आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

439

परिपत्र की तिथि

15/11/1985

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

15/11/1985

परिपत्र: सं 439, 15-11-1985 दिनांकित

संपत्ति कर के मूल्यांकन के संबंध में आकलन वर्ष 1986-87 के लिए उच्च रिटर्न का प्रभाव - वित्त अधिनियम, 1985 व्यक्तिगत आयकर और कंपनी कर की दरों को युक्तिसंगत बनाया गया है और भी काफी संपत्ति कर अधिनियम के प्रावधानों को उदार बनाया गया है.संपत्ति कर के लिए उत्तरदायी करदाताओं आगे आते हैं और चाहे वे पहले क्या किया होगा की उनके असली शुद्ध धन दिखा धन का रिटर्न फाइल करने के लिए इस अवसर का लाभ उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि वे जब तक वे विभाग द्वारा पता लगाने से पहले आगे स्वप्रेरणा से आने के रूप में जुर्माना या अभियोजन के अधीन किया जाएगा कि किसी भी आशंका नहीं है.इसी तरह, पहले के वर्षों के लिए करदाताओं अच्छी तरह से आगे आ गए और आयुक्त संपत्ति कर आकलन है कि क्या के लिए करने के लिए अब ऐसे undervaluation या दमन का खुलासा करने की सलाह दी है संपत्ति कर के प्रयोजनों के लिए संपत्ति की संपत्ति या undervaluation के किसी भी दमन कर दिया गया है, जहां उन वर्षों के लंबित या पूरा कर रहे हैं.वे, बेशक, उन वर्षों के लिए लागू दरों पर उन संपत्ति पर संपत्ति कर का भुगतान करना होगा, लेकिन कोई जुर्माना या अभियोजन पक्ष के अधीन नहीं होगा.करदाताओं को सरकार की ओर से इस उदार रवैया एक उचित समय के भीतर संपत्ति कर दाताओं से प्रतिक्रिया प्रकाश में लाना चाहिए कि सराहना करेंगे और आने वाले समय के लिए जारी रखने की उम्मीद नहीं की जा सकती. जुर्माना और अभियोजन पक्ष से इस तरह के प्रतिरक्षा को ही आगे आते हैं और अपनी असली धन दिखाने के और मार्च 1986 तक कर उस पर भुगतान जो ऐसे व्यक्तियों के लिए उपलब्ध हो जाएगा.

परिपत्र: सं 439 [एफ सं 225/86/85-IT (ए) द्वितीय], 15-11-1985 दिनांकित.