आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

631E-

अधिसूचना तिथि

02/07/2001

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

02/07/2001

अधिसूचना: का. आ. 631(अ) जारी करने की तारीख: 2/7/2001

                        

अधिसूचना: SO631 (ई)
धारा (ओं) भेजा: एस.295
क़ानून: आयकर
जारी करने की तिथि: 2001/02/07
अधिसूचना संख्या का.आ. 631 (अ), दिनांक 2 जुलाई 2001.
आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 295 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड निम्नलिखित नियम आगे अर्थात्, 1962 आयकर नियम में संशोधन करने के लिए बनाता है: -
1 (1) इन नियमों का आयकर (आठवें संशोधन) नियम, 2001 कहा जा सकता है.
(2) वे अप्रैल, 2002 के 1 दिन पर प्रवृत्त होंगे, और, तदनुसार, निर्धारण वर्ष 2002-2003 और बाद के वर्षों के लिए लागू नहीं होगी.
प्र.20. आयकर नियम, 1962 में, नियम 4 के लिए, निम्नलिखित अर्थात्, प्रतिस्थापित किया जाएगा: -
"4. Unrealised रेंट -. उप - धारा नीचे दिये गये स्पष्टीकरण के प्रयोजनों के लिए (1) धारा 23 की, मालिक का एहसास नहीं कर सकते हैं जो किराए की राशि देय लेकिन निर्धारिती की एक किरायेदार द्वारा भुगतान नहीं किया किराए की राशि के बराबर हो सकता है और करेगा इतना खो दिया है और जहां, अप्रतिलभ्य साबित हुई -
(क) किरायेदारी सदाशयी है
(ख) दोषी किरायेदार खाली किया है, या चरणों संपत्ति खाली करने के लिए उसे मजबूर करने के लिए ले लिया गया है;
(ग) दोषी किरायेदार निर्धारिती की किसी अन्य संपत्ति के कब्जे में नहीं है;
(घ) निर्धारिती अवैतनिक किराया या कानूनी कार्यवाही बेकार होगा कि संतुष्ट मूल्यांकन अधिकारी की वसूली के लिए कानूनी कार्यवाही संस्थान के लिए सभी उचित कदम उठाए हैं. ".
[अधिसूचना संख्या 198/2001/F. सं 142/38/2001-TPL]