आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

738

परिपत्र की तिथि

25/03/1996

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

25/03/1996

 

विविध (डब्ल्युटी, एक्स टी जीटी ) अध्याय ( नौ-बारह एफ )

परिपत्र संख्या 738

जारी दिनांक: 25:03:1996

विषय: खरीद लेनदेन को किराए पर लेने के लिए आयकर की व्यवहार्यता पर स्पष्टीकरण

पसंद धाराएं: ब्याज कर

आयोग के पास वित्त शुल्कों पर ब्याज कर के प्रभारिता के बारे में स्पष्टीकरण मांगते हुए प्रस्तुति आर्इ हैं जो कि खरीद लेनदेन को किराए पर लेने के लिए उत्पन्न हुए हैं

  1. मामले की जांच कानून मंत्रालय की सलाह के बाद की गर्इ है। वित्त अधिनियम 1991 ब्याज कर के क्षेत्र को क्रेडिट संस्थानों को सम्मिलित करने के लिए विस्तारित करता है जिसमें वित्तीय कंपनी सम्मिलित होती हैं तथा मुख्य रूप से वित्त कंपनियों की खरीद को किराए पर लेना जो कि ऐसे लेनदेनों को वित्त पोषित करने के लिए या मुख्य खरीद व्यापार को किराए पर देने का कार्य मुख्य रूप से करती है।

  2. खरीद लेनदेन को किराए पर लेने के कार्य आम तौर पर वित्तीय कंपनियों द्वारा वित्त व्यापार में किए जाते हैं।

  3. आयोग का विचार है कि खरीद लेनदेन को किराए पर लेने के कार्य की प्रवृत्ति ब्याज कर अधिनियम की धारा 2 ( 7 ) के अनुसार होती हैं तथा इस लिए ब्याज कर के लिए प्रभारित होती है।

  4. उपयुक्त स्पष्टीकरण को सभी संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया जा सकता है।

हस्ताक्षर

निशि सिंह

सेके्रटरी, सीबीडीटी

(एफसं. 160/01/96 आर्इटीए ।। दिनांक 25.03.1996 सीबीडीटी से, नर्इ दिल्ली )

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