आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

583

परिपत्र की तिथि

23/10/1990

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

23/10/1990

परिपत्र: सं 583, 23-10-1990 दिनांकित
वित्त (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 1990 - परिपत्र सं. 583, दिनांक 23-10-1990

परिपत्र नहीं

:

583

जारी करने की तारीख

:

1990/10/23

धारा (ओं) भेजा

:

विविध

3. संविधि

:

आयकर अधिनियम

विषय: परिपत्र कंपनियों के लिए अधिभार की वसूली में वृद्धि के संबंध में वित्त (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 1990 का मुद्दा - के बारे में.

राष्ट्रपति 15 अक्टूबर 1990 को एक अध्यादेश (1990 की संख्या 8) प्रख्यापित किया है. अध्यादेश वित्त (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, 1990 के रूप में नामित किया गया है. अध्यादेश एक ही बार में लागू हो गया है. इस अध्यादेश द्वारा, वित्त अधिनियम, 1990 (1990 की संख्या 12) और उक्त अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय और तृतीय की धारा 2 में संशोधन किया गया है.

प्र.20. अध्यादेश उप वर्गों संशोधन किया गया है (5), (6) और (7) निम्नलिखित के संबंध में वित्त अधिनियम, 1990 की धारा 2 की:

स्रोत पर कर की कटौती आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194C के तहत किया जाता है (एक), एक घरेलू कंपनी के मामले में, कर कटौती की दर पर गणना संघ के प्रयोजन के लिए एक अधिभार की वृद्धि की जाएगी बजाय 8% के पूर्व दर के ऐसे कर के 15% की.

टैक्स का संग्रह एक घरेलू कंपनी जा रहा है, एक खरीदार के मामले में आयकर अधिनियम की धारा 206C के तहत किया जाता है, (ख), तो एकत्र कर पर गणना संघ के प्रयोजन के लिए एक अधिभार की वृद्धि की जाएगी बजाय 8% के पूर्व दर के ऐसे कर के 15% की दर,.

(ग) जीवन बीमा कारोबार, (7) अनुभाग के उप - धारा को पहले परंतुक के तहत अभिकलन "एडवांस टैक्स" के मुनाफे और लाभ से संबंधित आयकर अधिनियम की धारा 115B के तहत कर से कोई आय प्रभार्य, के संबंध में वित्त अधिनियम, 1990 के 2, बजाय 8% के पूर्व दर के ऐसे "एडवांस टैक्स" की 15% की दर से गणना की यूनियन के प्रयोजन के लिए एक अधिभार की वृद्धि की जाएगी.

(घ) वित्त अधिनियम, 1990 की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय के प्रावधानों के अनुसार कटौती करने की आयकर की राशि, एक घरेलू कंपनी के मामले में, 15 की दर से गणना की एक अधिभार की वृद्धि की जाएगी बजाय 8% के पूर्व दर के ऐसे आयकर का%. यह टैक्स के माध्यम से भुगतान से वित्त अधिनियम, 1990, की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय के मामले में स्रोत पर कर काटा जा रहा है कि नोट किया जाए -

(मैं) "प्रतिभूतियों पर ब्याज" के अलावा और ब्याज.

(Ii) लॉटरी और पहेली पहेली से जीत.

(Iii) घोड़े दौड़ से जीत.

(Iv) आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार (ब्याज कर मुक्त सुरक्षा पर देय छोड़कर) किसी भी अन्य आय.

(ई) रुपये से अधिक की कुल आय होने के एक घरेलू कंपनी के संबंध में वित्त अधिनियम, 1990, की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा ई के आइटम मैं के प्रावधानों के अनुसार में गणना ब्याज कर की राशि. 75,000 बजाय 8% के पूर्व दर के ऐसे आयकर के 15% की दर से गणना की एक अधिभार की वृद्धि की जाएगी. दूसरे शब्दों में, घरेलू कंपनियों द्वारा देय एडवांस टैक्स अब 15% की दर से एक अधिभार से बढ़ जाएगा. अधिभार की उच्च दर भी वित्त अधिनियम, 1990 की प्रथम अनुसूची के भाग III में उल्लेख आयकर अधिनियम के अन्य प्रावधानों के तहत (घरेलू कंपनियों के मामले में) आयकर चार्ज / की गणना के लिए लागू होगी.

(3) अध्यादेश आगे के अनुबंध आयकर अधिनियम में किसी बात के होते हुए भी, वित्त अधिनियम, 1990 की प्रथम अनुसूची के भाग III के तहत देय बढ़ाया अधिभार, अध्यादेश द्वारा यथा संशोधित, भुगतान एडवांस टैक्स की किस्त या के संबंध में देय कि सितंबर, 1990 के 15 वें दिन पर, नवंबर, 1990 के 15 वें दिन से पहले देय होगा.

(4) अध्यादेश के प्रावधानों का पालन करने में विफलता, जैसा कि ऊपर बताया, एक करदाता चूककर्ता कर देगा और आयकर अधिनियम के पारिणामिक उपबंध अपने आप लागू हो जाएगा.

प्र.5. सभी मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अन्य संगठनों के उनके अधीन काम किया जा सकता है या जो उनके साथ जुड़े और उपरोक्त भुगतान से स्रोत पर आयकर की कटौती, या कम से आयकर इकट्ठा करने के लिए के लिए जिम्मेदार हैं, जो किया जा सकता है जो ऐसे व्यक्तियों को सूचित करें आयकर अधिनियम की धारा 206C के तहत या आयकर अधिनियम, आदि के तहत अग्रिम कर के भुगतान के लिए स्रोत

प्र.6. हिंदी संस्करण का पालन करेंगे.

हस्ता/ -
वीके भाटिया,
निदेशक (बजट)