570 : परिपत्र: सं 570, 27-07-1990 दिनांकित
परिपत्र सं.
570
परिपत्र की तिथि
27/07/1990
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
27/07/1990
वित्तीय वर्ष 1990-91
1770. बीमा आयोग से स्रोत पर कर की कटौती के लिए निर्देश - वित्तीय वर्ष 1990-91 के दौरान लागू कर की दर
1संदर्भ 24-7-1989 दिनांकित, इस विभाग के परिपत्र सं 540 के लिए आमंत्रित किया है जिसमें आयकर की कटौती खंड के अंतर्गत बीमा आयोग के माध्यम से आय के भुगतान से वित्तीय वर्ष 1989-90 के दौरान किया जाना था, जिस पर दरें आयकर अधिनियम की 194D, 1961 आप को सूचित किया गया. वित्तीय वर्ष 1990-91 के लिए कर की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. सुविधा के लिए, वित्तीय वर्ष 1990-91 के दौरान आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194D तहत स्रोत पर कर की कटौती के लिए दरों को नीचे संकेत कर रहे हैं:
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आयकर
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(मैं) (एक कंपनी के अलावा अन्य) एक व्यक्ति के मामले में भारत में एक निवासी है जो
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ग. 10%
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(Ii) एक घरेलू कंपनी के मामले में
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21.5%
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प्र.20. आयकर अधिनियम की धारा 194D के प्रावधानों, 1961 एक निवासी को भुगतान बीमा आयोग के माध्यम से आय के संबंध में ही लागू होते हैं. हालांकि, आयकर अधिनियम की धारा 195 के प्रावधानों के तहत आयकर में एक गैर कॉर्पोरेट अनिवासी करने के लिए या एक विदेशी कंपनी के लिए बनाया (बीमा आयोग के माध्यम से भुगतान सहित) भुगतान से कटौती की जाने की आवश्यकता है. भारत में एक निवासी, आइटम 1 (ख) (i) (ई) में निर्दिष्ट के रूप में स्रोत पर कर कटौती की दर [नहीं है और 1 एक कंपनी है जो, के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के मामले में (ख) (ii) वित्त अधिनियम, 1990] की प्रथम अनुसूची के भाग II (D) बीमा आयोग के रास्ते या उक्त अनुसूची के भाग III (अर्क के पैरा एक के उप पैरा 1 में निर्धारित दर से आय का 30 प्रतिशत है ऐसी आय जो भी अधिक हो ऐसे व्यक्ति की कुल आय में किया गया था, तो) अनुबंध I में दी गई.एक घरेलू कंपनी नहीं है जो एक कंपनी के मामले में, बीमा कमीशन पर टैक्स 65 फीसदी की दर से काटी जाती है.
(3)यह ऊपर दी गई दरों के अनुसार कर कटौती की राशि एक निवासी भारतीय के मामले में इस तरह के आयकर का 8 फीसदी @ और 8 के एक अधिभार से संघ के प्रयोजनों के लिए एक अधिभार की वृद्धि की जाएगी कि नोट किया जाए एक घरेलू कंपनी के मामले में इस तरह के आयकर का प्रतिशत.
(4)इसके अलावा, धारा 194D, पारिश्रमिक या इनाम के माध्यम से एक निवासी को किसी भी आय का भुगतान किसी भी व्यक्ति, आयोग के माध्यम से किया जाए या अन्यथा निरंतरता, नवीकरण या के पुनरुद्धार से संबंधित व्यापार सहित बीमा कारोबार (याचना या खरीद के लिए के प्रावधानों के अनुसार बीमा पॉलिसियों), वास्तविक भुगतान के समय या ऐसी आय के ऋण का समय पर, जो भी पहले हो, बल में दरों पर आयकर घटा जाएगा. हालांकि, ऐसी कोई कटौती वित्त वर्ष के दौरान इस तरह के आय या ऐसी आय की कुल राशि की राशि रुपये से अधिक नहीं है जहां एक मामले में इस धारा के तहत किया जाएगा. 5,00
प्र.5. यह रुपये का है कि छूट का उल्लेख किया जा सकता है. ऊपर पैरा 4 में वर्णित 5,000 गैर निवासियों के लिए किए गए इस तरह के भुगतान के लिए लागू नहीं होगा. एक अनिवासी को ऐसी आय का भुगतान करने के लिए "सस्पेंस अकाउंट" बुलाया जाए या किसी अन्य नाम से, उत्तरदायी व्यक्ति के खाते की किताबों में ऐसे किसी भी राशि, किसी भी खाते में जमा किया जाता है, जहां गैर निवासियों को भुगतान के मामले में, पेयी और कर उधर से कटौती की जाएगी के खाते में ऐसी आय की क्रेडिट होना समझा जाएगा. एक अनिवासी करने के लिए किसी भी तरह के आय भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति ऐसी आय की पूरी प्राप्तकर्ता के मामले में कर के लिए आय प्रभार्य नहीं होगा कोई समझता है कि जहां एक मामले में, वह यह निर्धारित करने के लिए संबंधित मूल्यांकन अधिकारी को आवेदन कर सकता है टैक्स के लिए, और इस तरह के दृढ़ संकल्प, कर पर आय प्रभार्य तदनुसार कटौती की जाएगी. आयकर धारा 195 के तहत कटौती की जानी है जिस पर किसी भी तरह के योग प्राप्त करने का हकदार है जो एक अनिवासी भी ऐसी राशि प्राप्त करने के लिए उसे अधिकृत प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए संबंधित मूल्यांकन अधिकारी को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन कर सकता है कर, और जहां की कटौती के बिना किसी भी तरह के प्रमाण पत्र इतने लंबे समय के प्रमाणपत्र बल में है के रूप में कर की कटौती के बिना गैर निवासी को भुगतान करना होगा जैसे कि राशि भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है.
6. (ए) आयकर अधिनियम की धारा 203 के प्रावधानों के अनुसार, स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार हर व्यक्ति 1962 आयकर नियमों के नियम 31 के तहत निर्धारित फार्म नंबर 16 में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की आवश्यकता है इस आशय का कि टैक्स की कटौती की गई है और उसमें अन्य बातों के साथ कटौती की राशि और निर्धारित किया गया है कि अन्य विवरण निर्दिष्ट करने के लिए.प्रमाण पत्र जिसका खाता ऋण दिया जाता है या जैसा भी मामला हो किसके लिए, भुगतान किया जाता है या चेक या वारंट जारी किया जाता है करने के लिए व्यक्ति को एक माह की निर्धारित अवधि के भीतर सुसज्जित किया जाना है. स्रोत पर कर कटौती के लिए प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में विस्तृत निर्देश बोर्ड के परिपत्र सं 529 [F.No. में जारी किए गए हैं 275/3/89-IT (बी)] 13-2-1989 दिनांकित.
एक व्यक्ति अनुभाग 203 से आवश्यकता के रूप में एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो उसे आयकर अधिनियम की धारा 272A के तहत आयकर प्राधिकरण द्वारा पारित एक आदेश पर, दंड कम नहीं होगी जो एक योग के माध्यम से भुगतान करेगा रुपये की तुलना में. 100 लेकिन जो रुपये तक का हो सकता. विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए 200.
(ख) आयकर अधिनियम की धारा 203A के प्रावधानों के अनुसार, यह, चालान, टीडीएस सर्टिफिकेट, समय - समय पर रिटर्न में कर कटौती खाता संख्या (टैन) बोली के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के लिए अनिवार्य है इस संबंध में आदि विस्तृत निर्देश इस विभाग के परिपत्र सं 497 [F.No. में उपलब्ध हैं 1987/09/10 दिनांकित 275/118/87-IT (ख)],.एक व्यक्ति अनुभाग 203A के प्रावधानों का अनुपालन करने में विफल रहता है, वह करेगा दंड का रास्ता रुपये तक का हो सकता है जो एक राशि से, धारा 272BB वेतन के तहत मूल्यांकन अधिकारी द्वारा पारित एक आदेश पर. 5,00
(ग) आयकर अधिनियम की धारा 206 के प्रावधानों के अनुसार, नियम 36A और आयकर नियमों के 37, सरकार, हर मामले में प्रिंसिपल अधिकारी के हर कार्यालय के मामले में निर्धारित व्यक्ति के साथ पठित कंपनी हर स्थानीय प्राधिकारी या अन्य सार्वजनिक निकाय या संघ के मामले में निर्धारित व्यक्ति, हर निजी नियोक्ता और आयकर अधिनियम के अध्याय XVII के प्रावधानों के तहत कर कटौती के लिए जिम्मेदार हर दूसरे व्यक्ति के बाद निर्धारित समय के भीतर, तैयार करेगा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत में, और वितरित या फार्म सं 26D में बीमा आयोग से अनुभाग 194D तहत कर की कटौती की वार्षिक वापसी नियम के तहत निर्धारित नामित आयकर प्राधिकरण को वित्तीय वर्ष के बाद 30 जून से भेजने का कारण आयकर नियम 37.यह करदाता को जारी किए गए टीडीएस प्रमाण पत्र के तीसरे प्रतिलिपि वार्षिक रिटर्न के साथ संलग्न किया जाना चाहिए कि उल्लेख किया जा सकता. एक अनिवासी करने के लिए इस तरह के भुगतान से कर की कटौती करने वाले व्यक्ति कटौती की तारीख से 14 दिनों के भीतर नामित निर्धारण अधिकारी को फार्म नं 27 में एक बयान भेजने के लिए आवश्यक है.
एक व्यक्ति के कारण समय में वार्षिक विवरणी प्रस्तुत करने में असफल रहता है तो उसे आयकर प्राधिकरण द्वारा पारित एक आदेश पर, जुर्माना कम से कम एक सौ रुपए नहीं होगा, लेकिन जो तक का हो सकता है, जो एक योग के माध्यम से भुगतान करेगा विफलता जारी है, जिसके दौरान हर दिन के लिए दो सौ रुपये.
(घ) आयकर अधिनियम की धारा 200 के प्रावधानों के अनुसार, खंड 194D या धारा 195 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी राशि की कटौती के किसी भी व्यक्ति निर्धारित समय के भीतर, भुगतान करेगा, योग इतना के ऋण के लिए कटौती की केन्द्र सरकार.वह स्रोत पर या घटाने के सरकार के ऋण के लिए कर का भुगतान करने में विफल रहता है के बाद कर कटौती करने में विफल रहता है, तो वह धारा 201 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए उत्तरदायी होगा. इस संबंध में ध्यान भी एक व्यक्ति कर उसके द्वारा स्रोत पर कटौती की केन्द्रीय सरकार के ऋण के लिए भुगतान करने में विफल रहता है, तो वह साथ दंडनीय होगा जिसके अनुसार, आयकर अधिनियम की धारा 276B के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है 3 महीने और 7 साल के बीच है और ठीक से किया जाएगा जो एक अवधि के लिए सश्रम कारावास.
प्र.7. ये निर्देश संपूर्ण नहीं हैं और इन धाराओं के तहत स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की मदद करने के लिए एक दृश्य के साथ ही जारी किए जाते हैं. राय के अंतर नहीं है जहाँ भी, एक संदर्भ हमेशा आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के लिए किया जाना चाहिए, और कानून में बदलाव नहीं किया है प्रासंगिक वित्त अधिनियम, जिसके माध्यम से. किसी भी सहायता की आवश्यकता है, के मामले में आयकर विभाग के संबंधित मूल्यांकन अधिकारी या स्थानीय लोक संपर्क अधिकारी, यदि आवश्यक हो, इस मामले में उच्च अधिकारी के आदेश प्राप्त होगा, जो उसी के लिए संपर्क किया जा सकता है.
परिपत्र: सं 570, 27-7-1990 दिनांकित.
संलग्नक I
वित्त अधिनियम, 1990, के भाग III से निकालने
प्रथम अनुसूची
पैरा एक, उप पैरा मैं
हर व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार या अपंजीकृत फर्म या व्यक्ति या व्यक्तियों के शरीर के अन्य सहयोग के मामले में शामिल है या नहीं, या कि क्या हर कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति उपखंड (सात) की धारा 2 के खंड (31) का में करने के लिए भेजा आयकर अधिनियम के एक मामले नहीं किया जा रहा है इस अनुच्छेद के उप पैरा द्वितीय या इस भाग के किसी अन्य पैरा लागू होता है, जो करने के लिए
आयकर की दरें
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(1) डेरिवेटिव
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जहां कुल आय रुपए से अधिक नहीं है. 22]000
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कोई नहीं;
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(2)
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कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 22,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 30]000
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20 प्रति कुल आय रुपए से अधिक की राशि का प्रतिशत. 22,000;
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(3)
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कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 30,000 लेकिन अधिक नहीं करता रुपए से अधिक है. 50,000;
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रुपये. 1,600 से अधिक है जिसके द्वारा कुल आय रुपए राशि का 30 फीसदी.30]000
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(4) संचार सेवाएं
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कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 50,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 1]00]000
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रुपये. 7,600 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 40 फीसदी.50,000;
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(5)
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कुल आय रुपए से अधिक है, जहां. 1]00]000
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रुपये. 27,600 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 50 फीसदी.1,00,000.
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आयकर पर सरचार्ज
इस उप अनुच्छेद के पूर्ववर्ती प्रावधानों के अनुसार अभिकलन आयकर की राशि करेगा-
व्यक्तियों के व्यक्तियों या शरीर के हर व्यक्ति, हिंदू अविभाजित परिवार या संघ के मामले में (मैं) वर्गों 88 और 88A, आयकर की छूट की राशि से कम हो पचहत्तर हज़ार रुपए से अधिक एक कुल आय होने में करने के लिए भेजा अध्याय आठवीं ए के तहत की गणना, और आयकर के रूप में इतनी कम है,
(Ii) मद में वर्णित उन से अन्य हर व्यक्ति के मामले में (मैं) पचहत्तर हज़ार रुपए से अधिक एक कुल आय होने,
इस तरह आयकर की आठ फीसदी की दर से गणना की संघ के प्रयोजनों के लिए एक अधिभार की वृद्धि हो:
ऐसी कोई अधिभार एक अनिवासी द्वारा देय होगा बशर्ते कि.

