734 : परिपत्र: सं 734, 24-01-1996 दिनांकित
परिपत्र सं.
734
परिपत्र की तिथि
24/01/1996
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
24/01/1996
| परिपत्र संख्या | 734 |
| जारी करने का दिनांक | 24.01:1996 |
| धारा | 90 |
| कानून | आयकर अधिनियम |
विषय: भारत तथा संयुक्त अरब अमीरात के बीच में दोहरे कराधान बचाव अनुबंध के अंतर्गत करों की लागू दर
संयुक्त अरब अमीरात के कुछ अप्रवासी भारतीयों ने यह बताया कि कुछ बैंक तथा यूटीआर्इ ब्याज पर स्रोत में करों की कटौती कर रहे हैं तथा लाभांशों पर उस दर से अधिक कर काट रहे हैं जो कि भारत तथा संयुक्त अरब अमीरात के बीच में दोहरे कराधान बचाव अनुबंध में प्रदान की गर्इ है। इसने अप्रवासी भारतीयों को अपने रिफंड के लिए राहत पाने के लिए बाध्य किया। यह भी दिखार्इ दिया कि ऐसे प्रत्येक मामलों में जहां पर रिफंड देय था तथा जहां पर डीटीएए को लागू किया जाना था, उन्हें अग्रिम निर्णय के लिए प्राधिकरण के समक्ष एक याचिका दायर करने के लिए कहा।
आयोग ने अपने परिपत्र संख्या 728 ( एफ सं. 500/12/95-एफटीडी ) दिनांक 30 अक्टूबर 1995 में पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि एक देश में छूट पाने के लिए जहां पर डीटीएए लागू है कर को प्रासंगिक वर्ष के लिए वित्त अधिनियम में प्रदत्त दरों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा जो कि निर्धारिती के लिए आवश्यक है।
एक बार फिर यह स्पष्ट किया जाता है कि यूएर्इ में अप्रवासी भारतीयों द्वारा किए गए भुगतानों के संबधं में निम्न दरों पर स्रोत में कर की कटौती की जाएगी:
a. लाभांश:
क. लाभांशों की कुल राशि का 5 प्रतिशत यदि लाभाथ्र्ाी स्वामी एक कंपनी है जिसके पास लाभांश का भुगतान काने वाली कंपनी के 10 प्रतिशत शेयर है।
ख. सभी मामलों में लाभांशों का कुल 15 प्रतिशत।
b. ब्याज:
क. ब्याज की कुल मात्रा का 5 प्रतिशत यदि ऐसे ब्याज को एक बैक द्वारा बैंकिंग व्यापार के द्वारा ऋण प्रदान किया जाता है
ख. 12 1/2 प्रतिशत कुल ब्याज का, हर मामले में।
c. रॉयल्टी:
कुल राशि का 10 प्रतिशत।
यह आवश्यक है कि उपरोक्त दर जो कि भारत और यूएर्इ में डीटीएए में बताए गए हैं उनका पालन कड़ार्इ से किया जाए ताकि करदाताओं को परेशानी न हो।
हस्ताक्षर
सिद्धार्थ मुखर्जी
सेके्रटरी, सीबीडीटी
नर्इ दिल्ली
[एफ सं. 500/4/96- एफटीडी दिनांक 24.01.1996 द्वारा एफ.टी.डी. राजस्व विभाग, नई दिल्ली]
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