आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

684

परिपत्र की तिथि

10/06/1994

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

10/06/1994

परिपत्र: सं 684, 10-06-1994 दिनांकित

वित्त अधिनियम, 1994 - परिपत्र सं. 684, 1994/10/06 दिनांक

वित्त अधिनियम, 1994

एक नज़र में संशोधन

धारा / अनुसूची

विवरण

वित्त अधिनियम

2 और प्रथम

दर संरचना 4-14

अनुसूची

आयकर अधिनियम

2 (19A), 2 (19B),

आयकर अधिकारियों के एक वर्ग के नए सृजन 15-15.3

2 (19C), 2 (21),

116 (सीसी)

2 (42A)

प्रतिभूति और म्युचुअल फंड की यूनिटों के मामले में आयोजन की अवधि 16-16.3

2 (42A), 55 (2)

अधिकार के शेयरों और अधिकारों के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ का युक्तिकरण 17-17.4 renouncements

5 ए, 80CC,

पुर्तगाली द्वारा शासित व्यक्तियों के लिए विशेष प्रावधान

80CCA, 80CCB,

सिविल लॉ 18-18.4

80D, 80L, 88,

88A

= 6 रुपये

उनके अनिवासी स्थिति 19-19.3 खोने के बिना अनिवासी भारतीयों के मामले में भारत में रहने की अवधि का विस्तार

10 (10C)

आदि सहकारी समितियां, विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाओं के तहत भुगतान पर कर छूट का विस्तार 20-20.4

10 (22B)

निर्दिष्ट समाचार एजेंसियों की आय पर आयकर में छूट का प्रावधान 21-21.2

10 (26B)

पिछड़े वर्ग के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित निकायों की आय 22-22.3 पर आयकर में छूट का प्रावधान

10B

100 प्रतिशत ईओयू उनके कारोबार का प्रतिशत कम से कम 75 का निर्यात करने के लिए आयकर अधिनियम की धारा 10 बी के तहत पांच साल का टैक्स हॉलिडे सीमित 23-23.5

10B

100 प्रतिशत ईओयू कंप्यूटर सॉफ्टवेयर 24-24.4 के उत्पादन के लिए कर अवकाश

12A, 13

इच्छुक व्यक्तियों 25-25.4 द्वारा वर्गों 11 और 12 के तहत छूट का दावा ट्रस्टों के मामले में और ट्रस्टों के लिए महत्वपूर्ण योगदान की अनिवार्य ऑडिट के प्रयोजनों के लिए मौद्रिक सीमा की स्थापना

17 (2)

नियोक्ताओं द्वारा प्रदान की चिकित्सा सुविधाओं के रूप में अतिरिक्त उपार्जन के संबंध 26-26.3 में कर से छूट

24 (2)

स्वयं के कब्जे घर संपत्ति 27-27.2 के मामले में कटौती की सीमा को बढ़ाकर

33AB

चाय उत्पादकों और निर्माताओं द्वारा जमा करने के लिए अतिरिक्त योजना 28-28.3

35 (2AA)

वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए कर रियायतें के दायरे 29-29.4 चौड़ी

36 (1) (VIIa) /

बुरा के लिए किए गए प्रावधानों के संबंध में कटौती और

(Viiia)

बैंकों की ग्रामीण शाखाओं से संबंधित संदिग्ध ऋण 30-30.3

44AD

करदाताओं के लिए अनुमानित आय विधि सिविल निर्माण 31-31.7 के कारोबार में लगे

44AE

करदाताओं के लिए अनुमानित आय विधि चलाने, पट्टे पर देने या उनके द्वारा स्वामित्व ट्रकों को काम पर रखने के कारोबार में लगे 32-32.6

55

अधिग्रहण की कोई कीमत नहीं है जहां संपत्ति के हस्तांतरण, 33-33.4 पर पूंजी लाभ

64 (1 ए), 80V

क्लब प्रावधानों से विकलांग नाबालिग के बहिष्कार 34-34.4

71, 71 (1 ए)

संपत्ति आय 35-35.3 घर से संबंधित संशोधन

80ई

उच्च अध्ययन 36-36.3 आगे बढ़ाने के लिए एक छात्र के रूप में लिया ऋण की अदायगी के संबंध में कटौती

80जी

मुख्यमंत्री के भूकंप राहत कोष, महाराष्ट्र 37-37.3 में किए गए दान के लिए 100 फीसदी कटौती

80जी

खंड 80 जी 38-38.2 के तहत कटौती के लिए दान की न्यूनतम सीमा को हटाया

80HHD

पर्यटन 39-39.8 को प्रोत्साहन से संबंधित प्रावधानों को युक्तिसंगत

80HHE

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर 40-40.4 के निर्यात से लाभ के संबंध में कर रियायत

80 आइए

पिछड़े राज्यों 41-41.4 में स्थापित नए औद्योगिक उपक्रमों के संबंध में प्रतिबंध की निकासी

80 आइए

अत्यंत पिछड़े जिलों में स्थापित की नई औद्योगिक उपक्रमों के लिए पांच साल का टैक्स हॉलिडे 42-42.4 का विस्तार

८८

कुछ बचत के संबंध में कर छूट से संबंधित प्रावधानों के उदारीकरण 43-43.5

८८

यूटीआई 44-44.2 के पेंशन फंड के लिए धारा 88 के प्रावधानों के तहत छूट का विस्तार

88B

वरिष्ठ नागरिकों 45-45.3 के लिए राहत

112

कुछ मामलों में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर आयकर की दरों में कमी 46-46.3

44D, 57, 115A

ब्याज, लाभांश, आदि, पर के माध्यम से आय के कराधान

196a

गैर निवासियों 47-47.7 के मामले में एक समान दर

115K, 115N

निर्धारण वर्ष से परे छोटे व्यवसायियों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया का विस्तार 1994-95 48-48.8

44AB, 139

कंपनियों 49-49.4 द्वारा आय का रिटर्न दाखिल करने के लिए नियत तारीख में बदलें

143, 154, 246

प्रथम दृष्टया समायोजन 50-50.3 के खिलाफ सीधी अपील

194C

उप ठेकेदारों को ठेकेदारों द्वारा भुगतान पर स्रोत पर आयकर की कटौती के संबंध में प्रावधान का विस्तार गुंजाइश 51-51.3

194-मैं, 197-मैं, 198 को

स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए प्रावधान से

203A और 205

किराया 52-52.5 के माध्यम से आय

211

अग्रिम कर और कंपनियों के मामले में राशि देय इस आधार पर की किस्तों की संख्या में परिवर्तन 53-53.6

234C

एडवांस टैक्स 54-54.4 की मोहलत के लिए ब्याज की लेवी का विस्तार गुंजाइश

269

हाईकोर्ट 55-55.2 की परिभाषा से संबंधित आयकर अधिनियम की धारा 269 का संशोधन

273A

जुर्माना 56-56.3 की कमी या छूट को मंजूरी के लिए मुख्य आयुक्तों और महानिदेशकों के लिए शक्ति का प्रत्यायोजन

296

आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल आदि द्वारा तैयार प्रक्रिया के नियमों के बिछाने 57-57.5

संपत्ति कर अधिनियम

2 (ईए)

के रूप में आयोजित शहरी भूमि स्टॉक में व्यापार 58-58.2

2 (एस)

आयकर अधिकारियों के एक वर्ग के नए सृजन 15-15.3

4 (1) (क)

34-34.4 क्लब से विकलांग नाबालिग का बहिष्कार

४६

आईटीएटी 57-57.5 द्वारा तैयार प्रक्रिया के नियमों के बिछाने

उपहार कर अधिनियम

2 (XXV)

आयकर अधिकारियों के एक वर्ग के नए सृजन 15-15.3

5 (1) (सात)

निर्भर रिश्तेदारों के लिए किए गए उपहार के लिए छूट की सीमा की स्थापना 59-59.2

ब्याज कर अधिनियम

3 (3)

आयकर अधिकारियों के एक वर्ग के नए सृजन 15-15.3

व्यय आयकर अधिनियम

4 ज

व्यय कर 60-60.2 की दर में कमी

6 (1) / (3), 17

आयकर अधिकारियों के एक वर्ग के नए सृजन 15-15.3

 

दर - संरचना

वित्त अधिनियम, 1994

निर्धारण वर्ष 1994-95 के लिए कर के लिए उत्तरदायी आय के संबंध में आयकर आई. दरें

(4) निर्धारण वर्ष 1994-95 के लिए कर के लिए उत्तरदायी (कॉर्पोरेट और साथ ही गैर कॉर्पोरेट) करदाताओं की सभी श्रेणियों की आय के संबंध में, (अधिभार उस सहित) आयकर की दरें पहली अनुसूची के भाग में विनिर्दिष्ट किया गया है वित्त अधिनियम को और "एडवांस टैक्स" की गणना के प्रयोजनों के लिए वित्त अधिनियम, 1993, की प्रथम अनुसूची के भाग III में निर्धारित उन के रूप में वही कर रहे हैं, "वेतन" से स्रोत और कर का चार्ज पर कर की कटौती वित्तीय वर्ष 1993-94 के दौरान कुछ मामलों में देय.

वित्त अधिनियम, 1994

द्वितीय. "वेतन" के अलावा और वित्तीय वर्ष के आय से वर्ष 1994-95 के दौरान स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए दरें

प्र.5. "वेतन" के अलावा अन्य आय से वित्तीय वर्ष 1994-95 के दौरान स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए दर, वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय में निर्दिष्ट किया गया है. इन दरों प्रतिभूतियों पर ब्याज के रूप में आय के लिए लागू होते हैं, "प्रतिभूतियों पर ब्याज" के अलावा और ब्याज, लाभांश, बीमा कमीशन, लॉटरी या पहेली पहेली से जीता, घोड़े दौड़ और (अनिवासी भारतीयों सहित) गैर निवासियों की आय से जीता . इन दरों, सिवाय इसके कि मूल रूप से वित्तीय वर्ष 1993-94 के दौरान स्रोत पर आयकर की कटौती के प्रयोजनों के लिए वित्त अधिनियम, 1993, की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय में निर्दिष्ट उन लोगों के रूप में वही कर रहे हैं -

(I) लाभांश के माध्यम से आय, (एक अनिवासी के मामले में छोड़कर उधार पैसा या सरकार या विदेशी मुद्रा और इकाइयों के संबंध में देय आय में भारतीय चिंता द्वारा किए गए ऋण पर सरकार या किसी भारतीय चिंता से देय ब्याज व्यक्तिगत), विदेशी मुद्रा में खरीदा भारतीय यूनिट ट्रस्ट की, अनिवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती और विदेशी कंपनियों के मामले में 20 फीसदी की दर से आयकर की कटौती के अधीन किया जाएगा;

(Ii) अनिवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती और विदेशी कंपनियों के मामले में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ के माध्यम से आय, 20 प्रतिशत की दर से आयकर की कटौती के अधीन किया जाएगा; और

(Iii) 65 प्रतिशत की दर से आयकर की कटौती करने के लिए अब तक विषय था जो विदेशी कंपनियों की आय, अब 55 प्रतिशत की दर से आयकर की कटौती करने के लिए उत्तरदायी होगा.

ऐसी कोई सुरक्षा पिछले तीस वर्षों में जारी किया गया है के रूप में एक कर मुक्त सुरक्षा पर देय ब्याज के संदर्भ हटा दिया गया है.

तो स्रोत पर कटौती की आयकर की राशि ऐसे आयकर के 15 प्रतिशत की दर से गणना की एक अधिभार से एक घरेलू कंपनी के मामले में वृद्धि की जाएगी. निवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती के मामले में, कोई अधिभार आयकर की राशि पर लगाया जा रहा है.

वित्त अधिनियम, 1994

तृतीय. "वेतन", वित्तीय वर्ष 1994-95 के दौरान "एडवांस टैक्स" और विशेष मामलों में आयकर का चार्ज की गणना से स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए दरें

प्र.6. 1994-95 और भी करदाताओं की सभी श्रेणियों के मामले में उस वर्ष के दौरान देय "एडवांस टैक्स" की गणना के लिए वित्तीय वर्ष के दौरान "वेतन" से स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए दरों, भाग III में निर्दिष्ट किया गया है वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के. ये दरें भी त्वरित आकलन किया जाना है जहां मामलों में वर्तमान आय पर वित्तीय वर्ष 1994-95 के दौरान आयकर चार्ज करने के लिए लागू कर रहे हैं, गैर निवासियों को भारत में उत्पन्न होने वाली शिपिंग लाभ के जैसे, अनंतिम मूल्यांकन, व्यक्तियों के आकलन के भारत छोड़ने वित्तीय वर्ष 1994-95, कर से बचने के लिए या एक आदेश का अनुमान अघोषित आय, आदि पर कर की राशि की गणना के लिए खोज और जब्ती के मामले में पारित होना है जहां तक ​​संपत्ति के हस्तांतरण की संभावना है, जो व्यक्ति के मूल्यांकन के दौरान अच्छा के लिए कहा भाग III में निर्धारित दरों की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित पैराग्राफ में संकेत कर रहे हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

तीसरी से एक. व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार, आदि

प्र.7.        उप पैरा वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक का मैं व्यक्तियों के मामले में आयकर की दरों को निर्दिष्ट, स्वतंत्र के साथ कम से कम एक सदस्य होने के अलावा अन्य हिंदू अविभाजित परिवारों (यानी, गैर निर्दिष्ट छूट सीमा से अधिक कुल आय), व्यक्तियों के संघों, आदि

छूट की सीमा की स्थापना - व्यक्तियों के मामले में छूट की सीमा, गैर निर्दिष्ट हिंदू अविभाजित परिवार, आदि व्यक्तियों के संघों, रुपये से उठाया गया है. रुपये के लिए 30,000. 35,000.

आयकर की दरों में संशोधन - दर शेड्यूल व्यक्तियों के मामले में लागू, गैर निर्दिष्ट हिंदू अविभाजित परिवार, आदि व्यक्तियों के संघों, पुनर्गठन किया गया है. टेबल नीचे करदाताओं (एक) के उपरोक्त श्रेणियों के लिए लागू आयकर की दरों देता वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग I में निर्दिष्ट के रूप में, यानी, आकलन वर्ष 1994-95 के लिए; और (ख) यानी, वित्तीय वर्ष 1994-95 के लिए वित्त अधिनियम, की प्रथम अनुसूची के भाग III में निर्दिष्ट के रूप में:

फॉर्म

आय चरण

अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग I में यथा विनिर्दिष्ट दरों (यानी, प्र 1994-95 के लिए)

आय चरण

दरों के रूप में तकनीक और नवीनता-fied पहले (वित्तीय वर्ष 1994-95 के लिए यानी,) अधिनियम की अनुसूची के भाग III में

रुपए तक .. 30]000

शून्य

अप करने के लिए 35,000 रुपये

शून्य

र 30001 - 50,000 रुपये

क. 20%

र 35,001 - रुपये. 60,000 रूपये

क. 20%

र 50,001 - रुपये 1,00,000

३० %

रुपये 60,001 - रुपये. 1]20]000

३० %

ऊपर रु .. 1]00]000

४०%

रु. 1]20]000

४०%

पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय जिसकी कुल आय पिछले साल के अप्रैल, 1995 के 1 दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए प्रासंगिक कम से कम एक सदस्य है जो एक हिंदू अविभाजित परिवार के मामले में, रुपये से अधिक है. 35,000, आयकर की दरों में वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक के उप पैरा द्वितीय में निर्दिष्ट किया गया है. ये दरें वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग मैं की इसी पैराग्राफ में निर्दिष्ट उन लोगों के रूप में वही कर रहे हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

तीसरी से बी. सहकारी समितियां

8 सहकारी समितियों के मामले में आयकर की दरें वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के अनुच्छेद बी में निर्दिष्ट किया गया है. ये दरें वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग मैं की इसी पैराग्राफ में निर्दिष्ट उन लोगों के रूप में वही कर रहे हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

-III सी. फर्मों

9 कंपनियों के मामले में आयकर की दर वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के अनुच्छेद सी में निर्दिष्ट किया गया है. यह दर वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग मैं की इसी पैराग्राफ में निर्दिष्ट है कि के रूप में ही है.

वित्त अधिनियम, 1994

तृतीय डी. स्थानीय अधिकारियों ने

10 स्थानीय अधिकारियों के मामले में आयकर की दरें वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के अनुच्छेद डी में निर्दिष्ट किया गया है. यह दर वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग मैं की इसी पैराग्राफ में निर्दिष्ट है कि के रूप में ही है.

वित्त अधिनियम, 1994

तृतीय ई. कंपनियों

प्र।11. वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा ई कंपनियों के मामले में आयकर की दरों में निर्दिष्ट करता है. एक घरेलू कंपनी के मामले में आयकर की दर से कुल आय का 40 फीसदी तक कम हो गया है. जनता में काफी दिलचस्पी है और जनता के कर की दरों के प्रयोजन के लिए, को समाप्त कर दिया गया है, काफी दिलचस्पी नहीं कर रहे हैं, जिसमें उन लोगों के हैं, जिसमें घरेलू कंपनियों के बीच मौजूदा भेद. एक घरेलू कंपनी (यानी, एक विदेशी कंपनी) के अलावा किसी अन्य कंपनी के मामले में आयकर की दर 65 प्रतिशत के पहले की दर की तुलना में कुल आय का 55 फीसदी हो जाएगा. हालांकि, 31 मार्च 1961 के बाद मंजूरी दे दी समझौतों के अनुसरण में रॉयल्टी की तरह से है, लेकिन 1 अप्रैल 1976, और (ii) 29 फ़रवरी 1964 के बाद मंजूरी दे दी समझौतों के अनुसरण में तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क के माध्यम से, लेकिन इससे पहले कि आय (i) 1 अप्रैल 1976 से पहले, आयकर की दर 50 प्रतिशत रहेगा. टेबल नीचे घरेलू कंपनियों और विदेशी कंपनियों (एक) को लागू आयकर की दरों देता वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग I में निर्दिष्ट के रूप में, यानी, आकलन वर्ष 1994-95 के लिए; और (ख) वित्तीय वर्ष 1994-95 के लिए यानी वित्त अधिनियम, की प्रथम अनुसूची के भाग III के रूप में निर्दिष्ट.

फॉर्म

वित्तीय वर्ष के लिए अधिनियम (यानी, की प्रथम अनुसूची के भाग I में यथा विनिर्दिष्ट दरें 1994-95)

(यानी, प्र के लिए अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के रूप में निर्दिष्ट दरें 1994-95)

घरेलू कंपनियों

:

घरेलू कंपनियों

:

जनता में काफी रुचि रखते हैं, जिनमें (आई)

: 45 फीसदी

जनता में काफी रुचि रखते हैं, जिनमें (आई)

: 40 फीसदी

(Ii) जिसमें जनता में काफी दिलचस्पी नहीं कर रहे हैं

: 50 फीसदी

(Ii) जिसमें जनता में काफी दिलचस्पी नहीं कर रहे हैं

: 40 फीसदी

विदेशी कंपनियाँ

: 65 प्रतिशत

विदेशी कंपनियाँ

: 55 फीसदी

वित्त अधिनियम, 1994

तृतीय एफ. अधिभार

प्र.12.     पैरा में निर्दिष्ट निवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती के मामले में वित्त अधिनियम, आयकर की राशि पर सरचार्ज लगाने की प्रथम अनुसूची के भाग III के बी, सी और डी को समाप्त कर दिया गया है. हालांकि, घरेलू कंपनियों के मामले में, सरचार्ज 15 फीसदी की दर से लगाया जाना जारी रहेगा. कुल आय पचहत्तर हज़ार रुपए से अधिक है, जहां आयकर की राशि का.

वित्त अधिनियम, 1994

-III जी. दर संरचना में परिवर्तन के प्रभाव

प्र.13. आय और आदि व्यक्तियों के मामले में अधिभार को हटाने के स्लैब को चौड़ा छूट की सीमा में वृद्धि के प्रभाव,, उप पैरा में निर्दिष्ट मैं वित्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक का, विभिन्न आय के स्तर पर, इस प्रकार है:

फॉर्म

कुल आय

वित्तीय वर्ष 1993-94 के लिए टैक्स देनदारी

वित्तीय वर्ष 1994-95 के लिए टैक्स देनदारी

रिलीफ (उभार)

राशि

कर्नल (4) (कर्नल के प्रतिशत के रूप में(2)

(1) डेरिवेटिव

(2)

(3)

(4) संचार सेवाएं

(5)

र

र

र

र

र

35]000

1]000

शून्य

1]000

25 X 4 = 100, 100

40]000

2]000

1]000

1]000

५०

50]000

4]000

3]000

1]000

२५

60,000 रूपये

7]000

5]000

2]000

28.6

 75,000 रूपये

11,500

9500

2]000

17.4

1]00]000

19,000

17]000

2]000

10.5

1]20]000

30,240 *

23,000

7240

23.9

1]50]000

43,680 *

35]000

8680

19.9

2]00]000

66,080 *

55]000

11,080

16.8

5,00,000

2,00,480 *

1]75]000

25,480

12.7

* अधिभार सहित आयकर देयता.

वित्त अधिनियम, 1994

चतुर्थ. कृषि से प्राप्त आय के साथ गैर कृषि आय के आंशिक रूप से एकीकृत कराधान

प्र.14. पहले की तरह, वित्त अधिनियम व्यक्तियों के मामले में, हिंदू अविभाजित परिवार, आदि व्यक्तियों का संघ, नेट कृषि आय "एडवांस टैक्स" और आयकर का चार्ज की गणना के लिए ध्यान में रखा जाना जाएगा कि प्रदान करता है . नेट कृषि आय पहली अनुसूची के भाग IV में निहित नियमों के अनुसार गणना की जाएगी.

[धारा 2 और प्रथम अनुसूची]

 

आयकर अधिनियम

वित्त अधिनियम, 1994

आयकर अधिकारियों के एक वर्ग के नए सृजन

प्र.15.     वर्तमान में, आयकर अधिनियम के अध्याय तेरहवीं में निर्दिष्ट आयकर अधिकारियों की कक्षाएं उप निदेशकों के वर्ग में शामिल आयकर, आयकर के उपायुक्तों और आयकर उप आयुक्त (अपील). आयकर अधिकारियों, इस वर्ग में निर्दिष्ट इस तरह के रूप में काम करता है, के विभिन्न प्रकार के प्रदर्शन -

(मैं), सहायक आयुक्तों / आयकर अधिकारियों के काम की निगरानी

(Ii) कर मूल्यांकन कार्य,

(Iii) पूरा आकलन के आंतरिक लेखा परीक्षा से निपटने,

अपील की (चतुर्थ) निपटान,

(V) अपीलीय में विभागीय मामलों का प्रतिनिधित्व ट्रिब्यूनल,

(Vi) से निपटने खोज और जब्ती के मामलों, आदि

उपायुक्तों और उप निदेशकों में से कुछ अधिक जिम्मेदारी के कर्तव्यों आवंटित किया गया है कि ऊपर से पता चलता है. इसलिए, इस तरह के अधिकारियों के पदनाम में एक उपयुक्त परिवर्तन करके जिम्मेदारी में उक्त भेद को पहचानने की जरूरत है.

वित्त अधिनियम, 1994

15.2 वित्त अधिनियम, इसलिए आयकर अधिकारियों का एक नया वर्ग, आयकर अर्थात्, अपर निदेशक, आयकर और अपर आयुक्त के अतिरिक्त आयुक्त बनाने के क्रम में आयकर अधिनियम के संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया गया है आयकर (अपील).इसी प्रकार के परिवर्तन संपत्ति कर अधिनियम, उपहार कर अधिनियम, ब्याज कर अधिनियम और व्यय कर अधिनियम बनाया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

15.3 ये संशोधन, 1 जून से 1994 के प्रभावी होने.

[धारा 3, 35, 51, 54, 56, 58 और 59]

वित्त अधिनियम, 1994

अवधि में आयोजन की प्रतिभूति और म्युचुअल फंड की यूनिटों के मामले

प्र.16. लंबी अवधि के पूंजीगत परिसंपत्तियों की तुलना में एक की तुलना अल्पकालिक पूंजीगत परिसंपत्तियों कुछ कर रियायतें आनंद लें. आयकर अधिनियम अल्पकालिक नहीं कर रहे हैं जो उन आस्तियों के रूप में लंबी अवधि के पूंजीगत परिसंपत्तियों को परिभाषित करता है. लघु अवधि के पूंजीगत परिसंपत्तियों अप करने के लिए 36 महीने की अवधि के लिए आयोजित की जाती हैं जो उन पूंजी की संपत्ति हैं. हालांकि, वित्त अधिनियम, 1987, धारा 2 के प्रावधानों के लिए एक संशोधन के माध्यम से (42A), कम 36 महीने से कम अवधि के पूंजीगत परिसंपत्तियों के रूप में इलाज किया जा रहा है के लिए 12 महीनों के लिए कंपनी के शेयरों के संबंध में आयोजन की अधिकतम अवधि.

वित्त अधिनियम, 1994

16.2 निवेशकों पूंजी बाजार में प्रवेश कर रहे हैं जिसके माध्यम से अन्य कंपनी के शेयरों की तुलना में कई वित्तीय साधनों, कर रहे हैं.यूनिट भारत के ट्रस्ट और आयकर अधिनियम की धारा 10 (23D) के तहत निर्दिष्ट म्युचुअल फंड की यूनिटों छोटे निवेशकों को तेजी से पूंजी बाजार में निवेश के लाभ हो रही है, जिसके माध्यम से उपकरणों रहे हैं. ऐसी इकाइयों और कंपनी के शेयरों के साथ मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों एक स्तर के खेल मैदान में कारोबार सभी प्रतिभूतियों प्रदान करने के लिए, वित्त अधिनियम इतना है कि धारा 2 के प्रावधानों (42A) संशोधन किया गया है इस तरह के उपकरणों हो रहे हैं, जिसके लिए अधिकतम होल्डिंग अवधि अल्पकालिक के रूप में माना जाता है 36 माह के स्थान पर 12 महीने हो जाएगा. दूसरे शब्दों में, ऐसी संपत्ति में वे अधिक से अधिक 12 महीने के लिए आयोजित की जाती हैं अगर लंबी अवधि के पूंजीगत संपत्ति माना जा रहे हैं. अभिव्यक्ति "प्रतिभूतियों" प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 की धारा 2 के खंड (ज) में उसे सौंपे अर्थ होगा.

वित्त अधिनियम, 1994

16.3 यह संशोधन 1 अप्रैल से प्रभावी होने से 1995 और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 3]

वित्त अधिनियम, 1994

अधिकार के शेयरों और अधिकार renouncements के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ का युक्तिकरण

प्र.17. आयकर अधिनियम सिर "पूंजीगत लाभ" के तहत आय की गणना पर व्यापक प्रावधानों का प्रावधान है. संपत्ति की लागत कंप्यूटिंग की विशिष्ट तरीके केवल संपत्ति के कुछ प्रकार के सम्मान में दिए गए हैं. हालांकि, इस तरह के किसी भी तरह के प्रावधानों के अभाव में आदि अधिकारों शेयरों, अधिकार पात्रता के रूप में वित्तीय साधनों की लागत का दृढ़ संकल्प के साथ काम कोई विशेष प्रावधान नहीं है, अदालतों अनुसार कड़ाई से नहीं हैं जो लागत निर्धारित करने के लिए कुछ खास तरीकों नीचे रखी है वाणिज्यिक सिद्धांतों के साथ.

वित्त अधिनियम, 1994

जटिल गणनाओं से बचने के उद्देश्य के लिए 17.2, वित्त अधिनियम की सदस्यता के लिए एक पात्रता है, जहां शेयरों, सहित वित्तीय परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की लागत की गणना के लिए प्रावधानों के एक सरल और स्पष्ट सेट पेश किया है अधिकार के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय आस्तियों के लिए.यह मूल शेयरधारक के हाथ में अधिकार पात्रता की लागत शून्य के रूप में समझा जा रहा है कि उपलब्ध कराई गई है. बेशक, मूल शेयरधारक द्वारा प्राप्त अधिकारों शेयर की कीमत वास्तव में अधिकार हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए कंपनी को उसके द्वारा भुगतान की कीमत है. अधिकार renouncee अधिकार हिस्सेदारी का अधिग्रहण जहां लेकिन, अधिकारों शेयर की कीमत अधिकार पात्रता प्लस अधिकार हिस्सेदारी के अधिग्रहण के लिए कंपनी को उसके द्वारा भुगतान की कीमत की खरीद के लिए उसके द्वारा खर्च की लागत के बराबर है. (लागत शून्य के रूप में लिया जाता है) के रूप में अपने अधिकारों पात्रता बेचकर मूल शेयरधारक द्वारा एहसास राशि अपने हाथों में अल्पकालिक पूंजीगत लाभ होगा. अधिकार पात्रता के आयोजन की अवधि त्यागना की तारीख को कंपनी द्वारा किए गए प्रस्ताव की तारीख से माना जा रहा है.

वित्त अधिनियम, 1994

17.3 ये संशोधन आसानी से कर देयता की गणना और मुकदमेबाजी के प्रसार को रोकने के लिए करदाताओं के लिए सक्षम हो जाएगा.

वित्त अधिनियम, 1994

17.4 उपरोक्त संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी, और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 3 व 18]

वित्त अधिनियम, 1994

पुर्तगाली नागरिक कानून द्वारा शासित व्यक्तियों के लिए विशेष प्रावधान

प्र.18. गोवा और दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव के संघ राज्य क्षेत्रों के राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की एक बड़ी संख्या 1860 के पुर्तगाली नागरिक संहिता द्वारा शासित हैं. इस कानून के अनुसार, एक व्यक्ति की शादी होती है, जब संपत्ति जीवन साथी के मिश्रित और प्रत्येक पति संयुक्त संपत्ति में 50 फीसदी शेयरधारक बन जाता हो जाता है. इसी तरह, एक पति या पत्नी कानूनी तौर पर हकदार है दूसरे पति की आय का 50 फीसदी है. संपत्ति के समुदाय के रूप में निर्दिष्ट इस तरह की एक प्रणाली (पुर्तगाली भाषा में "COMMUNIAO डॉस BENS") में समस्याओं में प्रस्तुत किया गया था आय अलग से संपत्ति के समुदाय के हाथों में या पति और पत्नी के हाथों में मूल्यांकन किया जाना था कि क्या संदेह कर रहे थे के रूप में आय का आकलन.

वित्त अधिनियम, 1994

18.2 आयकर विभाग श्री वी. आयकर के अतिरिक्त आयुक्त के मामले में गाया बंबई उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद किया गया था और यह सिर "गृह संपत्ति से आय", "मुनाफे और की बढ़त के तहत है कि आय का आयोजन किया गया था जिसमें श्रीमती Velentino एफ पिंटो [1984] 150 आईटीआर 408, व्यवसाय या पेशे "और" अन्य स्रोतों से आय "50 के अनुपात में आवंटित किया जाना चाहिए: 50 और एक पति या पत्नी और कोई अलग के हाथों में अलग से लगाया आकलन संपत्ति के समुदाय के हाथों में किया जाना चाहिए.आयकर आयुक्त के मामले में हाल ही में एक फैसले में वी. Modu Timblo, 23-4-1993 पर फैसला, संयुक्त होना चाहिए बंबई उच्च न्यायालय में पति और पत्नी द्वारा अर्जित सिर "मुनाफा और व्यापार या पेशे के लाभ" के अंतर्गत है कि आय का आयोजन किया गया है और संयुक्त आय में मूल्यांकन किया जाना चाहिए व्यक्तियों के व्यक्तियों या शरीर की एसोसिएशन की स्थिति में संपत्ति के समुदाय की एक इकाई, के हाथों. निर्णय आयकर विभाग के लिए काफी प्रशासनिक समस्या बन गया है, लेकिन यह भी है ही नहीं बहुत कठोर संयुक्त यद्यपि के रूप में करदाता के लिए आकलन वे व्यक्तियों के रूप में अलग से मूल्यांकन किया जा रहे थे अन्यथा, एक पति या पत्नी के लिए स्वीकार्य हो गया होता जो अन्य प्रोत्साहनों और कटौती के रूप में भी दो अलग छूट सीमा की उन्हें वंचित.

वित्त अधिनियम, 1994

18.3 वित्त अधिनियम, इसलिए सभी के साथ गोवा और दादरा और नगर ​​हवेली तथा दमन और दीव के संघ राज्य क्षेत्रों के राज्य में रहने वाले व्यक्तियों की आय के निर्धारण के लिए स्वीकार किया गया है, जो सिद्धांत अधिनियम आयकर में शामिल किया गया है और 1860 के पुर्तगाली नागरिक संहिता द्वारा शासित है.बाकी पर विवाद सेट करने के लिए इतनी के रूप में एक नई धारा 5 ए आयकर अधिनियम में सम्मिलित किया गया है. धारा 5 ए सभी स्रोतों से आय, वेतन से छोड़कर, व्यक्तियों का एक संघ के रूप में या व्यक्तियों की एक संस्था के रूप में माना है कि क्या पति और पत्नी और ऐसी आय संपत्ति के समुदाय की आय के रूप में मूल्यांकन नहीं किया जाएगा (के बीच समान रूप से विभाजित किया जाना चाहिए प्रदान करता है ). पेशे से भी आय पति और पत्नी के बीच समान रूप से विभाजित किया जाएगा. इसलिए apportioned आय पति की कुल आय में और पत्नी के अलग से शामिल किया जाएगा और आयकर अधिनियम के शेष प्रावधान के हिसाब से लागू होंगे. वेतन आय, हालांकि, वास्तव में यह अर्जित किया है, जो पति के हाथों में मूल्यांकन किया जाना जारी रहेगा. पति और पत्नी कटौती का दावा कर सकते हैं कि इतना गोवा और आयकर अधिनियम के प्रावधानों में अन्य स्थानों में बल में संपत्ति के समुदाय की प्रणाली द्वारा संचालित पति और पत्नी से मिलकर व्यक्तियों की एसोसिएशन के संदर्भ हटा दिया गया है अलग अध्याय आठवीं के तहत अध्याय VI-एक और छूट के प्रावधानों के तहत.

वित्त अधिनियम, 1994

18.4 ये संशोधन 1963/01/04 से प्रभाव के साथ, पूर्वव्यापी, प्रभावी और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा आकलन वर्ष 1963-64 और बाद के वर्षों.

[धारा 4 और 50]

वित्त अधिनियम, 1994

उनके अनिवासी स्थिति को खोने के बिना अनिवासी भारतीयों के मामले में भारत में रहने की अवधि का विस्तार

प्र.19.उन्होंने कहा कि वर्ष के दौरान भारत में किया गया है, तो आयकर अधिनियम की धारा 6 के खंड के प्रावधानों (1) के तहत, एक व्यक्ति, किसी भी पिछले एक साल में भारत में निवासी होना कहा जाता है -

+१८२ दिन या अधिक, या की राशि एक अवधि या अवधि के लिए (मैं)

(Ii) एक अवधि या साठ दिन या अधिक करने के लिए और राशि की अवधि के लिए भी एक अवधि या ३६५ दिन या उससे अधिक की राशि की अवधि के लिए पिछले चार साल के भीतर भारत में किया गया है.

हालांकि, साठ दिनों की अवधि भारत के एक अनिवासी भारतीय, यानी, एक नागरिक या खंड के खंड के लिए स्पष्टीकरण (ई) के अर्थ के भीतर भारतीय मूल के एक व्यक्ति के मामले में एक सौ पचास दिन के लिए बढ़ा दिया गया था भारत के बाहर होने के नाते भारत के दौरे पर आता है, जो अधिनियम के 115C. कहा स्पष्टीकरण वह या उसके माता पिता या अपने भव्य माता पिता में से किसी का, या तो अविभाजित भारत में पैदा हुआ था, तो एक व्यक्ति भारतीय मूल का होना समझा जाएगा कि प्रदान करता है.

वित्त अधिनियम, 1994

19.2 सुझाव एक सौ पचास दिन के उपरोक्त अवधि +१८२ दिनों के लिए बढ़ाया जाना चाहिए कि प्रभाव के लिए प्राप्त किया गया था.भारत में निवेश किया है जो अनिवासी भारतीयों, यह आवश्यक अक्सर भारत का दौरा करने लगता है और उनके निवेश का उचित पर्यवेक्षण और नियंत्रण के लिए यहाँ रहने इसका कारण यह है. वित्त अधिनियम, इसलिए, धारा 6 एक से उक्त व्यक्तियों के मामले में भारत में रहने की अवधि का विस्तार करने के क्रम में आयकर अधिनियम की (1) (सी) के लिए स्पष्टीकरण के खंड (ख) में संशोधन किया सौ और पचास दिनों १८२ दिनों के लिए, वे भारत की यात्रा है जिसमें पिछले वर्ष में, भारत में निवासी के रूप में इलाज किया जा रहा है. भारत में अपने प्रवास के, अपने दौरे के दौरान, एक सौ और पिछले एक साल में इक्यासी दिनों के लिए है, तो इस प्रकार, ऐसे अनिवासी भारतीयों को उनकी 'अनिवासी' का दर्जा नहीं खोना होगा.

वित्त अधिनियम, 1994

19.3 यह संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों में, यानी, 1994/01/04 को या उसके बाद शुरू होगा प्रत्येक पिछले साल.

[धारा 5]

वित्त अधिनियम, 1994

आदि सहकारी समितियां, विश्वविद्यालयों के कर्मचारियों को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाओं के तहत भुगतान पर कर छूट का विस्तार

प्र.20. आयकर अधिनियम की धारा 10 (10C) के मौजूदा प्रावधानों के तहत एक कंपनी या एक सांविधिक प्राधिकरण या उसकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के समय में एक स्थानीय प्राधिकारी के एक कर्मचारी द्वारा प्राप्त किसी भी राशि, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की योजना के अनुसार , पांच लाख रुपए तक आयकर ऊपर से छूट प्राप्त है. इस तरह की एक योजना इस संबंध में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुसार किया जाना है. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों की योजनाओं के मामले में, यह इन चिंतित मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित कर रहे हैं कि यह भी जरूरी है इस संबंध में आयुक्त या महानिदेशक.

वित्त अधिनियम, 1994

20.2 उपक्रम प्रभाव को प्राप्त किया गया था कि आयकर छूट के लाभ धारा 10 के तहत (10C) भी सहकारी समितियों के कर्मचारियों को बढ़ाया जाना चाहिए.सुझाव भी विश्वविद्यालयों, प्रौद्योगिकी और भारतीय प्रबंधन संस्थान भारतीय संस्थानों के कर्मचारियों, भी के प्रावधानों के तहत कवर किया जाना चाहिए कि प्राप्त किया गया था धारा 10 (10C). यह उनके स्टाफ संरचना को युक्तिसंगत और वेतन पर लागत को कम करने के लिए उन्हें मदद मिलेगी.

वित्त अधिनियम, 1994

सेंट्रल द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है के रूप में 20.3 वित्त अधिनियम, इसलिए, सहकारी समितियां, विश्वविद्यालयों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और प्रबंधन के इस तरह के संस्थानों के कर्मचारियों को धारा 10 (10C) के तहत आयकर में छूट का दायरा बढ़ा दिया गया है कि खंड के प्रयोजनों के लिए सरकार.इसे आगे भी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर राशि के भुगतान गवर्निंग सहकारी समितियों की योजनाओं, चिंतित द्वारा अनुमोदित किया जाना कर रहे हैं प्रदान की गई है प्रमुख इस संबंध में आयुक्त या महानिदेशक.

वित्त अधिनियम, 1994

20.4 यह संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है, और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 6]

वित्त अधिनियम, 1994

निर्दिष्ट समाचार एजेंसियों की आय पर आयकर में छूट का प्रावधान

प्र.21. वित्त अधिनियम आयकर अधिनियम की धारा 10 में एक नया खंड (22B) डाला गया है. इस खंड केन्द्रीय सरकार, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में निर्दिष्ट कर सकता है आयकर से मुक्त हो जाएगा जैसे समाचार एजेंसी के किसी भी आय, केवल संग्रह और खबर के वितरण के लिए भारत में स्थापित किया है कि प्रदान करता है. इस समाचार एजेंसी इसकी आय पर लागू होता है या केवल संग्रह और खबर के वितरण के लिए आवेदन के लिए यह जम जाता है और यह अपने सदस्यों को किसी भी तरीके से अपनी आय वितरित नहीं करता है कि इस शर्त के अधीन हो जाएगा. इस धारा के तहत अधिसूचना देने में छूट, किसी एक समय में, तीन से अधिक नहीं के लिए प्रभावी होंगे एक सहित आकलन वर्ष ( अधिसूचना में विनिर्दिष्ट की जाए निर्धारण वर्ष या साल,) ऐसी अधिसूचना जारी होने की तारीख से पहले शुरू होगा.

वित्त अधिनियम, 1994

21.2 यह संशोधन 1994/01/04 से प्रभावी होता है, और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों.

[धारा 6]

वित्त अधिनियम, 1994

पिछड़े वर्ग के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित निकायों की आय पर आयकर में छूट का प्रावधान

आयकर अधिनियम की 22.1 धारा 10 (26B) पूरी तरह सरकार द्वारा वित्तपोषित एक सांविधिक निगम के या किसी भी अन्य शरीर, संस्था या संघ के किसी भी आय,, पर आयकर छूट प्रदान करता है, जहां इस तरह के निगम या आदि शरीर, अनुसूचित जातियों और / या अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया है.पिछड़े वर्ग के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए स्थापित किया गया इसी प्रकार के निकायों,, अब कुछ समय के लिए कार्य कर रहा है. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, पिछड़े वर्ग के लाभ के लिए स्थापित एक पूर्ण स्वामित्व वाली सरकारी कंपनी राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर रहा है और इसी तरह के कार्य प्रदर्शन राज्य स्तरीय निगमों हैं. आयकर से भी इस तरह के निकायों की आय छूट देने की जरूरत है.

वित्त अधिनियम, 1994

22.2 वित्त अधिनियम, इसलिए, एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय अधिनियम या किसी भी अन्य शरीर, संस्था या संघ के द्वारा स्थापित निगम की आय में छूट का लाभ का विस्तार करने के क्रम में धारा 10 के खंड (26B) संशोधन किया गया है (एक किया जा रहा है ऐसे निगम या अन्य शरीर या संस्था या संघ की स्थापना या पिछड़े वर्गों के सदस्यों के हितों को बढ़ावा देने के लिए गठित किया गया है जहां शरीर, संस्था या संघ पूर्ण) सरकार द्वारा वित्त पोषण किया.समय समय पर केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित कर रहे हैं के रूप में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अलावा अन्य नागरिकों, के ऐसे वर्गों मतलब इतनी के रूप में अभिव्यक्ति 'पिछड़े वर्गों' परिभाषित किया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

22.3 यह संशोधन 1993/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव लेता है, और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1993-94 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 6]

वित्त अधिनियम, 1994

उनके कारोबार का कम से कम 75 फीसदी का निर्यात 100% ईओयू को आयकर अधिनियम की धारा 10 बी के तहत पांच साल का टैक्स हॉलिडे सीमित

आयकर अधिनियम की धारा 10 बी के तहत 23.1, एक पांच साल का टैक्स हॉलिडे का विनिर्माण या उत्पादन करता है किसी भी लेख या बात और निर्धारित बोर्ड ने मंजूरी दे दी है जो एक 100% निर्यात उन्मुख उपक्रम (100% ईओयू) की अनुमति दी है.यह कर छुट्टी के बाद आपरेशन में है निर्धारण वर्ष 1989-90.

वित्त अधिनियम, 1994

23.2 100% ईओयू, नाम का प्रतीक के रूप में, वे अपने पूरे उत्पादन का निर्यात है कि तथ्य के आधार पर विशेष उपचार मिलता है.हालांकि, उन्हें आर्थिक लचीलापन प्रदान करते हैं और उन्हें निर्यात खारिज की और द्वारा उत्पादों के निपटान के लिए अनुमति देने के लिए, वे घरेलू बाजार में अपने उत्पाद का 25% हिस्सा बेचने की अनुमति है. वास्तव में, ऐसी इकाइयों को भी उन्हें करने की अनुमति 25% घरेलू बिक्री से लाभ के संबंध में 5 साल के लिए छूट मिलती है.

वित्त अधिनियम, 1994

23.3 जब तक 100% ईओयू की घरेलू बिक्री उचित सीमा के भीतर कर रहे हैं, के रूप में छूट हो रही इस तरह की बिक्री निर्यात के लिए प्रासंगिक एक रियायत के रूप में उचित नहीं ठहराया जा सकता है.हाल ही में, हालांकि, यह 100% ईओयू उनके कारोबार का कम से कम 75 प्रतिशत निर्यात और घरेलू बाजार में संतुलन राशि को बेचने के रूप में कई इकाइयों को मंजूरी दे दी है कि सूचना के लिए आ गया है. ऐसी इकाइयों को भी कुल बिक्री का 25 से अधिक प्रतिशत के गठन घरेलू बिक्री से उत्पन्न लाभ पर पांच साल का टैक्स हॉलिडे हो रही है, इस प्रकार हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

कर छूट की 100% ईओयू लाभ निर्यात पर्याप्त हैं, तभी खंड 10 बी में संशोधन उनके कारोबार का कम से कम 75% निर्यात जो 100% ईओयू को पांच साल का टैक्स हॉलिडे को प्रतिबंधित किया गया है कि यह सुनिश्चित करने की दृष्टि से 23.4.किसी भी पिछले एक साल में, उनके कारोबार का 75% से कम निर्यात, जो यूनिट्स कि पिछले वर्ष के संबंध में खंड 10 बी के तहत छूट की अनुमति नहीं होगी. वे इस तरह के एक मामले में, प्रतिशत कटौती प्रति सामान्य 100 का लाभ ले सकते हैं निर्यात लाभ पर खंड 80HHC तहत. प्रतिबंध 1994/01/04 पर या के बाद उत्पादन शुरू जो 100% ईओयू को भावी लागू होगी.

वित्त अधिनियम, 1994

23.5 यह संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 7]

वित्त अधिनियम, 1994

100% ईओयू उत्पादन कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के लिए कर अवकाश

प्र 24 आयकर अधिनियम की धारा 10 ए का विनिर्माण या उत्पादन करता है किसी भी लेख या बात और अधिसूचित मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTZs) में स्थापित किया गया है जो एक औद्योगिक उपक्रम के लिए एक पांच साल का टैक्स हॉलिडे का प्रावधान है. वित्त अधिनियम, 1993 के माध्यम से, धारा 10 ए के तहत कर छूट को मंजूरी दे दी इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (ईएचटीपी) या सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क (एसटीपी) में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के लिए बढ़ा दिया गया था. इसके साथ ही, इस शब्द "उत्पाद" के दायरे कंप्यूटर प्रोग्राम का उत्पादन शामिल करने के लिए बढ़ा दिया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

आयकर अधिनियम की धारा 10 बी के प्रावधानों के तहत 24.2, एक पांच साल का टैक्स हॉलिडे किसी भी लेख या बात का उत्पादन जो निर्माण या अनुमोदित 100 फीसदी निर्यात आधारित उपक्रमों (ईओयू) की अनुमति दी है.

वित्त अधिनियम, 1994

कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के निर्यात के लिए ईएचटीपी / एसटीपी योजनाओं के तहत स्थापित किया और निर्धारित बोर्ड, शब्द "उत्पाद" के लिए एक स्पष्टीकरण द्वारा अनुमोदित प्रतिशत निर्यातोन्मुख इकाइयों के अनुसार स्वीकृत 100 के लिए कर अवकाश के दायरे के विस्तार की दृष्टि से 24.3 डाला गया है अनुभाग में 10B कंप्यूटर प्रोग्राम का उत्पादन शामिल करने के लिए.

वित्त अधिनियम, 1994

24.4 यह संशोधन 1994/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.यह तदनुसार, कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पार्क करने के लिए धारा 10 ए में पिछले साल बढ़ाया समान रियायत के साथ शामिल किया जाएगा.

[धारा 7]

वित्त अधिनियम, 1994

इच्छुक व्यक्तियों द्वारा वर्गों 11 और 12 के तहत छूट का दावा ट्रस्टों के मामले में और ट्रस्टों के लिए महत्वपूर्ण योगदान की अनिवार्य ऑडिट के प्रयोजनों के लिए मौद्रिक सीमा की स्थापना

धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्टों या संस्थाओं, आयकर अधिनियम की धारा 12A द्वारा विश्वास के तहत या स्वैच्छिक योगदान के माध्यम से आयोजित की संपत्ति से प्राप्त आय के संबंध में आयकर से छूट का दावा करने के लिए 25.1 कुछ शर्तों निर्दिष्ट करता है.ऐसा ही एक शर्त कुल ट्रस्ट या संस्था की आय, लेकिन वर्गों 11 और 12 के तहत छूट के लिए, किसी भी पिछले साल में पच्चीस हजार रुपये से अधिक है, उस वर्ष के लिए ट्रस्ट या संस्था के खातों लेखा परीक्षित किया जाना चाहिए था कि जहां था एक चार्टर्ड एकाउंटेंट या कंपनियों के एक लेखा परीक्षक के रूप में नियुक्त किए जाने की हकदार किसी भी अन्य एकाउंटेंट द्वारा.

वित्त अधिनियम, 1994

25.2 धारा 13 (1) आयकर अधिनियम की (ग) में प्रावधान है कि जहां आदि एक धर्मार्थ ट्रस्ट की किसी भी आय, एक रुचि व्यक्ति, धारा 11 या 12 के तहत आयकर में छूट के लाभ के लिए enures आयकर अधिनियम कुछ अपवादों के साथ, जब्त किया जाएगा.(3) इस अधिनियम की धारा 13 का मतलब करने के इच्छुक व्यक्ति, अन्य बातों के साथ, ट्रस्ट या संस्था के लिए एक बड़ा योगदान दिया है जो किसी भी व्यक्ति को निर्दिष्ट करता है. अभिव्यक्ति 'महत्वपूर्ण योगदान' प्रासंगिक पिछले साल के अंत तक बीस हजार पांच रुपए से अधिक का कुल योगदान अर्थ के रूप में समझाया गया था.

वित्त अधिनियम, 1994

25.3 युक्तिकरण के एक उपाय के रूप में वित्त अधिनियम की धारा 12A (ख) में संशोधन किया गया है और धारा 13 (3) (ख) आयकर अधिनियम के पचास हजार रुपए तक पच्चीस हजार रुपए की उक्त सीमा बढ़ाने के लिए.

वित्त अधिनियम, 1994

25.4 ये संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 8 और 9]

वित्त अधिनियम, 1994

चिकित्सा सुविधाओं के रूप में अतिरिक्त उपार्जन के संबंध में कर से छूट नियोक्ताओं द्वारा प्रदान की

खंड के परन्तुक के तहत 26.1 (2) आयकर अधिनियम की धारा 17 की, उसके परिवार के किसी कर्मचारी या किसी भी सदस्य के लिए नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई चिकित्सा लाभ के अतिरिक्त उपार्जन मूल्य निश्चित शर्तों को कर विषय से छूट प्राप्त है.टैक्स से छूट नियोक्ता द्वारा, सरकार द्वारा या किसी स्थानीय प्राधिकारी द्वारा या के लिए सरकार ने मंजूरी दे दी एक अस्पताल में बनाए रखा आदि अस्पतालों, डिस्पेंसरियों, में कर्मचारी द्वारा किए गए व्यय की प्रतिपूर्ति के संबंध में, उपलब्ध, अन्य बातों के साथ है इसके कर्मचारियों के चिकित्सा उपचार के प्रयोजनों. हालांकि, निजी अस्पतालों में निर्धारित बीमारियों के उपचार के संबंध में मुख्यमंत्री ने मंजूरी दे दी भुगतान अस्पताल को नियोक्ता द्वारा सीधे किया जाता है, जहां केवल आयुक्त, इस रियायत की अनुमति दी है.

वित्त अधिनियम, 1994

26.2 आगे प्रावधान को उदार और कष्ट को कम करने के लिए, यह मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित किसी भी अस्पताल में इलाज के लिए किए गए खर्च में प्रदान की गई है भुगतान व्यय की प्रतिपूर्ति के रूप में है, यहां तक कि जहां आयुक्त मुक्त हो जाएगा.यह, हालांकि, कर्मचारी आयकर रिटर्न अस्पताल में भर्ती भुगतान की गई राशि के लिए भी रसीद के रूप में आवश्यक था, जिसके लिए निर्धारित रोग या बीमारी को निर्दिष्ट अनुमोदित अस्पताल से एक प्रमाण पत्र के साथ संलग्न करता है कि इस शर्त के अधीन हो जाएगा.

वित्त अधिनियम, 1994

26.3 इस संशोधन यानी, तारीख, 1993/01/04 से प्रभावी होने से मुख्यमंत्री द्वारा अनुमोदित अस्पतालों में इलाज पर जो खर्च से आयुक्त मुक्त कर दिया गया है.यह होगा, तदनुसार, के संबंध में लागू आकलन वर्ष 1993-94 और बाद के वर्षों. तदनुसार, के लिए प्रासंगिक किसी भी पिछले वर्ष के दौरान अस्पताल में भर्ती थे, जो व्यक्ति आकलन साल 1993-94 और उसके बाद इस तरह के अस्पताल में भर्ती के लिए नियोक्ता द्वारा प्रतिपूर्ति किसी भी राशि की छूट का दावा कर सकते हैं प्रमाण पत्र और रसीद प्रदान की जुड़ी हुई हैं.

[धारा 10]

वित्त अधिनियम, 1994

स्वयं के कब्जे घर संपत्ति के मामले में कटौती की सीमा को बढ़ाकर

धारा 24 के प्रावधानों के तहत 27.1 (2) आयकर अधिनियम की, पांच हजार रुपए तक की कटौती एक स्वयं के कब्जे के अधिग्रहण, निर्माण, मरम्मत, नवीकरण या पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल उधार पूंजी पर देय ब्याज के संबंध में अनुमति दी गई थी घर की संपत्ति.कटौती की इस सीमा तय की गई थी द्वारा वित्त अधिनियम, 1986 1987/01/04 से लागू होगा. देखने में 1986 के बाद से निर्माण की लागत में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए वित्त अधिनियम दस हजार रुपये से पांच हजार रुपये से इस तरह के ब्याज के संबंध में कटौती की सीमा बढ़ा दी हैं. दस हजार रुपये की सीमा तक उधार पूंजी पर देय ब्याज की राशि, संपत्ति का वार्षिक मूल्य से स्वीकार्य हो जाएगा. स्वयं के कब्जे संपत्ति का वार्षिक मूल्य शून्य पर ले जाया जाता है, दस हजार रुपये तक ऊपर कटौती एक नुकसान होगा. इस तरह के नुकसान उप - धारा के प्रावधानों के संदर्भ में किसी भी अन्य मद में आय के खिलाफ बंद सेट होने की अनुमति दी जाएगी (1) और उप - धारा (2) धारा 71 की.

वित्त अधिनियम, 1994

27.2 यह संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 11]

वित्त अधिनियम, 1994

चाय उत्पादकों और निर्माताओं द्वारा जमा करने के लिए अतिरिक्त योजना

आयकर अधिनियम की 28.1 धारा 33AB जहां भारत में चाय बढ़ रही है और निर्माण के व्यापार पर किया जाता है जो एक व्यक्ति, पिछले वर्ष के दौरान, कृषि और ग्रामीण विकास (नाबार्ड) के लिए नेशनल बैंक के साथ एक चाय में किसी भी राशि जमा की है कि प्रदान करता है चाय बोर्ड द्वारा इस संबंध में मंजूरी दे दी योजना के अनुसार कि बैंक के साथ इस तरह के व्यक्ति द्वारा बनाए रखा जमा खाता, ऐसे व्यक्ति को तो पिछले वर्ष या के व्यापार से लाभ का बीस फीसदी दौरान जमा की गई राशि की कटौती की अनुमति दी जाएगी जो भी कम हो, भारत में चाय बढ़ रही है या निर्माण.

वित्त अधिनियम, 1994

खंड 33AB की 28.2 लाभ के अनुसार चाय जमा खाता में जमा करने के लिए जो भी इस तरह के चाय उत्पादकों और निर्माताओं के लिए बढ़ा दिया गया है, और में विनिर्दिष्ट प्रयोजनों के लिए, चाय बोर्ड द्वारा तैयार किए, और मध्य द्वारा अनुमोदित किसी भी अन्य योजना सरकार.

वित्त अधिनियम, 1994

28.3 यह संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 12]

वित्त अधिनियम, 1994

वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए कर रियायतें के दायरे चौड़ी

29.1 आयकर अधिनियम की धारा 35 (2AA) के तहत, किसी भी राशि एक से भुगतान किया विहित प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित कर रहे हैं, जैसा कि वैज्ञानिक अनुसंधान के कार्यक्रमों से बाहर ले जाने के लिए एक "राष्ट्रीय प्रयोगशाला" करने के लिए व्यापार या पेशे पर ले जाने निर्धारिती, तो भुगतान राशि में से एक और एक चौथाई समय की भारित कटौती के लिए पात्र हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

29.2 "राष्ट्रीय प्रयोगशाला" भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान या वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद की परिषद और जो के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर पर एक वैज्ञानिक प्रयोगशाला कामकाज मतलब करने के लिए परिभाषित किया गया था निर्धारित द्वारा अनुमोदित किया गया था इस उद्देश्य के लिए प्राधिकरण.विहित प्राधिकारी महानिदेशक सचिव, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) विभाग के साथ सहमति में (आय कर छूट) है.

वित्त अधिनियम, 1994

29.3 वित्त अधिनियम इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्तर पर कार्य कर वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं शामिल करने के लिए "राष्ट्रीय प्रयोगशाला" की परिभाषा के दायरे बढ़ गया है, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन, जैव प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा विभाग के विभाग .इस कटौती अब भी विश्वविद्यालयों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में वैज्ञानिक अनुसंधान पर ले जाने प्रयोगशालाओं के लिए उपलब्ध हो जाएगा.

वित्त अधिनियम, 1994

29.4 यह संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 13]

वित्त अधिनियम, 1994

बैंकों की ग्रामीण शाखाओं से संबंधित बुरा और संदिग्ध ऋण के लिए किए गए प्रावधानों के संबंध में कटौती

प्र.30. धारा 36 के प्रावधानों के तहत (1) (VIIa) (ए) आयकर अधिनियम की, भारत के बाहर किसी देश के कानून और केन्द्रीय द्वारा अनुमोदित एक बैंक द्वारा या के तहत शामिल बैंकों को छोड़कर सभी अनुसूचित बैंक [ खंड (viiia) के प्रयोजनों] और गैर अनुसूचित बैंकों के लिए सरकार किसी भी कटौती करने से पहले नहीं अभिकलन कुल आय का पांच प्रतिशत से अधिक राशि का बुरा और संदिग्ध ऋण के लिए एक प्रावधान के संबंध में एक कटौती के हकदार हैं धारा 36 नहीं उनके ग्रामीण शाखाओं द्वारा किए गए कुल औसत अग्रिमों के चार फीसदी से अधिक की राशि की भी (1) (VIIa) और अध्याय छठी ए, और नीचे. इन बैंकों द्वारा प्रावधानीकरण कदम रख लिए की जरूरत को ध्यान में रखते हुए, वित्त अधिनियम दस प्रतिशत करने के लिए चार फीसदी की सीमा को उठाया गया है. सेंट्रल द्वारा अनुमोदित एक बैंक के लिए संदर्भ धारा 36 के तहत कटौती का लाभ उठाने के लिए इस तरह के बैंकों टाइटिल के रूप में तो खंड (viiia) के प्रयोजनों के लिए सरकार भी हटा दिया गया है (1) (VIIa) (क).

वित्त अधिनियम, 1994

30.2 खंड खंड 36 के (viiia) के तहत (1), भारत के बाहर बैंकिंग परिचालन में लगे हुए है, और केन्द्रीय ने मंजूरी दे दी है जो (भारत के बाहर किसी देश के कानून द्वारा या के तहत शामिल एक बैंक से दूसरे) एक अनुसूचित बैंक सरकार, नहीं (उक्त खंड और अध्याय छठी ए के तहत किसी भी कटौती करने से पहले अभिकलन) की कुल आय के चालीस फीसदी से अधिक राशि का बनाया किसी विशेष रिजर्व के संबंध में कटौती करने का हकदार है.वित्त अधिनियम की धारा 36 (1) (VIIa) में संशोधन को देखते हुए इस खंड लोप हो गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

30.3 ये संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 14]

वित्त अधिनियम, 1994

सिविल निर्माण के व्यवसाय में लगे हुए करदाताओं के लिए अनुमानित आय विधि

31.1 अनुमानित आय विधि की कारोबार की कुछ श्रेणियों के लिए मूल्यांकन कई देशों में प्रचलित है.कर सुधार समिति ने भी बेहतर कर अनुपालन की सुविधा के लिए कुछ क्षेत्रों में अनुमानित आय विधि का क्रमिक परिचय की सिफारिश की है. तदनुसार, एक नया खंड 44AD सिविल निर्माण कार्य के लिए सिविल निर्माण या श्रम की आपूर्ति के व्यापार से आय का आकलन करने की एक विधि के लिए उपलब्ध कराने के लिए एक दृश्य के साथ आयकर अधिनियम में सम्मिलित किया गया है. नई धारा जिसका सकल प्राप्तियों abovementioned व्यापार से रुपये से अधिक नहीं है सभी निर्धारिती के लिए लागू है. 40 लाख. सकल प्राप्तियों अनुबंध के लिए ग्राहकों से प्राप्त राशि रहे हैं और ग्राहक द्वारा आपूर्ति की सामग्री के मूल्य में शामिल नहीं किया जाएगा. उपर्युक्त व्यापार से आय 8 प्रति भुगतान सकल प्राप्तियों का प्रतिशत या एक को देय होने का अनुमान किया जाएगा निर्धारिती. एक करदाता स्वेच्छा से उनकी वापसी में एक उच्च आय घोषणा कर सकते हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

"सिविल निर्माण" भवनों के निर्माण या मरम्मत शामिल होंगे 31.2 अभिव्यक्ति, बांधों, पुलों या अन्य संरचनाओं, या सड़कों या नहरों की.यह भी किसी भी अन्य कार्यों के अनुबंध का निष्पादन शामिल होंगे. यह इस प्रकार, आदि बिजली फिटिंग, पाइपलाइन काम, बागवानी काम से जुड़े काम शामिल होंगे

वित्त अधिनियम, 1994

8 फीसदी से 31.3 दर व्यापक है.मूल्यह्रास सहित वर्गों 30-38 के तहत सभी कटौतियों, पहले से ही अनुमति दी गई है समझा जाएगा और आगे कोई कटौती इन धाराओं के तहत अनुमति दी जाएगी. अनुमति दी गई है मूल्यह्रास के रूप में लागू के रूप में यदि नीचे लिखा मान, जहां आवश्यक हो, की गणना की जाएगी. कंपनियों के मामले में, खंड 40 के खंड (ख) के तहत अनुमति दी हद तक सामान्य कटौती की अनुमति दी जाएगी.

वित्त अधिनियम, 1994

31.4 8 प्रति सकल प्राप्तियों का प्रतिशत, या एक उच्च आय पर आय का आकलन, रिटर्न फाइल जो करदाता,, धारा 44AA ​​के प्रावधानों के तहत खाते की किताबें बनाए रखने की आवश्यकता है, न ही लेखा अनुभाग 44AB के प्रावधानों के तहत लेखापरीक्षित पाने के लिए आवश्यक हो जाएगा न तो सिविल निर्माण के व्यवसाय से उनकी आय के संबंध में.हालांकि, यहां इस तरह के एक निर्धारिती इस योजना में शामिल नहीं हैं जो अपने कारोबार के संबंध में दोनों वर्गों 44AA और 44AB की आवश्यकताओं का पालन करना पड़ता है. उदाहरण के लिए, एक व्यक्ति रुपए की सकल प्राप्ति हो सकती है. सिविल निर्माण व्यवसाय से और रुपये के 30 लाख. स्क्रैप और रुपये में व्यापार से 25 लाख. वस्त्र निर्माण से 10 लाख. उसकी कुल सकल प्राप्तियां रुपये यद्यपि. सिविल निर्माण के व्यवसाय से उन को छोड़कर बाद अपने सकल प्राप्तियों अभी भी रुपये की तुलना में कम कर रहे हैं के बाद से 65 लाख, वह अपने खातों लेखा परीक्षा की है की आवश्यकता नहीं होगी. 40 लाख, धारा 44AB में प्रदान की सीमा.

वित्त अधिनियम, 1994

इस प्रावधान के अनुसार अनुमान के अनुसार सिविल निर्माण के व्यवसाय से 31.5 आय, अन्य आय के साथ एकत्रित किया जाएगा निर्धारिती, किसी अन्य व्यवसाय से या आयकर अधिनियम के सामान्य प्रावधानों के अनुसार आय के अन्य प्रमुखों, के तहत. तदनुसार, अध्याय आठवीं के तहत अध्याय VI-एक और छूट के तहत सभी कटौतियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा स्थितियां उसमें पूरा कर रहे हैं, निर्धारिती.

वित्त अधिनियम, 1994

31.6 योजना वैकल्पिक है.खंडन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है. एक व्यक्ति उपरोक्त कार्य के संबंध में उसकी आय आय की निर्दिष्ट अनुमान से कम है कि दावा कर सकते हैं. ऐसे एक मामले में, वह अपनी बात को साबित करने के लिए आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा. इस तरह के एक मामले के लिए नियमित रूप से छानबीन की जाएगी धारा 143 के तहत मूल्यांकन (3).

वित्त अधिनियम, 1994

31.7 यह संशोधन 1994/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों.तदनुसार, एक व्यक्ति वर्तमान के लिए अनुमानित आय पद्धति के आधार पर अपने रिटर्न फाइल कर सकते हैं निर्धारण वर्ष भी.

[धारा 16]

स्पष्टीकरण वन

1 धारा 44AD और 44AE 1 अप्रैल 1994 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1994 के द्वारा, आयकर अधिनियम, 1961 में सम्मिलित किया गया. धारा 44AD कारोबार से सकल प्राप्ति रुपये से अधिक नहीं है जहां सिविल निर्माण कार्य के लिए सिविल निर्माण या श्रम की आपूर्ति के व्यापार से आय का आकलन करने की एक विधि के लिए प्रदान करता है. 40 लाख. धारा 44AE, चलाने के व्यवसाय से होने वाली आय का आकलन काम पर रखने या नहीं 10 से अधिक ट्रकों के मालिक एक करदाता के स्वामित्व वाले ट्रकों को काम पर रखने की एक विधि के लिए प्रदान करता है. योजनाओं वैकल्पिक हैं दोनों.

प्र.20. उप - धारा (1) वर्गों के 44AD और 44AE स्पष्ट रूप से आय वर्गों के 28 अधिनियम की 43C करने में निहित प्रावधानों के संबंध के बिना निर्धारित प्रतिशत / आधार पर अनुमान लगाया जा सकेगा कि प्रदान करते हैं. दूसरे शब्दों में, वर्गों 44AD और 44AE के अनुसार अनुमानित आय विभिन्न का ख्याल रखता है आदि कटौती, उक्त धाराओं के तहत स्वीकार्य.

(3) एक संदेह एक फर्म के भागीदारों के लिए वेतन / ब्याज के कारण कटौती (ओं) अधिनियम के वर्गों 44AD और 44AE के अनुसार अनुमानित आय से स्वीकार्य होगी कि क्या करने के रूप में उठाया गया है. कानून इस मुद्दे पर स्पष्ट है और अलग से कोई कटौती ऐसे मामलों में खंड 40 (ख) के तहत अनुमति दी जानी है. संदेह इसका मुख्य कारण वित्त अधिनियम, 1994 (सर्कुलर नंबर 684, दिनांक 10 जून 1994) के प्रावधानों पर पारस 31.3 और व्याख्यात्मक नोट के 32.2 में दी गई गलत स्पष्टीकरण के उत्पन्न हो गई है. व्याख्यात्मक नोट के संबंधित भाग के नीचे के रूप में पढ़ता है: -

"कंपनियों के मामले में, खंड 40 के खंड (ख) के तहत अनुमति दी हद तक सामान्य कटौती की अनुमति दी जाएगी."

(4) खंड 40 के खंड (ख) वेतन और भागीदारों के लिए ब्याज के कारण कटौती स्वीकार्य पर प्रतिबंध नीचे देता है और कटौती का दावा करने के लिए एक समर्थकारी खंड नहीं है. स्वीकार्य कटौती विशेष रूप से धारा 30 आयकर अधिनियम की 38 से नीचे उल्लेख कर रहे हैं. इसलिए, वर्गों 44AD (2) और 44AE (3) केवल स्पष्टीकरण के रास्ते से यह स्पष्ट स्थिति राज्य. हालांकि, उप - धारा में गैर obstante खंड को ध्यान में रखते (1) वर्गों 44AD और 44AE की, इस मामले में कानून की मंशा और अधिनियम के प्रावधानों के बारे में कोई अस्पष्टता नहीं बिल्कुल स्पष्ट कर रहे हैं.

जैसा कि पहले ही ऊपर कहा, संदेह इसका मुख्य कारण वित्त अधिनियम, 1994 के लिए व्याख्यात्मक नोट में त्रुटि के उत्पन्न हो गई है. इसलिए, स्पष्टता और इस संबंध में शंकाओं को दूर करने के लिए, निम्न पंक्तियाँ, पारस 31.3 और सर्कुलर नंबर 684 की 32.2 से हटाए गए 10 जून 1994 दिनांक रहे हैं: -

"कंपनियों के मामले में, खंड 40 के खंड (ख) के तहत अनुमति दी हद तक सामान्य कटौती की अनुमति दी जाएगी."

23-2-1996 सर्कुलर नं 737,.


न्यायिक विश्लेषण

यू में समझाया - भारत संघ [1998] 96 चुंगी लगानेवाला 219 (Raj.) वी. गोस्वामी एवं ब्रदर्स में न्यायालय पारस 31.3, 31.6 और 32.2 reproduced, और कहा:

"एक बाद 23-2-1996 सीबीडीटी द्वारा जारी किया गया था सर्कुलर नं 737, impugned. यह एक शक के रूप में एक फर्म के भागीदारों के लिए वेतन / ब्याज के कारण कटौती अनुभाग 44AD और अधिनियम की धारा 44AE के अनुसार अनुमानित आय से स्वीकार्य होगी कि क्या करने के लिए उठाया गया है कि परिपत्र में उल्लेख किया गया है. संदेह इसका मुख्य कारण पारस 31.3 और 1994/10/06 सर्कुलर नं 684, के 32.2 में दी गई गलत स्पष्टीकरण के उत्पन्न हो गई है. पारस 31.3 और 1994/10/06 सर्कुलर नं 684, के 32.2 में प्रदर्शित होने के निम्नलिखित लाइनों 23-2-1996 दिनांकित बाद सर्कुलर नंबर 737, द्वारा नष्ट कर दिया गया:

"फर्मों, धारा 40 के खंड (ख) के तहत अनुमति दी हद तक सामान्य कटौती के मामले में अनुमति दी जाएगी."

परिपत्र दिनांक 23-2-1996 का सहारा लेते हुए आयकर अधिकारियों ताजा आकलन के आदेश जारी किए गए हैं, याचिकाकर्ता के खिलाफ और मामलों में से कुछ में आकलन फिर से खोल दिया है.

प्र.20. वित्त अधिनियम, 1997 तक, उप - धारा को एक परन्तुक (2) खंड 44AD की, यानी, निर्धारण वर्ष 1994-95 निर्धारिती एक फर्म है कि जहां उपलब्ध कराने, 1994/01/04 साथ पूर्वव्यापी प्रभाव से आपरेशन देने जोड़ दिया गया है उसके सहयोगियों के लिए भुगतान वेतन और ब्याज खंड 40 के खंड (ख) में निर्दिष्ट शर्तों और सीमाओं के लिए उप - धारा (1) के अधीन अभिकलन आय से कटौती की जाएगी. (2) खंड 44AD की उप - धारा और "23-2-1996 शब्द हटाने दिनांक, 1994/01/04 से यह सर्कुलर नंबर 737 पूर्वव्यापी आपरेशन देने के लिए वित्त अधिनियम में प्रावधान की प्रविष्टि को देखते हुए फर्मों, धारा 40 के खंड (ख) के तहत अनुमति दी हद तक सामान्य कटौती के मामले की अनुमति दी जाएगी "स्पष्ट रूप से गलत है और खड़े करने की अनुमति नहीं किया जा सकता.

(3) तदनुसार, याचिका की अनुमति दी है, ऊपर के रूप में 23-2-1996 सर्कुलर नं 737 को रद्द कर दिया है. . . . . "(पीपी 220-221)

वित्त अधिनियम, 1994

चलाने, पट्टे पर देने या उनके द्वारा स्वामित्व ट्रकों को काम पर रखने के कारोबार में लगे करदाताओं के लिए अनुमानित आय विधि

32.1 एक नई धारा 44AE, चलाने के व्यवसाय से होने वाली आय का आकलन काम पर रखने या एक करदाता के स्वामित्व वाले ट्रकों को काम पर रखने की एक विधि के लिए उपलब्ध कराने के लिए एक दृश्य के साथ आयकर अधिनियम में सम्मिलित किया गया है.योजना नहीं दस से अधिक ट्रकों के मालिक व्यक्तियों पर लागू होता है. यह किसी भी ट्रक मालिक हैं लेकिन भाड़े पर लिया ट्रकों काम नहीं कर रहे हैं, जो व्यक्तियों पर लागू नहीं है. एक भारी माल वाहन जा रहा एक ट्रक से आय, रुपये होने का अनुमान किया जाएगा. 2000 ट्रक निर्धारिती द्वारा स्वामित्व में है, जिसके दौरान एक महीने के लिए हर महीने या भाग के लिए. एक भारी माल वाहन के अलावा अन्य प्रत्येक ट्रक से आय, रुपये होने का अनुमान किया जाएगा. 1800 ट्रक के स्वामित्व में है, जिसके दौरान एक महीने के लिए हर महीने या भाग के लिए निर्धारिती. या तो मामले में, करदाता ऊपर निर्दिष्ट है कि अधिक से अधिक राशि पर ट्रकों से अपनी आय की घोषणा कर सकते हैं.

चित्रण (1): एक निर्धारिती 9 महीने 15 दिन, 9 महीनों के लिए एक मध्यम माल वाहन और पिछले वर्ष के दौरान 12 महीने के लिए एक मध्यम माल वाहन के लिए एक हल्के वाणिज्यिक वाहन का मालिक है.तीन ट्रकों से अपने लाभ और लाभ (रुपए हो समझा जाएगा 1800 × 10) + (रुपए 1800 × 9) + (रुपए 1800 × 12), यानी, रुपये. 55,800.

चित्रण (2): एक निर्धारिती 9 महीने 7 दिन, 9 महीनों के लिए एक मध्यम माल वाहन और पिछले वर्ष के दौरान 12 महीने के लिए एक हल्के वाणिज्यिक वाहन के लिए एक भारी माल वाहन का मालिक है.तीन ट्रकों से अपने लाभ और लाभ (रुपए हो समझा जाएगा 2000 × 10) + (रुपए 1800 × 9) + (रुपए 1800 × 12), यानी, रुपये. 57,800.

वित्त अधिनियम, 1994

32.2 अनुमानित आय व्यापक है.मूल्यह्रास सहित वर्गों 30-38 के तहत सभी कटौतियों, पहले से ही अनुमति दी गई है समझा जाएगा और आगे कोई कटौती इन धाराओं के तहत अनुमति दी जाएगी. अनुमति दी गई है मूल्यह्रास के रूप में लागू के रूप में यदि नीचे लिखा मान, जहां आवश्यक हो, की गणना की जाएगी. कंपनियों के मामले में, खंड 40 के खंड (ख) के तहत अनुमति दी हद तक सामान्य कटौती की अनुमति दी जाएगी.

वित्त अधिनियम, 1994

32.3 एक ट्रक या एक उच्च आय का आकलन प्रति निर्धारित राशि के आधार पर आय का आकलन, रिटर्न फाइल जो निर्धारिती, धारा 44AA ​​के प्रावधानों के तहत खाते की किताबें बनाए रखने की आवश्यकता है, न ही लेखा अनुभाग के प्रावधानों के तहत लेखापरीक्षित पाने के लिए आवश्यक हो जाएगा न तो 44AB, उसके चलाने के व्यवसाय से आय, काम पर रखने या पट्टे पर ट्रकों के संबंध में.हालांकि, यहां इस तरह के एक निर्धारिती इस योजना में शामिल नहीं हैं जो अपने कारोबार के संबंध में दोनों वर्गों 44AA और 44AB की आवश्यकताओं का पालन करना पड़ता है.

वित्त अधिनियम, 1994

इस प्रावधान के अनुसार अनुमान के अनुसार ट्रक व्यवसाय, से 32.4 आय, अन्य आय के साथ एकत्रित किया जाएगा निर्धारिती, किसी अन्य व्यवसाय से या आयकर अधिनियम के सामान्य प्रावधानों के अनुसार आय के अन्य प्रमुखों, के तहत. तदनुसार, अध्याय आठवीं के तहत अध्याय VI-एक और छूट के तहत सभी कटौतियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा स्थितियां उसमें पूरा कर रहे हैं, निर्धारिती.

वित्त अधिनियम, 1994

32.5 योजना वैकल्पिक है.खंडन की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है. एक व्यक्ति उपरोक्त कार्य के संबंध में उसकी आय आय की निर्दिष्ट अनुमान से कम है कि दावा कर सकते हैं. ऐसे एक मामले में, वह अपनी बात को साबित करने के लिए आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करना होगा. इस तरह के एक मामले के लिए नियमित रूप से छानबीन की जाएगी धारा 143 के तहत मूल्यांकन (3).

वित्त अधिनियम, 1994

32.6 यह संशोधन 1994/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों.तदनुसार, एक व्यक्ति वर्तमान के लिए अनुमानित आय पद्धति के आधार पर अपने रिटर्न फाइल कर सकते हैं निर्धारण वर्ष भी.

[धारा 16]

वित्त अधिनियम, 1994

पर पूंजी लाभ अधिग्रहण की कोई कीमत नहीं है जहां संपत्ति का हस्तांतरण

आयकर अधिनियम की धारा 45 के प्रावधानों के आधार पर 33.1, एक पूंजी परिसंपत्ति का हस्तांतरण पर उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ आयकर के अधीन है.धारा 48 के पूंजीगत लाभ कंप्यूटिंग की विधि नीचे देता है. स्थानांतरण से संबंधित अधिग्रहण और व्यय की लागत पूंजी लाभ पर पहुंचने के लिए विचार का पूरा मूल्य से काट रहे हैं. धारा 2 (14) कुछ निर्दिष्ट लोगों को छोड़कर संपत्ति के सभी प्रकार में शामिल करने के लिए "पूंजी परिसंपत्ति" को परिभाषित करता है.

वित्त अधिनियम, 1994

मामलों की संख्या में 33.2, अदालतों सद्भावना या जहां की तरह स्वयं उत्पन्न संपत्ति के मामले में तय किया है कि एक के लिए संपत्ति की कीमत निर्धारिती (धारा 49 में वर्णित परिस्थितियों द्वारा कवर नहीं) नहीं के बराबर है, ऐसी संपत्ति का हस्तांतरण करने के लिए पूंजी लाभ फलस्वरूप पर कोई टैक्स चार्ज किया जा सकता है.उन्होंने व्याख्या की है कि एक परिसंपत्ति के लिए कुछ खर्च किया ही अगर धारा 45 के तहत किसी भी पूंजीगत लाभ पर कर की वसूली से संबंधित प्रावधान (1) धारा 48 (ख) के साथ पढ़ा है कि पैसे के मामले में निर्धारिती लागू होगा. इन प्रावधानों को लागू नहीं किया जा सकता है, जो करने के लिए एक लेन - देन (1) प्रभारी के अधीन होने की धारा 45 द्वारा इरादा कभी एक होने के लिए आयोजित किया गया है. अदालतों आगे यह इसे हासिल करने की मांग एक व्यक्ति को पैसे के खर्च पर उपलब्ध होने के निहित गुणवत्ता के पास जो एक परिसंपत्ति है कि, पूंजीगत लाभ कर लगाने के इरादे संपत्ति की प्रकृति और चरित्र को जाता है कि व्याख्या की है. अदालतों सिर "पूंजीगत लाभ" से संबंधित प्रावधानों में से कोई भी "पूंजी संपत्ति" बिल्कुल नहीं लागत कल्पना की जा सकती है, जो के अधिग्रहण में एक परिसंपत्ति शामिल पता चलता है कि उस का आयोजन किया है. इस व्याख्या propounding प्रमुख मामले ई.पू. श्रीनिवास Setty [1981] 128 वी. सीआईटी है आईटीआर 294 (एससी).

वित्त अधिनियम, 1994

1988/01/04 से प्रभावी न्यायिक व्याख्या, वित्त अधिनियम, 1987, को दूर करने के क्रम में 33.3, (2) (क) स्वयं उत्पन्न सद्भावना के मामले में अधिग्रहण की लागत पर ले जाया जाएगा खंड 55 में प्रदान की गई है शून्य हो.जो के अधिग्रहण में, निम्न संपत्ति में से किसी के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ में लाने के उद्देश्य के लिए निर्धारिती किसी भी व्यय नहीं किया गया है, वित्त अधिनियम पूंजीगत लाभ से संबंधित प्रावधानों में संशोधन किया गया है और निम्नलिखित परिसंपत्तियों के अधिग्रहण की लागत शून्य पर लिया जा रहा है कि प्रदान करता है:

(1) काश्तकारी अधिकार

(2) का परमिट

(3) घंटे करघा.

वित्त अधिनियम, 1994

33.4 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होता है, और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 18]

वित्त अधिनियम, 1994

क्लब प्रावधानों से विकलांग नाबालिग का बहिष्कार

आयकर अधिनियम की धारा 64 (1 ए) के प्रावधानों के तहत 34.1, एक व्यक्ति की कुल आय की गणना में, (कुछ अपवादों को छोड़कर) अपने नाबालिग बच्चे के सभी आय उसकी आय के साथ जोड़ दिया जाना है.माता - पिता के साथ कि एक नाबालिग की आय का क्लब के लिए प्रावधान नाबालिग बच्चों को उनकी संपत्ति प्रशासन नहीं कर सकते और न ही वे भी रूप में उनकी संपत्ति से उत्पन्न होने वाली आय के निपटान पर निर्णय ले सकते हैं कि जमीन पर वित्त अधिनियम, 1992, के माध्यम से पेश किए गए माता - पिता की है कि नाबालिग बच्चों की आय का बहिष्कार कर परिहार में जिसके परिणामस्वरूप गया था कि जमीन.

वित्त अधिनियम, 1994

34.2 यह एक विकलांग नाबालिग एक विशेष श्रेणी में है कि महसूस की गई है.विकलांग बच्चों के लिए उचित राहत प्रदान करने की दृष्टि से, वित्त अधिनियम एक विकलांग नाबालिग बच्चे की पूरी आय धारा 64 (1 ए) के तहत निहित क्लब प्रावधानों के दायरे से बाहर रखा जाएगा कि प्रदान की गई है. नतीजतन, नाबालिग बच्चे 80U ऐसे नाबालिग बच्चे की कुल आय अलग से लगाया गया था खंड के अंतर्गत कटौती के हकदार हो गया होता, जो करने के लिए इस हद तक एक राशि की कटौती करने का प्रावधान है, जो आयकर अधिनियम की धारा 80V, हटा दिया गया है . इसके बाद, विकलांग नाबालिग बच्चे को अपने स्वयं के मूल्यांकन में खंड 80U के तहत कटौती के हकदार होंगे.

वित्त अधिनियम, 1994

34.3 अनुरूप संशोधन संपत्ति कर अधिनियम की धारा 4 के लिए बनाया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

34.4 ये संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी, और, तदनुसार, में लागू होगी निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध.

[धारा 20, 28 और 52]

वित्त अधिनियम, 1994

संपत्ति आय के घर से संबंधित संशोधन

35.1 वित्त अधिनियम, 1992 के आयकर अधिनियम में खंड 71 में खंड 71A के साथ ही उप - धारा (4) डाला था. इन संशोधनों के प्रभाव चलो बाहर गृह संपत्ति से नुकसान आय का कोई अन्य सिर के खिलाफ बंद सेट नहीं किया जा सकता है.इसके अलावा, अब तक यह उधार पूंजी पर ब्याज से संबंधित है में गृह संपत्ति से किसी भी वर्ष के आगे किए गए नुकसान, केवल बाद के वर्षों के "घर की संपत्ति से आय 'के खिलाफ बंद सेट की अनुमति दी है. इन प्रावधानों आकलन वर्ष 1993-94 और बाद के वर्षों के लिए लागू होते हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

35.2 यह इन प्रावधानों आवास गतिविधि में कमी लाने के लिए है कि प्रतिनिधित्व की गई थी.नतीजतन, 1992 से पहले के संशोधन को कानूनी स्थिति बहाल कर दिया गया. वित्त अधिनियम आकलन साल 1993-94 और 1994-95 के लिए सिर "हाउस प्रॉपर्टी से आय 'के तहत आगे बढ़ाया गया है के रूप में नुकसान, आकलन वर्ष 1995 में आय का कोई सिर के खिलाफ बंद सेट होने की अनुमति दी जाती है कि यह सुनिश्चित करने के लिए संशोधन किया गया है एक संक्रमणकालीन उपाय के रूप में, -96 और 1996-97. आकलन साल 1993-94 और 1994-95 के लिए सिर "हाउस प्रॉपर्टी से आय 'के तहत संयुक्त आगे बढ़ाया नुकसान के आकलन वर्ष 1995-96 के लिए निर्धारिती की कुल आय की तुलना में अधिक है जहां मामले हो सकते हैं, क्योंकि यह आवश्यक है. आकलन साल 1993-94 और 1994-95 के संबंध में किए गए आगे नुकसान की शेष राशि का एक सेट बंद आकलन वर्ष 1996-97 के लिए आय के खिलाफ की अनुमति दी जानी है भी (यानी, एक और आकलन वर्ष). आगे कोई आकलन वर्ष 1997-98 के लिए आय के खिलाफ सेट बंद करने के लिए, आगे ले जाने की अनुमति दी जाएगी. प्राथमिकता ये इस प्रकार संक्रमणकालीन साल के लिए सिर "हाउस प्रॉपर्टी से आय 'के तहत नुकसान के लिए रवाना हो जाएगा:

खंड 71 के रूप में प्रदान आकलन साल 1995-96 और 1996-97 के लिए दोनों के लिए, सिर "हाउस प्रॉपर्टी से आय 'के तहत चालू वर्ष की हानि, पहले उदाहरण में, अन्य मदों में आय के खिलाफ बंद का गठन किया जाएगा (1) और खंड 71 (2). केवल इसके बाद सिर के नीचे लाया आगे नुकसान के आकलन साल 1993-94 और 1994-95 के लिए अभिकलन "गृह संपत्ति से आय" (हद तक यह उधार पूंजी पर ब्याज के होते हैं) से दूर स्थापित किया जाएगा.

वित्त अधिनियम, 1994

35.3 ये संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 21 और 22]

वित्त अधिनियम, 1994

उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए एक छात्र के रूप में लिया ऋण की अदायगी के संबंध में कटौती

36.1, योग्य अभी तक गरीब और जरूरतमंद छात्रों को अक्सर उच्च शिक्षा के लिए बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थानों से या धर्मार्थ संगठनों से ऋण की आवश्यकता होती है.इस तरह के ऋण की चुकौती व्यक्ति के संसाधनों पर भारी चार्ज हो जाता है.

वित्त अधिनियम, 1994

देश में उच्च गुणवत्ता के मानव संसाधन को बनाए रखने और संसाधनों की कमी के बावजूद उच्च अध्ययन शुरू करने के लिए प्रतिभाशाली युवा पुरुषों और महिलाओं को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से 36.2, एक नई धारा 80 ई के लिए राहत के लिए उपलब्ध कराने के लिए आयकर अधिनियम में सम्मिलित किया गया है छात्रों को पढ़ाई के लिए ऋण ले रही है.वह राशि चुकाने के प्रारंभ होने पर राहत खुद माता - पिता या अभिभावक के लिए लेकिन छात्र की अनुमति नहीं है. उच्च अध्ययन और ब्याज के लिए उठाए गए ऋण की मूल राशि का कोई पुनर्भुगतान रुपये की अधिकतम राशि के लिए सकल कुल आय में से कटौती के रूप में अनुमति दी जाएगी. एक साल में 25,000. चुकौती एक वित्तीय संस्था या धारा 10 (23 सी) या 80 जी के प्रयोजनों के लिए मंजूरी दे दी है, जो एक धर्मार्थ संगठन से लिया ऋण के संबंध में हो सकता है (2) (क). यह राहत (प्रौद्योगिकी सहित) इंजीनियरिंग की किसी भी शाखा में स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, जो उन लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगा, मेडिसिन या मैनेजमेंट या गणित या सांख्यिकी सहित शुद्ध विज्ञान या व्यावहारिक विज्ञान में किसी भी विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों. यह मानविकी, सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य, लेखा या कानून में पाठ्यक्रम के लिए, उदाहरण के लिए, उपलब्ध नहीं होगा. कटौती उपलब्ध हो जाएगा, जिसमें पहले साल के व्यक्ति को ऋण चुकाने शुरू होता है, जिसमें वर्ष होगा. कटौती 8 साल की अधिकतम अवधि के लिए या एक साथ ब्याज के साथ इस तरह के ऋण की मूल राशि तक की अनुमति दी जाएगी जो भी पहले हो, नष्ट कर रहे हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

36.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के लिए लागू होगी.

[धारा 23]

वित्त अधिनियम, 1994

मुख्यमंत्री के भूकंप राहत कोष, महाराष्ट्र में किए गए दान के लिए 100 फीसदी कटौती

आयकर अधिनियम की 37.1 धारा 80 जी रकम दान के रूप में, अन्य बातों के साथ के लिए भुगतान किया है कि प्रदान करता है धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए भारत में स्थापित किसी भी फंड या संस्था दाताओं की कुल आय की गणना में 50 फीसदी की दर से कटौती करने के हकदार हैं.कहा अनुभाग में निर्दिष्ट कुछ धन और संस्थानों के मामले में, दान 100 फीसदी की दर से कटौती की अनुमति है.

वित्त अधिनियम, 1994

37.2 महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हाल ही में भूकंप एक विशाल राहत कार्यों के लिए और सभी के सहयोग की आवश्यकता है.इसे देखते हुए, धारा 80 जी के मुख्यमंत्री के भूकंप राहत कोष, महाराष्ट्र के लिए दान के लिए 100 फीसदी की कटौती की अनुमति देने के क्रम में संशोधन किया गया है. एक ही रियायत मौजूदा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए किए गए सभी दान के लिए बढ़ा दिया गया है, महाराष्ट्र में भूकंप के बाद लेकिन 1993/01/10 और 6 के बीच मुख्यमंत्री के भूकंप राहत कोष, महाराष्ट्र, यानी, की स्थापना से पहले - 10-1993.

वित्त अधिनियम, 1994

37.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 1994 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष में किए गए दान के संबंध में लागू होगा.

[धारा 24]

वित्त अधिनियम, 1994

खंड 80 जी के तहत छूट के लिए दान की न्यूनतम सीमा को हटाया

खंड 80 जी के तहत 38.1 कटौती एक साल में दान की कुल रु तभी अनुमति दी है. 250 या अधिक.यह प्रतिबंध कटौती के कई, छोटे, अभी तक उदार करदाताओं वंचित. इसलिए, रुपये की न्यूनतम सीमा. खंड 80 जी के तहत छूट के लिए योग्यता के लिए 250 हटा दिया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

38.2 यह संशोधन 1 अप्रैल 1994 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष में किए गए दान के संबंध में लागू होगा.

[धारा 24]

वित्त अधिनियम, 1994

पर्यटन को प्रोत्साहन से संबंधित प्रावधानों को युक्तिसंगत

खंड 80HHD, एक होटल की या एक टूर ऑपरेटर की या एक ट्रैवल एजेंट के कारोबार में लगे एक निवासी करदाता के मौजूदा प्रावधानों के तहत 39.1 से बराबर रकम की कुल आय, कंप्यूटिंग में, एक कटौती की अनुमति दी है

(I) विदेशी पर्यटकों को उपलब्ध कराई गई सेवाओं से प्राप्त मुनाफे का 50 फीसदी; और

(द्वितीय) के रूप में शेष लाभ का इतना निर्धारित तरीके से उपयोग किया जा करने के लिए एक आरक्षित कोष में जमा कर रहे हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

39.2 इससे पहले, टैक्स रियायत केवल परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा की पहली प्राप्तकर्ता के लिए उपलब्ध था.यह तो विदेशी समूहों अक्सर बनाने कि अभ्यावेदन में बताया गया था मामले के रूप में अन्य होटल, टूर ऑपरेटर या ट्रैवल एजेंटों के लिए बाद में भुगतान के लिए प्राप्तकर्ता के पहले, के लिए एक मुश्त राशि में विदेशी मुद्रा में भुगतान,, हो सकता है. तदनुसार, वित्त अधिनियम, 1991 के माध्यम से, एक प्रावधान पहली प्राप्तकर्ता से विदेशी पर्यटकों के लिए सेवाओं के लिए भुगतान प्राप्त होटल / टूर ऑपरेटर / ट्रैवल एजेंट, भी कटौती के लिए पात्र होगा कि हासिल करने की दृष्टि से, धारा 80HHD में बनाया गया था भारतीय मुद्रा में भुगतान से बाहर कर दिया गया था कि इस शर्त के अधीन अनुभाग 80HHD, के तहत विदेशी मुद्रा के रूपांतरण विदेशी पर्यटकों ने भारत में लाया जाता है.

वित्त अधिनियम, 1994

दूसरी प्राप्तकर्ता (दूसरे होटल / टूर ऑपरेटर / ट्रैवल एजेंट) के संबंध में कटौती मिला, जबकि 39.3 पहली प्राप्तकर्ता (होटल / टूर ऑपरेटर / ट्रैवल एजेंट), इस प्रकार, उसके द्वारा प्राप्त विदेशी मुद्रा की पूरी राशि के संबंध में कटौती मिला प्राप्तकर्ता के पहले विदेशी पर्यटकों को सेवा प्रदान करने के लिए उसे करने के लिए पर पारित किया है, जो यह के उस हिस्से को.

वित्त अधिनियम, 1994

39.4 तार्किक रूप से, कटौती, ऐसे मामलों में, प्रत्येक खंड द्वारा प्रदान की सेवा के मूल्य के अनुपात में, केवल साझेदारी के आधार पर अनुमति दी जानी चाहिए.

वित्त अधिनियम, 1994

विदेशी मुद्रा की पहली प्राप्तकर्ता को बरकरार रखा राशि के संबंध में खंड 80HHD के तहत कटौती के हकदार होंगे कि प्रदान करने के रूप में विदेशी मुद्रा प्रेषण का एक ही राशि के लिए प्रोत्साहन के दोहराव को दूर करने की दृष्टि से 39.5, खंड 80HHD तो संशोधन किया गया है उसके द्वारा और नहीं अन्य निर्धारिती को पारित कर भुगतान का प्रतिनिधित्व करता है जो राशि के संबंध में.

वित्त अधिनियम, 1994

39.6 तदनुसार, विदेशी पर्यटकों के एक समूह के एक टूर ऑपरेटर के एक 10,000 डॉलर का भुगतान करती है और टूर ऑपरेटर, होटल बी करने के लिए, परिवर्तित रुपया होटलों सी से 1,500 डॉलर और $ 700 एजेंट डी, के लिए रियायत की यात्रा करने के लिए 2,500 डॉलर के मूल्य का भुगतान करती है, जहां एक मामले में प्रत्येक निम्नलिखित रसीदों के आधार पर गणना की जाएगी:

(क) टूर ऑपरेटर एक करने के लिए, $ 5300, यानी, [10,000 - (2500 + 1500 + 700)] के संबंध में;

(ख) होटल बी करने के लिए, 2,500 डॉलर के संबंध में;

(ग) होटल सेल्सियस के लिए, $ 1500 के संबंध में;

(घ) $ 700 के सम्मान में, एजेंट डी यात्रा करने के लिए.

वित्त अधिनियम, 1994

पहली प्राप्तकर्ता एक होटल या एक ट्रैवल एजेंट है जहां 39.7 उसी पद्धति लागू कर दिया जाएगा.

वित्त अधिनियम, 1994

39.8 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 25]

वित्त अधिनियम, 1994

कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से लाभ के संबंध में कर रियायत

40.1 अनुभाग 80HHE के प्रावधानों के मुताबिक, प्रतिशत कटौती प्रति 100 भारतीय कंपनियों और कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के निर्यात से व्युत्पन्न लाभ पर निवासी गैर निगमित करदाताओं की अनुमति दी है.

वित्त अधिनियम, 1994

खंड 80HHE की 40.2 प्रावधानों आकलन साल 1991-92, 1992-93 और 1993-94 के लिए वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1991 द्वारा शुरू किए गए थे.वित्त अधिनियम, 1993 के निर्धारण वर्ष 1994-95 के लिए, यानी, एक और वर्ष के लिए अवधि बढ़ा दी. सॉफ्टवेयर निर्यात में काफी पिछले चार वर्षों में वृद्धि हुई है और क्षेत्र रफ्तार पकड़ बनाए रखने के लिए एक और वर्ष के लिए राजकोषीय प्रोत्साहन के हकदार हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

40.3 तदनुसार, खंड 80HHE के तहत कटौती, एक और वर्ष के लिए उपलब्ध कराया गया है यानी, आकलन वर्ष 1995-96.

वित्त अधिनियम, 1994

40.4 यह संशोधन वित्त अधिनियम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त है जिस पर यानी, तारीख, 13-5-1994 से प्रभावी होता है.

[धारा 26]

वित्त अधिनियम, 1994

पिछड़े राज्यों में स्थापित नए औद्योगिक उपक्रमों के संबंध में प्रतिबंध की निकासी

1993 के बजट में 41.1, एक विशेष पांच साल का टैक्स हॉलिडे पिछड़े राज्यों में स्थित नई औद्योगिक उपक्रमों के लिए, धारा 80-IA के तहत शुरू की गई थी.में से एक टैक्स रियायत यू / एस 80-आइए का लाभ उठाने के लिए स्थितियां नई औद्योगिक उपक्रम का निर्माण या ग्यारहवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट कम प्राथमिकता के कुछ लेख का उत्पादन नहीं करता है. यह हालत है, तथापि, लघु औद्योगिक उपक्रमों पर लागू नहीं होता.

वित्त अधिनियम, 1994

41.2 ग्यारहवीं अनुसूची 1977 में शुरू की और लघु उद्योग क्षेत्र के लिए आरक्षित है जो विनिर्माण की कम प्राथमिकता लेख की एक सूची में शामिल किया गया था.धारा 80-IA में यह प्रतिबंध पिछड़े राज्य में उद्योग और रोजगार के विकास को बढ़ावा देने के लिए तत्काल आवश्यकता के साथ असंगत है.

वित्त अधिनियम, 1994

41.3 तदनुसार, धारा 80-IA औद्योगिक इकाई ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध किसी भी आइटम का निर्माण नहीं किया है सिर्फ अगर रियायत की अनुमति दी जाएगी कि हालत, पिछड़े राज्यों में स्थापित इकाइयों के लिए काम नहीं करेंगे कि प्रदान करने के लिए संशोधन किया गया है.वास्तव में, एक पिछड़े राज्य में स्थित छोटे पैमाने या नहीं, उसके बाद उत्पादन और, के प्रारंभ के वर्ष के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष से शुरुआत पांच साल के लिए पूर्ण कर छुट्टी मिल जाएगा कि क्या एक नई औद्योगिक इकाई है, की अनुमति दी जाएगी यह ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध किसी आइटम का उत्पादन भी अगर (सात वर्ष सहकारी समितियों के लिए) पांच साल की शेष अवधि के लिए प्रतिशत (कंपनियों के लिए 30 फीसदी) प्रति 25 पर धारा 80-IA तहत सामान्य कटौती,.

वित्त अधिनियम, 1994

उक्त शर्त आठवीं अनुसूची में निर्दिष्ट पिछड़े राज्य के अलावा अन्य राज्यों में स्थापित औद्योगिक उपक्रमों के मामले में अच्छी पकड़ के लिए जारी रहेगा 41.3-2 आयकर अधिनियम के लिए.

वित्त अधिनियम, 1994

41.4 यह संशोधन 1994/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 27]

वित्त अधिनियम, 1994

नई औद्योगिक उपक्रमों के लिए पांच साल का टैक्स हॉलिडे का विस्तार अत्यंत पिछड़े जिलों में स्थापित

42.1 वित्त अधिनियम, 1993 1993/01/04 के बाद लेकिन आठवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट पिछड़े राज्यों में से किसी में 31-3-1998 से पहले उत्पादन शुरू जो नई औद्योगिक उपक्रमों के लिए धारा 80-IA तहत एक पांच साल का टैक्स हॉलिडे पेश आयकर अधिनियम. इन पिछड़े राज्यों के सभी जिलों, अधिसूचना में औद्योगिक रूप से पिछड़े के रूप में तो नहीं, 165 में वर्गीकृत 19-12-1986 दिनांकित किया गया है, जिसमें उन लोगों के हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

आठवीं अनुसूची में वर्णित नहीं राज्य में औद्योगिक रूप से पिछड़े जिलों के औद्योगीकरण के लिए राजकोषीय समर्थन प्रदान करने की दृष्टि से 42.2, धारा 80-IA के तहत पांच साल का टैक्स हॉलिडे सेंट्रल द्वारा अधिसूचित पिछड़े जिलों में स्थित नई औद्योगिक उपक्रमों के लिए बढ़ा दिया गया है निर्धारित दिशा निर्देशों के आधार पर सरकार ने.एक समूह दिशा निर्देशों लिख और पिछड़े जिलों की पहचान करने के लिए वित्त मंत्रालय में स्थापित किया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

42.3 पांच साल का टैक्स हॉलिडे 1994/01/10 लेकिन उसके बाद 31-3-1999 से पहले अधिसूचित पिछड़े जिलों और शुरुआत उत्पादन में स्थापित उपक्रमों के लिए उपलब्ध हो जाएगा.धारा 80-IA तहत कटौती औद्योगिक उपक्रम निर्माण या उत्पादन शुरू होता है, जिसमें पिछले साल के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष से शुरू पहले पांच मूल्यांकन वर्षों के संबंध में लाभ के 100 फीसदी की दर पर उपलब्ध होगा. प्रारंभिक पांच मूल्यांकन वर्षों के बाद, लाभ से कटौती कंपनियों और गैर निगमित निर्धारिती के मामले में 25 प्रतिशत के मामले में 30 फीसदी की सामान्य दर पर अनुमति दी जाएगी. में कटौती, बढ़ी हुई दर और एक साथ सामान्य दर, मौजूदा प्रावधानों में के रूप में, अन्य करदाता के मामले में सहकारी समितियों और दस मूल्यांकन वर्षों के मामले में बारह मूल्यांकन वर्षों के लिए सीमित हो जाएगा. प्रोत्साहन पहले ही आठवीं अनुसूची में निर्दिष्ट राज्य या केंद्र शासित प्रदेशों में स्थापित औद्योगिक इकाइयों के लिए उपलब्ध जारी रहेगा.

वित्त अधिनियम, 1994

42.4 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 27]

वित्त अधिनियम, 1994

कुछ बचत के संबंध में कर छूट से संबंधित प्रावधानों का उदारीकरण

43.1 वित्त अधिनियम, 1990 के खंड 80 सी छोड़े गए और उप - धारा (4) धारा 88 की शर्त रखी गई है आदि जीवन बीमा, भविष्य निधि के माध्यम से बचत सहित निर्दिष्ट बचत,, पर कर छूट की अनुमति एक नई धारा 88 पेश किया है कि छूट का लाभ उठाने के लिए, अधिसूचित भविष्य निधि में अंशदान कटौती का दावा व्यक्ति या वह अभिभावक है जिनमें से एक नाबालिग बच्चे या तो के नाम पर खड़े एक खाते से किया जाना चाहिए.धारा 88 के तहत, पति या पत्नी के नाम पर भुगतान की गई राशि पर छूट ही ऐसे पति के जीवन पर जीवन बीमा या आस्थगित वार्षिकी के मामले में अनुमति दी है.

वित्त अधिनियम, 1994

पहले प्रावधानों के तहत 43.2, यानी, धारा 80 सी के तहत, भविष्य निधि खाते पति के नाम पर किया गया था अगर कटौती की अनुमति दी जाएगी कि क्या कोई शर्त नहीं थी.हालांकि, 1983/10/11 दिनांकित बोर्ड के डीओ नं 178/110/83-ITA-I, धारा 80 सी के तहत है कि कटौती स्पष्ट किया पति पत्नी के खाते के लिए योगदान और पत्नी पति के खाते में योगदान करने के मामले में दोनों उपलब्ध होगा. एकमात्र शर्त यह कटौती जिसका प्रभार्य आय भविष्य निधि में अंशदान किया गया था से है कि पति या पत्नी को दिया जाना होता था.

वित्त अधिनियम, 1994

टैक्स छूट में 43.3, किसी भी मामले में, केवल जिनकी आय योगदान निर्दिष्ट बचत करने के लिए किया गया है से व्यक्ति की अनुमति दी है.अक्सर खातों केवल एक असामयिक मौत के मामले में सुविधा के प्रयोजन के लिए पति या पत्नी के नाम पर रखे गए हैं. वही अन्य सामाजिक पर लागू होता है यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं की तरह सुरक्षा उपकरणों.

वित्त अधिनियम, 1994

इसे देखते हुए 43.4, धारा 88 कठिनाई को दूर करने के लिए और योगदान अधिसूचित भविष्य निधि में, करदाता के पति या पत्नी के नाम पर किया जाता है, तब भी जब यह संभव छूट का दावा करने के लिए बनाने के लिए आदेश में संशोधन किया गया है.इसी तरह के प्रावधान भारतीय यूनिट ट्रस्ट की या एलआईसी म्युचुअल फंड के यूनिट लिंक्ड बीमा योजनाओं में, पति के नाम में, भुगतान की गई राशि के संबंध में की जा रही है.

वित्त अधिनियम, 1994

43.5 यह संशोधन, यानी, 1991/01/04 से retrospectively धारा 88 के प्रभाव लिया जिसमें से तारीख प्रभावी होता है.यह तदनुसार, आकलन वर्ष 1991-92 और बाद के वर्ष के संबंध में लागू होगा. इस प्रकार, उनके पति के नाम में, किसी भी अधिसूचित भविष्य निधि को दिए गए पैसों के संबंध में धारा 80 सी के तहत कटौती हो रहे थे, जो व्यक्तियों, आकलन वर्ष 1991-92 से लागू होगा, कि राशि के संबंध में धारा 88 के तहत छूट मिल जाएगी.

[धारा 29]

वित्त अधिनियम, 1994

यूटीआई के पेंशन फंड के लिए धारा 88 के प्रावधानों के तहत छूट का विस्तार

44.1 खंड खंड 88 के (xiiic) के तहत छूट, अधिसूचना द्वारा केन्द्रीय सरकार के रूप में, धारा 10 के खंड (23D) के तहत अधिसूचित किसी भी म्युचुअल फंड द्वारा स्थापित किसी भी पेंशन निधि के लिए एक व्यक्ति द्वारा भुगतान किसी भी राशि के संबंध में अनुमति दी है सरकारी राजपत्र में, इस संबंध में निर्दिष्ट.

वित्त अधिनियम, 1994

44.2 यह लाभ भारतीय यूनिट ट्रस्ट द्वारा स्थापित किए जाने वाले एक पेंशन निधि के लिए बढ़ा दिया गया है.इस कोष में योगदान के संबंध में छूट आकलन वर्ष 1995-96 और उसके बाद से अनुमति दी जाएगी.

[धारा 29]

वित्त अधिनियम, 1994

वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत

खंड 88B के प्रावधानों के तहत 45.1, किसी भी व्यक्ति सकल कुल आय रुपए से अधिक नहीं होने, 65 साल या उससे ऊपर के आयु वर्ग के. 75,000, उसकी कुल आय पर टैक्स प्रभार्य की 20 फीसदी की एक विशेष छूट की अनुमति दी है.

वित्त अधिनियम, 1994

45.2 वित्त अधिनियम कर छूट की वृद्धि हुई है 40 फीसदी से 20 फीसदी से अनुभाग 88B के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए और रुपये से कुल आय का क्वालीफाइंग सीमा बढ़ाया. रुपये के लिए 75,000. 1 लाख.

वित्त अधिनियम, 1994

45.3 यह संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 30]

वित्त अधिनियम, 1994

कुछ मामलों में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर आयकर की दरों में कमी

आयकर अधिनियम की धारा 112 के प्रावधानों के तहत 46.1, पूर्व वित्त अधिनियम द्वारा उनके संशोधन करने, आयकर फीसदी चालीस की दर से घरेलू कंपनियों के मामले में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर लगाया था.घरेलू कंपनियों के मामले में आयकर की सामान्य दर प्रतिशत से चालीस (बारीकी से आयोजित कंपनियों के लिए लागू) पचास फीसदी और पैंतालीस फीसदी (लागू करने के लिए व्यापक रूप से आयोजित की कंपनियों) से कम हो गया है के रूप में, वित्त अधिनियम घरेलू कंपनियों के मामले में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ तीस फीसदी कम दर पर लगाया जाएगा कि उपलब्ध कराने के लिए धारा 112 में संशोधन किया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

46.2 इसी प्रकार, पहले इस संशोधन करने, विदेशी कंपनियों आदि फीसदी चालीस की दर और अनिवासी भागीदारी, पर लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर कर रहे थे, उसके फीसदी तीस वर्ष की दर से कर लगाया गया.अनिवासी व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवारों के मामले में लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर आयकर की दर बीस प्रतिशत है. बीस फीसदी की वर्दी कर की दर पर कराधान ब्याज, लाभांश, आदि के माध्यम से आय पर उपलब्ध कराई गई है, विदेशी कंपनियों और अनिवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती के मामले में, धारा 112 और आगे के लिए संशोधन किया गया है उनके मामले में, लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर आयकर की दर बीस फीसदी हो जाएगा प्रदान करते हैं.

वित्त अधिनियम, 1994

46.3 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 31]

वित्त अधिनियम, 1994

अनिवासियों के मामले में एक समान दर से ब्याज, लाभांश, आदि, के माध्यम से आय के कराधान

47.1 पिछले वित्त अधिनियम, लाभांश के माध्यम से आय, यूनिट ट्रस्ट की इकाइयों के संबंध में ब्याज और आय द्वारा किए गए संशोधन को भारत और अन्य निर्दिष्ट म्यूचुअल फंडों की, अनिवासियों के मामले में अलग दरों पर लगाया गया था.आय की गणना करते समय आय का ये आइटम किसी भी खर्च या भत्ता की कटौती के बिना, यानी सकल आधार पर विदेशी कंपनियों के मामले में पच्चीस प्रतिशत की दर से कर लगाया गया. अनिवासी गैर कॉर्पोरेट व्यक्तियों के मामले में, आय की ऐसी वस्तुओं व्यक्तियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए लागू वार्षिक वित्त अधिनियमों में निर्धारित दरों पर कर रहे थे. उनके मामले, आय के इन सामानों की कराधान व्यय या आयकर अधिनियम के अनुसार भत्ते, आय की गणना करते समय की अनुमति के बाद, शुद्ध आधार पर यानी था. अनिवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती के मामले में आय के इन सामानों की कराधान भी शुद्ध आय का निर्धारण करने में शामिल जटिलता को दूर करने के क्रम में सकल आधार पर किया जाना जरूरी है. इसके अलावा, अन्य देशों के साथ भारत की कर संधियों के अधिकांश में आय के उक्त वस्तुओं पर प्रदान कर की दर बीस फीसदी से नीचे है. भारत के रूप में कई चालीस जैसे देशों के साथ टैक्स संधियों है.

वित्त अधिनियम, 1994

47.2 इसलिए, युक्तिकरण के एक उपाय के रूप में, वित्त अधिनियम प्रदान करने के क्रम में, आयकर अधिनियम की धारा 115A में संशोधन किया गया है कि की तरह से एक अनिवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती या एक विदेशी कंपनी की आय,

(I) लाभांश,

(Ii) ब्याज सरकार या विदेशी मुद्रा में भारतीय चिंता द्वारा किए गए उधार पैसा या ऋण पर सरकार या किसी भारतीय चिंता से मिली है, या

(Iii) आय, धारा 10 या भारतीय यूनिट ट्रस्ट के के खंड (23D) के तहत निर्दिष्ट एक म्युचुअल फंड की विदेशी मुद्रा में खरीदी इकाइयों, के संबंध में प्राप्त

बीस प्रतिशत की दर से कर लगाया जाना होगा.

वित्त अधिनियम, 1994

पहले इस संशोधन के मामले में प्रतिशत पच्चीस की दर से, भारतीय यूनिट ट्रस्ट की इकाइयों के संबंध में आय को छोड़कर, आय के उक्त वस्तुओं के कराधान के लिए प्रदान की आयकर अधिनियम की धारा 115A के लिए 47.3 विदेशी कंपनियों.

वित्त अधिनियम, 1994

47.4 यह भी कोई खर्च या भत्ता के संबंध में कोई कटौती अनिवासी गैर कॉर्पोरेट निर्धारिती और विदेशी कंपनियों के पूर्वोक्त आय की गणना में आयकर अधिनियम के किसी प्रावधान के तहत अनुमति दी जाएगी कि उपलब्ध कराई गई है.इसके अलावा, इन निर्धारिती की सकल कुल आय केवल पैरा 47.2 में (iii) से (i) में उल्लिखित आय के होते हैं जहां, कोई कटौती आयकर अधिनियम के अध्याय छठी ए के तहत उन्हें अनुमति दी जाएगी. हालांकि, सकल कुल आय कहा आय से कम के रूप में अध्याय छठी ए के तहत कटौती के सकल कुल आय से अनुमति दी जाएगी, पूर्वोक्त आय भी शामिल है.

वित्त अधिनियम, 1994

इसे आगे भी यह, धारा 139 (1) के उप - धारा के तहत अपनी आय का एक रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए उक्त निर्धारिती के लिए आवश्यक नहीं होगा कि प्रदान की गई है 47.5 अगर-

(क) वे पिछले वर्ष के दौरान कानून के तहत निर्धारणीय हैं जिनके संबंध में कुल आय केवल पैरा 47.2 में (iii) से (i) में करने के लिए भेजा आय के होते हैं, और

(ख) अधिनियम के अध्याय XVII बी के प्रावधानों के तहत स्रोत पर कर छूट ऐसी आय से काट दिया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

47.6 परिणामी संशोधन आयकर अधिनियम की धारा 115A में किए गए संशोधनों को ध्यान में रखते वर्गों 44D, 57 और आयकर अधिनियम की 196a करने के लिए बनाया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

खंड 196a में संशोधन को छोड़कर 47.7 ये संशोधन, 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.खंड 196a के संबंध में संशोधन 1 जून 1994 से लागू होता है.

[धारा 17, 19, 32 और 41]

.

वित्त अधिनियम, 1994

आकलन वर्ष 1994-95 से परे छोटे व्यवसायियों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया का विस्तार

48.1 कुछ विशिष्ट व्यवसायों या किसी भी व्यवसाय पर ले जाने के लिए छोटे व्यवसायियों के लिए एक सरलीकृत प्रक्रिया, वित्त अधिनियम, 1992 के द्वारा शुरू की गई थी.वित्त अधिनियम, 1993 को भी ऑपरेटरों के परिवहन के लिए योजना का विस्तार किया. यह पिछले वित्त अधिनियम द्वारा किए गए संशोधन के लिए खड़ा था के रूप में इस योजना के तहत एक व्यक्ति की आय रुपये नहीं समझा गया था. 37,000. नहीं (अनुभाग 80L को छोड़कर) अध्याय छठी ए के तहत कटौती और अध्याय आठवीं के तहत छूट की अनुमति दी है. योजना अर्थात, दो मूल्यांकन वर्षों के लिए मूल रूप से लागू किया गया था., मूल्यांकन साल 1993-94 और 1994-95.

वित्त अधिनियम, 1994

48.2 एक व्यक्ति को इस योजना के लिए चुनते करने के लिए पात्र था अगर-

- इस तरह के व्यापार या व्यवसाय से उसकी आय रुपये से अधिक नहीं था. 37,000; और

- व्यापार या व्यवसाय के अलावा अन्य किसी भी स्रोत से कर योग्य आय रुपये से अधिक नहीं था. 5,00

वित्त अधिनियम, 1994

48.3 रुपये से समझा आय के संबंध में कर. 37,000 रुपये की राशि. 1,400 रुपये और करने के लिए आय के लिए. किसी भी अन्य स्रोत (धारा 80L के तहत कटौती से कम के रूप में) से 5,000, उचित दर पर भुगतान करने की आवश्यकता है, यानी, 20 फीसदी.

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48.4 सरलीकृत प्रक्रिया कर आधार को चौड़ा करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपाय है.यह उनके लिए बहुत अनुपालन लागत और सरकार के प्रशासनिक लागत के बिना छोटे करदाता से संसाधनों mobilizes.

वित्त अधिनियम, 1994

यह वर्तमान में लागू है, जिसके लिए दो मूल्यांकन वर्षों (1993-94 और 1994-95) से परे सरलीकृत प्रक्रिया जारी रखने के लिए एक दृश्य के साथ 48.5, खंड 115K योजना ओपन एंडेड बनाने के लिए संशोधन किया गया है.पावर अब इस योजना के लागू किया जा सकता है किसी अन्य व्यवसाय जो करने के लिए नियमों में लेने की सलाह दी गई है. यह केवल अन्य व्यवसायों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया का विस्तार करने के प्रावधान के लगातार संशोधन कर पाएगा.

वित्त अधिनियम, 1994

सरलीकृत प्रक्रिया के तहत सरलीकृत प्रक्रिया, योग्यता राशि और समझा आय के दायरे को चौड़ा करने के लिए 48.6 रुपये से उठाया गया है. रुपये के लिए 37,000.42,000.

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प्रावधानों में 48.7 कुछ अन्य संशोधन कई खंड में निर्दिष्ट व्यवसायों के दोहराया उल्लेख से बचने के लिए किया गया है.चलने वाली ट्रकों के कारोबार के लिए संदर्भ नई धारा 44AE में पेश इस संबंध में विशिष्ट प्रावधानों के मद्देनजर हटा दिया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

48.8 ये संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 33 और 34]

वित्त अधिनियम, 1994

कंपनियों द्वारा आय का रिटर्न दाखिल करने के लिए नियत तारीख में बदलें

49.1 धारा 139 के स्पष्टीकरण (1) आयकर अधिनियम की, यह 1 अप्रैल 1989 से प्रभाव के साथ खड़ा था के रूप में, कंपनियों के मामले में आय का रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए नियत तारीख 31 दिसंबर को सुबह हो गया था, बशर्ते कि प्रासंगिक निर्धारण वर्ष की.पिछले 1 अप्रैल 1989 को, आय का रिटर्न कंपनियों सहित सभी करदाताओं द्वारा प्रस्तुत किए जाने के लिए आवश्यक थे जिसके द्वारा नियत दिनांक, प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के केवल दो, यानी, 30 जून और 31 जुलाई थे. प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के दिसम्बर माह के अंत तक कंपनियों के मामले में रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए नियत तारीख के चक्कर, आत्म मूल्यांकन कर के माध्यम से रियलाइजेशन में देरी में हुई थी. इसके अलावा, कंपनियों के रिटर्न की प्रोसेसिंग का काम केवल निर्धारण वर्ष के अंत की ओर ले जाया जा सकता है.

वित्त अधिनियम, 1994

49.2 वित्त अधिनियम, इसलिए, कंपनियों के मामले में आय का रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए नियत तारीख नवंबर के 30 वें दिन हो, बजाय करेगा कि प्रदान करने के लिए, आयकर अधिनियम की धारा 139 (1) के लिए स्पष्टीकरण संशोधन किया गया है 31 दिसंबर को दिन.

वित्त अधिनियम, 1994

आयकर अधिनियम की 49.3 धारा 44AB व्यवसाय या पेशे पर ले जाने के कुछ व्यक्तियों के खातों का ऑडिट से संबंधित प्रावधान हैं.कंपनियों के लिए धारा 139 में निर्दिष्ट "नियत तारीख" संशोधन किया गया है और खातों लेखा परीक्षित मिला जाने की आवश्यकता है जो भीतर की अवधि रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए "नियत तारीख" से जुड़ा हुआ है के रूप में, एक परिणामी संशोधन की परिभाषा में किया गया है खंड 44AB को स्पष्टीकरण के खंड (ख) में निहित के रूप में "निर्धारित तिथि".

वित्त अधिनियम, 1994

49.4 ये संशोधन 1 अप्रैल 1994 से प्रभावी और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 36 और 50]

वित्त अधिनियम, 1994

प्रथम दृष्टया समायोजन के खिलाफ सीधी अपील

धारा 143 के प्रावधानों के तहत 50.1 (1) या 143 (1 बी), मूल्यांकन अधिकारी आय का रिटर्न में घोषित आय या नुकसान के लिए कुछ प्रथम दृष्टया समायोजन कर सकते हैं.निर्धारिती बढ़ाया आय पर कर का भुगतान करने के लिए आवश्यक है और यह भी धारा 143 के आय या नुकसान की कमी के ऐसे एक वृद्धि है, जहां (1 ए) के तहत अतिरिक्त कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है. प्रथम दृष्टया समायोजन और कर और अतिरिक्त कर का परिणामी लेवी के खिलाफ अपील का कोई अधिकार नहीं है, तथापि, वहाँ था. करदाता की आय या नुकसान भिन्न करने के लिए किए गए समायोजन सही नहीं थे और रिकॉर्ड से स्पष्ट एक गलती के रूप में सुधारा जाना जरूरी है कि दावा करने के हकदार था. निर्धारिती सुधार याचिका पर आदेश के खिलाफ अपील दायर करने का अधिकार दिया गया था. मामले में मूल्यांकन अधिकारी याचिका दायर की थी, जिसमें इस महीने के अंत से तीन महीने के भीतर सुधार के लिए याचिका का निपटारा नहीं किया था, तब ही निर्धारिती सूचना में निहित मूल समायोजन के खिलाफ अपील दायर कर सकता है.

वित्त अधिनियम, 1994

इस बोझिल प्रक्रिया को सरल बनाने 50.2, वित्त अधिनियम की धारा 143 के तहत निर्धारिती को भेजे गए एक सूचना (1) या 143 (1 बी) आयकर अधिनियम की धारा 246 के प्रयोजनों के लिए एक अपीलीय आदेश होना समझा जाएगा कि प्रदान की गई है . इस संशोधन के दृश्य में, (2) सुधार के कोई आदेश निर्धारित अवधि के भीतर निर्धारण अधिकारी द्वारा पारित कर दिया है, जो के संबंध में सूचना के खिलाफ अपील की फाइलिंग से संबंधित धारा 154 के प्रावधान को छोड़ दिया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

50.3 ये संशोधन 1 जून 1994 से प्रभावी, और, तदनुसार, धारा 143 के तहत सभी जानकारियां करने के लिए लागू होगी (1) या 143 (1 बी) 1 जून 1994 को या उसके बाद करदाता द्वारा प्राप्त किया.

[धारा 37, 38 और 46]

वित्त अधिनियम, 1994

उप ठेकेदारों को ठेकेदारों द्वारा भुगतान पर स्रोत पर आयकर की कटौती के संबंध में प्रावधान का विस्तार गुंजाइश

आयकर अधिनियम की 51.1 धारा 194C (2) एक ठेकेदार से एक उप ठेकेदार को किए गए भुगतान से स्रोत पर आयकर की कटौती से संबंधित प्रावधान हैं.पिछले वित्त अधिनियम द्वारा किए गए संशोधन के लिए, इन प्रावधानों ठेकेदार खंड 194C में निर्दिष्ट एक निवासी व्यक्ति (1) इस अधिनियम की, कि वह किसी भी काम को करने के लिए एक अनुबंध पर लिया था, कहने के लिए है ही था जहां लागू थे, या केन्द्र सरकार या किसी राज्य सरकार, एक स्थानीय प्राधिकारी, एक सांविधिक निगम या एक कंपनी से, किसी भी काम को करने के लिए श्रम की आपूर्ति के लिए [यानी, खंड 194C में निर्दिष्ट एजेंसियों (1)]. हाल ही में, कुछ मामलों निवासी ठेकेदारों आदि एक विदेशी राज्य सरकार के साथ अनुबंध में प्रवेश किया, और भी निवासी थे जो उप ठेकेदारों को इस तरह के ठेके के काम से बाहर parceled जहां सूचना के लिए आया था. ऐसे मामलों में, उप ठेकेदारों को ठेकेदारों द्वारा किए गए भुगतान के स्रोत पर आयकर की कटौती की आवश्यकता के अधीन नहीं थे. जरूरत के स्रोत पर आयकर की कटौती के दायरे के भीतर भी इन भुगतानों को लाने के लिए है.

वित्त अधिनियम, 1994

51.2 वित्त अधिनियम है, इसलिए, अभिव्यक्ति "ठेकेदार" भी बाहर ले जाने के लिए श्रम की आपूर्ति सहित कोई भी काम (बाहर ले जा रहा है, जो एक ठेकेदार शामिल होगा कि उपलब्ध कराने के क्रम में आयकर अधिनियम के संशोधित अनुभाग 194C (2), एक विदेशी राज्य या एक विदेशी उद्यम या भारत के बाहर स्थापित किसी भी संस्था या शरीर के ठेकेदार और सरकार के बीच एक अनुबंध के अनुसरण में कोई भी काम).

वित्त अधिनियम, 1994

51.3 यह संशोधन 1 जून 1994 से प्रभावी होता है.

[धारा 39]

वित्त अधिनियम, 1994

किराया के माध्यम से आय से स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए प्रावधान

कर आधार को चौड़ा करने की 52.1 एक कारगर तरीका स्रोत पर आयकर की कटौती का दायरा बढ़ाने के लिए है.इसके अलावा कर के दायरे में अधिक व्यक्तियों में लाने से, यह भी सही आय की रिपोर्टिंग में मदद करता है. स्रोत पर आयकर की कटौती के दायरे के भीतर कवर करने की आवश्यकता है जो आय के एक आइटम किराया के माध्यम से आय है. देशों की संख्या में, इस तरह के आय स्रोत पर आयकर की कटौती के अधीन है.

वित्त अधिनियम, 1994

52.2 वित्त अधिनियम, इसलिए, किराया से स्रोत पर आयकर की कटौती के संबंध में आयकर अधिनियम में एक नई धारा 194-मैं डाला गया है.नई धारा आयकर किसी व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए एक वित्तीय वर्ष में १२०००० रुपए परे किराए के भुगतान पर प्रतिशत बीस की दर से स्रोत पर कटौती की जानी है कि प्रदान करता है. अभिव्यक्ति 'रेंट' से, किसी भी भुगतान करने का मतलब, अनुभाग को स्पष्टीकरण में परिभाषित किया गया है जो कुछ भी किसी भी पट्टा के तहत, उप पट्टा, किरायेदारी या किसी भी देश या किसी भी इमारत के उपयोग के लिए किसी भी अन्य समझौता या व्यवस्था (कहा जाता है, का नाम ऐसे भवन आदाता के स्वामित्व में है या नहीं, एक साथ फर्नीचर, फिटिंग और भूमि लगाव बहां साथ,) कारखाने के निर्माण सहित.

वित्त अधिनियम, 1994

कम दर पर या उपयुक्त मामलों में आयकर की कोई कटौती के लिए आयकर की कटौती के लिए प्रमाण पत्र से संबंधित आयकर अधिनियम की 52.3 धारा 197,, के दायरे के भीतर किराया के माध्यम से आय शामिल करने के लिए संशोधन किया गया है खंड कहा.इस तरह के प्रमाण पत्र के लिए आवेदन फार्म नं 13 में बनाया जाना है. संबंधित मूल्यांकन अधिकारी द्वारा प्रमाण पत्र फार्म सं 15AA में दिया जाता है.

वित्त अधिनियम, 1994

स्रोत पर आयकर की कटौती के संबंध में प्रावधानों के संबंध में 52.4 धारा 198-200 और आयकर अधिनियम के 202-205, अधिनियम में नई धारा 194-I की प्रविष्टि को परिणाम में संशोधन किया गया है. किराए से स्रोत पर कर कटौती का प्रमाण पत्र फार्म सं 16A में दिया जाता है. किराए से स्रोत पर कर कटौती की वार्षिक वापसी, फार्म सं 26J में प्रस्तुत किया जाना है.

वित्त अधिनियम, 1994

52.5 उक्त संशोधन, 1 जून से 1994 के प्रभावी होने.

[धारा 40, 42 और 43]

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अग्रिम कर की किस्तों की संख्या और कंपनियों के मामले में राशि देय उसके अधीन में बदलें

आयकर अधिनियम की 53.1 धारा 211, पूर्व वित्त अधिनियम द्वारा अपने संशोधन करने के लिए, ढंग से गणना की मौजूदा आय पर एडवांस टैक्स एक्ट की धारा 209 में निर्धारित है, बशर्ते कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान तीन किश्तों में एक ही भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं जो सभी निर्धारिती द्वारा देय था.इस प्रकार के रूप में नियत तारीख, और ऐसे प्रत्येक किस्त में देय राशि, थे:

किस्त की देय तिथि राशि देय

15 सितंबर को या उससे पहले नहीं ऐसी एडवांस टैक्स की कम से कम तीस फीसदी.

15 दिसंबर को या उससे पहले इस तरह के अग्रिम कर का कम से कम साठ से अधिक प्रतिशत, राशि से कम के रूप में यदि कोई हो, पहले किस्त में भुगतान किया.

15 मार्च को या उससे पहले पहले किस्त या किस्तों में भुगतान की गई राशि या मात्रा से कम के रूप में इस तरह के एडवांस टैक्स की पूरी राशि, यदि कोई हो,.

इस प्रकार, एडवांस टैक्स की पहली किस्त ही वित्तीय वर्ष के छठे महीने में देय है और उस किस्त कुल अग्रिम कर का केवल तीस प्रतिशत का गठन किया. एडवांस टैक्स की पूरी राशि वित्तीय वर्ष की पिछले सात महीनों के दौरान देय है. एडवांस टैक्स के संग्रह के बारे में दो तिहाई कंपनियों से आता है. वित्तीय वर्ष के दौरान अग्रिम कर के भुगतान के प्रसार, इसलिए और भी अधिक कंपनियों के मामले में किए जाने की जरूरत है.

वित्त अधिनियम, 1994

53.2 वित्त अधिनियम, इसलिए संशोधन आयकर अधिनियम की धारा 211 के अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं, जो सभी कंपनियों,,, इसके बाद चार किस्तों में अग्रिम कर का भुगतान करेगा प्रदान करने के लिए किया है.अग्रिम कर एक वित्तीय वर्ष में इतना देय, -

(क) पर या 15 जून से पहले कम से कम पंद्रह प्रतिशत नहीं होगा;

(ख) 15 सितंबर को या उससे पहले, कम से कम पैंतालीस प्रतिशत नहीं होगा;

(ग) 15 दिसंबर को या उससे पहले, कम से पचहत्तर प्रतिशत नहीं होगा;

(घ) 15 मार्च को या उससे पहले, पूरी राशि होगी

इस तरह के अग्रिम कर की.

वित्त अधिनियम, 1994

अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं जो अन्य करदाता के मामले में 53.3, अग्रिम कर पहले, यानी 15 सितंबर को, 15 दिसंबर और 15 मार्च, प्रत्येक किस्त की राशि भी uncharged शेष के रूप में तीन किश्तों में देय होगा.

वित्त अधिनियम, 1994

53.4 यह संशोधन 1 अप्रैल 1994 से प्रभावी होता है और वित्तीय वर्ष 1994-95 और बाद के वर्षों के दौरान अग्रिम कर के भुगतान के लिए लागू होगी.

वित्त अधिनियम, 1994

एडवांस टैक्स की मोहलत के लिए ब्याज से संबंधित उप - धारा (1) आयकर अधिनियम की धारा 234C के उपरोक्त संशोधन, के परिणाम में 53.5, भी संशोधन किया गया है.यह अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं जो कंपनियों के मामले में अग्रिम कर की मोहलत के लिए ब्याज लगाने के उद्देश्य के लिए की कमी के बीच का अंतर हो जाएगा कि प्रदान की गई है -

(मैं) पंद्रह लौट आय पर देय कर और जून के 15 दिन या उससे पहले कंपनी द्वारा भुगतान अग्रिम कर का प्रतिशत,

(Ii) पैंतालीस लौट आय पर देय कर और सितंबर के 15 दिन या उससे पहले कंपनी द्वारा भुगतान अग्रिम कर का प्रतिशत, और

(Iii) पचहत्तर लौट आय और दिसंबर के 15 दिन या उससे पहले कंपनी द्वारा भुगतान एडवांस टैक्स पर देय कर का प्रतिशत.

यह भी जून के 15 दिन या उससे पहले कंपनियों द्वारा भुगतान एडवांस टैक्स नहीं है कि जहां प्रदान की गई है लौटे आय पर देय कर और सितंबर के 15 दिन या उससे पहले भुगतान अग्रिम कर का प्रतिशत कम से कम बारह लौट आय पर देय कर की कम नहीं छत्तीस से प्रतिशत, फिर, कंपनियों उक्त तिथियों पर कमी की राशि पर कोई ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं होगा है.

वित्त अधिनियम, 1994

53.6 उपरोक्त संशोधन 1995/01/04 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, के लिए लागू होगी निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 44 और 45]

वित्त अधिनियम, 1994

एडवांस टैक्स की मोहलत के लिए ब्याज की लेवी का विस्तार गुंजाइश

देय अग्रिम कर का 54.1 पूरे राशि वित्तीय वर्ष के दौरान 15 मार्च को या उससे पहले भुगतान करने की आवश्यकता है.धारा 211 के परन्तुक (1), हालांकि, मार्च के 31 दिन या उससे पहले एडवांस टैक्स के माध्यम से भुगतान किसी भी राशि, वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान अग्रिम कर के रूप में इलाज किया जाना भी है कि प्रदान करता है. इस प्रावधान के कुछ के रूप में सम्मिलित किया गया था उच्च न्यायालयों वित्त वर्ष के दौरान 15 मार्च के बाद किया गया भुगतान अग्रिम कर का भुगतान होने के लिए संघर्ष नहीं होगा कि आयोजित किया था. 15 मार्च से अग्रिम कर की अंतिम किस्त के भुगतान को लागू करने के लिए कानून में कोई दंडात्मक प्रावधान नहीं है. उक्त परंतुक और एक दंडात्मक प्रावधान के अभाव के बीच में एक प्रवृत्ति उत्पन्न किया है केवल वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन की दिशा में अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए करदाता.

वित्त अधिनियम, 1994

54.2 वित्त अधिनियम, इसलिए संशोधन खंड 234C (1) आयकर अधिनियम की एडवांस टैक्स की पूरी राशि एक द्वारा भुगतान किया है कि जहां प्रदान करने के लिए किया गया है वित्तीय वर्ष में मार्च के 15 दिन या उससे पहले निर्धारिती, लौटे आय पर देय कर की तुलना में कम है निर्धारिती लौट आय पर देय कर से कमी की राशि पर एक प्रतिशत और एक आधे की दर से साधारण ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा.

वित्त अधिनियम, 1994

उक्त संशोधन का एक परिणाम के रूप में ब्याज की 54.3 गणना, निम्न उदाहरण के माध्यम से सचित्र जा सकता है:

उदाहरण मैं: जहां एक निर्धारिती रुपये की रकम का भुगतान किया गया. 15 सितंबर, रुपए पर 300. 15 दिसंबर और रुपये पर 300. मार्च 20 पर 400, अग्रिम कर और उसके लौट आय पर देय कर की जिस तरह से रुपये है. 1000, वह रुपये का ब्याज अदा करना होगा. 6, यानी, एक की दर और लौट आय, यानी, रुपये पर देय कर से 15 मार्च को या उससे पहले भुगतान अग्रिम कर की कमी की राशि पर एक प्रतिशत से डेढ़ पर.400 (रुपए 1000 - रु. 600).

उदाहरण द्वितीय : जहां एक अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है, जो निर्धारिती, वित्तीय वर्ष के दौरान इस तरह के कर का भुगतान करने में नाकाम रही है और उसके लौट आय पर देय कर रुपये बैठती है. 1000, वह रुपये का ब्याज अदा करना होगा. 15, यानी, एक की दर और लौट आय, यानी, रुपये पर देय कर से 15 मार्च को या उससे पहले देय एडवांस टैक्स की कमी की राशि पर एक प्रतिशत से डेढ़ पर.1000 (रुपए 1000-0). इसके अलावा, वह भी ब्याज का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा अन्य विनिर्दिष्ट तारीख, यानी, 15 जून (केवल एक कंपनी के मामले में), 15 सितंबर और 15 दिसंबर को कमी की मात्रा पर खंड 234C के तहत.

वित्त अधिनियम, 1994

54.4 यह संशोधन 1 अप्रैल से प्रभावी होने से 1995 और तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों.

[धारा 15]

वित्त अधिनियम, 1994

की परिभाषा से संबंधित आयकर अधिनियम की धारा 269 का संशोधन हाईकोर्ट

आयकर अधिनियम की 55.1 धारा 269 "हाईकोर्ट" को परिभाषित करता है. उपखंड (मैं) को परिभाषित उच्च न्यायालय, किसी भी राज्य के संबंध में, के रूप में उस राज्य के उच्च न्यायालय. उप खंड (द्वितीय) के लिए (सात) को परिभाषित संघ राज्य क्षेत्रों के संबंध में उच्च न्यायालय. अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और गोवा के संघ शासित प्रदेशों राज्य बन गए हैं, वित्त अधिनियम (iii) खंड न आना और उसके खंड (vi) में संशोधन करने के क्रम में खंड 269 में संशोधन किया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

55.2 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होता है.

[धारा 47]

वित्त अधिनियम, 1994

मुख्यमंत्री को सत्ता का प्रतिनिधिमंडल आयुक्त और महानिदेशकों दंड की कमी या छूट को मंजूरी के लिए

56.1 के लिए आकलन वर्ष 1988-89 और पहले के वर्षों में, इन पूर्व वित्त अधिनियम द्वारा संशोधन करने के लिए खड़ा था के रूप में खंड 273A का प्रावधान है, की अनुमति दी आयुक्त या मुख्य दंड को कम या माफ करने के लिए आयुक्त अनुभाग 271 (1) (क) या खंड 271 के तहत (1) (ग) या धारा 139 के तहत खंड 273 या ब्याज (8) या धारा 215 या धारा 217.दंड की मात्रा निश्चित मौद्रिक सीमा, उप - धारा (2) और उप - धारा के प्रावधानों को पार कर कहाँ (4) अनुभाग 273A के द्वारा प्रदान किया गया आयुक्त या मुख्य आयुक्त केवल बोर्ड के पूर्व अनुमोदन के साथ, (1) और उप - धारा (4) अनुभाग 273A की उपधारा में निर्दिष्ट कतिपय शर्तों की संतुष्टि पर जुर्माना कम करने या छूट देना आदेश पारित कर सकता है.

वित्त अधिनियम, 1994

उक्त से संबंधित मामलों के जल्दी निपटान (सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य के लिए 56.2 अनुभाग 273A के तहत कवर आकलन वर्ष), वित्त अधिनियम में प्रावधान है कि जब पिछले अनुमोदन उप - धारा (2) या उपधारा के संदर्भ में आवश्यक है जहाँ भी आयुक्त (4), इस तरह के अनुमोदन मुख्यमंत्री द्वारा दिया जा रहा है दंड की कमी या छूट का आदेश गुजरता आयुक्त या, मामला बोर्ड द्वारा महानिदेशक हो सकता है और नहीं हो सकता.केवल आयुक्त के आदेश पारित करने के लिए है. ऐसी ही व्यवस्था पहले से ही करने के लिए संबंधित खंड 273A के तहत आने वाले मामलों के लिए मौजूद हैं निर्धारण वर्ष 1989-90 और बाद के वर्षों. इसलिए बोर्ड किसी के लिए इस धारा के तहत एक आदेश पारित करने के लिए किसी भी मंजूरी देने के लिए आवश्यक नहीं किया जाएगा निर्धारण वर्ष. इस संशोधन का एक परिणाम के रूप में, अनुमोदन स्टैंड के लिए बोर्ड के पास लंबित मामलों मुख्यमंत्री को हस्तांतरित आयुक्तों और महानिदेशकों.

वित्त अधिनियम, 1994

56.3 यह संशोधन 1 जून 1994 से प्रभावी होता है.

[धारा 48]

वित्त अधिनियम, 1994

आयकर अपीलीय द्वारा तैयार प्रक्रिया के नियमों के बिछाने ट्रिब्यूनल, आदि

57.1 धारा 255 (5) आयकर अधिनियम की अपीलीय शक्ति देता है ट्रिब्यूनल में अपनी शक्ति का या बेंच उनकी बैठकों धारण करेगा, जिस पर स्थानों सहित अपने कार्यों के निर्वहन के व्यायाम से उत्पन्न सभी मामलों में अपनी प्रक्रिया और उसके न्यायपीठों की प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए.इस शक्ति, अपीलीय का प्रयोग ट्रिब्यूनल अपने नियमों में आयकर अपीलीय बुलाया बनाया ट्रिब्यूनल नियम, 1963, अधिसूचना संख्या 1-IT/63 द्वारा, 17-4-1963 दिनांकित.

वित्त अधिनियम, 1994

अधीनस्थ विधान संबंधी 57.2 समिति आयकर अपीलीय द्वारा तैयार प्रक्रिया के नियमों के बिछाने के लिए एक प्रावधान शामिल करने के लिए आयकर कानून में संशोधन की सिफारिश की थी संसद के दोनों सदनों से पहले ट्रिब्यूनल.इस सिफारिश के अनुसरण में वित्त अधिनियम प्रक्रिया के नियमों अपीलीय द्वारा फंसाया कि उपलब्ध कराने के लिए खंड 296 के प्रावधानों में संशोधन किया गया है अनुभाग 255 के तहत ट्रिब्यूनल संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाएगा.

वित्त अधिनियम, 1994

57.3 निपटारा आयोग के बाद भी रूप में अग्रिम हुक्म के लिए प्राधिकरण, अपने स्वयं प्रक्रिया को विनियमित करने के लिए इसी तरह की शक्तियों, वर्गों 245F के तहत (7) और आयकर अधिनियम की 245V, अपनी शक्तियों का प्रयोग से उत्पन्न सभी मामलों में या उनके कार्यों के निर्वहन की, धारा 296 अग्रिम हुक्म के लिए समझौता आयोग द्वारा और प्राधिकरण द्वारा तैयार प्रक्रिया के नियमों को भी संसद के दोनों सदनों के समक्ष रखा जाएगा कि प्रदान करने के लिए संशोधन किया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

57.4 अनुरूप संशोधन संपत्ति कर अधिनियम की धारा 46 के लिए किया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

57.5 यह संशोधन 1 जून 1994 से प्रभावी होता है.

[धारा 49 और 53]

संपत्ति कर अधिनियम

वित्त अधिनियम, 1994

शहरी भूमि स्टॉक में व्यापार के रूप में आयोजित किया.

पिछले वित्त अधिनियम, स्टॉक में व्यापार की तारीख की से तीन वर्ष की अवधि के लिए संपत्ति कर के अधीन नहीं था के रूप में एक निर्धारिती द्वारा आयोजित शहरी भूमि द्वारा किए गए संशोधन के लिए संपत्ति कर अधिनियम के प्रावधानों के तहत 58.1 उसके द्वारा ऐसी भूमि का अधिग्रहण. यह तीन साल की अवधि के लिए भूमि अधिग्रहण को विकसित करने और बेचने के लिए पर्याप्त नहीं था कि प्रतिनिधित्व कर दिया गया था. वित्त अधिनियम, इसलिए, पांच साल के लिए तीन साल की इस अवधि के लिए उठाया गया है.

वित्त अधिनियम, 1994

58.2 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 51]

उपहार कर अधिनियम

वित्त अधिनियम, 1994

निर्भर रिश्तेदारों के लिए किए गए उपहार के लिए छूट की सीमा की स्थापना

पिछले वित्त अधिनियम द्वारा किए गए संशोधन को उपहार कर अधिनियम के प्रावधानों के तहत 59.1, एक, रिश्तेदार समर्थन और रखरखाव के लिए दाता पर निर्भर, उपहार कर से मुक्त थे विषय की शादी के अवसर पर उपहार दिया रुपए की सीमा तक. 30,000 है. वित्त अधिनियम रुपये के लिए इस सीमा को उठाया गया है. 1,00,000.

वित्त अधिनियम, 1994

59.2 यह संशोधन 1 अप्रैल 1995 से प्रभावी होता है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 55]

व्यय कर अधिनियम

वित्त अधिनियम, 1994

व्यय कर की दर में कमी

60.1 पिछले वित्त अधिनियम द्वारा किए गए संशोधन के लिए खर्च कर इस तरह के खर्च की वसूल की समय पर रिहायशी आवास के किसी भी इकाई के लिए कमरा प्रभार है जिसमें एक होटल में खर्च प्रभार्य व्यय पर 20 प्रतिशत की दर से शुल्क लिया गया था रुपये. 1200 या व्यक्ति प्रति दिन के हिसाब से अधिक. अभ्यावेदन व्यय कर अधिनियम के तहत प्रभार्य खर्च पर कर की दर में कमी के लिए व्यक्तियों, व्यापार संघों और महासंघों के एक नंबर से प्राप्त किया गया था. व्यय कर की दर में कमी से देश में पर्यटन को प्रोत्साहित करने की संभावना है. वित्त अधिनियम, इसलिए 10 प्रतिशत करने के लिए 20 प्रतिशत से खर्च कर की दर को नीचे लाने के लिए, व्यय कर अधिनियम, 1987 की धारा 4 में संशोधन किया है.

वित्त अधिनियम, 1994

60.2 यह संशोधन 1 जून 1994 से प्रभावी होता है, और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1995-96 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 57]