आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

533

परिपत्र की तिथि

27/03/1989

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

27/03/1989

परिपत्र: सं 533, 27-03-1989 दिनांकित

602 रूपए है. समझौते के अनुमोदन के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में किया और निर्धारित ढंग से सत्यापित किया जाना

1 आवेदन का प्रपत्र आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80 ओ के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के समक्ष दायर किया जाना है जिसमें ध्यान, 23-12-1975 दिनांकित, बोर्ड के परिपत्र सं 187 के लिए आमंत्रित किया जाता है, निर्धारित किया गया था.

प्र.20. वित्त अधिनियम, 1988 के द्वारा इस खंड में किए गए एक संशोधन के द्वारा, यह अब समझौते के अनुमोदन के लिए आवेदन निर्धारित प्रपत्र में किया और निर्धारित तरीके से सत्यापित किया जाना चाहिए कि उपलब्ध कराई गई है. अधिसूचना के अनुसार नहीं तो 1108 (ई), एक नया नियम 11e विहित, 1989/01/04 से प्रभाव के साथ, आयकर नियम 1962 सम्मिलित किया गया है, 28-11-1988 को अपील कि की स्वीकृति के लिए आवेदन फार्म धारा 80-O के तहत समझौते के फार्म सं 10 एफ में होना चाहिए.

(3) समझौते को मंजूरी के लिए बोर्ड के आगे शक्तियों 1989/01/04 से प्रभाव के साथ आयकर मुख्य आयुक्तों / महानिदेशकों को सौंप दिया गया है.  तुरंत 1989/01/04 से पहले बोर्ड के साथ इस धारा के तहत मंजूरी के लिए लंबित हर आवेदन निपटान के लिए आयकर के संबंधित मुख्य आयुक्त / महानिदेशक को हस्तांतरित खड़ा करेगा.

(4)1989/01/04 से प्रभाव के साथ, निर्धारित प्रपत्र में आयकर अधिनियम की धारा 80-O, 1961 के तहत समझौते के अनुमोदन के लिए आवेदन आयकर के संबंधित मुख्य आयुक्त / महानिदेशक से पहले दायर किया जाना चाहिए.   वर्तमान पद्धति के अनुसार, व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षर किए बाड़ों के साथ आवेदन आवेदक की ओर से आयकर रिटर्न हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत रूप में, तीन प्रतियों में दर्ज किया जाना चाहिए.

परिपत्र: नहीं 533, 27-3-1989 दिनांकित.