43 : परिपत्र सं. 43, 20-06-1970 दिनांकित
परिपत्र सं.
43
परिपत्र की तिथि
20/06/1970
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
20/06/1970
1159. टैक्स की गैर कटौती केवल अनिवासी (बाह्य) खाते और नहीं अनिवासी खातों के सभी प्रकार में जमा की ब्याज के संबंध में है
1ध्यान बोर्ड के परिपत्र के लिए आमंत्रित किया है F.No. 12/29/65-IT (बी), किसी भी अनिवासी के खाते में जमा की ब्याज आय से स्रोत पर कर की कोई कटौती नहीं होनी चाहिए कि आज्ञा 1965/01/06 [अनुलग्नक] दिनांकित.इस श्रेणी के अंतर्गत गिरने कर ब्याज से छूट दी गई है जो 1 अप्रैल 1965 से शुरू के रूप में यह निर्देश धारा 10 (4 ए) के प्रावधानों के आधार पर जारी किया गया था.
प्र.20. वित्त अधिनियम, 1968 द्वारा धारा 10 (4 ए) में संशोधन के साथ, स्थिति हक़ीक़त में बदल गया है.1 अप्रैल 1969 से प्रभावी है जो संशोधन, शब्द "अनिवासी खाता" के लिए "अनिवासी (बाह्य) खाता" शब्द प्रतिस्थापित किया गया है. परिवर्तन, कर से छूट, अब केवल विदेशी मुद्रा विनिमय कानून के अनुसार परिभाषित किया गया है जो "अनिवासी (बाह्य) खाता", के रूप में नामित अनिवासी खाते की एक विशेष प्रकार के संबंध में उपलब्ध हो जाएगा मतलब 1947 और उसके अधीन बनाए गए नियमों के.
(3)ख़बरदार [- वित्त मंत्रालय, आर्थिक कार्य विभाग शब्द "अनिवासी (बाह्य) खाता" [अनिवासी (बाह्य) लेखा नियम, 1970 देखें की गुंजाइश को परिभाषित 1970/10/02 दिनांकित द्वारा जारी अधिसूचना जारी 1970] 77 आईटीआर (सेंट)1]. अधिसूचना की एक प्रति बोर्ड के परिपत्र F.No. साथ आयकर आयुक्तों को भेजा गया था 1 (10) / 69-टीपीएल, 1970/02/04 दिनांकित.
(4)स्रोत पर कर की गैर कटौती केवल अनिवासी (बाह्य) खातों और नहीं गैर के सभी प्रकार के लिए श्रेय दिया हित के लिए लागू होगी के बारे में 1 अप्रैल 1969 निर्देश से प्रभावी धारा 10 (4 ए) में संशोधन को ध्यान में रखते अनिवासी खातों.
प्र.5. टैक्स अनुभाग 192, धारा 10 के तहत कर से छूट प्राप्त है जो किसी भी आय से 193, 194, 194A या 195 के प्रावधानों के तहत स्रोत पर कटौती योग्य है कि क्या एक सामान्य सवाल है, बोर्ड के विचाराधीन है. जैसे ही एक निर्णय पर पहुँच जाता है के रूप में इस सवाल पर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे.
परिपत्र: सं 43 [F.No. 12/98/69-ITJ], 20-6-1970 दिनांकित.
उपभवन - परिपत्र, दिनांकित 1965/01/06 स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट
1एक सवाल मान्यता प्राप्त बैंकिंग चैनलों के माध्यम से विदेश से स्थानांतरित किया है और भारत में किसी भी बैंक में धन का निवेश पर एक "अनिवासी खाता" में एकत्रित ब्याज कर से मुक्त किया जाएगा कि क्या उठाया गया है?
प्र.20. इस संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि एक अनिवासी, विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1947 के अनुसार भारत में किसी भी बैंक में एक अनिवासी खाते में अपने क्रेडिट के लिए खड़े धनराशि पर ब्याज से कोई आय है और किसी भी स्थिति के मामले में उसके अधीन बनाए गए नियमों, वित्त विधेयक, 1965 की धारा 6 (मैं) की निगाह में कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा.ऐसी कोई कर 1 अप्रैल 1965 से प्रभावी इस तरह के ब्याज से स्रोत पर कर काटा जा रहा है के रूप में.

