीमा. 20,000 40.1-40.3
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88C
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महिलाओं के लिए टैक्स छूट 41.1, 41.2
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112 (1)
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प्रतिभूतियों पर लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर की रियायती दर भारतीय यूनिट ट्रस्ट की इकाइयों और म्युचुअल फंड की यूनिटों के लिए बढ़ाया 42.1-42.3
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115JA, 115JB
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कंपनियों पर न्यूनतम वैकल्पिक कर 43.1-43.7
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115 हे, 115-P
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घरेलू कंपनियों के वितरित लाभ पर कर 44.1-44.6
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115R, 115S
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भारत और म्युचुअल फंड के यूनिट ट्रस्ट द्वारा वितरित आय पर टैक्स 45.1-45.4
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139 क
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पावर इसे स्थायी खाता संख्या (पैन) के लिए लागू करने के लिए अनिवार्य किया जाएगा, जिनके लिए वर्ग या व्यक्तियों की कक्षाओं में सूचित करने के लिए केन्द्र सरकार को सौंप 46.1-46.4
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158 बीएफए (3), 220 (6),
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आयकर की धारा 246A के संदर्भ में निवेशन
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246A, 267, 275 (1)
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संबंधित अधिनियमों में कई स्थानों पर अधिनियम और संपत्ति कर अधिनियम की धारा 23A 47.1-47.4
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194A (3)
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टीडीएस प्रावधानों का युक्तिकरण 48.1-48.3
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194L
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एक पूंजी परिसंपत्ति के अनिवार्य अधिग्रहण से संबंधित मुआवजे के भुगतान पर स्रोत पर प्रावधान के बारे में कर कटौती का संशोधन 49.1-49.3
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245N, 245R (2)
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निवासी आवेदकों के लिए युक्तिसंगत अग्रिम हुक्म के लिए प्राधिकरण से संबंधित प्रावधान 50.1-50.7
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246 (1) / (2), 246A
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सूर्यास्त उप वर्गों (1) के खंड (2) आयकर अधिनियम की धारा 246 के 51.1-51.3
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201 (1), 246A, 249 (2)
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आयकर अधिनियम की धारा 201 के तहत पारित आदेश आयुक्त (अपील) के समक्ष अपीलीय बनाया 52.1, 52.2
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254 (2)
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अपीलों तय करने के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए सलाहकार समय सीमा विभागीय अपील करने के लिए बढ़ाया 53.1-53.3
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285B
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फिल्म निर्माताओं द्वारा बयान प्रस्तुत करने के लिए सीमा में वृद्धि 54.1-54.3
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कार Vivad समाधान योजना, 1998
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88,90 (2)
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कार Vivad समाधान योजना, 1998 में संशोधन 55.1-55.4
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वित्त अधिनियम, 1999
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भाग III के
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वित्त की प्रथम अनुसूची के भाग III का संशोधन
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प्रथम अनुसूची
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अधिनियम, 1999 56.1-56.3
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संपत्ति कर अधिनियम
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23 (1) / (1 ए)
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धन कर अधिनियम की धारा 23 की उप वर्गों (1) और (1 ए) के लिए सूर्यास्त खंड 57.1, 57.2
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24 (5 ए)
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अपीलों तय करने के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए सलाहकार समय सीमा विभागीय अपील करने के लिए बढ़ाया 58.1-58.3
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23A
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धन में कुछ वर्गों में अनुभाग 23A के लिए संदर्भ की प्रविष्टि - कर अधिनियम 59.1-59.3
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ब्याज कर अधिनियम
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4 ज
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ब्याज की वापसी - टैक्स 60.1-60.3
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[धारा 2 और प्रथम अनुसूची]
वित्त अधिनियम 2000
"कृषि आय" की परिभाषा
आयकर अधिनियम के मौजूदा प्रावधानों के तहत 5.1, कृषि आय आयकर अधिनियम की धारा 10 के खंड 1 के प्रावधानों के अनुसार कुल आय की गणना में शामिल नहीं है. शब्द 'कृषि आय' आयकर अधिनियम की धारा 2 की उपधारा (1 ए) में परिभाषित किया गया है. इस उपधारा के खंड (ग) के प्रावधानों, कृषि आय, स्वामित्व किसी भी इमारत से ली गई है और किसी भी तरह के भूमि का किराया या राजस्व के रिसीवर के कब्जे या कल्टीवेटर या रिसीवर के कब्जे में किसी भी आय की परिभाषा के अंतर्गत शामिल तकनीक और अधिक की तरह किराए पर, या किसी प्रक्रिया का उत्पादन विपणन बनाने के लिए किया जाता है जो या उसकी उपज के संबंध में किसी भी देश, इस तरह के निर्माण के लिए भूमि और भवन की तत्काल आसपास के क्षेत्र पर या में है यदि कृषक द्वारा आवश्यक या है एक रिहायशी घर के रूप में या एक दुकान घर, या अन्य इमारत का बाज़ू के रूप में किराए में खास तरह के रिसीवर.
5.2 अधिनियम में इस तरह के निर्माण या कृषि के अलावा अन्य किसी भी उद्देश्य के लिए भवन या भूमि के इस्तेमाल से उत्पन्न होने वाली भूमि से कोई आय "कृषि आय" की परिभाषा में शामिल नहीं किया जाएगा कि स्पष्ट करने के लिए धारा 2 (1 ए) में एक स्पष्टीकरण डाला गया है .एक व्यक्ति इस तरह के आवासीय प्रयोजनों के लिए या किसी भी व्यवसाय या पेशे के प्रयोजनों के लिए इसे बाहर दे जैसे उद्देश्यों के लिए ऐसे भवन या भूमि के इस्तेमाल से आय है तो उदाहरण के लिए, तो ऐसी आय में कृषि आय के रूप में इलाज नहीं किया जाएगा.
5.3 यह संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होंगे और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगी.
[धारा 3 (क)]
वित्त अधिनियम 2000
बंटवारे के ऊपर या किसी भी अधिकारी के पुनर्निर्माण या एक शरीर या एक स्थानीय प्राधिकारी या डीमर्जर के तहत कवर करने के लिए एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी से उत्पन्न इकाइयों के लिए शर्तों में संशोधन
धारा 2 (19AA) 1999 के वित्त अधिनियम द्वारा सम्मिलित रूप से 6.1 स्पष्टीकरण 4 तेज या किसी भी अधिकारी या शरीर के पुनर्निर्माण के लिए एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय अधिनियम या अलग शरीर में एक स्थानीय प्राधिकारी या किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के अधीन गठित बशर्ते कि या अधिकारियों जहां तक संभव हो, (सात) के लिए उप खंड (i) में निर्दिष्ट शर्तों को पूरा करने पर डीमर्जर होना समझा जाएगा.यह स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है सभी गुण और देनदारियों के रूप में यद्यपि इन अधिकारियों, बोर्ड या कंपनियों के बंटवारे के मामले में, अनुभाग में निर्दिष्ट शर्तों, ऐसे अधिकारियों या बोर्डों के संबंध में प्रासंगिक नहीं हो सकता है कि बाहर बताया गया था; शेयरों के निर्गम के माध्यम से डीमर्जर के लिए किसी भी विचार नहीं हो सकता है; स्थानांतरण आदि, चिंता आधार जा रहा पर नहीं हो सकता
6.2 अधिनियम, इसलिए, इस तरह के बंटवारे या पुनर्निर्माण केन्द्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है के रूप में शर्तों के अधीन होगा कि प्रदान करने के लिए स्पष्टीकरण 4 हरजाना.
6.3 यह संशोधन अप्रैल, 2000 के 1 दिन से पूर्वव्यापी प्रभाव लेता है.
[धारा 3]
वित्त अधिनियम 2000
आय भारत में एकत्रित होने या उठता समझा
मौजूदा प्रावधानों धारा 9 सूचियां एकत्रित होने या भारत में पैदा समझा जाता है कि आय के तहत 7.1.हालांकि, अनिवासी निर्माता के हाथों में किसी भी रॉयल्टी आय एक अनुमोदित योजना के तहत एक कंप्यूटर या कंप्यूटर आधारित उपकरणों के साथ कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के संबंध में अधिकारों के हस्तांतरण के लिए एक निवासी व्यक्ति या सरकार से प्राप्त deeming से बाहर रखा गया है धारा 9 के प्रावधानों.
7.2 "कंप्यूटर सॉफ्टवेयर" की परिभाषा उप - धारा (1) अभिव्यक्ति "कंप्यूटर सॉफ्टवेयर" का अर्थ करने के लिए स्पष्टीकरण (ख) खंड में उसे सौंपे होगा कि जो प्रदान करता है के खंड (vi) का स्पष्टीकरण 3 में दी गई है खंड 80HHE. यह, हालांकि, भारत के बाहर एक जगह करने के लिए भारत से फैलता है जो कंप्यूटर सॉफ्टवेयर, को संदर्भित करता है.
अभिव्यक्ति "कंप्यूटर सॉफ्टवेयर" किसी भी डिस्क, टेप, छिद्रित मीडिया या अन्य जानकारी भंडारण उपकरण पर दर्ज की गई किसी भी कंप्यूटर प्रोग्राम, इसका मतलब है और ऐसे किसी कार्यक्रम या किसी भी अनुकूलित इलेक्ट्रॉनिक डाटा भी शामिल है कि प्रदान करने के लिए इतनी के रूप में 7.3 अधिनियम कहा स्पष्टीकरण विकल्प.इस संशोधन प्रकृति में परिणामी है.
7.4 यह प्रस्तावित संशोधन, 1 अप्रैल से 2001 प्रभावी होगा.
[धारा 4]
वित्त अधिनियम 2000
राशि की छूट स्वैच्छिक जुदाई पर प्राप्त
आयकर अधिनियम की धारा 10 के खंड (10C) के मौजूदा प्रावधानों के तहत 8.1, की किसी भी योजना या स्कीम के अनुसार, उसकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के समय, आदि कंपनियों, अधिकारियों, के कर्मचारियों द्वारा प्राप्त किसी भी राशि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, आयकर से छूट प्राप्त है.
इस संबंध में जारी किए गए दिशा निर्देशों के अनुसार तैयार किए एक स्वैच्छिक सेपरेशन स्कीम के तहत उनकी सेवाओं की समाप्ति पर एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के कर्मचारियों को यह बढ़ा कर छूट का दायरा बढ़ाने के लिए इतनी के रूप में 8.2 अधिनियम, इस खंड हरजाना.
मौजूदा प्रावधानों के तहत 8.3, धारा 10 (10C) के पहले परंतुक (सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों या सहकारी समितियों के अलावा अन्य) कंपनियों के संबंध में योजना मुख्य आयुक्त या आय के महानिदेशक द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है जो बताता है टैक्स.सरल और दिशा निर्देशों के अनुसार तैयार किए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के तहत प्राप्त राशि की छूट से संबंधित प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए, यह इस तरह के अनुमोदन की आवश्यकता के साथ बांटना प्रदान की गई है.
8.4 ये संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 5 (क)]
वित्त अधिनियम 2000
स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी किए गए कुछ बांड के लिए टैक्स छूट
ऐसी आदि नगर निगमों, नगर निगम के अधिकारियों, के रूप में 9.1 स्थानीय अधिकारियों, ऐसे में पीने योग्य पानी की आपूर्ति, सीवरेज और सफाई, जल निकासी, ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क, पुल और फ्लाईओवर, शहरी परिवहन के रूप में शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए धन की बड़ी मात्रा की जरूरत आदि
धारा 10 की 9.2 धारा (15) कुछ मामलों में देय ब्याज छूट.शहरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए धन का उपयोग किया है करने के लिए स्थानीय अधिकारियों को सक्षम करने के लिए, यह हर साल इस तरह के अधिकारियों द्वारा जारी किए गए इस तरह के बांड पर ब्याज को कर मुक्त दर्जा प्रदान करने के लिए अधिनियम द्वारा प्रदान की गई है. ये बांड सरकारी राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से केन्द्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया जाना है.
9.3 संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होगा, और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 5 (ख)]
वित्त अधिनियम 2000
बाह्य उधारी पर ब्याज की छूट
मौजूदा प्रावधानों के तहत 10.1, उपखंड (चतुर्थ) खंड के आयकर अधिनियम की धारा 10 (15) निश्चित ब्याज आय किसी भी व्यक्ति की पिछले वर्ष की कुल आय की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा कि प्रदान करता है.
10.2 यह कुल आय की गणना करते समय ऋण या डिफ़ॉल्ट की विलंबित भुगतान पर ब्याज का भुगतान मुक्त नहीं होगा कि अधिनियम के द्वारा प्रदान की गई है.यह इस उपखंड के तहत भुगतान ब्याज पर टैक्स की रोक से छूट का लाभ इनकार करेगा.
10.3 संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 5 (ख)]
वित्त अधिनियम 2000
खेल और खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन
आयकर अधिनियम की धारा 80 जी के मौजूदा प्रावधानों के तहत 11.1, एक निर्धारिती निश्चित धनराशि को उसके द्वारा किए गए दान के संबंध में उसकी कुल आय में से एक 100% कटौती की अनुमति दी है.
11.2 संशोधित प्रावधानों के विकास के लिए, भारतीय ओलंपिक संघ को या आयकर अधिनियम की धारा 10 (23) के तहत छूट का आनंद ले रहे संस्थानों और संगठनों को दान में रकम के लिए, एक कंपनी होने के नाते, एक निर्धारिती प्रतिशत कटौती प्रति सौ का लाभ प्रदान खेल और देश में खेलों के लिए और उनके प्रायोजन के लिए बुनियादी ढांचे.
धारा 10 (23) के 11.3 प्रावधान भी इस तरह के संगठनों या संस्थाओं को भारत में खेल या खेल के लिए या उनके प्रायोजन के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के प्रयोजनों के लिए खंड 80 जी में निर्दिष्ट दान के माध्यम से प्राप्त राशि लागू नहीं होगी प्रदान करने के लिए संशोधन किया गया है .
11.4 ये संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगी.
[5 वर्गों और 31]
वित्त अधिनियम 2000
निवेशक संरक्षण कोष की आय की छूट
12.1 शेयर बाजारों वित्त और प्रतिभूति मंत्रालय और भारत की विनिमय बोर्ड (सेबी) के निर्देशों के अनुसार एक निवेशक संरक्षण कोष की स्थापना के लिए आवश्यक हैं.फंड का संबंध शेयर बाजार में दोषी एक दलाल की घटना में एक नुकसान हो सकता है, जो निवेशकों को क्षतिपूर्ति करने के लिए विशेष रूप से स्थापित किया है.
धारा 10 के 12.2 खण्ड 23E अधिसूचित विनिमय जोखिम प्रशासन फंड की आय आयकर से मुक्त है सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों द्वारा स्थापित कि प्रदान करता है.
कुल आय की गणना करते समय इसी तर्ज पर 12.3, इसे अधिसूचित निवेशक संरक्षण कोष की आय भारत के मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा स्थापित कि अधिनियम के द्वारा प्रदत्त किया गया है शामिल नहीं किया जाएगा.
फंड की क्रेडिट करने के लिए और किसी भी पिछले वर्ष के दौरान आयकर करने का आरोप लगाया नहीं खड़े किसी भी राशि के साझा किया जाता है, जहां हालांकि 12.4,, पूरी तरह या आंशिक रूप से किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज के साथ, साझा राशि पिछले वर्ष की आय होना समझा जाएगा इस तरह की राशि तो साझा किया जाता है जिसमें.
12.5 संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 5 (डी)]
वित्त अधिनियम 2000
उद्यम पूंजी को प्रोत्साहन के लिए उपाय
13.1 अधिनियम एक उद्यम पूंजी निधि या एक उद्यम पूंजी कंपनी के किसी भी आय एक उद्यम पूंजी उपक्रम में निवेश के लिए धन जुटाने के लिए की स्थापना की है कि प्रदान करने के लिए धारा 10 में एक नया खंड (23FB) सम्मिलित करता कुल आय की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा.
13.2 उद्यम पूंजी निधि या उद्यम पूंजी कंपनी भारत अधिनियम 1992 या सरकारी राजपत्र में अधिसूचना के माध्यम से केन्द्र सरकार के अनुमोदन से सेबी द्वारा जारी किए गए नियमों के प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के तहत पंजीकृत होना आवश्यकता होगी.
13.3 शब्द "उद्यम पूंजी कंपनी", भारत अधिनियम प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के तहत पंजीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त 1992 और कानून बनाए इस आधार पर और अनुमोदन के साथ, निर्दिष्ट किया जा सकता है के रूप में शर्तों को पूरा जो एक कंपनी है कि इसका मतलब यह परिभाषित किया गया है केन्द्र सरकार की सेबी द्वारा इस संबंध में सरकारी राजपत्र में अधिसूचना जारी करके.
13.4 शब्द "उद्यम पूंजी निधि" पंजीकरण अधिनियम, 1908 के प्रावधानों के तहत पंजीकृत एक ट्रस्ट डीड के तहत काम एक फंड मतलब करने के लिए परिभाषित किया गया है, और भारत के कानून के प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के तहत 1992 पंजीकरण का प्रमाण पत्र प्राप्त किया है जो , और नियमों को इस आधार पर किया है और इस संबंध में सरकारी राजपत्र में एक अधिसूचना द्वारा, सेबी द्वारा, केन्द्र सरकार के अनुमोदन के साथ निर्दिष्ट किया जा सकता है के रूप में शर्तों को पूरा करता है.
13.5 शब्द "उद्यम पूंजी उपक्रम" जिनके शेयरों भारत में किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं हैं और जो सेवाएं, एक लेख या बात का उत्पादन या निर्माण प्रदान करने के लिए व्यापार में लगे हुए है, लेकिन करता है एक घरेलू कंपनी मतलब करने के लिए परिभाषित किया गया है नहीं इस तरह की गतिविधियों या इस संबंध में सरकारी राजपत्र में सेबी द्वारा केंद्र सरकार के अनुमोदन के साथ, निर्दिष्ट कर रहे हैं जिन क्षेत्रों में शामिल हैं.
प्रदान करने के लिए इतनी के रूप में ऊपर संशोधन करने के लिए 13.6 फलस्वरूप, एक सूर्यास्त खंड भी मौजूदा धारा 10 (23FA) में सम्मिलित किया गया है कि लाभांश या लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ के माध्यम से किसी भी आय के संबंध में छूट प्रदान करते हैं जो इस खंड के प्रावधानों एक उद्यम पूंजी उपक्रम में इक्विटी शेयरों के माध्यम से किए गए निवेश से एक उद्यम पूंजी निधि या एक उद्यम पूंजी कंपनी की 31 मार्च, 2000 के बाद किए गए किसी भी निवेश के लिए लागू नहीं होगा.इस तरह के निवेश धारा 10 में नव डाला खंड (23FB) के तहत छूट के लिए पात्र होंगे.
13.7 वेंचर कैपिटल कंपनियों और वेंचर कैपिटल फंड से प्राप्त आय पर कर से संबंधित विशेष प्रावधान युक्त एक नया अध्याय बारहवीं एफ अधिनियम द्वारा डाला गया है.
इस अध्याय के 13.8 धारा 115U प्रदान करता है कि
यह वेंचर कैपिटल उपक्रम में सीधे निवेश से ऐसे व्यक्ति द्वारा प्राप्त आय के रूप में अगर (मैं) एक वेंचर कैपिटल कंपनी या एक वेंचर कैपिटल फंड में किए गए निवेश से बाहर एक व्यक्ति से प्राप्त कोई भी आय आयकर के दायरे में होगी.
(Ii) एक वेंचर कैपिटल कंपनी या एक वेंचर कैपिटल फंड और वेंचर कैपिटल कंपनी या वेंचर कैपिटल फंड की ओर से आय का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को निर्धारित समय के भीतर निर्धारित प्रपत्र में एक बयान प्रस्तुत करने की आवश्यकता है और किया जाएगा पिछले वर्ष के दौरान वितरित आय की प्रकृति का ब्यौरा देने के निर्धारित तरीके से सत्यापित. यह बयान ऐसे आय प्राप्त करने वाले व्यक्ति के लिए और निर्धारित आयकर प्राधिकरण को प्रस्तुत की जानी है.
(Iii) वेंचर कैपिटल कंपनी और वेंचर कैपिटल फंड द्वारा भुगतान आय एक ही प्रकृति के नहीं समझा और यह द्वारा प्राप्त या उद्यम के लिए उपार्जित किया गया था के रूप में इस तरह के आय प्राप्त करने वाले व्यक्ति के हाथ में एक ही अनुपात में होंगे कैपिटल कंपनी या मामले के रूप में वेंचर कैपिटल फंड, पिछले वर्ष के दौरान, हो सकता है.
(Iv) अध्याय बारहवीं डी या बारहवीं ई या XVII बी के प्रावधानों के इस अध्याय के अंतर्गत एक वेंचर कैपिटल कंपनी या वेंचर कैपिटल फंड द्वारा भुगतान आय पर लागू नहीं होगा. यह कोई कर एक निवेशक को 115 हे और अनुभाग 115R और स्रोत पर कोई कर कटौती एक वेंचर कैपिटल कंपनी या एक वेंचर कैपिटल फंड द्वारा भुगतान आय से अध्याय XVII बी में निहित प्रावधानों के तहत किया जाएगा खंड के अंतर्गत देय होगा कि इसका मतलब .
13.9 ये संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा, और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 5 (डी), 5 (ए) और 57]
वित्त अधिनियम 2000
इंफ्रास्ट्रक्चर पूंजी कोष
Section10 की 14.1 खण्ड (23g) प्रदान करता है कि एक बुनियादी सुविधाओं कैपिटल फंड या (धारा 115 हे में निर्दिष्ट लाभांश के अलावा अन्य) ब्याज, लाभांश और जिस तरह से किए गए निवेश से लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ के रास्ते से एक बुनियादी सुविधाओं पूंजी कंपनी के किसी भी आय पूरी तरह के कारोबार में लगे एक अनुमोदित उद्यम में इक्विटी या दीर्घकालिक वित्त (i) के विकास, (द्वितीय) को बनाए रखने और संचालन, या (iii) के विकास को बनाए रखने और एक बुनियादी सुविधाओं सुविधा ऑपरेटिंग कुल आय की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा.
बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए 14.2 'ठोस कचरा प्रबंधन' और भीतर 'जल उपचार' शामिल करने के लिए इतनी के रूप में, उप - धारा के रूप में परिभाषित शब्द 'बुनियादी ढांचे की सुविधा' के दायरे से (4) धारा 80-IA के बढ़े हुए किया गया है इसकी गुंजाइश.इस का एक परिणाम के रूप में, धारा 10 (23g) का स्पष्टीकरण 1 के खंड (ग) के रूप में दी 'बुनियादी ढांचे की सुविधा' की परिभाषा भी इसके दायरे में 'ठोस कचरा प्रबंधन और जल उपचार "शामिल करने के लिए बढ़ा दिया गया है.
14.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
14.4 खंड (क) और उक्त खंड के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल कंपनी और इंफ्रास्ट्रक्चर कैपिटल फंड की परिभाषा में लाने के लिए इतनी के रूप में (बी) धारा 10 (23g) के लिए स्पष्टीकरण 1 का भी संशोधन किया गया है.ये संशोधन वित्त अधिनियम, 1999 के द्वारा धारा 10 (23g) में संशोधन करने के लिए परिणामी रहे हैं.
14.5 ये संशोधन 1 अप्रैल 2000 से पूर्वव्यापी प्रभाव ले जाएगा, और, तदनुसार, आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 5 (G)]
वित्त अधिनियम 2000
मौजूदा वर्गों 10A और 10B के लिए एवजी नए प्रावधानों
(निर्दिष्ट मुक्त व्यापार क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क या किसी विशेष आर्थिक क्षेत्रों या निर्यातोन्मुख इकाइयों के संबंध में में नव स्थापित उपक्रमों के संबंध में विशेष उपबंध, आदि)
मौजूदा प्रावधानों के तहत 15.1, अधिसूचित मुक्त व्यापार क्षेत्र और निर्यात प्रसंस्करण क्षेत्रों में स्थापित की नई उपक्रमों आयकर अधिनियम की धारा 10 ए के तहत एक दस साल कर छुट्टी के हकदार हैं. इसी तरह, आयकर अधिनियम की धारा 10 बी के एक दस वर्ष कर छुट्टी किसी भी लेख या बात का उत्पादन जो निर्माण या ओरिएंटेड उपक्रमों (ईओयू), निर्यात करने के लिए अनुमति देता है.खंड 10 बी का प्रावधान वित्त अधिनियम, 1988 के द्वारा शुरू की गई थी. वित्त अधिनियम, 1993 को मंजूरी दे दी इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (ईएचटीपी) या सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (एसटीपी) में औद्योगिक इकाइयों के लिए धारा 10 ए के तहत टैक्स हॉलिडे बढ़ाया.
रियायतें युक्तिसंगत बनाने और आकलन वर्ष 2009-10 के अंत तक इन बाहर चरण की दृष्टि से 15.2, धारा 10 ए और धारा 10 बी के प्रावधानों के नए प्रावधानों द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है.नए वर्गों की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित पैराग्राफ में व्याख्या कर रहे हैं.
15.3 नए प्रावधानों लेख या बातें या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से एक उपक्रम से व्युत्पन्न लाभ और लाभ के संबंध में कटौती के लिए प्रदान करते हैं.यह कटौती एक श्रेणीबद्ध तरीके से लगातार दस आकलन वर्ष की अवधि के लिए उपलब्ध है. कटौती उपक्रम का निर्माण या लेख या बातें या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का निर्माण शुरू होता है, जिसमें पिछले साल के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के संदर्भ में प्रदान किया जाएगा. इस प्रकार, 31-3-2000 को या उससे पहले की स्थापना एक उपक्रम नौ साल की अवधि के लिए 31-3-2001 तक की अवधि के 2000/01/04 के दौरान स्थापित किया है कि दस साल की अवधि के लिए कटौती, के पात्र होंगे , इतना है कि आठ साल की अवधि के लिए 2001-2002 में स्थापित किया है और. मौजूदा इकाइयों केवल दस साल की अवधि समाप्त अवधि के लिए कटौती हो जाएगी. मामले में एक निर्यात संवर्धन क्षेत्र (ईपीजेड) एक विशेष आर्थिक जोन में बदल दिया है, लगातार दस साल की अवधि में इस तरह के यूनिट निर्यात संवर्धन क्षेत्र में स्थित था अवधि के दौरान जो भी शामिल होगा.
इन प्रावधानों के लागू के लिए 15.4 शर्तों कि उपक्रम कर रहे हैं: -
(क) किसी भी मुक्त व्यापार क्षेत्र में 1981/01/04 को या उसके बाद शुरू होने या में अप्रैल, 1994 के पहले दिन को या उसके बाद शुरू होने निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान लेख या बातें या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का निर्माण या उत्पादन शुरू होता है किसी भी इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर पार्क या सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क. लाभ भी एक विशेष आर्थिक क्षेत्र में अप्रैल, 2001 के पहले दिन को या उसके बाद शुरुआत एक आकलन वर्ष के लिए प्रासंगिक किसी भी पिछले वर्ष में स्थापित नए उपक्रमों के लिए बढ़ा दिया गया है;
(ख) खंड 33b में निर्दिष्ट परिस्थितियों को छोड़कर पहले ही अस्तित्व में एक व्यापार के बंटवारे या पुनर्निर्माण द्वारा गठित नहीं किया जाना चाहिए;
(ग) मशीनरी या पहले से किसी भी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल संयंत्र के लिए एक नया व्यापार के लिए स्थानांतरण द्वारा गठित नहीं किया जाना चाहिए.
15.5 नए प्रावधानों के आगे पिछले के अंत से कटौती का लाभ उठाने के क्रम में, लेख या बातें या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर भारत से बाहर निर्यात की बिक्री से प्राप्त आय में प्राप्त किया जाना चाहिए या छह महीने की अवधि के भीतर भारत में लाया जाता है कि एक शर्त डाल वर्ष या सक्षम प्राधिकारी के रूप में ऐसी अतिरिक्त अवधि के भीतर अनुमति दे सकता है.बिक्री से प्राप्त आय को भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी के साथ भारत के बाहर किसी भी बैंक के साथ प्रयोजन के लिए बनाए रखा एक अलग खाते में जमा कर रहे हैं, बिक्री आय भारत में प्राप्त किया गया है समझा जाएगा.
लेख या बातें या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से व्युत्पन्न लाभ की गणना के लिए 15.6, उप - धारा (4) इस तरह के निर्यात से व्युत्पन्न लाभ के व्यापार के लाभ के लिए भालू जो राशि के रूप में उसी अनुपात में किया जाएगा प्रदान करता है कि व्यवसाय का कुल कारोबार करने के लिए इस तरह के लेख या बातें या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर भालू के संबंध में निर्यात कारोबार.दिए गए संदर्भ में व्यापार का मुनाफा प्रावधानों को लागू करने के लिए जो उपक्रम द्वारा किए गए व्यापार के मुनाफे का मतलब होगा. निर्यात के मुनाफे पर पहुंचने के लिए काम कर रहे सूत्र के रूप में के तहत किया जाएगा:
निर्यात कारोबार
उपक्रम × का निर्यात मुनाफे = मुनाफे
कुल कारोबार
निर्यात कारोबार और वर्गों 10A और 10B के प्रयोजनों के लिए कुल कारोबार जैसा भी मामला हो, निर्दिष्ट क्षेत्रों या 100% निर्यातोन्मुख उपक्रमों में स्थित उपक्रम की होगी, और यह अन्य व्यवसाय के साथ किसी भी सामग्री का संबंध नहीं करेगा इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए इन क्षेत्रों या इकाइयों के बाहर निर्धारिती.
उप - धारा को 15.7 प्रावधान (1) आगे कुल बिक्री का 25% की सीमा तक घरेलू बिक्री पर मुनाफा लेख या बातें या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से व्युत्पन्न लाभ और लाभ होना समझा जाएगा कि प्रदान करता है.इस तरह घरेलू बिक्री पर लाभ इन प्रावधानों के तहत कटौती के प्रयोजनों के लिए अलग अनुपात में बाहर काम किया है और आगे निर्यात के मुनाफे की राशि को जोड़ा जाएगा.
15.8 उप - धारा (5) के नए प्रावधानों के निर्धारिती कटौती सही ढंग से खंड के प्रावधानों के अनुसार में दावा किया गया है कि प्रमाणित करने आकलन वर्ष 2001-2002 से लागू, एक एकाउंटेंट द्वारा निर्धारित प्रपत्र रिपोर्ट में प्रस्तुत करना होगा कि प्रदान करता है.
15.9 उप - धारा (9) के मामले में स्वामित्व का हस्तांतरण या किसी भी तरह से उपक्रम में लाभकारी रुचि है कि प्रदान करता है, उप - धारा के तहत कटौती (1) के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारिती की अनुमति नहीं दी जाएगी इस तरह पिछले साल हस्तांतरण जगह लेता है, जो में और बाद के वर्षों में.स्पष्टीकरण 1 आगे जहां किसी भी पिछले साल की आखिरी तारीख को एक कंपनी के मामले में, मतदान बिजली की कम से कम 51% नहीं ले जाने कंपनी के शेयरों लाभदायक कंपनी के शेयरों आयोजित करने वाले व्यक्ति द्वारा आयोजित नहीं कर रहे हैं प्रदान करता है उपक्रम का गठन किया गया, जिसमें वर्ष के अंतिम दिन पर मतदान बिजली की कम से कम 51% नहीं ले जाने, कंपनी अपने स्वामित्व या उपक्रम में लाभकारी ब्याज का तबादला किया है समझा जाएगा.
एवजी खंड के 15.10 योजना पहले प्रावधानों के कुछ हिस्सों को बरकरार रखे.धारा 10 ए (या खंड 10 बी) के लाभ के एक निर्धारिती avails, यह दस साल की अवधि के दौरान, अधिनियम के अन्य प्रावधानों के तहत उपलब्ध अन्य कर रियायतों के लिए पात्र हो, या इस अवधि के समाप्त होने के बाद किसी भी समय नहीं होगा. इस प्रयोजन के लिए, उप - धारा (6) में प्रावधान है कि धारा 32, धारा 33, धारा 35 और धारा 36 के तहत परिवार नियोजन के संबंध में पूंजीगत व्यय के तहत वैज्ञानिक अनुसंधान पर खर्च के तहत खंड 32A, विकास छूट के तहत निवेश भत्ता के तहत मूल्यह्रास के लिए प्रावधान उसमें निर्दिष्ट सभी भत्ते या कटौती करने के लिए पूरा प्रभाव दिया गया है के रूप में (1) (नौ) लागू नहीं होगी. नतीजतन, संबंधित अनवशोषित मात्रा में आगे बढ़ाया या बाद में किसी भी साल के मुनाफे के खिलाफ बंद सेट नहीं किया जा सकता. दूसरे शब्दों में, यह अनवशोषित भत्ता या कटौती की कोई राशि निम्नलिखित आगे बढ़ाया जा रहा है कि मूल्यह्रास, निवेश भत्ता, विकास छूट, वैज्ञानिक अनुसंधान या परिवार नियोजन पर पूंजीगत व्यय के लिए भत्ते पूरी तरह से इन दस वर्षों में लीन थे कि प्रकल्पित और है दस साल की अवधि. धारा 72 के तहत सिर "मुनाफा और व्यापार या पेशे के लाभ 'के तहत इसी कोई हानि (1) या सिर" पूंजीगत लाभ "के तहत धारा 74 के तहत (1) प्रासंगिक मूल्यांकन वर्षों के संबंध में, आगे बढ़ाया या दूर स्थापित किया जाएगा लाभ की अवधि के बाद उपक्रम की आय की गणना में.
उप खंड में 15.11 नव डाला प्रावधान (7) भी में प्रवेश किया कुछ लेनदेन करने के लिए समायोजन करने के लिए मूल्यांकन अधिकारी सक्षम करने के लिए, (8) और (10) आयकर अधिनियम की धारा 80 आईए के उप वर्गों को संदर्भित करता है पात्र व्यापार से, और बारीकी से जुड़े पक्षों के बीच हाथ की दूरी पर नहीं हैं जो लेनदेन के संबंध में.
15.12 उप - धारा को बनाए रखना है (8), निर्धारिती इस धारा के प्रावधानों के तहत विनियमित नहीं किया जा रहा का एक विकल्प दिया जाता है.
नव डाला प्रावधान नीचे दिये गये स्पष्टीकरण में 15.13, "कंप्यूटर सॉफ्टवेयर" का अर्थ बोर्ड द्वारा अधिसूचित किया जा सकता है के रूप में अनुकूलित इलेक्ट्रॉनिक डेटा या ऐसी अन्य सेवाएं शामिल करने के लिए बढ़े हुए है.
नव एवजी खंड 10 बी के 15.14 प्रावधान एक निर्यातोन्मुख इकाइयों फीसदी सौ के संबंध में यथोचित परिवर्तन सहित लागू नहीं होगी.
15.15 उप - धारा के परन्तुक (1) इन धाराओं के तहत कोई कटौती के लिए और आकलन वर्ष 2010-11 के बाद उपलब्ध हो जाएगा प्रदान करता है.
15.16 नव एवजी वर्गों 2001/01/04 से प्रभाव के साथ लागू किया जाएगा और आकलन वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगी.
[धारा 6 व 7]
वित्त अधिनियम 2000
चैरिटेबल ट्रस्ट, छूट नहीं कम करने की धनराशि ऐसी कंपनियों में सरकार द्वारा विनिवेश के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में तीन साल के लिए निवेश रहना
मौजूदा प्रावधानों के तहत 16.1, एक ट्रस्ट के तहत आयोजित की और धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए पूरी तरह इस्तेमाल किया संपत्ति से आय आयकर से छूट प्राप्त है.यह छूट केवल धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए लागू किया जाता है या इस तरह के उद्देश्यों को लागू करने के लिए जमा हुए है, इस तरह के संचय विश्वास की कुल आय का 25% से अधिक नहीं है प्रदान की है जो आय के ऐसे हिस्से तक ही सीमित है.
(2) धारा 11 की उप - धारा की 16.2 प्रावधान तो संचित या अलग सेट पैसा (5) धारा 11 की उप - धारा में वर्णित निर्दिष्ट रूपों या मोड, में निवेश या जमा किया जाना चाहिए कि प्रदान करते हैं.
उप खंड के खंड (सात) के प्रावधानों के तहत 16.3 (5) धारा 11 की, किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में निवेश या जमा चैरिटेबल ट्रस्ट के लिए निवेश का एक पात्र विधा के रूप में निर्दिष्ट किया जाता है.एक ट्रस्ट एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी के अलावा किसी अन्य कंपनी के किसी भी शेयर को धारण करता है, छूट का लाभ उपलब्ध नहीं है. कुछ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को सरकार द्वारा विनिवेश के बाद, एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी होने के लिए संघर्ष कर सकते हैं.
16.4 यह एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी में एक निवेश या जमा (शेयर के मामले में) तीन वर्ष की अवधि के लिए, धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्टों के लिए निवेश के पात्र मोड में से एक होने के लिए जारी करेगा कि अधिनियम के द्वारा प्रदत्त किया गया है, अन्य निवेश या जमा की परिपक्वता की तारीख, तारीख से एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी नहीं रहता है.
16.5 यह संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 8]
वित्त अधिनियम 2000
शहरी बुनियादी ढांचे के लिए लंबी अवधि के वित्त में धन निवेश करने की अनुमति दी चैरिटेबल ट्रस्ट
17.1 के तहत उप खंड के खंड (नौ) (5) धारा 11 की, साथ जमा या गठन या लंबी अवधि के वित्त उपलब्ध कराने के कारोबार पर ले जाने का मुख्य उद्देश्य के साथ, भारत में पंजीकृत एक सार्वजनिक कंपनी द्वारा जारी किए गए किसी भी बांडों में निवेश आवासीय प्रयोजनों के लिए भारत में मकानों के निर्माण के लिए, ट्रस्टों के लिए पात्र निवेश के रूप में शामिल है.
शहरी बुनियादी ढांचे के लिए लंबे समय तक वित्त प्रदान करने के कारोबार पर ले जाने का मुख्य उद्देश्य के साथ बनाई और भारत में पंजीकृत सार्वजनिक कंपनियों में निवेश है कि प्रदान करने के लिए इतनी के रूप में 17.2 अधिनियम इस उप - धारा में एक नया खंड डाला गया है भी रूप में निर्दिष्ट किया जाएगा निवेश के लिए पात्र मोड में से एक.
17.3 शब्द 'शहरी बुनियादी ढांचे' पीने योग्य पानी की आपूर्ति, सफाई और सीवरेज, जल निकासी, ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क, पुल और फ्लाईओवर या शहरी परिवहन उपलब्ध कराने के लिए एक परियोजना मतलब करने के लिए परिभाषित किया गया है.
17.4 संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 8]
वित्त अधिनियम 2000
शिक्षा या चिकित्सा सुविधाओं निर्दिष्ट व्यक्ति के लिए प्रदान की जाती है अगर चैरिटेबल ट्रस्ट छूट खोने के लिए नहीं
18.1 मौजूदा प्रावधानों विश्वास की ऐसी आय या किसी भी संपत्ति के किसी भी भाग में इस तरह के विश्वास के लेखक के रूप में किसी भी व्यक्ति के लाभ के लिए इस्तेमाल किया है या सीधे या परोक्ष रूप से लागू किया जाता है, तो एक धर्मार्थ या धार्मिक विश्वास की आय मुक्त नहीं होगा कि प्रदान , न्यासी या ऐसे व्यक्तियों (एक निर्दिष्ट व्यक्ति के रूप में) एक बड़ा हित है, जिसमें ऐसे व्यक्तियों या किसी भी चिंताओं के किसी भी रिश्तेदार.
18.2 अधिनियम एक शैक्षिक संस्थान या एक चिकित्सा संस्था या एक अस्पताल चल रहे एक न्यास शिक्षा या चिकित्सा के लाभों के मूल्य के अलावा अन्य किसी भी आय की छूट का लाभ खोना नहीं होगा कि प्रदान करने के लिए धारा 13 में एक नई उपधारा डाला गया है इस तरह के लाभ निर्दिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया गया है कि केवल इस आधार पर निर्दिष्ट व्यक्तियों के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं.
18.3 संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 9 तथा 10]
वित्त अधिनियम 2000
प्रतिभूतियों के कराधान कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन प्लान के तहत प्राप्त
19.1 वित्त अधिनियम, 1999 कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना के तहत शेयरों के आवंटन का एक परिणाम के रूप में एक कर्मचारी के लिए उत्पन्न होने वाले लाभ की कर देयता के बारे में स्पष्टता लाने के लिए अधिनियम में कुछ प्रावधानों डाला.मौजूदा प्रावधानों के विकल्प के व्यायाम और शेयर प्राप्त करने के लिए कर्मचारी द्वारा भुगतान की कीमत की तारीख पर बाजार मूल्य के बीच अंतर उचित बाजार विकल्प के व्यायाम की तारीख पर मूल्य और बीच अनुलाभ और अंतर के रूप में माना जाएगा कि प्रदान कर्मचारी द्वारा शेयरों के हस्तांतरण की स्थिति में वास्तविक बिक्री मूल्य पूंजीगत लाभ माना जाएगा.
19.2 अधिनियम एक प्रस्थान करता है और कोई रिआयत सीधे या परोक्ष रूप से कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन प्लान या योजना के तहत शेयरों / डिबेंचरों या वारंट के आवंटन का एक परिणाम के रूप में प्राप्त लाभ के संबंध में कर्मचारी के हाथ में कर लगाया जाएगा कि प्रदान करता है.यह धारा 17 को हटाने (2) (IIIA) और धारा 17 नीचे एक विवरण उपलब्ध कराने के द्वारा किया जा करने की मांग की है (2) (ग). वित्त अधिनियम, 1999 के द्वारा डाला खंड 49 में उप - धारा (2 बी) को भी हटा दिया गया है. संशोधित प्रावधानों के तहत, ऐसे शेयर ही कर्मचारी द्वारा बिक्री के समय पर पूंजी लाभ कर के अधीन हो जाएगा. विचार और अधिग्रहण की लागत के बीच अंतर कानून के सामान्य प्रावधानों के तहत पूंजीगत लाभ की राशि के रूप में माना जाएगा. बहरहाल, नए प्रावधान केवल प्रयोग के विकल्प या 31-3-2000 के बाद किए गए आवंटन के संबंध में लागू होगा. पूर्व 31-3-2000 को कर्मचारी द्वारा प्रयोग किया गया है जो विकल्प के संबंध में शेयरों की कर देयता पुराने प्रावधानों द्वारा नियंत्रित किया जाता रहेगा.
19.3 संशोधन प्रावधान आगे उपहार या कर्मचारी द्वारा इस तरह के शेयरों की अटल स्थानांतरण की स्थिति में है कि उपलब्ध कराने, पूंजीगत लाभ कर को दायित्व ऐसे उपहार या अटल हस्तांतरण की तारीख पर बना है और शेयरों के बाजार मूल्य है, जब समय पर उठेगा इस तरह का उपहार या हस्तांतरण इस संबंध में कर्मचारी द्वारा प्राप्त विचार होना समझा जाएगा.
19.4 ये संशोधन, 1 अप्रैल से 2001 प्रभावी होगा और निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगा.
[धारा 17, 21, 22 और 23]
वित्त अधिनियम 2000
स्वयं के कब्जे घर संपत्ति के अधिग्रहण या निर्माण करने के लिए गए ऋणों पर ब्याज की बढ़ी कटौती के संबंध में अंतिम तिथि का विस्तार
वित्त अधिनियम, 1999 तक 20.1, एक स्वयं के कब्जे घर समर्थक perty का निर्माण या अधिग्रहण के लिए उधार ली गई पूंजी पर ब्याज के लिए उपलब्ध कटौती रुपये तक बढ़ाया गया था. 75,000 ऋण 1999/01/04 को या उसके बाद लिया जाता है और सवाल में घर के निर्माण या अधिग्रहण 2001/01/04 से पहले पूरा कर लिया है.अधिनियम उप - धारा को दूसरे परंतुक हरजाना (2) कर छुट्टी आवास के लिए बढ़ा दिया गया है, जहां धारा 80 आईबी के संगत प्रावधानों के साथ यह सह टर्मिनस बनाने के लिए 31-3-2003 को इस टर्मिनल तिथि बढ़ाने के लिए धारा 24 के 31-3-2001 तक मंजूरी दे दी और 31-3-2003 तक पूरा कर लिया, और रुपये के लिए इस तरह के ब्याज के संबंध में कटौती स्वीकार्य की सीमा को बढ़ाने के लिए कर रहे हैं जो परियोजनाओं. 1,00,000.
20.2 ये संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 12]
वित्त अधिनियम 2000
रसीद के वर्ष में किराए की बकाया राशि का कराधान
आयकर अधिनियम के तहत गृह संपत्ति से आय कर लगाने की 21.1 योजना 'वार्षिक मूल्य' की अवधारणा शामिल है.वार्षिक मूल्य की संपत्ति यथोचित वर्ष से वर्ष या प्राप्त वार्षिक किराया या वार्षिक मूल्य से अधिक में प्राप्य लिए जाने की उम्मीद की जा सकती है जिसके लिए राशि नहीं समझा गया है. किराए की बकाया राशि बाद में कर सकते हैं या वार्षिक मूल्य के दायरे के भीतर गिर नहीं सकता प्राप्त किया. संदेह भी यह इन उन वर्षों के दौरान प्राप्य नहीं थे के रूप में प्रासंगिक साल में किराए की बकाया राशि शामिल करने के लिए मुश्किल हो सकता है कि व्यक्त किया गया है. अन्य स्रोतों से आय के रूप में इस तरह के आय कर लगाने में मुश्किलें भी ऐसी आय गृह संपत्ति से आय के चरित्र को बरकरार रखे हुए है कि एक संभव देखने के कारण सूचना के लिए आया था.
बाकी सब पर इस तरह के संदेह स्थापित करने के लिए और मामले को स्पष्ट करने की दृष्टि से 21.2, अधिनियम प्रदान करने के लिए आयकर अधिनियम में एक नई धारा 25B सम्मिलित करता है, जहां पहले से ही धारा 23 के तहत लगाया गया है क्या अलावा अन्य किराया के किसी भी बकाया,, बाद में एक वर्ष में प्राप्त होता है, एक ही संपत्ति से आय नहीं समझा और संपत्ति प्राप्ति या नहीं के वर्ष में निर्धारिती द्वारा स्वामित्व में है कि क्या रसीद के वर्ष में कर के लिए शुल्क लिया जाएगा.किराए की इस तरह की राशि का एक चौथाई के बराबर राशि की कटौती किराए की मरम्मत और संग्रह की ओर दिया जाएगा.
21.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 13]
वित्त अधिनियम 2000
साथ तिरस्कृत अनवशोषित मूल्यह्रास के सेट बंद के लिए एक ही व्यवसाय की निरंतरता की आवश्यकता
इस शर्त के अधीन, आगे बढ़ाया अनवशोषित मूल्यह्रास मुनाफे और बाद में वर्ष का व्यवसाय या पेशे के लाभ के खिलाफ बंद सेट होने की अनुमति दी है (2) आयकर अधिनियम की धारा 32 की उप - धारा के मौजूदा प्रावधानों के तहत 22.1 कि मूल्यह्रास भत्ता मूल रूप से अभिकलन किया गया था जिसके लिए व्यापार या पेशे में उस वर्ष पर ले जाने के लिए जारी रखा.आगे ले जाने के उद्देश्य के लिए धारा 72 और अनवशोषित व्यापार नुकसान के बंद सेट में इसी तरह की स्थिति पिछले साल हटा दिया गया था.
अनवशोषित मूल्यह्रास और अनवशोषित नुकसान से दूर आगे और सेट ले जाने से संबंधित प्रावधानों के अनुरूप करने की दृष्टि से 22.2, अधिनियम को आगे बढ़ाने के उद्देश्य के लिए एक ही व्यवसाय की निरंतरता की शर्त के साथ तिरस्कृत और अनवशोषित मूल्यह्रास के बंद का गठन किया है.
22.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 14]
वित्त अधिनियम 2000
नौवहन उद्योग के लिए प्रोत्साहन
आयकर अधिनियम की धारा 33AC के मौजूदा प्रावधानों के तहत 23.1, एक सरकारी कंपनी या जहाजों के संचालन के व्यापार पर ले जाने का मुख्य उद्देश्य के साथ एक सार्वजनिक कंपनी नहीं से व्युत्पन्न लाभ का 50% से अधिक राशि की कटौती की अनुमति दी है कुछ शर्तों के अधीन जहाजों के संचालन के व्यापार.
बेड़े के विस्तार, अधिग्रहण और आधुनिकीकरण के लिए में जाने के लिए शिपिंग उद्योग को सक्षम करने के लिए 23.2, अधिनियम में पांच साल की अवधि के लिए इस तरह के कारोबार से व्युत्पन्न लाभ की पूरी अप करने के लिए मौजूदा कटौती में इजाफा किया है.
23.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और तदनुसार, मूल्यांकन साल 2001-2002 2005-2006 तक के संबंध में लागू होगा.
[धारा 15]
वित्त अधिनियम 2000
अनुसंधान और विकास व्यय के लिए भारित कटौती की वृद्धि
आयकर अधिनियम की धारा 35, एक और घर में अनुसंधान और विकास सुविधा पर वैज्ञानिक अनुसंधान पर किए गए व्यय का एक चौथाई बार के बराबर राशि की भारित कटौती की उप - धारा (2AB) के मौजूदा प्रावधानों के तहत 24.1 विनिर्माण या किसी भी दवाओं, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कंप्यूटर, दूरसंचार उपकरण, रसायन या किसी भी अन्य लेख या बोर्ड द्वारा अधिसूचित बात के उत्पादन के कारोबार में लगी कंपनी, के लिए अनुमति दी.
एक और एक आधा बार के लिए खर्च में से एक और एक चौथाई काल से मौजूदा कटौती को बढ़ाने के लिए इतनी के रूप में अनुसंधान और विकास गतिविधियों में निवेश को और बढ़ावा देने के लिए एक दृश्य के साथ 24.2, अधिनियम की धारा 35 (2AB) संशोधन किया गया है व्यय में घर में अनुसंधान और विकास सुविधा पर वैज्ञानिक अनुसंधान पर खर्च किए गए.
24.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 16]
वित्त अधिनियम 2000
धारा 36 के तहत केन्द्र सरकार के अनुमोदन की आवश्यकता को दूर करने के लिए परिणामी संशोधन (1) (आठ)
25.1 सरलीकरण के एक उपाय के रूप में वित्त अधिनियम, 1999 (1) धारा 36 की उप - धारा के खंड के प्रयोजनों (आठ) के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदन की आवश्यकता के साथ तिरस्कृत.इस के लिए एक परिणाम के रूप में, अधिनियम वर्गों 10 (15) (चतुर्थ) (जी), 11 (5) (आठ), 11 (5) (नौ) में संशोधन कर दिया है, 35 दिन (3), 36 (1) ( VIIa), 43B, 80L (1) (सात), 80L (1) (एक्स), 88 (2) (xv) और 194A (3).
25.2 ये संशोधन, 1 अप्रैल से retrospectively 2000 प्रभावी होगा और, तदनुसार, आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 5, 8, 17, 18, 20, 40, 46 और 60]
वित्त अधिनियम 2000
एक डीमर्जर में हस्तांतरण के संबंध में समायोजन के आधार होने के लिए नीचे लिखा मूल्य
संपत्ति के ब्लॉक के लिए जिसके परिणामस्वरूप कंपनी, demerged कंपनी की संपत्ति के ब्लॉक के नीचे लिखा मूल्य को demerged कंपनी द्वारा स्थानांतरित कर रहा है जहां धारा 43 के खंड में स्पष्टीकरण 2A और 2 बी में निहित मौजूदा प्रावधानों (6) के तहत 26.1 तुरंत पूर्ववर्ती वर्ष तो हस्तांतरित परिसंपत्तियों की बुक वैल्यू से कम है.स्पष्टीकरण 2 बी में, यह इसी स्थिति में, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी के मामले में संपत्ति के ब्लॉक के नीचे लिखा मूल्य तुरंत डीमर्जर से पहले demerged कंपनी की किताबों में दिखने के रूप में संपत्ति का मूल्य होगी कि प्रदान की जाती है. संपत्ति के इस तरह के बुक वैल्यू उनके नीचे लिखा मूल्य से अधिक हालांकि, अगर अतिरिक्त घटा दी जायेगी. उपरोक्त प्रावधानों वास्तविक लागत के एक हिस्से पर demerged कंपनी को ह्रास को नकार का प्रभाव है.
26.2 अधिनियम, इसलिए, स्पष्टीकरण 2A और स्थानांतरित किया जा रहा संपत्ति के नीचे लिखा मान, वर्दी demerged कंपनी के हाथों में समायोजन के आधार के रूप में अच्छी तरह से किया जाएगा कि उपलब्ध कराने के लिए धारा 43 के खंड के 2 बी (6) हरजाना जिसके परिणामस्वरूप कंपनी.प्रावधानों में परिभाषित के रूप में इन स्पष्टीकरण के प्रयोजनों के लिए "नीचे लिखा मूल्य" नीचे लिखा मूल्य होगी.
26.3 यह संशोधन 1 अप्रैल से retrospectively 2000 प्रभावी होगा और, तदनुसार, आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू नहीं होगी.
[धारा 19]
वित्त अधिनियम 2000
भारतीय कंपनी का विदेशी होल्डिंग कंपनी के शेयरों की हालत भारतीय कंपनी को relationg के साथ एक समान बनाया के डीमर्जर के संबंध में प्रदान की हालत
अगर धारा 47 के खंड (विक) में निहित मौजूदा प्रावधानों के तहत 27.1, भारतीय कंपनी के शेयरों में पकड़े एक विदेशी कंपनी के डीमर्जर के मामले में, पूंजीगत लाभ का कोई दायित्व नहीं होगा कम से कम पचहत्तर शेयरधारकों के प्रतिशत demerged विदेशी कंपनी के परिणामस्वरूप विदेशी कंपनी के शेयरधारकों के रूप में रहने के लिए जारी है."शेयरधारकों के प्रतिशत में कम से कम पचहत्तर" के उपरोक्त शर्त के रूप में निर्धारित की गई है, जो (वी) 'डीमर्जर' की परिभाषा से संबंधित धारा 2 के खंड (19AA) के उप - खंड में प्रदान की एक ऐसी ही हालत से अलग है "शेयरों के मूल्य में तीन चौथाई".
27.2 अधिनियम के शेयरों के मूल्य में तीन चौथाई के आयोजन की एक समान स्थिति प्रदान करने के लिए धारा 47 के खंड (विक) (क) में उपखंड हरजाना.
27.3 यह संशोधन 1 अप्रैल से retrospectively 2000 प्रभावी होगा और, तदनुसार, आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू नहीं होगी.
[धारा 21]
वित्त अधिनियम 2000
लागत मुद्रास्फीति सूचकांक की परिभाषा का युक्तिकरण
28.1 लागत मुद्रास्फीति सूचकांक केन्द्र सरकार शहरी के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि का प्रतिशत पचहत्तर को ध्यान में रखते सूचित कर सकते हैं जो इंडेक्स होने के लिए आयकर अधिनियम की धारा 48 के स्पष्टीकरण के खंड (v) में परिभाषित किया गया है गैर पुस्तिका में उस वर्ष के लिए कर्मचारियों (शहरी श्रमिकेतर कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक).सूचकांक देय एडवांस टैक्स की किस्त की राशि की गणना करने के रूप में इतनी है कि वर्ष में प्रभावित हो परिसंपत्तियों के हस्तांतरण के संबंध में इस वर्ष की शुरुआत में अधिसूचित किया जाना है के बाद से, यह अप्रैल के 1 दिन के संबंध में हो गया है उस वर्ष का और पूर्ववर्ती पिछले वर्ष में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि के आधार पर गणना की जानी है. सूचनाएं इस आधार पर सभी के साथ जारी किए गए हैं. किसी भी संभावित विवाद से परे इस मुद्दे को कहें, अधिनियम पूर्वव्यापी पचहत्तर प्रति केन्द्र सरकार होने के संबंध द्वारा अधिसूचित किसी भी पिछले साल के लिए लागत मुद्रास्फीति सूचकांक में इस तरह के सूचकांक हो जाएगा प्रदान करने के लिए धारा 48 के स्पष्टीकरण के (वी) खंड हरजाना तुरंत पूर्ववर्ती पिछले वर्ष के लिए शहरी गैर मैनुअल कर्मचारियों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में औसत वृद्धि का प्रतिशत.
28.2 यह संशोधन अप्रैल, 1993 के 1 दिन से पूर्वव्यापी प्रभाव लेता है.
[धारा 22]
वित्त अधिनियम 2000
मंदी के कारण बिक्री के मामले में "निवल मूल्य" की परिभाषा में संशोधन
उप - धारा में समाहित मौजूदा प्रावधानों के तहत 29.1 (2) आयकर अधिनियम की धारा 50B के अधिग्रहण की लागत और मंदी के कारण बिक्री के माध्यम से हस्तांतरित उपक्रम या डिवीजन के पूंजीगत लाभ के संबंध में सुधार की लागत होगी पूंजीगत लाभ की गणना के प्रयोजन के लिए उपक्रम या विभाजन की "निवल मूल्य".'नेट लायक' रुग्ण औद्योगिक कंपनियों चुकता पूंजी और मुक्त भंडार अर्थ (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1985 के अनुसार निवल मूल्य होने के लिए परिभाषित किया गया है. फार्म में नहीं 3CEA यह एक उपक्रम या विभाजन की 'निवल मूल्य' अचल संपत्तियों के आधार पर एक आनुपातिक ढंग से अंतरणकर्ता कंपनी की निवल मूल्य से प्राप्त किया जाएगा कि उपलब्ध कराई गई है, बाद में अधिसूचित. यह निवल मूल्य की गणना के ऊपर विधि सभी मामलों में उचित नहीं होगा कि बाहर बताया गया है. मंदी के कारण बिक्री अलग से कोई शेयर पूंजी या भंडार है जो एक इकाई या विभाग की हो सकती है. इसके अलावा, सीका में दिखने "निवल मूल्य" की परिभाषा मंदी के कारण बिक्री प्रभावशाली गैर कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए कोई आवेदन करना होगा.
29.2 अधिनियम, इसलिए, अंतरणकर्ता की संपत्ति के ब्लॉक से कम के रूप में अब मूल्यह्रास संपत्ति की लागत से कुल के रूप में 'निवल मूल्य' को परिभाषित करने के लिए (2) धारा 50B की उप - धारा में 'निवल मूल्य' की परिभाषा विकल्प कंपनी धारा 43 (6) (सी) (क) (सी) और किसी भी पुनर्मूल्यांकन की अनदेखी खाते की किताबों में दिखने के रूप में स्थानांतरित कर अन्य परिसंपत्तियों के मूल्य के अनुसार.इस से, देनदारियों के मूल्य "निवल मूल्य" पर पहुंचने के लिए कम हो जाएगा.
29.3 यह संशोधन अप्रैल, 2000 के 1 दिन से पूर्वव्यापी प्रभाव लेता है और आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू नहीं होगी.
[धारा 24]
वित्त अधिनियम 2000
वर्गों 54EA और 54EB और कृषि वित्त और राजमार्ग बुनियादी ढांचे में पूंजी लाभ का ध्यान केंद्रित निवेश सुनिश्चित करने के लिए एक नया खंड 54EC की शुरुआत करने के लिए सूर्यास्त खंड
मौजूदा प्रावधानों के तहत 30.1, आयकर अधिनियम के वर्गों 54EA और 54EB लंबी अवधि के पूंजीगत परिसंपत्तियों के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले कर योग्य पूंजीगत लाभ को अवशोषित करने के लिए निवेश के विकल्पों में से एक टोकरी प्रदान करते हैं.रोल पर पूंजीगत लाभ के लिए उपलब्ध कराने के अधिसूचित उपकरणों शेयरों, बांडों, इकाइयों और बैंकों और विभिन्न अन्य उपकरणों की जमा राशि भी शामिल है. दो वर्गों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक प्रोत्साहन देने के लिए 1996 में शुरू किए गए थे. हालांकि, उद्देश्य विभिन्न और विविध उपकरणों की एक बड़ी संख्या की उपस्थिति में पतला कर दिया गया है. इसके अलावा, बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रोत्साहन ऐसे वर्गों 80-आइए, 80 आईबी और 10 (23g), के रूप में आयकर अधिनियम की अन्य धाराओं के तहत भी उपलब्ध हैं. लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कम कर दर के शासन में, छूट के ऐसे एक सर्वग्राही टोकरी होने के लिए बहुत कम औचित्य नहीं है. इसलिए, यह 31-3-2000 को या उससे पहले बनाया दीर्घकालिक पूंजी परिसंपत्ति का स्थानान्तरण करने के लिए उनके आवेदन सीमित वर्गों 54EA और 54EB को सूर्यास्त खंड सम्मिलित करने के लिए निर्णय लिया गया है. पूंजी लाभ 31-3-2000 से पहले किए गए तबादलों पर उत्पन्न हो गई है कहां, अधिसूचित प्रतिभूतियों में निवेश उस तारीख से परे वर्गों 54EA और 54EB तहत लेकिन निर्धारित अवधि के भीतर किया जा सकता है.
समाप्त किया जा रहा है जो वर्गों 54EA और 54EB, एक नई धारा, अर्थात्, 54EC के स्थान में 30.2, 2000/01/04 के बाद किए पूंजीगत परिसंपत्तियों के हस्तांतरण के लिए डाला गया है.नई धारा लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर से छूट, बांडों में निवेश किया है, तो कृषि वित्त और राजमार्ग बुनियादी सुविधाओं पर विशेष रूप से लक्षित अनुमति देगा. प्रश्न में साधन कृषि और ग्रामीण विकास (नाबार्ड) और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के लिए नेशनल बैंक द्वारा जारी किए जाने के तीन साल बाद प्रतिदेय बांड,, हो जाएगा. लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ से छूट इन बांड में निवेश की सीमा तक किया जाएगा.
30.3 इन बांडों तीन साल की लॉक इन अवधि के लिए होगा.लॉक इन अवधि के दौरान पैसे में किसी भी हस्तांतरण या बांड के रूपांतरण तो समझा राजधानी के रूप में परिवर्तित राशि हस्तांतरण या रूपांतरण के वर्ष में कर योग्य लाभ कर देगा. किसी भी, ऋण या अग्रिम इन बांडों की सुरक्षा पर लिया जाता है, तो इस तरह समझा पूंजीगत लाभ भी उठता होगा. इसके अलावा, इन बांडों में निवेश किसी भी राशि आयकर अधिनियम की धारा 88 के तहत छूट के लिए पात्र नहीं होंगे.
30.4 ये संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगी.
[धारा 25, 26 और 27]
वित्त अधिनियम 2000
खंड 54F के दायरे का विस्तार
आयकर अधिनियम की 31.1 धारा 54F एक आवासीय घर में निवेश किया है, तो (एक आवासीय घर नहीं जा रहा है) किसी भी लंबी अवधि के पूंजीगत संपत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर छूट.व्यक्ति निर्धारित अवधि के भीतर एक दूसरा घर के लिए चला जाता है अगर अस्तित्व में एक घर हस्तांतरण की तारीख पर या अगर वहाँ ऊपर छूट का लाभ उठाया जा सकता है कि नहीं एक शर्त है, तथापि, वहाँ है. ऊपर हालत खंड 54F के तहत कटौती का लाभ उठाने से करदाताओं की एक बड़ी संख्या के रास्ते में खड़ा है. मौजूदा घर कड़े किरायेदारी कानून या क्योंकि बाजार में कीमतों में खरीदारों या मंदी की अनुपलब्धता के नहीं बेचा जा सकता है कि एक घर के दृश्य में बेचने के लिए मुश्किल है कि एक छोटे से घर या एक tenanted घर हो सकता है. अधिनियम, इसलिए, इस धारा के तहत कटौती के रूप में लंबे समय तक वह तारीख की पर मौजूदा एक और नहीं एक से अधिक घर है के रूप में एक व्यक्ति या एक हिंदू अविभाजित परिवार के लिए उपलब्ध हो जाएगा कि उपलब्ध कराने के लिए आयकर अधिनियम की धारा 54F हरजाना हस्तांतरण. निर्धारित अवधि के भीतर एक और घर को प्राप्त नहीं की अन्य शर्त लागू रहने के लिए जारी करेगा.
31.2 यह संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगी.
[धारा 28]
वित्त अधिनियम 2000
एकीकरण में संपत्ति के मूल्य के बारे में स्पष्टीकरण
उप - धारा (2) एकीकृत कंपनी, 5 वर्ष की न्यूनतम अवधि के लिए लगातार पकड़ समामेली की परिसंपत्तियों के मूल्य में कम से कम तीन चौथाई होगा कि अनुभाग 72A राज्य की के खंड में एकीकरण के संबंध में 32.1 मौजूदा प्रावधानों (मैं) कंपनी समामेलन की एक योजना में अधिग्रहण किया जा रहा है.मुद्दे परिसंपत्तियों दिन के लिए दिन से बदल जो वर्तमान संपत्ति, शामिल होंगे विशेष रूप से है कि क्या 'मूल्य' और 'संपत्ति' का सही अर्थ निकलता संबंध में उठाया गया है.
32.2 अधिनियम की उपधारा के खंड (i) संशोधन (2) धारा 72A के इस खंड में निर्दिष्ट संपत्ति 'अचल संपत्तियों' और मान रहे हैं कि स्पष्ट करने के लिए, 'बुक वैल्यू' है.
32.3 यह संशोधन 2000/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव ले जाएगा और तदनुसार, आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू नहीं होगी.
[धारा 29]
वित्त अधिनियम 2000
उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक छात्र द्वारा उठाए गए ऋण की अदायगी के संबंध में कटौती
आयकर अधिनियम की 33.1 धारा 80 ई के उच्च शिक्षा के लिए ऋण लेने वाले छात्रों के लिए राहत प्रदान करता है.इंजीनियरिंग, मेडिसिन या प्रबंधन की किसी भी शाखा में स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए लिया ऋण की राशि का पुनर्भुगतान रुपए पच्चीस हजार एक साल में की अधिकतम राशि के लिए सकल कुल आय में से कटौती के रूप में अनुमति दी है. कटौती उपलब्ध है, जिसमें प्रथम वर्ष के व्यक्ति ऋण चुकाने शुरू होता है, जिसमें वर्ष है. कटौती आठ साल या एक साथ ब्याज के साथ इस तरह के ऋण के मूलधन नष्ट होने तक की अधिकतम अवधि के लिए अनुमति दी है.
प्रावधान करने के लिए 33.2 संशोधन पच्चीस हजार चालीस हजार रुपए तक रुपए से कटौती की सीमा बढ़ाने का प्रयास है.
33.3 संशोधित प्रावधान 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 30]
वित्त अधिनियम 2000
विदेशी मुद्रा आय के संबंध में कर रियायतों की चरणबद्ध - धारा 80HHB, 80HHBA, 80HHC, 80HHD, 80HHE, 80HHF, 80R, 80RR और 80RRA
34.1 राजकोषीय रियायतों की एक बड़ी संख्या कम कर दरों के शासन के साथ संगत नहीं हैं.अधिनियम, इसलिए, विदेशी मुद्रा आय के संबंध में कटौती से संबंधित प्रावधानों को युक्तिसंगत करना चाहता है.
34.2 के तहत आयकर अधिनियम के अध्याय छठी ए, विदेशी मुद्रा में कमाई के लिए राजकोषीय रियायतें निर्धारिती द्वारा उठाया जा सकता है.वर्गों 80HHB, 80HHBA और आयकर अधिनियम की 80 ओ के तहत, एक निर्धारिती, एक भारतीय कंपनी या (एक कंपनी के अलावा अन्य) एक व्यक्ति जा रहा है कि भारत में एक निवासी है और जो एक विदेशी परियोजना के व्यापार या से आय व्युत्पन्न है एक वैश्विक निविदा के आधार पर यह करने के लिए सम्मानित किया गया एक आवासीय परियोजना, या आदि पेटेंट, कॉपीराइट, के निर्यात से आय का 50% के बराबर राशि की कटौती करने का हकदार है.
34.3 इसी प्रकार, वर्गों आयकर अधिनियम की 80HHC, 80HHE और 80HHF, एक निर्धारिती के मौजूदा प्रावधानों के तहत किसी भारतीय कंपनी या निर्यात के व्यवसाय में लगे हुए भारत में एक निवासी है जो (एक कंपनी के अलावा अन्य) एक व्यक्ति, किया जा रहा है माल या माल या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या फिल्मों, आदि की, इस तरह के निर्यात से यह द्वारा प्राप्त मुनाफे की कटौती की अनुमति दी है.
आयकर अधिनियम की धारा 80HHD तहत 34.4, एक निर्धारिती, एक भारतीय कंपनी या (एक कंपनी के अलावा अन्य) एक व्यक्ति जा रहा है एक टूर ऑपरेटर या एक जा रहा है एक होटल या ऐसे निर्धारिती के कारोबार में लगे भारत में निवासी है, जो 'ट्रैवल एजेंट' से बराबर राशि का, अपनी कुल आय की गणना में, एक कटौती की अनुमति दी है
(I) विदेशी पर्यटकों को उपलब्ध कराई गई सेवाओं से प्राप्त मुनाफे का पचास फीसदी; और
(Ii) तो (4) उस अनुभाग के उप - धारा में निर्दिष्ट तरीके से उपयोग किया जा करने के लिए एक आरक्षित कोष में जमा कर रहे हैं के रूप में मुनाफे के ज्यादा.
आयकर अधिनियम, एक प्रोफेसर, शिक्षक या विदेश में अनुसंधान कार्यकर्ता प्रतिपादन सेवा, आदि एक विदेशी विश्वविद्यालय, संस्था, से प्राप्त पारिश्रमिक में से कटौती करने का हकदार है की धारा 80R के तहत 34.5, कर के उनकी आय प्रभार्य की गणना करते समय.कटौती इस तरह के पारिश्रमिक की पचहत्तर प्रतिशत के बराबर राशि का है.
खंड 80RR तहत 34.6, एक समान कटौती अपने पेशे के अभ्यास में, एक विदेशी स्रोत से आय पाने, एक कलाकार, नाटककार, संगीतकार, अभिनेता आदि के लिए उपलब्ध है.
34.7 इसी तरह की कटौती से भारत के बाहर सेवा प्रदान करने वाले व्यक्तियों के लिए, अनुभाग 80RRA के तहत भी उपलब्ध है.
34.8 संशोधन एक पांच साल की अवधि में सब से ऊपर लाभ को खत्म करने का प्रयास है.इस वर्गों 80HHC, 80HHE और 80HHF के प्रावधानों के तहत निर्धारिती निर्धारण वर्ष 2001-2002 में निर्यात लाभ का प्रतिशत अस्सी की कटौती, निर्धारण वर्ष 2002-2003 में साठ प्रतिशत, प्रतिशत चालीस के हकदार होंगे मतलब होता है कि निर्धारण वर्ष 2003-2004, और आकलन वर्ष 2004-2005 में बीस फीसदी में.
वर्गों 80HHB, 80HHBA और 80 ओ के तहत 34.9, निर्धारिती निर्धारण वर्ष 2003 में आकलन वर्ष 2002-2003 में प्रतिशत तीस आकलन वर्ष 2001-2002 में निर्यात लाभ का प्रतिशत चालीस की कटौती फीसदी बीस हकदार होगा -2004 और निर्धारण वर्ष 2004-2005 में दस फीसदी.
34.10 व्यक्तिगत करदाता पचहत्तर प्रतिशत की कटौती करने के हकदार हैं, जहां उन मामलों में, कटौती निर्धारण वर्ष 2001-2002 में प्रतिशत साठ को कम किया जाएगा, पैंतालीस निर्धारण वर्ष 2002-2003 तीस फीसदी फीसदी निर्धारण वर्ष 2003-2004 और निर्धारण वर्ष 2004-2005 में पंद्रह फीसदी में.इस प्रकार, सभी लाभों निर्धारण वर्ष 2004-2005 से बाहर चरणबद्ध किया जाएगा.
34.11 कोई कटौती आकलन वर्ष 2005-2006 और बाद के वर्षों के लिए इन प्रावधानों में से किसी के तहत उपलब्ध होगी.
34.12 ये संशोधन, 1 अप्रैल से 2001 प्रभावी होंगे और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू नहीं होगी.
[धारा 32, 33, 34, 35, 36, 37, 41, 42, 43 और 44]
वित्त अधिनियम 2000
खंड 80HHF के तहत निर्यात लाभ गैर कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए बढ़ा
खंड 80HHF के मौजूदा प्रावधानों के तहत 35.1, फिल्म सॉफ्टवेयर, टेलीविजन सॉफ्टवेयर, संगीत सॉफ्टवेयर और प्रसारण अधिकार सहित टेलीविजन समाचार सॉफ्टवेयर के निर्यात के कारोबार में लगे हुए कॉर्पोरेट निर्धारिती, इस तरह के लाभ का एक पूर्ण कटौती के हकदार परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में प्राप्त होते हैं.
35.2 प्रावधान कंपनियों के अलावा अन्य निर्धारिती शामिल करने के लिए संशोधन किया गया है.
35.3 संशोधन 1 अप्रैल 2000 से प्रभावी हो जाएगा और तदनुसार, आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 37]
वित्त अधिनियम 2000
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और जल उपचार प्रणालियों शहरी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कर अवकाश प्रदान की
आयकर अधिनियम, एक पांच साल का टैक्स हॉलिडे और (प्रारंभिक पंद्रह वर्ष की अवधि के भीतर) बाद के पांच वर्षों में 30% की कटौती की मौजूदा प्रावधानों के तहत 36.1,, एक कंपनी या कंपनियों के एक संघ की अनुमति दी है संचालन और सड़कों, राजमार्गों, पुलों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, रेल प्रणाली या एक समान प्रकृति के किसी अन्य सार्वजनिक सुविधा की प्रकृति में बुनियादी सुविधाओं को बनाए रखने.जल आपूर्ति परियोजनाओं, सिंचाई परियोजनाओं, सफाई और सीवरेज सिस्टम भी प्रावधान के तहत बुनियादी सुविधाओं के हिस्से के रूप में.
36.2 देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य सहित शहरी बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश की जरूरत है.इस तरह की सुविधा संचालित करने के लिए वाणिज्यिक उद्यमों को आकर्षित करने के लिए, अधिनियम जल उपचार और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली के रूप में अच्छी तरह से करने के लिए कर अवकाश का लाभ का विस्तार करने का प्रस्ताव है.
36.3 वित्त अधिनियम, 1999 के मौजूदा धारा 80-IA के स्थान पर वर्गों 80-आइए और 80 आईबी के नए प्रावधानों एवजी. उप - धारा (3) खंड की
80 आइए धारा 80-IA के नव शुरू प्रावधान कुछ शर्तों को पूरा करने वाले किसी भी औद्योगिक उपक्रम के लिए लागू होता है प्रदान करता है. संदेह कोई संदर्भ (4), कटौती किसी भी औद्योगिक उपक्रम के लिए लागू किया जा सकता है उपधारा के लिए बनाया गया है कि कुछ तिमाहियों में उठाए गए थे. इस विधानमंडल का इरादा नहीं था. इस संबंध में किसी भी संदेह को दूर करने के लिए, शब्द "किसी भी औद्योगिक उपक्रम" उप - धारा की "औद्योगिक उपक्रम" (चतुर्थ) खंड में निर्दिष्ट शब्दों द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है (4).
36.4 संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 38]
वित्त अधिनियम 2000
औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्यों और संघ आठवीं अनुसूची के क्षेत्रों और औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों में स्थापित उपक्रमों के संबंध में कर अवकाश 31-3-2002 तक बढ़ाया
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 आईबी के मौजूदा प्रावधानों के तहत 37.1, एक कटौती के एक नए औद्योगिक उपक्रम या एक होटल के व्यवसाय से व्युत्पन्न लाभ के संबंध में, कर योग्य आय की गणना में, की अनुमति दी है.
औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्य में औद्योगीकरण को बढ़ावा के लिए 37.2, इस अवधि के दौरान विनिर्माण या उत्पादन शुरू जो आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में स्थापित औद्योगिक उपक्रमों के लिए एक पांच साल का टैक्स हॉलिडे के लिए प्रदान की जाती वित्त अधिनियम, 1993, शुरुआत अप्रैल, 1993 के दिन 1 पर है, लेकिन मार्च, 2000 के 31 वें दिन से पहले.पहले पांच साल के बाद, कंपनियों (अन्य करदाता के मामले में 25%) के मामले में मुनाफे का 30% की कटौती के बाद के पांच साल के लिए अनुमति दी है. इसी तरह, एक पांच साल का टैक्स हॉलिडे अधिसूचित औद्योगिक रूप से पिछड़े वर्ग 'ए' का जिला और निर्माण शुरू हो या जो श्रेणी के औद्योगिक रूप से पिछड़े जिले 'बी' में स्थापित किया उन लोगों के लिए एक तीन साल का टैक्स हॉलिडे में स्थापित उपक्रमों के लिए उपलब्ध है उत्पादन 1994/01/10 लेकिन पर या 31-3-2000 से पहले के बाद.
37.3 अधिनियम भी 31-3-2000 लेकिन पर या 31-3-2002 से पहले के बाद निर्माण / उत्पादन शुरू जो आठवीं अनुसूची में निर्दिष्ट के रूप में औद्योगिक रूप से पिछड़े राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में स्थापित उपक्रमों के लिए कर अवकाश फैली हुई है.यह भी 31-3-2002 को या उससे पहले औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों में स्थापित उपक्रमों के लिए कर अवकाश का विस्तार करना चाहता है.
37.4 संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 39]
वित्त अधिनियम 2000
वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास पर ले जाने के लिए एक कंपनी के लिए कर अवकाश
38.1 ज्ञान आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए, अधिनियम वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास पर कंपनियों को ले जाने के लिए लगातार दस साल के लिए कर अवकाश प्रदान करता है.दस साल की अवधि के अनुमोदन विहित प्राधिकारी द्वारा दी जाती है, जिसमें वर्ष से गिना जाता है. इस लाभ का फायदा उठाने के लिए, इस तरह कंपनी
(मैं), भारत में पंजीकृत होना चाहिए
(Ii) अपने मुख्य उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और विकास होना चाहिए,
(Iii) 31 मार्च, 2000 के बाद किसी भी समय विहित प्राधिकारी द्वारा लेकिन 1 अप्रैल 2003, से पहले मंजूरी दे दी जानी चाहिए
निर्धारित हो सकता है के रूप में (iv) ऐसी अन्य शर्तों को पूरा करना चाहिए.
38.2 अन्य शर्तों और धारा 80 आईबी को लागू कर रहे हैं के रूप में की आवश्यकताओं को इस प्रावधान को लागू करने के लिए जारी रहेगा.
38.3 संशोधन, 1 अप्रैल से 2001 प्रभावी होगा और आकलन साल 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगा.
[धारा 39]
वित्त अधिनियम 2000
वरिष्ठ नागरिकों के मामले में आयकर की छूट
आयकर अधिनियम की 39.1 धारा 88B सौ प्रति आयकर फीसदी या जो भी कम हो दस हजार रुपये की राशि, के बराबर राशि की छूट के रूप में एक विशेष राहत के लिए प्रदान करता है, भारत में व्यक्तिगत निवासियों को उपलब्ध है जो पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय पैंसठ वर्ष या उससे अधिक की उम्र.
वरिष्ठ नागरिकों के लिए 39.2 छूट वृद्धावस्था देखभाल और चिकित्सा व्यय की बढ़ती लागत को पूरा करने में उनकी मदद करने के लिए प्रदान किया गया है.
39.3 संशोधन प्रावधान की अन्य आवश्यकताओं को बनाए रखना है, जबकि इस तरह के व्यक्तियों के मामले में पंद्रह हजार रुपए तक रुपए दस हजार से मौजूदा कर छूट को बढ़ाने के लिए करना चाहता है.
39.4 संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, आकलन वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 45 और 47]
वित्त अधिनियम 2000
रुपये के लिए उठाया छूट के लिए आवास ऋण योग्यता की अदायगी की सीमा. 20]000
धारा 88 के मौजूदा प्रावधानों के तहत 40.1, निर्दिष्ट बचत में किए गए योगदान रुपए की सीमा के अध्यधीन निवेश की गई राशि का 20% की एक कर छूट की अनुमति है.60,000 (रुपए 70,000 इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में निवेश किया है तो). रुपये की योग्यता राशि. 60,000 रुपये के लिए एक आवासीय घर की खरीद या निर्माण के लिए ऋण की अदायगी भी शामिल है. शुरू किया.
40.2 अधिनियम रुपये से इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड में निवेश की सीमा को जन्म देती है. रुपये के लिए 10,000. 20,000 जिससे रुपये को ऐसे मामलों में छत जुटाने.80,000. एक आवासीय घर की खरीद या निर्माण के लिए ऋण की चुकौती के लिए सीमा भी रुपये से उठाया है. रुपये के लिए 10,000. रुपये की समग्र सीमा के भीतर 20,000. 60,000.
40.3 संशोधन, 1 अप्रैल से 2001 प्रभावी होंगे और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू नहीं होगी.
[धारा 46]
वित्त अधिनियम 2000
महिलाओं के लिए टैक्स छूट
आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए 41.1, एक नई धारा, अर्थात्, धारा 88C, आयकर अधिनियम में सम्मिलित किया गया है. प्रावधान के तहत पिछले वर्ष में पैंसठ वर्ष की आयु प्राप्त नहीं किया है, जो एक औरत होने के नाते एक निर्धारिती, उसके द्वारा देय आयकर के बराबर राशि या पांच रुपए की राशि की कर छूट की हकदार होंगी हजार, इनमें से जो भी कम है.
41.2 संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 48]
वित्त अधिनियम 2000
प्रतिभूतियों पर लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर की रियायती दर भारतीय यूनिट ट्रस्ट की इकाइयों और म्युचुअल फंड की यूनिटों के लिए बढ़ाया
उप - धारा के प्रावधान में निहित मौजूदा प्रावधानों के तहत 42.1 (1) आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 112 के सूचीबद्ध प्रतिभूतियों के हस्तांतरण से उत्पन्न लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर की पूंजी का 10% से अधिक नहीं होगी लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के लिए समायोजन की अनुमति से पहले लाभ.प्रतिभूतियों की परिभाषा प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 की धारा 2 के खंड (ज) में दी गई परिभाषा इस प्रकार है.
42.2 अधिनियम आय की भारतीय यूनिट ट्रस्ट की इकाइयों और धारा 10 (23D) के तहत निर्दिष्ट म्युचुअल फंड की यूनिटों के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाली है कि लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ प्रदान करने के लिए उप - धारा (1) के खंड 112 के परंतुक हरजाना टैक्स एक्ट भी लागत मुद्रास्फीति सूचकांक के लिए समायोजन की अनुमति से पहले पूंजीगत लाभ का 10% से अधिक नहीं होगी.
42.3 यह संशोधन, 1 अप्रैल दिन से पूर्वव्यापी प्रभाव लेता है 2000 और, तदनुसार, आकलन वर्ष 2000-2001 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू नहीं होगी.
[धारा 49]
वित्त अधिनियम 2000
कंपनियों पर न्यूनतम वैकल्पिक कर
सीमांत कर का भुगतान शून्य कर कंपनियों और कंपनियों की संख्या हो गई थी के रूप में हाल के वर्षों में 43.1, न्यूनतम वैकल्पिक कर निर्धारण वर्ष 1997-98 से आयकर अधिनियम की धारा 115JA के तहत लगाया गया था.मौजूदा प्रावधान के प्रभावकारिता, तथापि, मेट के संचालन और ऋण प्रणाली से विभिन्न क्षेत्रों के बहिष्करण को देखते हुए मना कर दिया. अधिनियम, इसलिए, मेट की योजना में संशोधन किया है. मौजूदा अनुभाग 115JA निष्क्रिय प्रभावी बना दिया गया है 2001/01/04. अपने स्थान में, अधिनियम आयकर अधिनियम के एक नए प्रावधान, 115JB सम्मिलित करता है.
43.2 नए प्रावधानों, भाग द्वितीय और अनुसूची VI के भाग III के अनुसार तैयार कंपनी अधिनियम के तहत पुस्तक मुनाफा होने के लिए सभी कंपनियों को कंपनी अधिनियम के लिए, 7.5% की एक कम दर पर एक न्यूनतम वैकल्पिक कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा कि प्रदान पुस्तक मुनाफे का 10.5% की मौजूदा प्रभावी दर, के खिलाफ के रूप में.इन प्रावधानों के किसी भी बिना किसी अपवाद के सभी कॉर्पोरेट संस्थाओं के लिए लागू किया जाएगा.
43.3 नए प्रावधानों के आगे अपनी वैधानिक खाते तैयार करने के लिए पीछा कर रहे हैं के रूप में मेट के प्रयोजनों के लिए, कंपनी एक ही लेखांकन नीतियों और मानकों का पालन करेगा कि प्रदान करते हैं.
43.4 संशोधन प्रावधान भविष्य में मेट के लिए क्रेडिट की अनुमति की प्रणाली को बंद कर दिया.हालांकि, धारा 115JA के मौजूदा प्रावधानों के तहत करों का भुगतान क्रेडिट मिल जाएगा.
इन बाहर चरणबद्ध किया जा रहा है के रूप में वर्गों 10A, 10B, 80HHC, 80HHE और 80HHF तहत 43.5 निर्यात लाभ इस प्रावधान के दायरे से बाहर रखा जाता है.नए प्रावधान भी मुक्त कंपनियों कंपनी अधिनियम की धारा 25 के तहत दर्ज की गई.
एक लेखा परीक्षक से 43.6 सर्टिफिकेट भी किताब मुनाफे की हद तक सुनिश्चित करने की दृष्टि से निर्धारित किया गया है.
43.7 ये संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
[धारा 50, 51 और 52]
वित्त अधिनियम 2000
घरेलू कंपनियों के वितरित लाभ पर कर
एक घरेलू कंपनी की कुल आय के संबंध में आयकर प्रभार्य के अलावा धारा 115 हे, के मौजूदा प्रावधानों के तहत 44.1, किसी भी राशि की घोषणा की, वितरित या लाभांश के माध्यम से भुगतान पर अतिरिक्त आयकर करने का आरोप लगाया है दस फीसदी की दर.
फीसदी बीस दस फीसदी से घरेलू कंपनियों के वितरित लाभ पर कर बढ़ाने के लिए 44.2 अधिनियम, इस खंड हरजाना.
आयकर अधिनियम की धारा 115P के 44.3 मौजूदा प्रावधानों, 1961 तत्संबंधी महीने या भाग प्रति 2%, लाभांश पर अतिरिक्त आयकर के तहत अनुमति दी समय के भीतर भुगतान नहीं किया है की दर से साधारण ब्याज की वसूली के लिए प्रदान उप - धारा (3) धारा 115 हे.
विभिन्न चूक के लिए आयकर अधिनियम के तहत आरोप लगाए जाने की ब्याज की 44.4 की दर 2% से 1.5% करने के लिए वित्त अधिनियम, 1999 के द्वारा कम किया गया है.धारा 234A और 234B, क्रमशः, भी प्रति माह एक फीसदी और एक आधा करने के लिए प्रति माह दो फीसदी से इन धाराओं के तहत आरोप लगाया ब्याज को कम करने के लिए 1999/01/06 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1999 के द्वारा संशोधित किया गया है.
44.5 उपरोक्त को देखते हुए, अधिनियम इसलिए, 2000/01/06 से एक और प्रभाव के साथ प्रति माह फीसदी आधा करने के लिए प्रति माह दो फीसदी से अनुभाग 115P के तहत आरोप लगाए जाने की ब्याज की दर को नीचे लाने के लिए खंड 115P हरजाना विभिन्न प्रावधानों के तहत आयकर अधिनियम के तहत आरोप लगाया जा रहा दंडात्मक ब्याज की दर में एकरूपता नहीं है.
44.6 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी होगा.
[धारा 53 और 54]
वित्त अधिनियम 2000
भारतीय यूनिट ट्रस्ट और म्युचुअल फंड द्वारा वितरित आय पर टैक्स
मौजूदा प्रावधानों के तहत 45.1, उनकी यूनिट धारकों को भारतीय यूनिट ट्रस्ट द्वारा या म्युचुअल फंड द्वारा वितरित आय के किसी भी राशि टैक्स और भारत या म्युचुअल फंड की यूनिट ट्रस्ट को प्रभार्य है की दर से वितरित आय पर कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं दस फीसदी.10% की दर से कर ही उनके पर भारतीय यूनिट ट्रस्ट और (यूएस -64 और अन्य ओपन एंडेड इक्विटी ओरिएंटेड फंडों की तुलना में अन्य) म्युचुअल फंड से भुगतान किया जाता है कि आवश्यकता होती है जो अनुभाग 115R के प्रावधानों, वितरित- buted आय, यूनिट भारत के ट्रस्ट और म्युचुअल फंड के रू - बरू बैंक और कंपनी जमा की ऋण उपकरणों के पक्ष में एक विकृति पैदा की है. इस विकृति के प्रभाव को कम करने के लिए, कर की दर 10% से 20% तक बढ़ा दी गई है.
45.2 अधिनियम में यह भी मामला हो सकता है भारतीय यूनिट ट्रस्ट या म्युचुअल फंड द्वारा वितरित आय का भुगतान करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति, में, विहित प्राधिकारी को एक बयान प्रस्तुत करने के लिए उत्तरदायी होगा कि उपलब्ध कराने के लिए खंड 115R हरजाना आय का ब्यौरा देने के निर्धारित प्रपत्र और तरीके यूनिट धारकों, कर का भुगतान किया उस पर और अन्य प्रासंगिक जानकारी के लिए वितरित की.
वितरित आय पर टैक्स उप के तहत अनुमति दी समय के भीतर भुगतान नहीं किया है, तो मौजूदा प्रावधानों, आयकर अधिनियम की धारा 115S, 1961 के तहत 45.3, तत्संबंधी महीने या भाग प्रति 2% की दर से साधारण ब्याज की वसूली के लिए प्रदान करता है खंड 115R की धारा (3).
45.4 अधिनियम दंड की दर में एकरूपता नहीं है, इसलिए है कि 2000/01/06 से प्रभावी प्रति माह एक फीसदी आधा करने के लिए प्रति माह दो फीसदी से अनुभाग 115S के तहत आरोप लगाए जाने की ब्याज की दर को कम करने के लिए खंड 115S हरजाना ब्याज विभिन्न प्रावधानों के तहत आयकर अधिनियम के तहत आरोप लगाया जा रहा है.
[धारा 55 और 56]
वित्त अधिनियम 2000
पावर इसे स्थायी खाता संख्या (पैन) के लिए लागू करने के लिए अनिवार्य किया जाएगा, जिनके लिए वर्ग या व्यक्तियों की कक्षाओं में सूचित करने के लिए केन्द्र सरकार को सौंप
आयकर अधिनियम की धारा 139 क के 46.1 उप - धारा (1) में यह पैन के लिए आवेदन करने के लिए अनिवार्य है और यह भी पैन अन्यथा आवंटित किया जा सकता है जहां हालात जहां परिस्थितियों नीचे देता है.यह निम्न परिस्थितियों में पैन के लिए आवेदन करने के लिए अनिवार्य है -
छूट की सीमा से परे कर योग्य आय है, जो (मैं) व्यक्तियों;
कुल बिक्री / कारोबार / सकल प्राप्तियां रुपये से अधिक है, जहां किसी भी व्यवसाय या पेशे पर ले जाने (द्वितीय) व्यक्तियों. किसी भी पिछले एक साल में 5 लाख;
(Iii) धारा 139 (4 ए) के तहत प्रदान के रूप में विश्वास के तहत आयोजित की संपत्ति से प्राप्त आय की प्राप्ति में है जो किसी भी व्यक्ति.
इसके अलावा 46.2, मूल्यांकन अधिकारी कर देय है जिसके द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को पैन आवंटित कर सकता है.इसके अलावा, किसी भी व्यक्ति को पैन के आवंटन के लिए मूल्यांकन अधिकारी को आवेदन कर सकते हैं और एक ही उसे आवंटित किया जाएगा.
एक दृष्टि से 46.3 उत्तरोत्तर पैन, इस तरह के उत्पाद एवं सीमा शुल्क के केंद्रीय बोर्ड और विदेश व्यापार के महानिदेशक का एक वर्ग या वर्गों को सूचित करने के लिए केन्द्र सरकार को अधिनियम के प्रतिनिधियों को शक्ति के रूप में अन्य विभागों के लिए एक सामान्य व्यापार पहचान संख्या बनाने के लिए व्यक्तियों, जिनके लिए यह पैन के लिए आवेदन करने के लिए अनिवार्य हो जाएगा. हालांकि, व्यक्तियों के ऐसे वर्ग या वर्गों के संबंध में, कर आयकर अधिनियम या किसी कर या शुल्क बल में किसी अन्य कानून के तहत देय हो गया है के तहत देय हो गया है.बिजली भी कोई कर या शुल्क उनके द्वारा देय है या नहीं आयातकों और निर्यातकों को सूचित करने के लिए सौंप दिया गया है.
46.4 यह संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी होता है.
[धारा 58]
वित्त अधिनियम 2000
आयकर अधिनियम की धारा 246A और संबंधित अधिनियमों में कई स्थानों पर संपत्ति कर अधिनियम की धारा 23A के संदर्भ में निवेशन
मामले 1998/01/10 पर या के बाद, हो सकता है के रूप में 47.1 अपील, आयकर अधिनियम की धारा 246A के तहत और संपत्ति कर अधिनियम की धारा 23A के तहत आयुक्त (अपील) के समक्ष है.इन वर्गों को परिणामी संदर्भ संबंधित अधिनियमों में कई स्थानों पर आवश्यक हैं.
47.2 अधिनियम (3) खंड 158BFA की उपधारा (6) आय की धारा 275 (1) के खंड 220, धारा 267 और उप - धारा की उपधारा में अनुभाग 246A के संदर्भ में सम्मिलित करने के लिए आवश्यक संशोधन करती है टैक्स एक्ट.
अनुभाग 23A के लिए संदर्भ की 47.3 इसी प्रकार के सम्मिलन उप वर्गों (2) में बनाया गया है और (6) संपत्ति कर अधिनियम की धारा 35 (1) के खंड 31, धारा 34A की उप - धारा (4 बी) और उप - धारा की कर रहे हैं .
47.4 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी.
[धारा 59, 62, 69, 70, 74, 75 और 76]
वित्त अधिनियम 2000
टीडीएस प्रावधानों का युक्तिकरण
अनुभाग 194A के मौजूदा प्रावधानों के तहत 48.1 (3) आयकर अधिनियम की, नहीं कर प्रतिभूतियों पर ब्याज "के माध्यम से आय के अलावा अन्य ब्याज के रूप में एक निवासी, किसी भी आय के लिए भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा स्रोत पर कटौती योग्य है "इस तरह के आय की मात्रा की कुल श्रेय या भुगतान या श्रेय या आदाता को वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान रुपये से अधिक न हो जाने की संभावना है.२५०० रु. है.
48.2 रुपये से कहा मौद्रिक सीमा को बढ़ाने के लिए इतनी के रूप में युक्तिकरण के एक उपाय के रूप में, अधिनियम (3) धारा 194A में संशोधन किया है. रुपये के लिए 2,500.5,00
48.3 यह संशोधन, 1 जून से 2000 प्रभावी होगा.
[धारा 60]
वित्त अधिनियम 2000
एक पूंजी परिसंपत्ति के अनिवार्य अधिग्रहण से संबंधित मुआवजे के भुगतान पर स्रोत पर प्रावधान के बारे में कर कटौती का संशोधन
आयकर अधिनियम की 49.1 धारा 194L किसी भी पूंजी परिसंपत्ति के अनिवार्य अधिग्रहण के कारण मुआवजा या विचार के भुगतान पर स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए प्रदान करने के लिए वित्त अधिनियम, 1999 के द्वारा डाला गया था.खंड 194L की मौजूदा प्रावधानों के तहत तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन, एक निवासी को मुआवजा या बढ़ा हुआ मुआवजा या विचार या अनिवार्य अधिग्रहण के कारण बढ़ाया विचार की प्रकृति में किया जा रहा है किसी भी राशि के भुगतान के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति , किसी भी पूंजी परिसंपत्ति का नकद या चेक या ड्राफ्ट की समस्या से या किसी अन्य विधि द्वारा इस तरह राशि के भुगतान के समय में, जो भी पहले हो, आयकर उसमें शामिल थे के रूप में इस तरह के योग का 10% के बराबर राशि घटा करेगा . ऐसा कोई कटौती जैसा भी मामला हो इस तरह के भुगतान की राशि या, वित्तीय वर्ष के दौरान एक निवासी के लिए इस तरह के भुगतान की कुल राशि एक लाख रुपए से अधिक नहीं है जहां कमाया जा सकता है.
अभ्यावेदन की 49.2 बड़ी संख्या में इस प्रावधान के आपरेशन के कारण पैदा हुई थी जिसमें विभिन्न कठिनाइयों ओर इशारा करते हुए विभिन्न हलकों से प्राप्त किया गया था.देखने में इन कठिनाइयों को ध्यान में रखते, अधिनियम में कोई कटौती जून, 2000 को या 1 के बाद किए गए किसी भी भुगतान से कहा अनुभाग के तहत किया जाएगा कि उपलब्ध कराने के लिए खंड 194L संशोधन किया गया है.
49.3 यह संशोधन, 1 जून से 2000 प्रभावी होगा.
[धारा 61]
वित्त अधिनियम 2000
निवासी आवेदकों के लिए युक्तिसंगत अग्रिम हुक्म के लिए प्राधिकरण से संबंधित प्रावधान
अग्रिम हुक्म के लिए प्राधिकरण से संबंधित 50.1 प्रावधान वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा किए गए संशोधनों के माध्यम निवासी आवेदकों की अधिसूचित श्रेणियों में विस्तार किया गया.'एडवांस रूलिंग' की परिभाषा कानून या मूल्यांकन के आदेश से उत्पन्न तथ्य के प्रश्न पर निर्णय शामिल करने के लिए विस्तृत था. केन्द्र सरकार पहले ही शुरू की या एक अनिवासी साथ एक निवासी द्वारा किए जाने का प्रस्ताव लेनदेन के संबंध में अग्रिम सत्तारूढ़ मांग सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और व्यक्तियों रहे हैं जो व्यक्ति के दो वर्गों को अधिसूचित किया है.
आगे सुव्यवस्थित होने की जरूरत 50.2 इन प्रावधानों.एक लेन - देन से उत्पन्न मुद्दे ऐसे मामलों में एडवांस रूलिंग के लिए आवेदन की आवश्यकता होती है जो एक "आवेदक" की मौजूदा परिभाषा के भीतर अनिवासी और "सत्तारूढ़ अग्रिम", के साथ एक निवासी द्वारा किए जाने का प्रस्ताव निर्धारित करने में एक संचालन में कठिनाई हुई थी एक अनिवासी द्वारा किए जाने के लिए. इसके अलावा "एडवांस रूलिंग" की परिभाषा, निवासी आवेदकों के लिए, यह इरादा नहीं था जो अपनी संपूर्णता में आकलन आदेश के खिलाफ अपील प्रदान की है कि एक संभावित व्याख्या के लिए खुला था. "सत्तारूढ़ अग्रिम" की परिभाषा, इसलिए, सुव्यवस्थित और पूर्व आकलन दृढ़ संकल्प के साथ ही कुल आय की गणना से संबंधित मुद्दों के बाद मूल्यांकन निर्णय शामिल करने के लिए चौड़ी होने की जरूरत है.
50.3 अधिनियम के रूप में निम्न शर्तों 'एडवांस रूलिंग' और 'आवेदक' को परिभाषित करने के लिए खंड 245N हरजाना:
एडवांस रूलिंग, का अर्थ होगा -
(मैं) एक कानून या किए या एक अनिवासी द्वारा किए जाने का प्रस्ताव एक लेन - देन से उत्पन्न तथ्य के किसी भी सवाल का दृढ़ संकल्प, और
(Ii) कानून या किए या एक अनिवासी साथ एक निवासी द्वारा किए जाने का प्रस्ताव एक लेन - देन से उत्पन्न तथ्य के किसी भी सवाल का एक दृढ़ संकल्प, और
(Iii) किसी भी आयकर प्राधिकारी या अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष कुल आय अपूर्ण की गणना करने के लिए संबंधित कानून या तथ्य के किसी भी सवाल का निर्धारण या निर्णय.
50.4 इसी प्रकार, एक आवेदक एक अनिवासी, एक अनिवासी और केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित व्यक्तियों के एक वर्ग या श्रेणी में गिरने एक निवासी के साथ एक सौदे के संबंध में एक निवासी शामिल होंगे.
उप - धारा के प्रावधान में निहित मौजूदा प्रावधानों के तहत 50.5 (2) खंड 245R की, यह आवेदन में उठाया सवाल किसी भी आयकर प्राधिकरण के समक्ष लंबित है अगर प्राधिकरण एक आवेदन की अनुमति नहीं होगी, बशर्ते कि, अन्य बातों के साथ है , अपीलीय न्यायाधिकरण या किसी भी कोर्ट.हालांकि, इस तरह के बहिष्कार निवासी आवेदकों पर लागू नहीं होता.
50.6 अधिनियम (2) प्राधिकारी किसी भी आयकर प्राधिकरण से पहले आवेदक के मामले में उठाए गए सवाल पहले से ही लंबित है जहां आवेदन की अनुमति नहीं होगी कि उपलब्ध कराने के लिए खंड 245R की उप - धारा में पहले परंतुक विकल्प, अपीलीय न्यायाधिकरण या किसी भी एक अनिवासी आवेदक के संबंध में न्यायालय, और, एक अनिवासी के साथ एक सौदे के संबंध में एक निवासी आवेदक को.हालांकि, इस बार इस मुद्दे को एक अदालत में लंबित है केवल जब निवासी आवेदकों की अधिसूचित श्रेणी के लिए ऑपरेटिव होगा. किसी भी संपत्ति का उचित बाजार मूल्य के निर्धारण की पट्टी से संबंधित खंड (ख) में मौजूदा स्थितियों के लिए जारी रहेगा. आयकर से बचाव के लिए एक मुद्दा बनाया गया प्रथम दृष्टया से संबंधित खंड (ग) में मौजूदा हालत निवासी आवेदकों की अधिसूचित श्रेणी के लिए लागू नहीं होगी.
50.7 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी.
[धारा 63 और 64]
वित्त अधिनियम 2000
उप वर्गों (1) और (2) आयकर अधिनियम की धारा 246 के सूर्यास्त खंड
उप वर्गों में आयकर अधिनियम की 51.1 धारा 246 (1) और (2) अपील के खिलाफ जो निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित आदेश उपायुक्त (अपील) के समक्ष दायर किया जा सकता है बाहर सूचियों और आयुक्त (अपील), क्रमशः .आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील की उपलब्ध कराने की धारा 246A नियत दिन से पहले या बाद किए गए आदेश के खिलाफ अपील के संबंध में 1 अक्टूबर 1998 से प्रभावी वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 के द्वारा शुरू की गई थी. नियत दिन 1998/01/10 के रूप में अधिसूचित किया गया था. एक नई धारा की शुरूआत उपायुक्त (अपील) के स्तर पर एक अपीलीय स्तर के साथ दूर करने के निर्णय से आवश्यक हो गया था.
अनुभाग 246A, 1998/01/10 से प्रभाव में आया जब 51.2, कोई टर्मिनल खंड उप - धारा को प्रदान किया गया (1) और उप - धारा (2) यदि कोई हो, लंबित मामलों की देखभाल करने के लिए खंड 246 के.अधिनियम 2000/01/06 पर या बाद दायर अपील करने के लिए उन्हें अयोग्य बनाकर अब इन उप वर्गों हरजाना. यह भी 1998/01/10 पर या के बाद आयकर अधिनियम की धारा 246 के तहत और 2000/01/06 से पहले समझा जाएगा बनाई गई किसी अपील अनुभाग 246A के तहत दायर अपील होने के लिए स्पष्ट किया है कि. इसी तरह के संशोधन के संपत्ति कर अधिनियम, 1957 की धारा 23 में किए गए हैं.
51.3 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी.
[धारा 65 और 72]
वित्त अधिनियम 2000
आयकर अधिनियम की धारा 201 के तहत पारित आदेश आयुक्त (अपील) के समक्ष अपीलीय बनाया
आयकर अधिनियम की धारा 201 के 52.1 उप - धारा (1) प्रिंसिपल अधिकारी कर कटौती या अधिनियम के तहत आवश्यक रूप कटौती के बाद कर का भुगतान करने के लिए या तो उसकी विफलता की स्थिति में डिफॉल्ट में निर्धारिती होना समझे. अनुभाग 246A के तहत आयुक्त (अपील) के समक्ष झूठ अपील के खिलाफ जो आदेश की सूची में, आयकर अधिनियम की धारा 201 के तहत आदेश को कोई संदर्भ नहीं है. कुछ मामलों में, आयुक्त (अपील) धारा 201 के तहत आदेश के खिलाफ अपील का मनोरंजन करने के लिए मना किया है.अधिनियम की धारा 201 के तहत एक आदेश के लिए एक संदर्भ डालने और कोई अपील अक्टूबर, 1998 के 1 दिन या उसके बाद धारा 201 के तहत एक आदेश के खिलाफ दायर की है कि प्रदान करने के लिए खंड 246A हरजाना लेकिन जून के 1 दिन पहले, 2000 में किया गया है समझा जाएगा इस धारा के तहत दायर की. अधिनियम आगे एक आदेश अक्टूबर, 1998 के 1 दिन के बाद धारा 201 के तहत किया गया है, लेकिन जून, 2000 के 1 दिन और डिफ़ॉल्ट में निर्धारिती के सामने पेश नहीं किया गया है कि जहां उपलब्ध कराने के लिए खंड 249 में उपधारा (2) सम्मिलित करता है उप - धारा में निर्धारित समय के भीतर किसी भी अपील, वह जुलाई, 2000 के 1 दिन पहले ऐसा कर सकते हैं.
52.2 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी.
[धारा 66 और 67]
वित्त अधिनियम 2000
अपीलों तय करने के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए सलाहकार समय सीमा विभागीय अपील करने के लिए बढ़ाया
अनुभाग 254 का 53.1 उप - धारा (2 क) (यह संभव है जहां अपीलीय न्यायाधिकरण, अपील उपधारा के तहत दायर की है जिसमें वित्तीय वर्ष की समाप्ति से चार वर्ष की अवधि के भीतर अपील की सुनवाई और फैसला कर सकता है कि प्रदान करता है 1) धारा 253 के.यह निर्धारिती द्वारा दायर अपील को दर्शाता है.
53.2 अधिनियम (2) धारा 253 की उपधारा के तहत आयुक्त की ओर से दायर अपील को सलाहकार समय सीमा का विस्तार करने के खंड 254 की उपधारा (2) हरजाना.इसी तरह के संशोधन के संपत्ति कर अधिनियम, 1957 की धारा 24 की उप - धारा (5 ए) में किया गया है.
53.3 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी.
[धारा 68 और 73]
वित्त अधिनियम 2000
फिल्म निर्माताओं द्वारा बयान प्रस्तुत करने के लिए सीमा में वृद्धि
आयकर अधिनियम की धारा 285B के मौजूदा प्रावधानों के तहत 54.1, चलचित्र फिल्म के निर्माण पर ले जाने के लिए किसी भी व्यक्ति को तैयार करने और वितरित या वित्तीय वर्ष या की समाप्ति से 30 दिनों के भीतर मूल्यांकन अधिकारी को भेजने का कारण करने के लिए आवश्यक है जो भी पहले हो फिल्म रुपये से अधिक के सभी भुगतान के विवरण के निर्धारित प्रपत्र में एक बयान के पूरा होने के 30 दिनों के भीतर. उसके द्वारा या कारण उसके पास से इस तरह के उत्पादन में उसके द्वारा लगी हुई है के रूप में प्रत्येक ऐसे व्यक्ति को बनाया कुल में 25,000.
54.2 अधिनियम रुपये से ऊपर बयान प्रस्तुत करने के लिए मौद्रिक सीमा को उठाया गया है. रुपये के लिए 25,000.Z 50,000 रू निवेश करता है।
54.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 2001 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.
वित्त अधिनियम 2000
वित्त में संशोधन (संख्या 2) अधिनियम, 1998
कार Vivad समाधान योजना, 1998 के 55.1 प्रावधानों, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 के अध्याय चतुर्थ में समाहित कर रहे हैं.(2) वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 की धारा 90 के तहत, घोषक आदेश के निधन के 30 दिनों के भीतर नामित प्राधिकारी द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान करने के लिए आवश्यक है. उपरोक्त समय सीमा करदाताओं प्रमाण पत्र की प्राप्ति की तारीख से शुरू होने के 30 दिनों के समय सीमा व्याख्या की है जहां के मामलों की संख्या में कठिनाइयों पैदा कर दी है. नतीजतन, भुगतान इन मामलों में कुछ दिनों की देरी हो चुकी है. यह भी नामित प्राधिकारी के प्रमाण पत्र के लिए उन्हें भुगतान करने के लिए पर्याप्त समय इस बात का खंडन declarants पर देर से परोसा गया है जहां मामलों की गई है. योजना के तहत देरी से भुगतान के कुछ मामलों में, अदालतों को भी आदेश की प्राप्ति की तारीख से शुरू के रूप में 30 दिन की समय सीमा में व्याख्या की है.
(2) वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 की धारा 90 के स्पष्ट करने के लिए 55.2 न्यायिक राय को वैधानिक मान्यता देने के लिए, और कठिनाई को दूर करने के लिए इस अधिनियम को पूर्वव्यापी उपधारा हरजाना कि 30 के भीतर भुगतान की समय सीमा दिनों राशि देय निर्धारित करने नामित प्राधिकारी के आदेश की प्राप्ति की तारीख से शुरू होगा.
वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 के 55.3 धारा 88 विभिन्न अधिनियमों के तहत टैक्स बकाया के निपटान के लिए देय राशि के निर्धारण के लिए प्रदान करता है.इस खंड के खंड (ए) ब्याज कर अधिनियम, 1974 के तहत टैक्स बकाया के निपटान के लिए देय राशि के निर्धारण से संबंधित है. खंड (ए) के उपखंड (i) कर बकाया प्रभार्य ब्याज के होते हैं जहां, देय राशि विवादित प्रभार्य ब्याज की दो फीसदी पर निर्धारित किया जाएगा, कि प्रदान करता है. उप खंड (ख) के खंड (ए) की, यह टैक्स बकाया विवादित ब्याज के साथ ब्याज और जुर्माना भी शामिल है जहां, देय राशि टैक्स बकाया के दो प्रतिशत पर निर्धारित किया जाएगा कि प्रदान की जाती है. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 के प्रावधानों समझा ज्ञापन में के रूप में करना प्रावधान स्पष्ट रूप से समझाया गया है, भले ही अनायास ही व्याख्या करने में सक्षम दो उप खंड के बीच एक पेटेंट विसंगति है. अधिनियम, इसलिए, विसंगति को दूर करने के लिए और इस तरह के मामलों में देय राशि विवादित प्रभार्य ब्याज की दो फीसदी की दर से निर्धारित किया जाएगा कि स्पष्ट करने के खंड (ए) (ii) उपखंड हरजाना.
55.4 ये संशोधन सितम्बर 1 दिन, 1998 से पूर्वव्यापी प्रभाव ले.
[धारा 121]
वित्त अधिनियम 2000
वित्त अधिनियम, 1999 की प्रथम अनुसूची के भाग III का संशोधन
अधिनियम की प्रथम अनुसूची के 56.1 भाग III आयकर भी "वेतन" और "एडवांस टैक्स" भुगतान किया है और आयकर की गणना की जानी है किया जा रहा है, जिस पर दर से स्रोत पर कर काटा जा रहा है, जिस पर दरों को निर्दिष्ट या वित्तीय वर्ष 1999-2000 के लिए विशेष मामलों में आरोप लगाया.
56.2 अधिनियम कि अधिभार के बजाय खंड 115AC की, खंड 115ACA में निर्दिष्ट आय पर वसूल किया जाएगा प्रदान करने के लिए इतनी के रूप में वित्त अधिनियम, 1999 की प्रथम अनुसूची के भाग III हरजाना. इस संशोधन प्रकृति में clarificatory है.
56.3 यह संशोधन 1 अप्रैल से retrospectively 1999 प्रभावी होगा.
वित्त अधिनियम 2000
वेल्थ टैक्स प्रावधानों
परिणामी प्रकृति के हैं, जो वित्त अधिनियम, 2000, द्वारा संपत्ति कर अधिनियम में किए गए संशोधन, पहले से ही ऊपर उल्लेख किया गया है. तैयार संदर्भ के लिए, इन नीचे के रूप में फिर से संक्षेप हैं: -
संपत्ति कर अधिनियम की धारा 23 की उप वर्गों (1) और (1 ए) के लिए सूर्यास्त खंड
उप वर्गों में संपत्ति कर अधिनियम के 57.1 धारा 23 (1) और (2) के उपायुक्त (अपील) के समक्ष दायर किया गया हो सकता है, जो अपील के खिलाफ निर्धारण अधिकारी और आयुक्त (अपील) द्वारा पारित आदेश के बाहर सूचीबद्ध, क्रमशः.उपायुक्त (अपील) के पद के उन्मूलन के साथ, एक नई धारा 23A वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 से प्रभावी 1 अक्टूबर 1998 को केवल आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील प्रदान करके पेश किया गया था. हालांकि, टर्मिनल खंड यदि कोई हो, लंबित मामलों की देखभाल करने के लिए धारा 23 (1) और (1 ए) के उप वर्गों में प्रदान नहीं किया गया. वित्त अधिनियम, 2000 2000/01/06 पर या बाद दायर अपील करने के लिए उन्हें अयोग्य बनाने के लिए इन उप वर्गों हरजाना. यह भी किसी भी अपील 1998/01/10 पर या के बाद संपत्ति कर अधिनियम की धारा 23 के अधीन किए गए, लेकिन 2000/01/06 से पहले, धारा 23A के तहत दायर एक अपील होना समझा जाएगा कि स्पष्ट किया जाता है.
57.2 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी.
[धारा 72]
वित्त अधिनियम 2000
अपीलों तय करने के लिए अपीलीय न्यायाधिकरण के लिए सलाहकार समय सीमा विभागीय अपील करने के लिए बढ़ाया
संपत्ति कर अधिनियम की धारा 24 के 58.1 उप - धारा (5 ए) यह संभव है जहां अपीलीय ट्रिब्यूनल में अपील दायर की है जिसमें वित्तीय वर्ष के अंत से 4 वर्ष की अवधि के भीतर अपील की सुनवाई और फैसला कर सकता है, बशर्ते कि उप - धारा (1) के खंड की.इस सलाहकार समय सीमा निर्धारिती द्वारा दायर अपील करने के लिए भेजा.
58.2 अधिनियम (2) धारा 24 की उप - धारा के तहत आयुक्त द्वारा भी दायर की अपील करने के लिए सलाहकार समय सीमा का विस्तार करने के लिए धारा 24 की उप - धारा (5 ए) हरजाना.
58.3 यह संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी होता है.
[धारा 73]
वित्त अधिनियम 2000
संपत्ति कर अधिनियम में कुछ वर्गों में अनुभाग 23A के संदर्भ में निवेशन
वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1998 द्वारा संपत्ति कर अधिनियम की धारा 23A की शुरूआत को देखते हुए 59.1, एक अपील 1998/01/10 को या उसके बाद इस खंड के अंतर्गत आयुक्त (अपील) के समक्ष है.इस खंड के लिए परिणामी संदर्भ संपत्ति कर अधिनियम में कुछ स्थानों पर की आवश्यकता है.
59.2 अधिनियम आवश्यक संशोधन उप वर्गों में अनुभाग 23A के लिए एक संदर्भ सम्मिलित करने के लिए बनाता है (2) और (6) धारा 31 की उपधारा अनुभाग 34A की (4 बी) और उप - धारा (1 के खंड (ग) ) संपत्ति कर अधिनियम की धारा 35 के.
59.3 ये संशोधन जून, 2000 के 1 दिन से प्रभावी.
वित्त अधिनियम 2000
ब्याज कर प्रावधान
ब्याज कर की वापसी
60.1 ब्याज कर अधिनियम, 1974 लगातार अक्टूबर, 1991 के 1 दिन के बाद या देय ब्याज के संबंध में चलाई जा रही है.ब्याज कर अधिनियम के तहत, बैंकिंग कंपनियों, सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों, राज्य वित्तीय निगमों और किसी भी अन्य वित्तीय कंपनी, आदि अर्थ ऋण संस्थाओं को उत्पन्न होने वाली प्रभार्य ब्याज 2% की दर से ब्याज कर के अधीन है.
60.2 उधारकर्ताओं को ऋण सस्ता बनाने के क्रम में ब्याज टैक्स को समाप्त करने के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों से एक लगातार मांग थी.भारतीय रिजर्व बैंक ने भी ब्याज कर की समाप्ति की सिफारिश की है. अधिनियम, इसलिए, ब्याज कर अधिनियम अप्रैल, 2000 के 1 दिन या उसके बाद ऋण संस्थाओं को उत्पन्न होने वाली ब्याज के संबंध में लागू नहीं होगा कि उपलब्ध कराने के लिए ब्याज कर अधिनियम की धारा 4 हरजाना.
60.3 यह संशोधन अप्रैल, 2001 के 1 दिन से प्रभावी है और उसके अनुसार आकलन वर्ष 2001-2002 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगी.

