739 : परिपत्र: सं 739, 25-3-1996 दिनांकित
परिपत्र सं.
739
परिपत्र की तिथि
25/03/1996
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
25/03/1996
| परिपत्र संख्या | 739 |
| जारी करने का दिनांक | 25.03:1996 |
| धारा | 40 |
| कानून | आयकर अधिनियम |
विषय: फर्म के आंकलन में कामकाजी साझीदारों के प्रतिपूर्ति की अनुमति के संबंध में आयकर अधिनियम 1961 की धारा 40 बी के प्रावधान
आयोग के पास आयकर अधिनियम की धारा 40 बी ( 5 ) के अंतर्गत प्रदत्त कामकाजी साझीदारों के प्रतिपूर्ति की अनुमति के संबंध में अनुमति न दिए जाने के संबध में स्पष्टीकरण मांगने के संबंध में प्रस्तुति आर्इ है। विशेष रूप से ये प्रस्तुति दो प्रकार के क्लॉज में की गर्इ हैं जो कि आम तौर पर साझेदारी विलेख में की जाती हैं। वे हैं:
a. साझेदार सहमत होते हैं कि एक कार्यकारी साझेदार के लिए प्रतिपूर्ति वह राशि होगी जो कि आयकर अधिनियम की धारा 40 बी ( 5 ) के अंतर्गत प्रदान की गर्इ है तथा
b. कार्यकारी साझेदार के लिए प्रतिपूर्ति की राशि पर वर्ष के अंत में सहयोगियों के बीच में सहमति होनी चाहिए
यह सहमत हुआ जाता है कि आंकलनकर्ता अधिकारियों को इन के आधार पर कटौती की अनुमति नहीं होगी तथा इस कारण से जांच आंकलन किया जाएगा कि वे न तो किसी व्यक्ति के लिए प्रतिपूर्ति की राशि को बताते हैं न ही वे ऐसी प्रतिपूर्ति की मात्रा को बताते हैं।
आयोग ने प्रस्तुतियों पर संज्ञान दिया है। चूंकि धारा 40 बी के संशोधित प्रावधानों को आंकलन वर्ष 1993-94 से प्रभाव में लाया गया है तथा इन्हें ढंग से समझा नहीं गया है। आयोग का यह मानना है कि इस दृष्टिकोण को आरंभिक वर्षों के लिए अपनाया जा सकता है। यह निर्णय लिया गया है कि आंकलन वर्ष 1993-94 से 1996-97 के लिए एक कार्यकारी साझेदार के लिए प्रतिपूर्ति की कटौती उपरोक्त वर्णित 1 क्लॉज के अनुसार की जा सकती है।
किसी मामले में जब न तो किसी राशि को गिना गया है और न ही कुल प्रतिपूर्ति की मात्रा को बताया गया है किंतु यह साझेदारों को निर्धारित करने के लिए लेखा अवधि के अंत में छोड़ दिया है, ऐसे मामलों में प्रतिपूर्ति का भुगतान फर्म की आय की गणना की कटौती के लिए नहीं किया जा सकता है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि आंकलन वर्ष 1996-97 के बाद के परिणामी वर्षों के लिए किसी भी प्रकार की कटौती धारा 40 (बी ) (5) तब तक मान्य नहीं हैं जब तक कि साझेदारी विलेख या तो प्रत्येक व्यक्तिगत साझेदार के लिए भुगतान योग्य होता है या ऐसी प्रतिपूर्ति की गणना करने के तरीके को बताता है।
उपरोक्त स्पष्टीकरण को आपके क्षेत्र के आंकलनकर्ता अधिकारी के संज्ञान में लाया जा सकता है
हस्ताक्षर
निशि सिंह
सेके्रटरी, सीबीडीटी
(एफसं. 225/29/93 आर्इटीए ।। दिनांक 25.03.1996 सीबीडीटी से, नर्इ दिल्ली)
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