आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

5/2007

परिपत्र की तिथि

26/07/2007

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

26/07/2007

परिपत्र: सं 5/2007, 26-07-2007 दिनांकित

आकलन वर्ष 2007-08 के लिए नई रिटर्न फार्म - reg - बहां जुड़े मामलों.

परिपत्र सं. 5/2007, 26-7-2007 दिनांक


केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, अधिसूचना के अनुसार एसओ No.762 (ई) 14 मई वें दिनांकित, 2007 एक नई श्रृंखला के तहत निर्धारण वर्ष 2007-08 के लिए नए रिटर्न रूपों निम्नलिखित अधिसूचित किया गया है: -

 (मैं) आईटीआर 1 - व्यक्तियों वेतन / पेंशन / परिवार पेंशन से आय होने और सिर "अन्य स्रोतों से आय 'के तहत आयकर के लिए ब्याज प्रभार्य के माध्यम से आय को छोड़कर किसी भी अन्य आय नहीं होने के लिए आयकर रिटर्न;

(Ii) आईटीआर 2 - व्यक्तियों और हिंदू अविभाजित परिवार के लिए आय का रिटर्न (एचयूएफ) सिर "लाभ या व्यापार या पेशे के लाभ" के तहत कोई आय नहीं होने;

(Iii) आईटीआर 3 - व्यक्तियों और एचयूएफ फर्मों में भागीदार जा रहा है और किसी भी स्वामित्व के तहत व्यापार या पेशे से बाहर ले जाने के लिए नहीं किया आयकर रिटर्न;

(Iv) आईटीआर 4 - व्यक्तिगत और एचयूएफ मालिकाना व्यापार या पेशा होने के लिए आयकर रिटर्न;

(V) आईटीआर 5 - व्यक्तियों के व्यक्तियों / शरीर की फर्म / एसोसिएशन के लिए आय और फ्रिंज लाभ की वापसी के लिए संयुक्त रूप;

(Vi) आईटीआर -6 - धारा 11 के तहत छूट का दावा करने के लिए कंपनियों के अलावा अन्य कंपनियों (के लिए आय और फ्रिंज लाभ की वापसी के लिए संयुक्त रूप;

(सात) आईटीआर -7 - धारा 139 (4 ए) या धारा 139 (4 बी) या धारा 139 (4 सी) या धारा 139 (4 डी) के तहत रिटर्न प्रस्तुत करने की आवश्यकता कंपनियों सहित व्यक्तियों के लिए आय और फ्रिंज लाभ की वापसी के लिए संयुक्त रूप;

(आठ) आईटीआर 8 - आयकर रिटर्न प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं कर रहे हैं, लेकिन मामूली लाभ के बदले प्रस्तुत करने के लिए आवश्यक हैं, जो लोगों के लिए मामूली लाभ की वापसी के लिए अकेले फार्म खड़े हो जाओ.

ऊपर वापसी रूपों http / / www.incometaxindia.gov.in पर उपलब्ध हैं.

प्र.20. आयकर नियमों के नियम 12 भी उपर्युक्त फार्म में आय / अनुषंगी लाभ की वापसी प्रस्तुत करने के लिए 14 मई, 2007 से प्रभाव के साथ एक नया नियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है.

उपनियम (5) ने कहा कि शासन की, यह आकलन वर्ष 2006-07 या किसी भी पहले मूल्यांकन वर्षों के लिए आय / अनुषंगी लाभ की वापसी है कि आकलन वर्ष के रूप में लागू उपयुक्त रूप में प्रस्तुत किया जाएगा कि उपलब्ध कराई गई है.

(3) उप नियम (3) नियम 12 के आय / अनुषंगी लाभ की वापसी के बाद शिष्टाचार में से किसी में प्रस्तुत किया जा सकता है कि प्रदान करता है: -

(मैं) एक कागज के रूप में वापसी प्रस्तुत;

(Ii) डिजिटल हस्ताक्षर के तहत इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिटर्न प्रस्तुत;

(Iii) को इलेक्ट्रॉनिक रिटर्न में डाटा संचारित करने और उसके बाद फार्म आईटीआर वी में वापसी का सत्यापन प्रस्तुत करने;

(Iv) एक कागज के रूप में एक बार कोड वापसी सजावट.

(4) उप - धारा (2) धारा 295 के खंड (eebb) के साथ पढ़ा खंड 139D द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आईटी कंपनियों प्रावधानों जिसे करने के लिए यह अनिवार्य होगा कि वह उस नियम 12 के उप नियम (3) में प्रदान की गई है (धारा 11 के तहत छूट का दावा करने के लिए कंपनियों के अलावा) कंपनियों (द्वितीय) या (iii) अनुच्छेद 3 के कम से उल्लेख ढंग से इलेक्ट्रॉनिक रूप से आय / अनुषंगी लाभ की वापसी प्रस्तुत करने के लिए खंड 44AB के लागू कर रहे हैं और.  धर्मार्थ / धार्मिक ट्रस्टों, राजनीतिक दलों और अन्य गैर लाभ द्वारा फार्म आईटीआर -7 में आय / अनुषंगी लाभ की वापसी केवल कागज के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है.  अन्य सभी करदाताओं पैरा 3 में वर्णित ढंग से किसी में आय / अनुषंगी लाभ की वापसी प्रस्तुत करने का विकल्प है.  

प्र.5. उप खंड के खंड (eeba) के साथ पढ़ा खंड 139C द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए (2) धारा 295 का, यह वापस ऊपर उल्लेख फार्म (में प्रस्तुत किए जाने कि नियम 12 के उपनियम (2) में प्रदान की गई है में छोड़कर आईटीआर 7) किसी भी संलग्नक / अनुबंध के साथ नहीं की जाएगी.  इस प्रकार, करदाताओं इन वापसी रूपों आय या टैक्स की गणना दिखा किसी भी बयान से लगा देना नहीं होना चाहिए, बैलेंस शीट, लाभ और हानि खाते, टीडीएस / टीसीएस प्रमाण पत्र, अग्रिम कर या आत्म मूल्यांकन कर के भुगतान के सबूत की प्रतियां.  हालांकि, इन दस्तावेजों को उसके द्वारा मांग पर मूल्यांकन अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए होगा.  आयकर आयकर / आयुक्तों के मुख्य आयुक्तों दस्तावेजों, यदि कोई हो, इन रिटर्न के साथ कब्जा कर लिया या आईटीआर वी फार्म इन रिटर्न / आईटीआर वी प्राप्त करने के समय में अलग कर रहे हैं कि सुनिश्चित करने और करदाताओं के लिए एक ही लौटना चाहिए तुरंत.

प्र.6. निम्नलिखित स्पष्टीकरण भी उपर्युक्त रूपों में रिटर्न प्रस्तुत उत्पन्न होने से कुछ मुद्दों के संबंध में जारी किए जाते हैं:

  1. खंड 44AB तहत ऑडिट की रिपोर्ट पर लौटने के साथ जुड़े होने के लिए नहीं है. यह नियत तारीख से पहले या बाद में भी अलग से सुसज्जित नहीं किया जाना चाहिए. हालांकि, एक निर्धारिती वापसी की प्रस्तुत की नियत तारीख से पहले खंड कहा तहत एक एकाउंटेंट से ऑडिट की रिपोर्ट मिलना चाहिए और इस तरह की रिपोर्ट के आधार पर इन रूपों के प्रासंगिक कॉलम भरना चाहिए. निर्धारिती खुद के साथ रिपोर्ट को बनाए रखने चाहिए. यह आकलन की कार्यवाही के दौरान मूल में प्रस्तुत किया जा सकता है. खंड 271B के तहत कोई जुर्माना नहीं शुरू की या नियत तारीख को या उससे पहले कर लेखा परीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने के लिए लगाया जाएगा. लेखापरीक्षा रिपोर्ट नियत तारीख से पहले प्राप्त नहीं किया गया है हालांकि, अगर, धारा 271B के प्रावधानों को आकर्षित किया जाएगा.

  2. ये रिटर्न अन्यथा नियत तारीख से पहले या किसी भी दावा करने के लिए रिटर्न के साथ प्रस्तुत करने की आवश्यकता है जो किसी भी वैधानिक प्रपत्र या (धारा 92E के तहत रिपोर्ट के अलावा अन्य) लेखा परीक्षा की रिपोर्ट सहित किसी भी अन्य दस्तावेज के साथ साथ नहीं जा रहे हैं. कानून के प्रावधानों वापसी के साथ संलग्नक या दस्तावेजों या रिपोर्ट दाखिल करने की आवश्यकता के संबंध में अनुपालन किया गया है समझा जाएगा. कोई जुर्माना नहीं किसी भी अगर इस तरह के दस्तावेजों अन्यथा क़ानून में प्रदान की, निर्धारित तिथि से पहले प्राप्त किया गया है अगर इस तरह के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के लिए लगाया जाता है / शुरू की जाएंगी.  इन सभी दस्तावेजों करदाताओं द्वारा बनाए रखा जाना चाहिए और जांच की कार्यवाही के दौरान मूल में प्रस्तुत किया.

  3. आयकर अधिनियम की धारा 92E के तहत आवश्यक रूप रिपोर्ट शासन 10E में निर्धारित तिथि से पहले प्रस्तुत किया जाना जारी करेगा.

  4. मामले में, एक वापसी डिजिटल हस्ताक्षर के अंतर्गत प्रस्तुत है, इस तरह के फर्नीचर की तारीख रिटर्न प्रस्तुत करने की तिथि होगी. मामले में, निर्धारिती को इलेक्ट्रॉनिक रिटर्न में डाटा संचारित और उसके बाद फार्म आईटीआर वी में वापसी का सत्यापन प्रस्तुत करने के लिए चुनता आईटीआर वी सुसज्जित किया गया है, को इलेक्ट्रॉनिक डाटा संचारित करने की तारीख रिटर्न प्रस्तुत करने की तिथि होगी इलेक्ट्रॉनिक रूप से डाटा संचारित करने की तिथि से पंद्रह दिनों के भीतर.  मामले में, प्रपत्र आईटीआर वी, उपर्युक्त अवधि के बाद, फार्म आईटीआर वी प्रस्तुत की तारीख रिटर्न प्रस्तुत करने की तारीख होना समझा जाएगा सुसज्जित है. इसके अलावा, मामले में, प्रपत्र आईटीआर वी यह नहीं लौटने से सुसज्जित किया गया है कि समझा जाएगा, सुसज्जित नहीं है.

  5. ई रिटर्न http://incometaxindiaefiling.gov.in में सुसज्जित किया गया है.  आईटीआर वी (नेट वर्क पर किया जाए या नहीं) प्रत्येक स्थानीय आयकर कार्यालय में इस उद्देश्य के लिए विशेष रूप से स्थापित किए जाने वाले अलग काउंटर (ओं) में प्रस्तुत किया जाएगा. 

  6. आईटीआर वी फार्म पट्टी कोडित रहे हैं.  इसलिए, प्र. / CITS इन रूपों को संभाला और देखभाल और सावधानी के साथ जमा हो जाती है कि यह सुनिश्चित करना चाहिए.  रिटर्न के भंडारण, वहीं एहतियात उन्हें गुना करने के लिए नहीं लिया जाना चाहिए.  ये आईटीआर बनाम तुरंत आरसीसी को भेजा जाना चाहिए.

प्र.7.        अलग से जारी किए जा रहे फार्म आईटीआर वी में दायर इलेक्ट्रॉनिक और सत्यापित रिटर्न प्रसंस्करण के लिए प्रक्रिया के बारे में अलग निर्देश.

8 इलेक्ट्रॉनिक रूप से रिटर्न दाखिल प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी.

[F.No.142/3/2007-TPL]