आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

556

परिपत्र की तिथि

23/02/1990

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

23/02/1990

परिपत्र: सं 556, 23-02-1990 दिनांकित

1277. कमीशन एजेंटों के साथ बिक्री से प्राप्त आय के बाहर किसानों द्वारा रखा मात्रा में करने के लिए खंड 269T की प्रयोज्यता के संबंध में स्पष्टीकरण

1आयकर अधिनियम की धारा 269T कोई भी कंपनी, सहकारी समिति या फर्म किसी भी व्यक्ति को किसी भी जमा चुकाने करेगा कि प्रदान करता है अन्यथा किसी भी खाते पेयी चेक या खाते पेयी बैंक ड्राफ्ट द्वारा की तुलना में जहां जमा और ब्याज की राशि, यदि कोई हो, रुपए है. 10,000 या अधिक.

प्र.20. प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 के आयकर अधिनियम की धारा 269T के प्रयोजन के लिए "जमा" की परिभाषा में संशोधन किया गया है. संशोधन परिभाषा के तहत, कहा शब्द "एक अवधि के बाद नोटिस के बाद प्रतिदेय या प्रतिदेय है और एक कंपनी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के मामले में, किसी भी प्रकार की जमा भी शामिल है जो पैसे के लिए किसी भी जमा" मतलब करने के लिए परिभाषित किया गया है.

(Italicised भाग कहा संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया है.)

(3)संदर्भ के एक नंबर बोर्ड उनके 'कच्चा Arhatiyas' के साथ किसानों से अधिक छोड़ दिया है कृषि जिंसों की बिक्री से प्राप्त आय, भी एक खाता आदाता द्वारा अपने भुगतान की जरूरत महसूस किसी भी प्रकार की जमा के दायरे में आ जाएगा कि क्या स्पष्टीकरण की मांग से प्राप्त किया गया है अधिनियम की धारा 269T के तहत प्रदान के रूप में की जाँच करें.

(4)बोर्ड के एक 'कच्चा Arhatiya' एक कृषक से संबंधित माल बेचता है, जहां उसके साथ रहते हैं जो उसके बिक्री से प्राप्त आय 'कच्चा Arhatiya' के साथ किसानों द्वारा किए गए एक जमा के रूप में नहीं माना जा सकता है कि राय की है. इसके अलावा, 'कच्चा Arhatiya' कृषक को बिक्री से प्राप्त आय का केवल एक हिस्सा remits, चाहे बिक्री से प्राप्त आय के अप्रेषित हिस्सा भी एक जमा के चरित्र ग्रहण नहीं करेंगे. इसलिए, इस तरह बिक्री से प्राप्त आय की अदायगी अधिनियम की धारा 269T के दायरे के भीतर गिर नहीं करता है.

प्र.5. राशि भले की राशि एक ही खाते में बरकरार रखा है या करने के लिए स्थानांतरित कर रहा है कि क्या कृषक द्वारा इस संबंध में एक दिशा के अनुसरण में 'कच्चा Arhatiya' द्वारा बनाए रखा है हालांकि, अगर इस तरह के अप्रेषित बिक्री आय एक जमा के चरित्र ग्रहण करेंगे विभिन्न खातों और चाहे दिशाओं एक जमा यह कॉल करने के लिए या सिर्फ भविष्य के भुगतान के लिए एक ही बनाए रखने के लिए कर रहे हैं या नहीं. ऐसे मामलों में चुकौती अधिनियम की धारा 269T के तहत कवर किया जाएगा.

परिपत्र: सं 556, 23-2-1990 दिनांकित.

न्यायिक विश्लेषण

n ऊपर परिपत्र आईटीओ [1995] 126 कराधान 12 (Trib.) वी. हरपाल सिंह जसवंत सिंह पर भरोसा किया गया था, और यह वर्गों 269SS और 269T के प्रावधानों के मामले के तथ्यों की ओर आकर्षित नहीं हो रहे थे आयोजित किया गया था. (पीपी20-21)