666 : परिपत्र: सं 666, 08-10-1993 दिनांकित
परिपत्र सं.
666
परिपत्र की तिथि
08/10/1993
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
08/10/1993
1108. एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी लिमिटेड में सुप्रीम कोर्ट के फैसले सीआईटी वी. [1993] 67 चुंगी लगानेवाला 346/201 आईटीआर 435 को ध्यान में रखते अनुभाग 194C की प्रयोज्यता के संबंध में स्पष्टीकरण
1संदर्भ 20 अगस्त 1992 उपरोक्त विषय पर दिनांक बोर्ड के परिपत्र सं 632 के लिए आमंत्रित किया है.
प्र.20. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194C के प्रावधानों के अनुसार ठेकेदार के बीच एक अनुबंध के अनुसरण में (किसी भी काम को करने के लिए श्रम की आपूर्ति सहित) किसी काम से बाहर ले जाने के लिए किसी भी निवासी ठेकेदार को किसी भी राशि के भुगतान के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति और उसमें विनिर्दिष्ट निकायों, ऐसे ठेकेदार के खाते में राशि, या, भुगतान तत्संबंधी नकद या चेक या ड्राफ्ट की समस्या से या किसी अन्य विधि द्वारा की ऋण का समय पर, जो भी पहले हो, बराबर राशि घटा करेगा उसमें शामिल आय पर आयकर के रूप में ऐसी राशि का 2 फीसदी तक. यह किसी काम से बाहर ले जाने सेवा अनुबंध और परिवहन के ठेके भी शामिल है कि स्पष्ट किया जाता है. कहा निकाय हैं:
(क) केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार, या
(ख) किसी स्थानीय प्राधिकारी, या
(ग) के द्वारा या एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय कानून के तहत स्थापित किसी निगम; या
(घ) किसी भी कंपनी; या
(ई) किसी भी सहकारी समिति, या
(च) किसी भी अधिकारी द्वारा या किसी भी कानून के तहत भारत में गठित, के साथ काम कर और आवास के लिए या शहरों, कस्बों और गांवों, या दोनों की योजना बनाने, विकास या सुधार के उद्देश्य के लिए जरूरत है संतोषजनक के उद्देश्य के लिए या तो लगे; या
(छ) किसी भी सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत या भारत के किसी भी हिस्से में बल में है कि अधिनियम के संगत किसी भी कानून के तहत पंजीकृत सोसायटी, या
(ज) किसी भी भरोसा; या
(I) किसी भी विश्वविद्यालय की स्थापना या द्वारा या एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय कानून के तहत शामिल किया है, और, एक संस्था विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत एक विश्वविद्यालय घोषित किया.
(3)एक ठेकेदार के एक निवासी उप ठेकेदार के लिए एक राशि का भुगतान करता है जब इसी प्रकार, उप ठेकेदार के साथ एक अनुबंध के अनुसरण में, पूरे या उसके द्वारा किए गए काम के किसी भी भाग से बाहर ले जाने के लिए, वह एक राशि घटा करने के लिए आवश्यक है उसमें शामिल आय पर आयकर के रूप में ऐसी राशि का 1 प्रतिशत के बराबर.
(4)उक्त दरों में कटौती करने की आयकर की राशि निम्न दरों पर एक अधिभार से आगे बढ़ाया जा रहा है:
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(i)
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पेयी एक गैर कॉर्पोरेट निवासी व्यक्ति है जहां एक मामले में,
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12 फीसदी
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(ii)
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पेयी एक घरेलू कंपनी है जहां एक मामले में.
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15 फीसदी
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अनुबंध के लिए विचार रुपये से अधिक नहीं है, तो 5.1 टैक्स की कोई कटौती है, तथापि, श्रेय या एक अनुबंध के अनुसरण में भुगतान किसी भी राशि से किए जाने की आवश्यकता है, पूर्वगामी पैराग्राफ में निर्दिष्ट.शुरू किया.
5.2 इसके अलावा, उप - धारा (4) अनुभाग 194C की जहां मूल्यांकन अधिकारी एक ठेकेदार या एक उप ठेकेदार की कुल आय कम दर पर आयकर की कटौती या आय का कोई कटौती को सही ठहराते हैं कि संतुष्ट है कि नीचे देता है टैक्स आकलन अधिकारी ने उसे करने के लिए उपयुक्त हो सकता है के रूप में इस तरह के प्रमाण पत्र दे सकते हैं.इसके लिए एक आवेदन पत्र सं 13C पर निर्धारण अधिकारी को बनाया जाना है. इस प्रमाण पत्र की वैधता के दौरान, स्रोत पर कर की कटौती के प्रमाण पत्र में दिए गए दिशा के अनुसार बनाया जाएगा.
5.3 यह अवधि अनुभाग 194C में 'किसी भी काम' अपनी प्राकृतिक अर्थ यानी, किसी भी काम कर व्यवस्था में एक विशेष अर्थ है जो किसी भी और एक न केवल 'काम करता अनुबंध' का अर्थ है, समझ में आ सकता है कि स्पष्ट किया जाता है.यह स्पष्ट रूप से 1979 की सिविल अपील नंबर 2860 (एनटी) में 23-3-1993 दिनांकित अपने फैसले में भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित किया गया है. एसोसिएटेड सीमेंट कंपनी लिमिटेड सीआईटी [1993] 201 आईटीआर 435 वी..इस प्रकार, खंड 194C के प्रावधानों आदि के परिवहन के ठेके, सेवा अनुबंध, श्रम अनुबंध, सामग्री ठेके, साथ ही निर्माण अनुबंध, के रूप में किसी भी काम से बाहर ले जाने के लिए अनुबंध के सभी प्रकार के लिए लागू कर रहे हैं
प्र.6. इस प्रकार के रूप जिम्मेदारियों, दायित्वों, आदि, आयकर अधिनियम के तहत, अनुभाग 194C के तहत स्रोत पर कर की कटौती के व्यक्तियों की संक्षेप में इस प्रकार हैं:
(क) खंड 200 के प्रावधानों के अनुसार, खंड 194C के प्रावधानों के अनुसार किसी भी राशि की कटौती के किसी भी व्यक्ति को भुगतान करने के लिए आवश्यक है निर्धारित समय के भीतर, योग तो निर्धारित तरीके ख़बरदार में केन्द्र सरकार के ऋण के लिए कटौती की आयकर नियम की 30, 1962 राज.द्वारा या सरकार की ओर से कटौती के मामले में राशि की कटौती के ही दिन पर भुगतान किया जाना है. अन्य मामलों में, सामान्य रूप से, योग कटौती किया जाता है, जिसमें महीने के अंतिम दिन से एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाना है. एक व्यक्ति को घटाने के बाद, सरकार के ऋण के लिए कर का भुगतान करने में विफल रहता है, स्रोत पर कर कटौती, या करने में विफल रहता है, तो वह पंद्रह प्रतिशत पर साधारण ब्याज का भुगतान करने के लिए धारा 201 (1 ए) के प्रावधानों के अनुसार उत्तरदायी होगा इस तरह के कर इस तरह के टैक्स वास्तव में भुगतान किया जाता है जिस तारीख को घटाया होने की दिनांक से इस तरह के कर की राशि पर प्रतिवर्ष. इसके अलावा, धारा 271C एक व्यक्ति स्रोत पर कर कटौती करने में विफल रहता है, तो वह दंड के वैसे, उनके द्वारा काट लिया नहीं कर की राशि के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा कि नीचे देता है. इस संबंध में ध्यान भी एक व्यक्ति कर उसके द्वारा स्रोत पर कटौती निर्धारित समय के भीतर केन्द्र सरकार के ऋण के लिए भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह कठोर से दंडनीय होगा कि नीचे देता है जो अनुभाग 276B, के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है कम से कम 3 महीने नहीं होगी, बल्कि जो और ठीक से 7 साल तक का हो सकता है, जो एक अवधि के लिए कारावास.
(ख) नियम 31 के साथ पढ़ा खंड 203, के प्रावधानों के अनुसार, स्रोत पर कर की कटौती के हर व्यक्ति कर की कटौती की गई है और उसमें इतनी कटौती की राशि और कुछ अन्य विवरण निर्दिष्ट करने के लिए कि इस आशय का एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है.खंड 194C के तहत कर की कटौती के मामले में, प्रमाण पत्र एक माह की निर्धारित अवधि के भीतर 1993/01/07 से प्रभावी फार्म सं 16A में प्रस्तुत किया जाना है और चौदह दिनों व्यक्ति को जिसका खाता क्रेडिट करने के लिए या जिसे करने के लिए दिया जाता है जैसा भी मामला हो भुगतान, किसी भी विधा के द्वारा किया जाता है. पिछले 1993/01/07 के लिए इस प्रमाणपत्र को केन्द्र सरकार द्वारा मुद्रित और एक मामूली विचार के भुगतान पर आयकर विभाग से प्राप्त किया जाना था जो फार्म सं 16B में दिए जाने की आवश्यकता थी. एक व्यक्ति अनुभाग 203 के तहत आवश्यक के रूप में इस प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो वह, धारा 272A (2) के तहत दंड के माध्यम से रुपये से कम नहीं होगी जो एक राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा. 100 लेकिन जो रुपये तक का हो सकता. विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए 200.
(ग) धारा 203A के प्रावधानों के अनुसार, यह में विस्तृत निर्देश प्राप्त करने और आदि चालान, टीडीएस सर्टिफिकेट, रिटर्न, में कर कटौती खाता संख्या (टैन) बोली के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के लिए अनिवार्य है इस संबंध में बोर्ड के परिपत्र सं 497 [एफ में समाहित कर रहे हैं सं 275/118/87-IT (ख)], 1987/09/10 दिनांकित.एक व्यक्ति अनुभाग 203A के प्रावधानों का अनुपालन करने में विफल रहता है, तो वह खंड 272BB, रुपये तक एक राशि के तहत दंड के माध्यम से भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा. 5,00
(डी) धारा 206 के प्रावधानों के अनुसार, नियम 36A और आयकर नियमों के 37, सरकार के हर कार्यालय, हर कंपनी के मामले में प्रिंसिपल अधिकारी के मामले में निर्धारित व्यक्ति के साथ पढ़ने में निर्धारित व्यक्ति हर निजी नियोक्ता और अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार हर दूसरे व्यक्ति, हर स्थानीय प्राधिकारी या अन्य सार्वजनिक निकाय या संघ के मामले को तैयार करने और निर्धारित तिथि से उद्धार करेगा, कर की वार्षिक वापसी की कटौती की उन प्रावधानों के तहत स्रोत पर.खंड 194C के तहत कर की कटौती के मामले में, इस वापसी कटौती की है जिसमें वित्तीय वर्ष के बाद 30 जून से नामित / संबंधित मूल्यांकन अधिकारी को फार्म सं 26C में प्रस्तुत किया जा रहा है. यह वित्तीय वर्ष के दौरान जारी किए गए प्रत्येक टीडीएस प्रमाण पत्र की एक प्रतिलिपि वार्षिक रिटर्न के साथ संलग्न किया जाना चाहिए कि उल्लेख किया जा सकता. एक व्यक्ति के कारण समय में वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो वह खंड 272A (2), रुपये से कम नहीं होगी जो एक राशि के तहत, दंड के माध्यम से भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा. 100 लेकिन जो रुपये तक का हो सकता. विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए 200. अधिकतम दंड, तथापि, स्रोत पर घटाया था जो कर की राशि से अधिक नहीं होगा.
प्र.7. ये निर्देश संपूर्ण नहीं हैं और खंड 194C के तहत स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की मदद करने के लिए एक दृश्य के साथ ही जारी किए जाते हैं. अधिक जानकारी के लिए, आयकर अधिनियम, 1961, और आयकर नियम, 1962 के प्रासंगिक प्रावधानों को भेजा जाना चाहिए. मामले में, किसी भी सहायता के आयकर विभाग के संबंधित मूल्यांकन अधिकारी या स्थानीय जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है, आवश्यक है.
परिपत्र: सं 666, 1993/08/10 दिनांकित.

