632 : परिपत्र: सं 632, 20-08-1992 दिनांकित
परिपत्र सं.
632
परिपत्र की तिथि
20/08/1992
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
20/08/1992
ठेकेदारों को धारा 194C एल भुगतान
और उप ठेकेदारों
आदि ठेकेदार, को भुगतान.
वित्तीय वर्ष 1992-93
1765. स्रोत पर कर की कटौती - वित्तीय वर्ष 1992-93 के दौरान लागू कर की दरें - ठेकेदारों और उप ठेकेदारों को किए गए भुगतान
1संदर्भ उपरोक्त विषय पर 14-11-1991 दिनांकित, बोर्ड के परिपत्र सं 613 के लिए आमंत्रित किया है.
प्र.20. आयकर अधिनियम की धारा 194C, 1961 के प्रावधानों के अनुसार, के बीच एक अनुबंध के अनुसरण में (किसी भी काम को करने के लिए श्रम की आपूर्ति सहित) किसी काम से बाहर ले जाने के लिए किसी भी निवासी ठेकेदार को किसी भी राशि के भुगतान के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति ठेकेदार और उसमें विनिर्दिष्ट निकायों, ऐसे ठेकेदार के खाते में राशि, या, भुगतान तत्संबंधी नकद या चेक या ड्राफ्ट की समस्या से या किसी अन्य विधि द्वारा की ऋण का समय पर, जो भी पहले हो, बराबर राशि घटा करेगा उसमें शामिल आय पर आयकर के रूप में ऐसी राशि का 2% करने के लिए. निकाय हैं:
(क) केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार; या
(ख) किसी स्थानीय प्राधिकारी; या
(ग) के द्वारा या एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय कानून के तहत स्थापित किसी निगम; या
(घ) किसी भी कंपनी; या
(ई) किसी भी सहकारी समिति; या
(च) * किसी भी अधिकारी द्वारा या किसी भी कानून के तहत भारत में गठित, के साथ काम कर और आवास के लिए या शहरों, कस्बों और गांवों, या दोनों की योजना बनाने, विकास या सुधार के उद्देश्य के लिए जरूरत है संतोषजनक के प्रयोजनों के लिए या तो लगे ; या
(छ) * किसी भी समाज सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत या भारत के किसी भी हिस्से में बल में है कि अधिनियम के संगत किसी भी कानून के तहत पंजीकृत; या
(ज) * किसी भी भरोसा; या
(मैं) * किसी भी विश्वविद्यालय की स्थापना या द्वारा या एक केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय कानून के तहत शामिल किया है, और एक संस्था विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत एक विश्वविद्यालय घोषित किया.
(* ये 1 जून 1992 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1992 द्वारा जोड़ा गया है).
(3)एक ठेकेदार पूरे बाहर ले जाने के लिए उप ठेकेदार, या वह 1 के बराबर राशि घटा करने के लिए आवश्यक है कि उसके द्वारा किए गए काम के किसी भी हिस्से के साथ एक अनुबंध के अनुसरण में एक निवासी उप ठेकेदार के लिए एक राशि का भुगतान करता है इसी तरह जब उसमें शामिल आय पर आयकर के रूप में इस तरह के योग का%.
(4)उक्त दरों में कटौती करने की आयकर की राशि निम्न दरों पर एक अधिभार से आगे बढ़ाया जा रहा है:
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(मैं) एक मामले में पेयी एक गैर कॉर्पोरेट निवासी व्यक्ति है, जहां
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12%
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(Ii) एक मामले में जहां आदाता एक घरेलू कंपनी है
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ख. 15%
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अनुबंध के लिए विचार रुपये से अधिक नहीं है, तो 5.1 टैक्स की कोई कटौती है, तथापि, श्रेय या एक अनुबंध के अनुसरण में भुगतान किसी भी राशि से किए जाने की आवश्यकता है, पूर्वगामी पैराग्राफ में निर्दिष्ट.शुरू किया.
मूल्यांकन अधिकारी एक ठेकेदार या एक उप ठेकेदार की कुल आय कम दर या आयकर की कोई कटौती पर आयकर की कटौती, सही ठहराते संतुष्ट है कि जहां 5.2 इसके अलावा, मूल्यांकन अधिकारी उसे इस तरह के प्रमाण पत्र दे सकते हैं के रूप में उपयुक्त हो सकता है.इसके लिए एक आवेदन पत्र सं 13C पर निर्धारण अधिकारी को बनाया जाना है. इस प्रमाण पत्र की वैधता के दौरान, स्रोत पर कर की कटौती के प्रमाण पत्र में दिए गए दिशा के अनुसार बनाया जाएगा.
प्र.6. इस प्रकार के रूप जिम्मेदारियों, दायित्वों, आदि, आयकर अधिनियम के तहत, अनुभाग 194C के तहत स्रोत पर कर की कटौती के व्यक्तियों की संक्षेप में इस प्रकार हैं:
(क) खंड 200 के प्रावधानों के अनुसार, खंड 194C के प्रावधानों के अनुसार किसी भी राशि की कटौती के किसी भी व्यक्ति को भुगतान करने के लिए आवश्यक है निर्धारित समय के भीतर, योग इतना (निर्धारित तरीके से केन्द्र सरकार की साख को काट लिया ख़बरदार आयकर नियम की 30, 1962) पर राज.द्वारा या सरकार की ओर से कटौती के मामले में राशि की कटौती के ही दिन पर भुगतान किया जाना है. अन्य मामलों में, सामान्य रूप से, योग कटौती किया जाता है, जिसमें महीने के अंतिम दिन से एक सप्ताह के भीतर भुगतान किया जाना है. एक व्यक्ति को घटाने के बाद, सरकार के ऋण के लिए कर का भुगतान करने में विफल रहता है, स्रोत पर कर कटौती, या करने में विफल रहता है, तो वह धारा 201 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए उत्तरदायी होगा. धारा 201 की उप - धारा (1 ए) ऐसे व्यक्ति भी इस तरह के कर, जिस पर इस तरह के टैक्स तारीख को घटाया होने की दिनांक से इस तरह के कर की राशि का प्रतिशत प्रति वर्ष पंद्रह पर साधारण ब्याज अदा करना होगा कि नीचे देता है वास्तव में भुगतान किया जाता है. इसके अलावा, धारा 271C एक व्यक्ति स्रोत पर कर कटौती करने में विफल रहता है, तो वह दंड के वैसे, उनके द्वारा काट लिया नहीं कर की राशि के बराबर राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा कि नीचे देता है. इस संबंध में ध्यान भी एक व्यक्ति कर उसके द्वारा स्रोत पर कटौती निर्धारित समय के भीतर केन्द्र सरकार के ऋण के लिए भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह कठोर से दंडनीय होगा कि नीचे देता है जो अनुभाग 276B, के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है कम से कम 3 महीने नहीं होगी, बल्कि जो 7 साल के लिए और ठीक से विस्तार कर सकते हैं जो एक अवधि के लिए कारावास.
(ख) नियम 31 के साथ पढ़ा खंड 203, के प्रावधानों के अनुसार, स्रोत पर कर की कटौती के हर व्यक्ति कर की कटौती की गई है और उसमें इतनी कटौती की राशि और कुछ अन्य विवरण निर्दिष्ट करने के लिए कि इस आशय का एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है.प्रमाण पत्र जिसका खाता ऋण दिया जाता है या जैसा भी मामला हो, जिनके लिए भुगतान, किसी भी विधा के द्वारा किया जाता है, के लिए व्यक्ति को एक महीने और चौदह दिन की निर्धारित अवधि के भीतर, फार्म नं 16B में प्रस्तुत किया जाना है. फार्म सं 16B केन्द्र सरकार द्वारा मुद्रित किया जाता है और एक मामूली विचार के भुगतान पर आयकर विभाग से प्राप्त किया जा सकता है. एक व्यक्ति अनुभाग 203 के तहत आवश्यक के रूप में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो वह, धारा 272A के तहत, दंड के माध्यम से 100 रुपए से कम नहीं होगी, बल्कि जो रुपये तक का हो सकता है जो एक राशि का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा. विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए 200.
(ग) धारा 203A के प्रावधानों के अनुसार, यह में विस्तृत निर्देश प्राप्त करने और आदि चालान, टीडीएस सर्टिफिकेट, रिटर्न, में कर कटौती खाता संख्या (टैन) बोली के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के लिए अनिवार्य है इस संबंध में बोर्ड के परिपत्र सं 497 [F.No. में उपलब्ध हैं 1987/09/10 दिनांकित 275/118/87-IT (ख)],.एक व्यक्ति अनुभाग 203A के प्रावधानों का अनुपालन करने में विफल रहता है, वह रुपये को, खंड 272BB के तहत दंड के माध्यम से एक राशि भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा. 5,00
(डी) धारा 206 के प्रावधानों के अनुसार, आयकर नियम की, नियमों 36A और 37 के साथ पढ़ा, सरकार के हर कार्यालय, हर कंपनी के मामले में प्रमुख अधिकारी, निर्धारित व्यक्ति के मामले में निर्धारित व्यक्ति एक वार्षिक रिटर्न हर स्थानीय प्राधिकारी या अन्य सार्वजनिक शरीर या एसोसिएशन हर निजी नियोक्ता और ठेकेदार या उप ठेकेदार को भुगतान से स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार हर दूसरे व्यक्ति के मामले में, तैयार करेगा और वित्तीय वर्ष के बाद 30 जून से वितरित खंड 194C के तहत कर की कटौती की. इस वापसी नामित / संबंधित मूल्यांकन अधिकारी को, फार्म सं 26C में प्रस्तुत किया जा रहा है.यह वित्तीय वर्ष के दौरान जारी किए गए प्रत्येक टीडीएस प्रमाण पत्र की एक प्रतिलिपि वार्षिक रिटर्न के साथ संलग्न किया जाना चाहिए कि उल्लेख किया जा सकता. एक व्यक्ति के कारण समय में वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो वह खंड 272A, रुपये से कम नहीं होगी जो एक राशि के तहत दंड के माध्यम से भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा. 100 लेकिन जो रुपये तक का हो सकता. विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए 200. अधिकतम दंड, तथापि, स्रोत पर घटाया था जो कर की राशि से अधिक नहीं होगा.
प्र.7. ये निर्देश संपूर्ण नहीं हैं और खंड 194C के तहत स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की मदद करने के लिए एक दृश्य के साथ ही जारी किए जाते हैं. अधिक जानकारी के लिए, आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों और आयकर नियम, 1962 में परामर्श किया जाना है. मामले में, किसी भी सहायता के आयकर विभाग के संबंधित मूल्यांकन अधिकारी या स्थानीय जनसंपर्क अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है, आवश्यक है.
परिपत्र: सं 632, 20-8-1992 दिनांकित.

