579 : परिपत्र: सं 579, 14-09-1990 दिनांकित
परिपत्र सं.
579
परिपत्र की तिथि
14/09/1990
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
14/09/1990
वित्तीय वर्ष 1990-91
1713. वित्तीय वर्ष 1990-91 के दौरान लागू कर की दरें - प्रतिभूतियों पर ब्याज से स्रोत पर कर की कटौती के लिए निर्देश
1संदर्भ एक अनुरोध से स्रोत पर आयकर की कटौती करने के लिए, आदि सब ट्रेजरी अधिकारी, के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए बनाया गया था, जिसमें उपरोक्त विषय पर 31-8-1989 दिनांकित, इस विभाग के परिपत्र सं 543 के लिए आमंत्रित किया है वित्तीय वर्ष 1989-90 के लिए सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज का भुगतान.
प्र.20. वे सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज के भुगतान से स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए संबंधित insofar के रूप में वित्तीय वर्ष 1990-91 के लिए कर और अधिभार की बुनियादी दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
यह हालांकि, उल्लेख किया जा सकता है कि: -
(क) कर दाता के खाते में या जो भी पहले हो उसके भुगतान की समय पर ऋण का समय पर स्रोत यू / एस 193 में या तो कटौती की जाएगी.कहा जाता है जो कुछ भी नाम से किसी भी सस्पेंस खाते या किसी अन्य खाते में इस उद्देश्य के ऋण के लिए, आदाता के खाते में ऐसी आय का एक क्रेडिट नहीं समझा जाएगा;
(ख) कर ब्याज एक खाता पेयी चेक और इस तरह की राशि से कंपनी द्वारा भुगतान किया जाता है, तो जनता में काफी रुचि रखते हैं, जिसमें एक कंपनी द्वारा जारी डिबेंचरों पर एक निवासी व्यक्ति को देय किसी भी ब्याज से स्रोत पर कटौती नहीं की जाएगी जैसा भी मामला हो ब्याज, या,, इस तरह के ब्याज की कुल राशि भुगतान किया है या इस तरह के एक व्यक्ति रुपये से अधिक नहीं है के लिए कंपनी ने वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान किए जाने की संभावना है.२५०० रु. है.
(3)इस संबंध में ध्यान वर्गों 200, 203, 203A और आयकर अधिनियम, के रूप में नीचे है, जो की राशि और मादक द्रव्यों के 206 के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है: -
(क) आयकर अधिनियम की धारा 203 के प्रावधानों के अनुसार, स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति कर की कटौती की गई है और उसमें अन्य बातों के साथ निर्दिष्ट करने के लिए कि इस आशय का एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है, राशि काट ली और निर्धारित किया जा सकता है कि अन्य विवरण.प्रमाण पत्र जिसका खाता ऋण दिया जाता है या जैसा भी मामला हो किसके लिए, भुगतान किया जाता है या चेक या वारंट जारी किया जाता है करने के लिए व्यक्ति को एक माह की निर्धारित अवधि के भीतर सुसज्जित किया जाना है. अधिसूचना संख्या तो द्वारा 20-10-1988 दिनांकित 937 (ई), आयकर नियम की 31 शासन, 1962 फार्म नंबर 16 में जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्र के लिए एक एकीकृत फार्म के लिए प्रदान करता है जो एक नए नियम से प्रतिस्थापित किया गया था. स्रोत पर कर कटौती के लिए प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में विस्तृत निर्देश बोर्ड के परिपत्र सं 529 [F.No. में जारी किए गए हैं 275/3/89-IT (बी)] 13-2-1989 दिनांकित. एक व्यक्ति अनुभाग 203B द्वारा आवश्यकता के रूप में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो उसे आयकर प्राधिकरण द्वारा पारित एक आदेश पर, आयकर अधिनियम की धारा 272A के तहत,, दंड के वैसे, नहीं होगी जो एक राशि का भुगतान करेगा रुपये की तुलना में कम है. 100 है, लेकिन जो रुपये तक का हो सकता. विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए 200.
(ख) आयकर अधिनियम की धारा 203A के प्रावधानों के अनुसार, यह, टीडीएस सर्टिफिकेट, समय - समय पर रिटर्न आदि चालान में कर कटौती खाता संख्या (टैन) बोली के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार सभी व्यक्तियों पर अनिवार्य है इस संबंध में विस्तृत निर्देश इस विभाग के परिपत्र सं 497 [एफ में उपलब्ध हैं सं 275/118/87-IT (बी)] 1987/09/10 दिनांकित.एक व्यक्ति अनुभाग 203A के प्रावधानों का अनुपालन करने में विफल रहता है, तो वह खंड 272BB के तहत मूल्यांकन अधिकारी द्वारा पारित एक आदेश पर, दंड के वैसे, रुपये तक का हो सकता है जो एक राशि का भुगतान करेगा. 5,00
(ग) आयकर अधिनियम की धारा 206 के प्रावधानों के अनुसार, नियम 36A और आयकर नियमों के 37, सरकार, हर मामले में प्रिंसिपल अधिकारी के हर कार्यालय के मामले में निर्धारित व्यक्ति के साथ पठित कंपनी हर स्थानीय प्राधिकारी या अन्य सार्वजनिक निकाय या संघ के मामले में निर्धारित व्यक्ति, हर निजी नियोक्ता और आयकर अधिनियम के अध्याय XVII के प्रावधानों के तहत कर कटौती के लिए जिम्मेदार हर दूसरे व्यक्ति, निर्धारित समय के भीतर, तैयार करेगा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में, और वितरित या निर्धारित करने, वित्तीय वर्ष के बाद [1990/08/06 दिनांकित 30 जून अधिसूचना सं 466 (ई) के रूप में संशोधन के बाद] 31 मई से वितरित होने की आय को कारण बताओ बाद टैक्स प्राधिकरण, आयकर नियमों के नियम 37 के तहत निर्धारित फार्म नं 25 में 'प्रतिभूतियों' पर ब्याज से अनुभाग 193 के तहत कर की कटौती की वार्षिक वापसी.यह निर्धारिती को जारी किए गए टीडीएस सर्टिफिकेट के तीसरे प्रतिलिपि वार्षिक रिटर्न के साथ संलग्न किया जाना चाहिए कि उल्लेख किया जा सकता.
एक व्यक्ति के कारण समय में वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो उसे आयकर प्राधिकरण द्वारा पारित एक आदेश पर, धारा 272A के तहत,, दंड के वैसे, रुपये से कम नहीं होगी जो एक राशि का भुगतान करेगा. 100 है, लेकिन जो रुपये तक का हो सकता. विफलता जारी है जिसके लिए प्रति दिन 200.
(घ) आयकर अधिनियम की धारा 200 के प्रावधानों के अनुसार, धारा 193 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी राशि की कटौती के किसी भी व्यक्ति निर्धारित समय के भीतर, भुगतान करेगा, योग तो केन्द्र सरकार के खाते में क्रेडिट करने के लिए कटौती की .वह कटौती के बाद, सरकार के ऋण के लिए कर का भुगतान करने में विफल रहता है, स्रोत पर कर कटौती, या करने में विफल रहता है, तो वह वर्गों 201 और 221 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए उत्तरदायी होगा. इसके अलावा, धारा 271C के तहत जुर्माना भी कटौती की नहीं कर की राशि के बराबर होगा जो स्रोत पर कर काटने की विफलता के लिए लगाया जाएगा. इस संबंध में ध्यान भी एक व्यक्ति कर उसके द्वारा स्रोत पर कटौती की केन्द्रीय सरकार के ऋण के लिए भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह साथ दंडनीय होगा जिसके अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 276B के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है कम से कम 3 महीने नहीं होगी, बल्कि जो 7 साल के लिए और ठीक से विस्तार कर सकते हैं जो एक अवधि के लिए सश्रम कारावास.
(4)आयकर वित्तीय वर्ष 1990-91 के दौरान इस तरह के भुगतान से कटौती की जानी चाहिए, जिस पर दरों बाहर स्थापित मसौदा परिपत्र की एक प्रति संलग्न है. इस मसौदे के आधार पर, एक परिपत्र सुनिश्चित करने के लिए एक दृश्य के साथ, आदि लेखाकार जनरल, भारतीय रिजर्व बैंक के नियंत्रण में चला, आदि सब ट्रेजरी अधिकारी, उप खजाना अधिकारी, बैंकों, के लिए जारी किया जा सकता है आयकर अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से कर कटौती करने से पालन कर रहे हैं कि.
परिपत्र: सं 579, 14-9-1990 दिनांकित.
सभी खजाना अधिकारियों, आदि के लिए मसौदा परिपत्र.
1मैं वित्तीय वर्ष 1989-90 के दौरान सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज से आयकर की कटौती के बारे में इस कार्यालय पत्र के लिए आपका ध्यान आमंत्रित करने के लिए कर रहा हूँ.
प्र.20. आयकर अधिनियम की धारा 193, 1961 के प्रावधानों के अनुसार, प्रतिभूतियों पर ब्याज के रूप में किसी भी आय भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति करेगा, आदाता के खाते में इस तरह के आय के ऋण का समय पर या के समय नकद या चेक या ड्राफ्ट की समस्या से या इससे पहले, देय ब्याज की राशि पर बल में दरों पर आयकर घटा है, जो भी किसी अन्य विधि द्वारा भुगतान क्या है. इस प्रयोजन के लिए कहा जाता है, भी नाम से किसी भी सस्पेंस खाते या किसी अन्य खाते में क्रेडिट आदाता के खाते में ऐसी आय की क्रेडिट होना समझा जाएगा.
(3)आयकर निम्न दरों पर प्रतिभूतियों पर ब्याज की पूरी राशि से वित्तीय वर्ष 1990-91 के दौरान काटी जाती है: -
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{
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एक कंपनी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के मामले में:
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आयकर की दरें
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व्यक्ति के हित के रास्ते से भारत पर आय में (ब्याज कर मुक्त सुरक्षा पर देय छोड़कर) किसी भी सुरक्षा पर देय निवासी कहां है (मैं)
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10 फीसदी
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(Ii) व्यक्ति में निवासी नहीं कहां है भारत
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1 एक अनिवासी भारतीय के मामले में
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ए)निवेश आय और लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ पर
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20 फीसदी
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खएक कर मुक्त सुरक्षा पर देय ब्याज के रूप में आय में
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15 फीसदी
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(C)अन्य की सारी पर
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आय की राशि में से 30 फीसदी की दर से आयकर
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या
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उप पैरा वित्त अधिनियम, 1990 (अनुबंध I में कॉपी) की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक का मैं, अगर ऐसी आय कुल आय में किया गया था, जो भी में निर्धारित दरों पर आय के संबंध में आयकर अधिक है.
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प्र.20. किसी भी अन्य व्यक्ति के मामले में -
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ए)एक कर मुक्त सुरक्षा पर ब्याज के रूप में आय में
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15 फीसदी
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खअन्य आय की सारी पर (एक कर मुक्त सुरक्षा पर देय ब्याज को छोड़कर)
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[1 खिलाफ के रूप में (ग)]
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II
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एक कंपनी के मामले में; -
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(I) कंपनी जहां एक घरेलू कंपनी है - प्रतिभूतियों पर ब्याज के रूप में आय पर (ब्याज कर मुक्त सुरक्षा पर देय छोड़कर)
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21.5 फीसदी
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(Ii) कंपनी एक घरेलू कंपनी नहीं है कहां
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ए)एक कर मुक्त सुरक्षा पर देय ब्याज पर
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44 फीसदी
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खअन्य प्रतिभूतियों पर ब्याज पर
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65 प्रतिशत.
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आयकर पर सरचार्ज
ऊपर दी गई दरों के अनुसार कर कटौती की राशि में वृद्धि की जाएगी:
निवासी व्यक्ति के मामले में इस तरह के आयकर का 8 फीसदी @ संघ के प्रयोजनों के लिए एक अधिभार से (i); और
(Ii) एक घरेलू कंपनी के मामले में इस तरह के आयकर का 8 फीसदी @ एक अधिभार से.
(4)शब्द "घरेलू कंपनी" (आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कर के लिए उत्तरदायी अपनी आय के संबंध में, लाभांश की, भारत के भीतर घोषणा और भुगतान के लिए निर्धारित की व्यवस्था की है, जो एक भारतीय कंपनी या किसी अन्य कंपनी का मतलब ऐसी आय से बाहर देय वरीयता शेयरों पर लाभांश) भी शामिल है.
प्र.5. भुगतान करने या 1 अप्रैल 1990 से सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज जमा करने में, आप एक छूट या उकसाने प्रमाण पत्र / के तहत अधिकारी का आकलन एक आयकर अधिकारी द्वारा दी गई जहां मामलों को छोड़कर, ऊपर निर्दिष्ट दरों पर आयकर घटा अनुरोध कर रहे हैं उप - धारा (1) आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 197 की, उत्पादन किया है. इस संबंध में निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए: -
एक विशेष दर पर कर की कटौती के अधिकृत 1 अप्रैल 1990 से पहले जारी (मैं) में छूट या उकसाने प्रमाण पत्र, ब्याज की राशि का एक प्रतिशत के रूप में व्यक्त किए जाते हैं और उन पर कार्य किया जाना चाहिए, अगर 31 मार्च को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए ऑपरेटिव, 1991;
(Ii) एक प्रमाणपत्र आयकर अधिकारी द्वारा जारी किया जाता है, जहां / 1 अप्रैल 1990 को या उसके बाद अधिकारी का आकलन, किसी भी व्यक्ति के संबंध में एक निर्धारित दर पर कर की कटौती के अधिकृत आयकर उसमें निर्दिष्ट दरों पर कटौती की जानी चाहिए ;
(Iii) कोई कर, आयकर अधिकारी / अधिकारी का आकलन या अन्यथा द्वारा जारी प्रमाण पत्र से, आप पेयी 13A को वर्गों 10 के तहत आयकर के भुगतान से छूट एक व्यक्ति है कि संतुष्ट हैं जिसमें मामलों में कटौती की जानी चाहिए आयकर अधिनियम, 1961 की;
(Iv) कोई कर नहीं विशेष रूप से खंड 193 या के परन्तुक के तहत स्रोत पर कर कटौती की आवश्यकता से छूट दी गई है जो आदि 7 साल के राष्ट्रीय बचत पत्र (चतुर्थ अंक), राष्ट्रीय विकास बांड,, पर देय ब्याज से कटौती की जानी चाहिए खंड 193 के परन्तुक के तहत सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया गया है के रूप में इस तरह के डिबेंचरों / प्रतिभूतियों / बांडों पर देय ब्याज की;
(V) कोई कर सुरक्षा एक निवासी व्यक्ति द्वारा आयोजित की, और धारक निर्धारित प्रपत्र में दो प्रतियों में लिखित रूप में एक घोषणा करता है और में सत्यापित है जहां केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी अन्य सुरक्षा पर देय किसी भी ब्याज से कटौती की जानी चाहिए आयकर अधिनियम की धारा 197A (1) के रूप में प्रदान निर्धारित तरीके से. आयकर अधिनियम की धारा 197A के प्रावधानों के तहत निर्धारित घोषणा पत्र की एक प्रति अनुबंध II में है. ऐसी घोषणा की एक प्रति के नियम 29C के रूप में प्रदान, घोषणा का संबंध आयकर के मुख्य आयुक्त / आयुक्त को आप के लिए प्रस्तुत है, जिसमें महीने के बाद अगले महीने के सातवें दिन को या उससे पहले आपके द्वारा भेजा जाना चाहिए आयकर नियम, 1962;
(Vi) कोई कर तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के तहत अपनी आय पर आयकर से छूट है, जो एक केन्द्रीय अधिनियम द्वारा या उसके अधीन स्थापित किसी निगम के स्वामित्व वाले किसी भी सुरक्षा के संबंध में देय किसी भी राशि से काट दिया जाना चाहिए.जीवन बीमा निगम और भारतीय यूनिट ट्रस्ट के लिए किए गए भुगतान उनके संबंधित अधिनियम द्वारा टीडीएस की आवश्यकता से मुक्त कर रहे हैं;
(सात) आयकर अधिनियम की धारा 288B के तहत, कर की राशि में निहित एक रुपए के भागों पचास पैसे से कम मात्रा की अनदेखी और एक करने के लिए पचास पैसे या अधिक की मात्रा में वृद्धि से नजदीकी रुपया को गोल करना होगा रुपया.इसलिए, स्रोत पर कर काटा जा कर की राशि अधिनियम के उपरोक्त प्रावधानों के अनुसार नजदीकी रुपया को बंद गोल किया जाना चाहिए.
प्र.6. ध्यान वर्गों 200, 203, 203A और आयकर अधिनियम के 206 के प्रावधानों को इस संबंध में आमंत्रित किया है. नीचे के रूप में कर रहे हैं जो की राशि और पदार्थ: -
(क) आयकर अधिनियम की धारा 203 के प्रावधानों के अनुसार, स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति कर की कटौती की गई है और उसमें अन्य बातों के साथ निर्दिष्ट करने के लिए कि इस आशय का एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है, राशि काट ली और निर्धारित किया जा सकता है कि अन्य विवरण.प्रमाण पत्र जिसका खाता ऋण दिया जाता है या जैसा भी मामला हो किसके लिए, भुगतान किया जाता है या चेक या वारंट जारी किया जाता है करने के लिए व्यक्ति को एक माह की निर्धारित अवधि के भीतर सुसज्जित किया जाना है. अधिसूचना संख्या आयकर नियम के इतने 937 (ई), 20-10-1988 दिनांकित, पुराने नियम 31, 1962 फार्म नंबर 16 में जारी किए जाने वाले प्रमाण पत्र की एक संयुक्त फार्म के लिए प्रदान करता है जो एक नए नियम से प्रतिस्थापित किया गया था . स्रोत पर कर कटौती के लिए प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में विस्तृत निर्देश बोर्ड के परिपत्र सं 529 [F.No. में जारी किए गए हैं 275/389-IT (बी)] 13-2-1989 दिनांकित.
एक व्यक्ति अनुभाग 203 से आवश्यकता के रूप में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो उसे आयकर अधिनियम की धारा 272A के तहत आयकर प्राधिकरण द्वारा पारित एक आदेश पर, दंड के रास्ते से कम नहीं होगी जो एक राशि का भुगतान करेगा रुपये की तुलना में. 100 लेकिन जो रुपये तक का हो सकता. विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए 200.
(ख) आयकर अधिनियम की धारा 203A के प्रावधानों के अनुसार, यह आदि चालान, टीडीएस सर्टिफिकेट, समय - समय पर रिटर्न में कर कटौती खाता संख्या (टैन) बोली के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के लिए अनिवार्य है इस संबंध में विस्तृत निर्देश इस विभाग के परिपत्र सं 497 [F.No. में उपलब्ध हैं 1987/09/10 दिनांकित 275/118/87-IT (ख)],.एक व्यक्ति अनुभाग 203A के प्रावधानों का अनुपालन करने में विफल रहता है, वह, खंड 272BB के तहत मूल्यांकन अधिकारी द्वारा पारित एक आदेश पर, दंड के वैसे, रुपये तक का हो सकता है जो एक राशि का भुगतान करेगा. 5,00
(ग) आयकर अधिनियम की धारा 206 के प्रावधानों के अनुसार, नियम 36A और आयकर नियमों के 37, सरकार, हर मामले में प्रिंसिपल अधिकारी के हर कार्यालय के मामले में निर्धारित व्यक्ति के साथ पठित कंपनी हर स्थानीय प्राधिकारी या अन्य सार्वजनिक निकाय या संघ के मामले में निर्धारित व्यक्ति, हर निजी नियोक्ता और आयकर अधिनियम के अध्याय XVII के प्रावधानों के तहत कर कटौती के लिए जिम्मेदार हर दूसरे व्यक्ति के बाद निर्धारित समय के भीतर, तैयार करेगा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में, और नामित आय के लिए वित्तीय वर्ष निम्न देने या (30 जून, अधिसूचना सं अतः 466 (ई) के रूप में संशोधन के बाद 1990/08/06 दिनांकित,) 31 मई से भेजने का कारण कर अधिकारी आयकर अधिनियम के नियम 37 के तहत निर्धारित फार्म नं 25 में "प्रतिभूतियों पर ब्याज" से अनुभाग 193 के तहत कर की कटौती की वार्षिक वापसी.यह निर्धारिती को जारी किए गए टीडीएस प्रमाण पत्र के तीसरे प्रतिलिपि वार्षिक रिटर्न के साथ संलग्न किया जाना चाहिए कि उल्लेख किया जा सकता.
एक व्यक्ति के कारण समय पर प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो वार्षिक विवरणी, वह करेगा, दंड का तरीका, कम से कम एक सौ रुपए नहीं होगा जो एक राशि है, लेकिन जो द्वारा, धारा 272A वेतन के तहत आयकर प्राधिकरण द्वारा पारित एक आदेश पर विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए दो सौ रुपए तक का हो सकता है.
(घ) आयकर अधिनियम की धारा 200 के प्रावधानों के अनुसार, धारा 193 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी राशि की कटौती के किसी भी व्यक्ति को, निर्धारित समय के भीतर है, इसलिए केन्द्र सरकार के ऋण के लिए कटौती की राशि का भुगतान करेगा.वह स्रोत पर या घटाने के सरकार के ऋण के लिए कर का भुगतान करने में विफल रहता है के बाद कर कटौती करने में विफल रहता है, तो वह वर्गों 201 और 221 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए उत्तरदायी होगा. इसके अलावा, धारा 271C के तहत जुर्माना भी कटौती की नहीं कर की राशि के बराबर होगा जो स्रोत पर कर काटने की विफलता के लिए लगाया जाएगा. इस संबंध में ध्यान भी एक व्यक्ति कर उसके द्वारा स्रोत पर कटौती की केन्द्रीय सरकार के ऋण के लिए भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह साथ दंडनीय होगा जिसके अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 276B के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है कम से कम 3 महीने नहीं होगी, बल्कि जो 7 साल के लिए और ठीक से विस्तार कर सकते हैं जो एक अवधि के लिए सश्रम कारावास.
प्र.7. किसी भी शक के मामले में आयकर विभाग के मूल्यांकन अधिकारी या स्थानीय जनसंपर्क अधिकारी सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज से कटौती करने से पहले परामर्श किया जाना चाहिए.
संलग्नक I
वित्त अधिनियम, 1990, प्रथम अनुसूची के भाग III से निकालने
पैरा एक, उप पैरा मैं
हर व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार या अपंजीकृत फर्म या व्यक्ति या व्यक्तियों के शरीर के अन्य सहयोग के मामले में शामिल है या नहीं, या कि क्या हर कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति उपखंड (सात) की धारा 2 के खंड (31) का में करने के लिए भेजा आयकर अधिनियम के एक मामले नहीं किया जा रहा है इस अनुच्छेद के उप पैरा द्वितीय या इस भाग के किसी अन्य पैरा लागू होता है, जो करने के लिए
आयकर की दरें
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(1) डेरिवेटिव
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कुल आय न हो
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कोई नहीं;
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रुपये से अधिक है. 22]000
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(2)
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कुल आय से अधिक है कहां
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राशि का 20 फीसदी हिस्सा है जिसके द्वारा
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रुपये. 22,000 लेकिन अधिक नहीं है
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कुल आय रुपए से अधिक है. 22,000;
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र 30]000
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(3)
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कुल आय से अधिक है कहां
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रुपये. 1,600 से अधिक 30 प्रति राशि के प्रतिशत के द्वारा
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रुपये. 30,000 लेकिन अधिक नहीं है
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जो कुल आय रुपए से अधिक है. 30,000;
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र 50]000
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(4) संचार सेवाएं
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कुल आय से अधिक है कहां
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रुपये. 7,600 से अधिक 40 प्रति राशि के प्रतिशत के द्वारा
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रुपये. 50,000 लेकिन अधिक नहीं है
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जो कुल आय रुपए से अधिक है. 50,000;
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र 1]00]000
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(5)
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कुल आय से अधिक है कहां
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रुपये. 27,600 से अधिक राशि का 50 फीसदी तक
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र 1]00]000
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जो कुल आय रुपए से अधिक है. 1,00,000.
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आयकर पर सरचार्ज
इस उप अनुच्छेद के पूर्ववर्ती प्रावधानों के अनुसार अभिकलन आयकर की राशि करेगा-
व्यक्तियों के व्यक्तियों या शरीर के हर व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार या संघ के मामले में (मैं) वर्गों 88 और 88A, आयकर की छूट की राशि से कम हो पचहत्तर हज़ार रुपए से अधिक एक कुल आय होने में करने के लिए भेजा अध्याय आठवीं ए के तहत की गणना, और आयकर के रूप में इतनी कम है,
(Ii) मद में वर्णित उन से अन्य हर व्यक्ति के मामले में (मैं) पचहत्तर हज़ार रुपए से अधिक एक कुल आय होने,
इस तरह आयकर की आठ फीसदी की दर से गणना की संघ के प्रयोजनों के लिए एक अधिभार की वृद्धि हो:
ऐसी कोई अधिभार एक अनिवासी द्वारा देय होगा बशर्ते कि.
अनुबंध-II
कोई रूप. 15F
[नियम 29C (1)]
अनुभाग 197A के तहत घोषणा (1) आयकर अधिनियम, 1961 की कर की कटौती के बिना "प्रतिभूतियों पर ब्याज" प्राप्त होने का दावा एक व्यक्ति द्वारा किए जाने के लिए
मैं ................................................ ... † का ................................ निवासी का पुत्र / पुत्री / पत्नी ...... .......................... एतद्द्वारा घोषित-do
1. जो की प्रतिभूतियों, विवरण नीचे दिया जाता है, मेरे नाम में खड़ा है और लाभदायक मेरे द्वारा स्वामित्व में हैं, और ब्याज उधर वर्गों 60 आयकर अधिनियम के लिए 64 के तहत किसी भी अन्य व्यक्ति की कुल आय में includible नहीं है 1961:
| का विवरण
प्रतिभूतियां
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{0/} {1} लड़किओं की संख्या{/1}
प्रतिभूतियां
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की तिथियां
प्रतिभूतियां
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उपलब्ध संचिति की राशि अगर वसूली के लिए संदेहजनक माना गया (रु.)
प्रतिभूतियां
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दिनांक (ओं) जिस पर
सिक्योरिटीज का अधिग्रहण किया गया घोषक द्वारा |
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2. मेरे वर्तमान व्यवसाय है कि ...........................
3. प्रतिभूतियों पर ब्याज सहित मेरे अनुमान के अनुसार कुल आय पैराग्राफ में निर्दिष्ट है कि ऊपर मैं, को समाप्त होने वाले पिछले वर्ष के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार में गणना ........... .... निर्धारण वर्ष 19 के लिए प्रासंगिक ... 19 .... आयकर के लिए न्यूनतम उत्तरदायी से भी कम हो जाएगा;
4. * "मैं अतीत में किसी भी समय पर आयकर का मूल्यांकन नहीं किया गया है लेकिन मैं आयकर के मुख्य आयुक्त या आयुक्त के क्षेत्राधिकार में आते हैं .............. ................
या
मैं निर्धारण अधिकारी द्वारा 19 ........... ...... निर्धारण वर्ष 19 के लिए आयकर का मूल्यांकन किया गया था कि ............ सर्किल / वार्ड / जिला और मेरे लिए आवंटित स्थायी खाता संख्या है ........... "
5. मैं आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 6 के अर्थ के भीतर भारत का निवासी हूँ कि.
.................................................. ....
घोषणाकर्ता के हस्ताक्षर
सत्यापन
मैं ................................................ ..... एतद्द्वारा अपने ज्ञान और विश्वास का सबसे अच्छा करने के लिए, क्या ऊपर कहा गया है पूरा, सही है और सही मायने में कहा गया है, कि घोषणा करते हैं.
आज सत्यापित की ...................................... दिन ...... .................. 19 .......
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...............................
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जगह .........................
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घोषक का हस्ताक्षर
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नोट:
1† पूरा डाक पता दीजिए.
प्र.20. घोषणा दो प्रतियों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए.
(3)* लागू नहीं है, जो भी हटाएं.
(4)सत्यापन हस्ताक्षर करने से पहले, घोषक घोषणा में दी गई सूचना सभी मामलों में सच है, सही और पूरा हो गया है कि खुद को संतुष्ट करना चाहिए. घोषणा में एक गलत बयान करने वाले व्यक्ति पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 277 के तहत मुकदमा चलाने के लिए उत्तरदायी होगा, और, सजा पर दंडनीय-होंगे
टैक्स चोरी किए जाने की मांग की है, जहां एक मामले में (मैं) छह महीने से कम नहीं होगी, बल्कि जो सात साल के लिए और ठीक से विस्तार कर सकते हैं जो कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपए से अधिक है;
(Ii) किसी अन्य मामले में, कम से कम तीन महीने नहीं होगी, बल्कि जो तीन साल के लिए और ठीक से विस्तार कर सकते हैं जो कठोर कारावास के साथ.
(जिस व्यक्ति द्वारा उपयोग के लिए घोषणा सुसज्जित है)
1नाम और घोषणा के अनुच्छेद 1 में वर्णित प्रतिभूतियों पर ब्याज भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का पता नहीं.
प्र.20. घोषणा घोषक से सुसज्जित किया गया था तिथि है जिस पर.
(3)ब्याज भुगतान किया जाता है जिस अवधि के लिए.
(4)ब्याज की राशि.
प्र.5. ब्याज का भुगतान किया है, जिस पर तिथि.
मुख्य आयुक्त या आयकर आयुक्त ....................
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व्यक्ति के हस्ताक्षर
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जगह ........
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भुगतान के लिए जिम्मेदार
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तिथि .........
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प्रतिभूतियों पर ब्याज.
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