आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

519

परिपत्र की तिथि

10/08/1988

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

10/08/1988

परिपत्र: सं 519, 10-08-1988 दिनांकित

वित्तीय वर्ष 1988-89

1715. स्रोत पर कर की कटौती - वर्ष 1988-89 के दौरान लागू कर की दरें - प्रतिभूतियों पर ब्याज

1मैं तुम पर आयकर की कटौती करने के लिए, आदि सब ट्रेजरी अधिकारी, के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया है जिसमें उपरोक्त विषय पर 1987/01/06 दिनांकित इस विभाग के परिपत्र सं 486, के लिए एक संदर्भ को आमंत्रित करने के लिए निर्देशित कर रहा हूँ वित्तीय वर्ष 1987-88 के लिए "सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज" के भुगतान से स्रोत. संदर्भ भी अधिभार लगाने के तथ्य यह है कि आप करने के लिए सूचित किया गया था जिसमें 22-2-1988 दिनांकित, इस विभाग के परिपत्र सं 506 के लिए आमंत्रित किया है.

प्र.20. वे "सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज" के भुगतान से स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए संबंधित insofar के रूप में वित्तीय वर्ष 1988-89 के लिए कर की मूल दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, संलग्न मसौदा परिपत्र में दी गई दरों के अनुसार कर कटौती की राशि में वृद्धि की जाएगी:

एक निवासी भारतीय के मामले में इस तरह के आयकर की 5 फीसदी @ यूनियन के प्रयोजन के लिए एक अधिभार से (i); और

(Ii) एक घरेलू कंपनी के मामले में इस तरह के आयकर की 5 फीसदी @ एक अधिभार से.

(3)मैं आयकर 31-3-1988 के बाद इस तरह के भुगतान से कटौती की जानी चाहिए, जिस पर दरों बाहर स्थापित मसौदा परिपत्र पत्र की एक प्रति enclosing हूँ. आप अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से उनके द्वारा पालन कर रहे हैं कि यह सुनिश्चित करने की दृष्टि से, व्यक्तिगत रूप से अपने नियंत्रण में, आदि सब ट्रेजरी अधिकारियों को इस मसौदे के आधार पर परिपत्र, और उप खजाना अधिकारी, बैंकों, जारी कृपया सकता है .

(4)आयकर अधिनियम की धारा 203A के प्रावधानों के अनुसार, यह चालान में कर कटौती खाता संख्या (टैन) बोली के लिए स्रोत पर कर की कटौती के लिए जिम्मेदार सभी लोगों के लिए अनिवार्य है, आदि टीडीएस प्रमाण पत्र, समय - समय पर रिटर्न, इस संबंध में विस्तृत निर्देश 1987/09/10 दिनांकित, इस विभाग के परिपत्र सं 497 में उपलब्ध हैं - [1988] 169 आईटीआर (सेंट) 54 एक व्यक्ति, दंड के वैसे, आईटीओ भुगतान द्वारा पारित एक आदेश पर वह करेगा अनुभाग 203A के प्रावधानों के रुपये तक का हो सकता है जो एक राशि का अनुपालन करने में विफल रहता है. 5,00

प्र.5. इस संबंध ध्यान में भी नीचे के रूप में पढ़ता है जो आयकर अधिनियम की धारा 206 के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है:

"206. सरकार के हर कार्यालय के मामले में निर्धारित व्यक्ति, हर कंपनी के मामले में प्रमुख अधिकारी, हर स्थानीय प्राधिकारी या अन्य सार्वजनिक शरीर या एसोसिएशन, हर निजी नियोक्ता और कर कटौती के लिए जिम्मेदार हर दूसरे व्यक्ति के मामले में निर्धारित व्यक्ति इस अध्याय के पूर्वगामी उपबंधों के तहत प्रत्येक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद निर्धारित समय के भीतर, तैयार, और वितरित या निर्धारित आयकर प्राधिकरण को इस तरह के रूप में इस तरह के प्रतिफल दिया और ऐसी रीति से सत्यापित और आगे की स्थापना करने के लिए कारण होगा ऐसे विवरण के रूप में निर्धारित किया जा सकता है. "

प्र.6. खंड 200 के प्रावधानों के अनुसार आयकर अधिनियम की धारा 193 के प्रावधानों के अनुसार किसी भी राशि की कटौती के किसी भी व्यक्ति निर्धारित समय के भीतर, योग तो केन्द्र सरकार की साख को काट लिया, भुगतान करेगा. वह स्रोत पर या के बाद कर कटौती करने में विफल रहता है तो घटाने वह आयकर अधिनियम की धारा 201 के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए उत्तरदायी होगा सरकार की साख को कर का भुगतान करने में विफल रहता है. एक व्यक्ति केन्द्रीय सरकार के ऋण के लिए भुगतान करने के लिए विफल रहता है, जिसके अनुसार प्रत्यक्ष कर कानून (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा प्रतिस्थापित के रूप में इस संबंध ध्यान में भी आयकर अधिनियम की धारा 276B के प्रावधानों के लिए आमंत्रित किया है कर उसके द्वारा स्रोत पर कटौती की जाती है, वह 3 महीने और 7 साल के बीच है और ठीक से किया जाएगा जो एक अवधि के लिए सश्रम कारावास के साथ दंडनीय होगा.

परिपत्र: सं 519, 1988/10/08 दिनांकित.


सभी खजाना अधिकारियों, आदि के लिए मसौदा परिपत्र.

1मैं वित्तीय वर्ष 1987-88 के दौरान सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज से आयकर की कटौती के बारे में इस कार्यालय पत्र के लिए आपका ध्यान आमंत्रित करने के लिए कर रहा हूँ.

प्र.20. आयकर ब्याज की पूरी राशि से, अर्थात् निम्न दरों, पर प्रतिभूतियों पर, वित्तीय वर्ष 1988-89 के दौरान काटी जाती है: -

{
एक कंपनी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के मामले में:
आयकर की दरें
 
(i)
व्यक्ति निवासी है जहां
10 फीसदी
 
 
भारत में (ब्याज कर मुक्त सुरक्षा पर देय छोड़कर) किसी भी सुरक्षा पर देय ब्याज के रूप में आय पर
 
 
(ii)
व्यक्ति भारत में निवासी नहीं है जहां
 
 
1
में एक अनिवासी के मामले में भारतीय मूल के
 
 
{0}ए){/0}
में निवेश पर
20 फीसदी
 
 
आते हैं और लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ
 
 
ख
वैसे आय पर
15 फीसदी
 
 
एक कर मुक्त सुरक्षा पर देय ब्याज की
 
 
(C)
अन्य आय की सारी पर
आय की राशि में से 30 फीसदी की दर से आयकर.
 
 
 
या
 
 
 
में निर्धारित दरों पर आय के संबंध में आयकर उप पैरा वित्त अधिनियम, 1988 (प्रतिलिपि अनुलग्नक) की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक, की मैं ऐसी आय कुल आय गया था, जो भी अधिक है.
 
प्र.20.
किसी भी अन्य व्यक्ति के मामले में
 
 
 (A)   
(एक कर मुक्त सुरक्षा पर देय ब्याज को छोड़कर) आय की सारी पर.
[ऊपर -1 सी के खिलाफ के रूप में]
 
(B)
एक कर मुक्त सुरक्षा पर ब्याज के रूप में आय पर
15 फीसदी
II
एक कंपनी के मामले में:
 
 
(i)
कंपनी एक घरेलू कंपनी है, जहां - प्रतिभूतियों पर ब्याज के रूप में आय पर (ब्याज कर मुक्त सुरक्षा पर देय छोड़कर)
21.5 फीसदी
 
(ii)
कंपनी एक घरेलू कंपनी नहीं है जहां
 
 
 (A)   
एक कर मुक्त सुरक्षा पर देय ब्याज पर
44 फीसदी
 
(B)
अन्य प्रतिभूतियों पर ब्याज पर
65 प्रतिशत

आयकर पर सरचार्ज

ऊपर दी गई दरों के अनुसार कर कटौती की राशि में वृद्धि की जाएगी: -

प्रवासी भारतीयों के मामले में इस तरह के आयकर का 5% @ संघ के प्रयोजनों के लिए एक अधिभार से (i); और

(Ii) एक घरेलू कंपनी के मामले में इस तरह के आयकर की 5 फीसदी @ एक अधिभार से.

(3)शब्द "घरेलू कंपनी" एक भारतीय कंपनी या आयकर अधिनियम, 1961 के तहत आयकर करने के लिए उत्तरदायी इसकी आय के संबंध में, 1 अप्रैल दिन शुरू निर्धारण वर्ष के लिए, 1988 कर दिया गया है, जो किसी भी अन्य कंपनी का मतलब आयकर अधिनियम की धारा 194 के प्रावधानों के अनुसार ऐसे आय से बाहर देय (तरजीही शेयरों पर लाभांश सहित) लाभांश की भारत के भीतर घोषणा और भुगतान के लिए निर्धारित व्यवस्था.

(4)भुगतान करने या 1 अप्रैल 1988 के बाद सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज जमा करने में, आप एक छूट या कटौती प्रमाण पत्र / के तहत अधिकारी का आकलन एक आयकर अधिकारी द्वारा दी गई जहां मामलों को छोड़कर, ऊपर निर्दिष्ट दर से आयकर घटा अनुरोध कर रहे हैं उप - धारा (1) आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 197 की, उत्पादन किया है. इस संबंध में निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखा जाना चाहिए:

ब्याज की राशि के प्रतिशत के रूप में व्यक्त की एक विशेष दर पर कर की कटौती के अधिकृत 1 अप्रैल 1988 से पहले जारी (मैं) में छूट या कमी प्रमाणपत्र,, पर स्वीकार किए जाते हैं और काम किया जाना चाहिए अगर 31 मार्च 1989 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए ऑपरेटिव;

(Ii) एक प्रमाणपत्र आयकर अधिकारी द्वारा जारी किया जाता है, जहां / 1 अप्रैल को या उसके बाद अधिकारी का आकलन, किसी भी व्यक्ति के संबंध में एक निर्धारित दर पर कर की 1988 अधिकृत कटौती, आयकर उसमें निर्दिष्ट दरों पर कटौती की जानी चाहिए ;

(Iii) कोई कर, आयकर अधिकारी / अधिकारी का आकलन या अन्यथा द्वारा जारी प्रमाण पत्र से, आप पेयी वर्गों 10 और 13A के तहत आयकर के भुगतान से छूट एक व्यक्ति है कि संतुष्ट हैं जिसमें मामलों में कटौती की जानी चाहिए आयकर अधिनियम, 1961 की;

(Iv) कोई कर नहीं विशेष रूप से खंड 193 या के परन्तुक के तहत स्रोत पर कर कटौती की आवश्यकता से छूट दी गई है जो आदि 7 साल राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (चतुर्थ अंक), राष्ट्रीय विकास बांड,, पर देय ब्याज से कटौती की जानी चाहिए खंड 193 के परन्तुक के तहत सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा केन्द्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट किया गया है के रूप में इस तरह के डिबेंचरों / प्रतिभूतियों / बांडों पर देय ब्याज पर;

(V) कोई कर सुरक्षा एक निवासी व्यक्ति द्वारा आयोजित की, और धारक निर्धारित प्रपत्र में दो प्रतियों में writting में एक घोषणा करता है और में सत्यापित है जहां केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी अन्य सुरक्षा पर देय किसी भी ब्याज से कटौती की जानी चाहिए अनुभाग 197A में प्रदान के रूप में निर्धारित तरीके (1) ऐसी आय है जिसमें पिछले वर्ष की इस अनुमानित कुल आय उसकी कुल आय की गणना में शामिल किया जाना है कि प्रभाव के लिए आयकर अधिनियम की आय को कम से कम उत्तरदायी से भी कम हो जाएगा टैक्स.आयकर अधिनियम की धारा 197A के प्रावधानों के तहत निर्धारित घोषणा पत्र की एक प्रति अनुबंध II में है. ऐसी घोषणा की एक प्रति आयकर के नियम 29C के रूप में प्रदान घोषणा, चिंतित आयकर आयुक्त को आप के लिए प्रस्तुत है, जिसमें महीने के बाद अगले महीने के सातवें दिन को या उससे पहले आपके द्वारा भेजा जाना चाहिए नियम, 1962;

(Vi) कोई कर तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के तहत अपनी आय पर आयकर से छूट प्राप्त है जो एक केन्द्रीय अधिनियम द्वारा या उसके अधीन स्थापित किसी निगम के स्वामित्व वाले किसी भी सुरक्षा के संबंध में देय किसी भी राशि से काट दिया जाना चाहिए.जीवन बीमा निगम और भारतीय यूनिट ट्रस्ट के लिए किए गए भुगतान उनके संबंधित अधिनियमों द्वारा टीडीएस की आवश्यकता से मुक्त कर रहे हैं;

(सात) आयकर अधिनियम की धारा 288B के तहत, कर की राशि में निहित एक रुपए के भागों पचास पैसे से कम मात्रा की अनदेखी और एक करने के लिए पचास पैसे या अधिक की मात्रा में वृद्धि से नजदीकी रुपया को गोल करना होगा रुपया.इसलिए, स्रोत पर कर काटा जा कर की राशि अधिनियम के उपरोक्त प्रावधानों के अनुसार नजदीकी रुपया को बंद गोल किया जाना चाहिए.

प्र.5. किसी भी शक के मामले में आयकर विभाग के मूल्यांकन अधिकारी या स्थानीय जनसंपर्क अधिकारी सरकारी प्रतिभूतियों पर ब्याज से कटौती करने से पहले परामर्श किया जाना चाहिए.

संलग्नक I

वित्त अधिनियम, 1988 से निकालने
प्रथम अनुसूची के भाग III

उप पैरा मैं पैरा एक का

हर व्यक्ति या हिंदू अविभाजित परिवार या अपंजीकृत फर्म या व्यक्ति या व्यक्तियों के शरीर के अन्य सहयोग के मामले में शामिल है या नहीं, या कि क्या हर कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति उपखंड (सात) की धारा 2 के खंड (31) का में करने के लिए भेजा आयकर अधिनियम के एक मामले नहीं किया जा रहा है, जो इस पैरा या इस भाग के किसी अन्य अनुच्छेद के उप पैरा द्वितीय लागू होता है:

आयकर की दरें

(1) डेरिवेटिव
जहां कुल आय रुपए से अधिक नहीं है. 18]000
कोई नहीं;
(2)
कुल आय रुपए से अधिक है. 18,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 25]000
25 प्रति कुल आय रुपए से अधिक की राशि का प्रतिशत. 18,000;
(3)
कुल आय रुपए से अधिक है. 25,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 50]000
रुपये. 1,750 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 30 फीसदी.25,000;
(4)
कुल आय रुपए से अधिक है. 50,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 1]00]000
रुपये. 9250 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 40 फीसदी.50,000;
(5)
कुल आय Rs.1, 00,000 से अधिक है कहां
रुपये. 29,250 से अधिक कुल आय रुपए से अधिक की राशि का 50 फीसदी.1,00,000.

आयकर पर सरचार्ज

इस उप अनुच्छेद के पूर्ववर्ती प्रावधानों के अनुसार अभिकलन आयकर की राशि पचास हजार रुपए से अधिक की कुल आय होने के हर व्यक्ति के मामले में, की दर से गणना की संघ के प्रयोजनों के लिए एक अधिभार की वृद्धि की जाएगी ऐसे आयकर के पांच प्रतिशत:

ऐसी कोई अधिभार एक अनिवासी द्वारा देय होगा बशर्ते कि.

अनुबंध-II

कोई रूप. 15F

[नियम 29C (1)]

घोषणा अनुभाग 197A के तहत (1) आयकर अधिनियम की 1961,
पर ब्याज "के एक व्यक्ति का दावा रसीद द्वारा किए जाने के लिए
कर की कटौती के बिना प्रतिभूति "

I..............................................................................................................................., पुत्र / पुत्री / की पत्नी ............................................ † का ............... निवासी ................................ ........................... एतद्द्वारा घोषित करता हूं: -

       1. जो की प्रतिभूतियों, विवरण नीचे दिया जाता है, मेरे नाम में खड़ा है और लाभदायक मेरे द्वारा स्वामित्व में हैं, और ब्याज उधर वर्गों 60 आयकर अधिनियम के लिए 64 के तहत किसी भी अन्य व्यक्ति की कुल आय में includible नहीं है 1961:

प्रतिभूतियों का विवरण
प्रतिभूतियों की संख्या
प्रतिभूतियों की तिथियां
प्रतिभूतियों की राशि
प्रतिभूतियों घोषक द्वारा हासिल किया गया दिनांक (ओं) जिस पर
 
 
 
 
 


2. मेरे वर्तमान व्यवसाय है कि ..............

       3. प्रतिभूतियों पर ब्याज सहित मेरे अनुमान के अनुसार कुल आय के लिए प्रासंगिक पर समाप्त होने को पिछले वर्ष के लिए आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों ........ के अनुसार अभिकलन, ऊपर पैरा 1 में निर्दिष्ट है कि निर्धारण वर्ष 19 ....19 .... आयकर करने के लिए उत्तरदायी न्यूनतम से भी कम हो जाएगा;

       4. * "मैं अतीत में किसी भी समय पर आयकर का मूल्यांकन नहीं किया गया है लेकिन मैं आयकर के मुख्य आयुक्त या आयुक्त के क्षेत्राधिकार में आते हैं ........

या

           मैं पिछले निर्धारण वर्ष 19 के लिए आयकर करने के लिए मूल्यांकन किया गया था कि ..... आईटीओ से 19 ....... ................ सर्किल / वार्ड / जिला और मेरे लिए आवंटित स्थायी खाता संख्या है ..........

       5. मैं आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 6 के अर्थ के भीतर भारत का निवासी हूँ कि.

 
.................................................. ........
 
डी eclarant का हस्ताक्षर


सत्यापन

मैं, ................................................ ..., इसके द्वारा अपने ज्ञान और क्या ऊपर कहा गया है, सही पूरा और सही मायने में कहा गया है है विश्वास के अनुसार घोषणा कि है.

आज सत्यापित, .............................................. ............. .................. 19 की सुबह .........

 
.................................................. .........
 
घोषक का हस्ताक्षर
जगह ..........
 


नोट:

1† पूरा डाक पता दीजिए.

प्र.20. घोषणा पत्र दो प्रतियों में प्रस्तुत किया जाना चाहिए.

(3)* लागू नहीं है, जो भी हटाएं.

(4)सत्यापन हस्ताक्षर करने से पहले, घोषक घोषणा में दी गई सूचना सभी मामलों में सच है, सही और पूरा हो गया है कि खुद को संतुष्ट करना चाहिए. घोषणा में एक गलत बयान करने वाले व्यक्ति पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 277 के तहत मुकदमा चलाने के लिए उत्तरदायी होगा, और इस विश्वास पर दंडनीय होगा: -

टैक्स चोरी किए जाने की मांग की है, जहां एक मामले में (मैं) छह महीने से कम नहीं होगी, बल्कि जो सात साल के लिए और ठीक से विस्तार कर सकते हैं जो कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपए से अधिक है;

(Ii) किसी अन्य मामले में, कम से कम तीन महीने नहीं होगी, बल्कि जो तीन साल के लिए और ठीक से विस्तार कर सकते हैं जो कठोर कारावास के साथ.

[घोषणा किसे लिए व्यक्ति द्वारा उपयोग के लिए
प्रस्तुत है]

1नाम और घोषणा पत्र के अनुच्छेद 1 में वर्णित प्रतिभूतियों पर ब्याज भुगतान के लिए जिम्मेदार व्यक्ति का पता नहीं.

प्र.20. घोषणा घोषक से सुसज्जित किया गया था तिथि है जिस पर.

(3)ब्याज भुगतान किया जाता है जिस अवधि के लिए.

(4)ब्याज की राशि.

प्र.5. ब्याज का भुगतान किया है, जिस पर तिथि.

आयकर आयुक्त, ......... को अग्रेषित

 
.................................................. .........
 
व्यक्ति के हस्ताक्षर
जगह ...............
भुगतान के लिए जिम्मेदार 
तिथि ................
प्रतिभूतियों पर ब्याज.