आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

406

परिपत्र की तिथि

15/01/1985

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

15/01/1985

परिपत्र: सं 406, 15-01-1985 दिनांकित

592. नेशनल जमा योजना के तहत बनाया जमा पर ब्याज - चाहे प्रोद्भवन के वर्ष में कर योग्य

1 नेशनल जमा योजना 30-7-1984 से प्रभावी केंद्रीय सरकार द्वारा शुरू किया गया था. इस योजना के तहत जमा राशि पर ब्याज छमाही आधार पर भुगतान किया है या बढ़ रहा है. केन्द्र सरकार वित्तीय वर्ष में की गई जमा राशि के संबंध में है कि प्रदान करने के लिए योजना में संशोधन किया गया है 1984-85, 31-3-1985 को ब्याज वास्तविक भुगतान या समझौता भले ही 31-3-1985 पर अर्जित करना माना जाएगा छमाही आधार पर की गई.

प्र.20. बोर्ड इस तरह के ब्याज प्रोद्भवन के वर्ष में कर योग्य है कि देखने की है.

परिपत्र: नहीं 406 [एफ सं 178/289/84-IT (एआई)], 15-1-1985 दिनांकित.

न्यायिक विश्लेषण

में निर्दिष्ट - ऊपर परिपत्र श्रीमती में भेजा गया था पांचवें आईटीओ निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ [1993] 46 आईटीडी 1 (Bom.) वी. ईरा Nenazie:

"... निर्धारिती के मामले सावधि जमा रसीद की शर्तों के द्वारा, लेकिन यह भी मामले सीआईटी वी. में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से न केवल समर्थन किया है TNK Govindarajulu चेट्टी [1987] 165 आईटीआर 231 के साथ ही 21-11-1983 और नंबर 406 दिनांक सीबीडीटी सर्कुलर नंबर 371, 15-1-1985 दिनांकित.इसके अलावा, आयकर अधिनियम की धारा 4 के तहत पिछले वर्ष की कुल आय कर और अनुभाग अर्जित करता है या प्राप्त किया है जो आय शामिल करने के लिए 5 'को परिभाषित कुल आय' को निर्धारणीय है. निर्धारिती लेखा की नकदी प्रणाली को बनाए रखने की रसीद के आधार पर यह प्रस्ताव चुनता है जब तक कि जाहिर है, यह समय, अर्थात्, उपार्जन की जल्द से जल्द बिंदु पर कर लगाया जाना है. वर्तमान मामले में, निर्धारिती, इसमें कोई शक नहीं, पूरे रसीद मूल रूप से लेकिन यह एक पूंजी प्राप्ति था कि आधार पर देने की पेशकश की थी. यह यह एक राजस्व रसीद है कि आयोजित किया जाता है एक बार, निर्धारिती सीबीडीटी के परिपत्र में संकेत दिया और फलस्वरूप निर्धारिती को पिछले वर्ष में अर्जित किए गए, जो केवल ब्याज होना चाहिए कि दावे में सफल होने के लिए हकदार है के रूप में विकल्प दिया जाता है यह पिछले वर्ष में कर के आकलन किया. . . . "(पी. (3)