आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

623

परिपत्र की तिथि

06/01/1992

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

06/01/1992

परिपत्र: सं 623, 06-01-1992 दिनांकित

७१. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों द्वारा प्राप्त पेंशन का रूपान्तरण

1कुल आय की गणना करते समय धारा 10 आयकर अधिनियम, 1961 की (10A) (क) के तहत पेंशन का रूपान्तरण में किसी भी भुगतान केंद्र सरकार के सिविल पेंशन (रूपान्तरण) नियम के अंतर्गत, अन्य बातों के साथ प्राप्त किया, शामिल नहीं किया जाएगा प्राप्तकर्ता की.

प्र.20. उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों द्वारा प्राप्त पेंशन की गणना करने के लिए धारा 10 (10 ए) (मैं) की प्रयोज्यता के संबंध में इस मुद्दे पर बोर्ड द्वारा विचार किया गया है.बोर्ड की सलाह दी गई है कि उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1954 और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों में संगत प्रावधानों (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1958 की धारा 19 के तहत समय के लिए सिविल पेंशन (रूपान्तरण) नियम बल में किया जा रहा है, आवश्यक संशोधनों के साथ, न्यायाधीशों को लागू नहीं होगी.  बोर्ड आगे न्यायाधीशों पेंशन के आधे से अधिक नहीं एक मुश्त राशि हिस्से के लिए रूपान्तरण के लिए उपलब्ध कराने के जो सिविल पेंशन (रूपान्तरण) नियम के नियम 3 के द्वारा नियंत्रित किया जाएगा कि सलाह दी जाती है.  रूपान्तरण उक्त नियमों के अंतर्गत है, उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों (10A) (क) अधिनियम की धारा 10 के तहत रूपान्तरित भाग की छूट के हकदार होंगे.

परिपत्र: नहीं 623, 1992/06/01 दिनांकित.