6/2008 : परिपत्र: सं 6/2008, 18-07-2008 दिनांकित
परिपत्र सं.
6/2008
परिपत्र की तिथि
18/07/2008
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
18/07/2008
सर्कुलर
आय-कर अधिनियम
आय-कर अधिनियम, 1961 की धारा 139 - आयकर रिटर्न- कर निर्धारण वर्ष 2008-09 के लिए नये रिटर्न फॉर्मस और इससे संबंधित मामले
सर्कुलर नंबर 6/ 2008, दिनांक 18-7-2008
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अधिसूचना SO नंबर 752 (ई) दिनांक 28-3-2008 के जरिए कर निर्धारण वर्ष 2008-09 के लिए रिटर्न फॉर्मो की सूचना जारी कर दी है। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से करदाताओं को रिटर्न दाखिल करने के संबंध में देखा गया है कि इनमें (केवल आईटीआर-7 को छोड़कर) संलग्नकों का अभाव है. रिटर्न भरते समय के निर्देशों के तहत कोई भी दस्तावेज (टीडीएस/ टीसीएस सर्टिफिकेट, आडिट रिपोर्ट समेत) फॉर्म के साथ संलग्न नहीं किया जाना चाहिए। रिटर्न प्राप्त करने वाले अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि करदाता की ओर से दिये जाने वाले रिटर्न फॉर्म के साथ संलग्न किए गए सभी दस्तावेज उन्हें वापस कर दें ।
2. बोर्ड के संज्ञान में आया है कि रिटर्न फॉर्मस दाखिल करने के संबंध में जारी किए गए निर्देशों के बावजूद रिटर्न फॉर्म के साथ सभी संलग्नकों के साथ उसे प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। यह प्रक्रिया सरकारी की घोषित नीतियों के विरूद्ध है और कानूनी तौर पर भी यह सही नहीं है। इसलिए, आय-कर के मुख्य आयुक्तों को इस बात का ध्यान रखना होगा और सुनिश्चित करना होगा कि कानून के प्रावधानों के मुताबिक कार्य निबटाये जाएं। इसे फिर से दोहराया जा रहा है कि करदाताओं से रिटर्न फॉर्म प्राप्त करने वाले अधिकारियों को करदाता द्वारा फॉर्म के साथ संलग्न किए गए सभी दस्तावेजों को निकालते हुए उन्हें वापस करना होगा।
3. इसके बाद ऐसे रिटर्न को धारा 143(1) के तहत प्रक्रिया में लाते समय, स्रोत पर टैक्स काटने के लिए क्रेडिट (टीडीएस) स्रोत पर टैक्स वसूलने (टीसीएस) की अनुमति कर निर्धारण वर्ष 2007-08 के संबंध में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा जारी दिनांक 18 जून, 2008 को निर्देश संख्या 6/2008 के आलोक में रिटर्न फॉर्म की प्रासंगिक अनुसूची के आधार पर विवरण तैयार करते हुए देनी होगी। टीडीएस/ टीसीएस के लिए दावा को मूल्यांकन अधिकारी द्वारा केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि टीडीएस/ टीसीएस सर्टिफिकेट को आय-कर रिटर्न के साथ संलग्न नहीं किया गया है। एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स से संबंधित चालानों के बारे में भी यही प्रक्रिया लागू होगी।
4. करदाताओं को यह सलाह दी जाती है कि वे आय की गणना, टीडीएस/ टीसीएस सर्टिफिकेट, एडवांस टैक्स और सेल्फ असेसमेंट टैक्स के भुगतान से संबंधित चालानों की रसीद और ऑडिट रिपोर्ट समेत और किसी भी अन्य दस्तावेज, जो उनके दावे से जुड़ा हुआ हो, इस तरह के सभी संलग्नकों को अपने पास तैयार रखें। मूल्यांकन अधिकारी द्वारा बुलाए जाने की अवस्था में उन्हें सभी दस्तावेजों और प्रमाणपत्रों की मूल कॉपी को प्रस्तुत करना होगा।
5. बोर्ड की जानकारी में कुछ इस तरह के मामले भी आए हैं, जिसमें पाया गया है कि ITR-V वेरिफिकेशन फॉर्म प्राप्त करते समय पावती संख्या नहीं दी जा रही है. चूंकि ITR-V वेरिफिकेशन फॉर्म एक तरह की पावती है, इसलिए इसे प्राप्त करने के एवज में रिटर्न की रसीद नंबर दी जानी चाहिए, उसी तरह जैसे रिटर्न के लिए दी जाती है. ऐसे ITR-V वेरिफिकेशन फॉर्म की प्राप्ति के लिए अलग से काउंटर खोले जा सकते हैं। इन ITR-V वेरिफिकेशन फॉर्म को सुरक्षित अवस्था में रखा जाना चाहिए।
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