375 : परिपत्र: सं 375, 02-01-1984 दिनांकित
परिपत्र सं.
375
परिपत्र की तिथि
02/01/1984
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
02/01/1984
धारा 8OU एल पूरी तरह से अंधा या शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के
614. धारा के तहत पूरी तरह से अंधा / शारीरिक रूप से विकलांग व्यक्तियों के मामले में कटौती - अभिव्यक्ति की गुंजाइश "स्थायी शारीरिक विकलांगता" समझाया
स्पष्टीकरण 1
1सर्कुलर नंबर 246 [एफ 20-9-1978 [स्पष्टीकरण 2 सं 178/37/77-IT (एआई)],] अनुभाग 80U के तहत पूरी तरह से अंधा या शारीरिक रूप से विकलांग निवासी व्यक्तियों के मामले में कटौती की अनुदान के प्रयोजन के लिए कुछ दिशा निर्देश निर्धारित किए.
प्र.20. संदर्भों की एक बड़ी संख्या परिपत्र में रखी इन दिशानिर्देशों मूक और बधिर व्यक्तियों के मामलों के लिए स्थिति प्रदान नहीं करते कि जमीन पर बोर्ड द्वारा प्राप्त और मानसिक रूप से मंद व्यक्तियों, आदि किया गया है
(3) बात स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ परामर्श में बोर्ड द्वारा जांच की गई है. बोर्ड के सर्कुलर नंबर 246 इनका कहना है कि करना चाहते हैं और ऐसे बहरापन, गूंगापन और मानसिक मंदता, के रूप में अन्य स्थितियों या शारीरिक रूप से विकलांग की अन्य श्रेणियों, वहाँ हो सकता है.प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों अनुभाग 80U की आवश्यकताओं को पूरी तरह से संतुष्ट हैं कि क्या निर्धारित करने में में चले जाना होगा.
परिपत्र: नहीं 375 [एफ सं 178/17/83-IT (एआई)], 1984/02/01 दिनांकित.
स्पष्टीकरण 2
1बोर्ड व्यक्तिगत करदाता और अनुभाग 80U के तहत कटौती की गुंजाइश के बारे में स्पष्टीकरण मांगा चिकित्सा चिकित्सकों से अनेक संदर्भ प्राप्त किया गया है.
प्र.20. धारा 80U (द्वितीय) में प्रावधान है कि एक व्यक्ति को पिछले वर्ष के अंत में करने के लिए विषय है या काफी हद तक कम करने का असर है जो (अंधापन के अलावा अन्य) एक स्थायी शारीरिक विकलांगता से ग्रस्त है जो एक निवासी, किया जा रहा है की कुल आय की गणना में एक लाभकारी रोजगार या व्यवसाय में संलग्न करने के लिए अपनी क्षमता, रुपये की कटौती. 5000 की अनुमति दी है.यह ऐसे व्यक्ति कटौती स्थायी शारीरिक के रूप में धारा 80, एक प्रमाण पत्र के खंड (ख) में निर्दिष्ट एक मामले में दावा किया है, जिसके लिए पहले आकलन वर्ष के संबंध में आयकर अधिकारी के समक्ष पैदा करता है कि इस शर्त के अधीन है एक पंजीकृत चिकित्सक से विकलांगता.
(3) विचाराधीन प्रश्न अभिव्यक्ति "स्थायी शारीरिक विकलांगता के दायरे में है. बोर्ड स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ परामर्श में, खंड 80U के प्रयोजनों के लिए निम्न दिशानिर्देशों विकसित किया गया है:
रुपये की कटौती उपलब्ध कराने के "धारा 80U. 5000 एक व्यक्ति निम्नलिखित स्थायी शारीरिक विकलांग से ग्रस्त है अगर एक व्यक्ति की कुल आय लागू करना चाहिए कंप्यूटिंग निर्धारिती के मामलों में:
कऊपरी अंग का द्विपक्षीय पक्षाघात.
ख.प्रमुख ऊपरी अंग का पक्षाघात.
ग.ऊपरी अंग की अन्य पक्षाघात.
घ.निचले अंग का द्विपक्षीय पक्षाघात.
ङ.निचले अंग के अन्य पक्षाघात.
छ.एक ही पक्ष पर ऊपरी और निचले अंगों का पक्षाघात.
ज.तीन अंगों का पक्षाघात.
झ.सभी चार अंगों का पक्षाघात.
अंगों की मैं अन्य पक्षाघात.
ञ. ऊपरी अंग की अन्य द्विपक्षीय मोटर परेशानी होती है.
प्रमुख ऊपरी अंग की अन्य मोटर हानि k.
ठ. ऊपरी अंग की अन्य मोटर परेशानी होती है.
मी निचले अंग की अन्य द्विपक्षीय मोटर परेशानी होती है.
nनिचले अंग के अन्य मोटर परेशानी होती है.
oएक ही पक्ष पर ऊपरी और निचले अंगों की अन्य मोटर परेशानी होती है.
पी. तीन या चार अंगों से जुड़े अन्य मोटर परेशानी होती है.
क्य़ू.अंगों के अन्य मोटर परेशानी होती है.
आर.हाथ और कंधे की अनुप्रस्थ कमी.
एस. प्रकोष्ठ की अनुप्रस्थ कमी.
टी.कोष और पहली करभिकास्थिक की अनुप्रस्थ कमी.
यू. जांघ और कमर की अनुप्रस्थ कमी.
vपैर की अनुप्रस्थ कमी.
मूलतः अनुप्रस्थ कमी स्टंप की तरह एक विच्छेदन के रूप में प्रस्तुत करता है, और यह इसलिए, भागों के गठन की विफलता के रूप में या शल्य हस्तक्षेप का एक परिणाम के रूप में, पैदा हो सकता है.
उपरोक्त के अलावा, निम्नलिखित अन्य आर्थोपेडिक समस्याओं को भी जोड़ा जाना चाहिए:
एक · वलन के साथ Cerebralpalsy.
ख.हिप जोड़ों दोनों की Ankylosing स्पॉन्डिलाइटिस.
ग · कम से कम 30 प्रतिशत तक कार्य क्षमता को कम करने के ऊपरी अंगों को शामिल संधिशोथ.
घ.50 फीसदी से ऊपर के कार्यात्मक विकलांगता में जिसके परिणामस्वरूप Malunited भंग.
परिपत्र: नहीं 246 [एफ सं 178/37/77-IT (ए) द्वितीय], 20-9-1978 दिनांकित.
न्यायिक विश्लेषण
में समझाया - ऊपर परिपत्र में भेजा और इतो वी. आनंद प्रकाश सक्सेना में विस्तार से बताया गया था [1983] 3 आईटीडी 32 (इंदौर - ट्राई बी.), निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ:
"11. सीबीडीटी द्वारा जारी परिपत्र के पैरा 3 केवल अनुभाग 80U के प्रयोजनों के लिए दिशा निर्देश दिया. कहा दिशानिर्देश पूरे नहीं हैं. कम से कम कहा परिपत्र पत्र कहीं नहीं है कि निर्धारिती वह करने के लिए विषय का दावा है कि या एक लाभकारी रोजगार या व्यवसाय में और इस तरह के दावे के समर्थन में संलग्न करने के लिए काफी हद तक अपनी क्षमता को कम करने का असर है जो एक स्थायी शारीरिक विकलांगता से ग्रस्त हैं, तो कहते हैं एक प्रमाण पत्र, खंड (ख) में निर्दिष्ट के रूप में, उस मामले में भी निर्धारिती अनुभाग 80U के तहत कटौती का हकदार नहीं होगा, एक पंजीकृत चिकित्सक द्वारा जारी किया गया था.
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प्र.15. हम निर्धारिती अनुभाग 80U (द्वितीय) खुद के परन्तुक के तहत कटौती के हकदार है अगर उनके मामले सीबीडीटी द्वारा जारी परिपत्र पत्र के दायरे में नहीं आता है, भले ही, खंड 80U के तहत दावे से इनकार कर दिया नहीं किया जा सकता है कि राज्य हो सकता है. "( पीपी155-156)
में समझाया - ऊपर परिपत्र में भेजा और आईटीओ [1983] 33 सीटीआर (Chd. - ट्राई बी.) वी. ओम प्रकाश में विस्तार से बताया गया था निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ 4:
"अनुभाग का एक साधारण पढ़ने इस धारा के तहत छूट का दावा करने के प्रयोजनों के लिए, कटौती का दावा किया है जिसमें एक आकलन वर्ष के संबंध में पिछले वर्ष के अंत में निवासी है जो एक व्यक्ति को एक पंजीकृत से एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना चाहिए पता चलता है कि उक्त खंड में निर्दिष्ट स्थायी शारीरिक विकलांगता के रूप में चिकित्सक. अनुभाग वर्गों की शर्तें निर्धारिती व्यक्ति से पालन कर रहे हैं, एक बार कटौती शब्द, कर रहे हैं इस्तेमाल किया 'पांच हजार की राशि की कटौती वहाँ की अनुमति दी जाएगी, क्योंकि विधायिका द्वारा दिए गए जनादेश के तहत अनुमति दी जाए पता चलता है कि 'रुपए. कहा कटौती का दावा करने के लिए आगे नहीं शर्त नहीं है. खंड भी विधानमंडल कार्यकारी करने के लिए या किसी भी सहायक कानून के लिए कुछ भी नहीं छोड़ा है पता चलता है कि विधानमंडल द्वारा दी गई राहत नीचे छीलना की जा सके. यह निर्धारिती को एक परिपत्र लाभकारी नहीं था इसलिए, एक परिपत्र सीबीडीटी द्वारा जारी किया गया था, भले ही इसके नीचे के अधिकारियों पर कोई बाध्यकारी शक्ति होने नहीं जा सका. इसके अलावा, इन प्रावधानों के स्वभाव पर, परिपत्र शारीरिक रूप से विकलांग के रूप में इलाज किया जा सकता है, जो मामलों का ही उदाहरण दे सकता है. परिपत्र में निर्धारिती द्वारा पीड़ित शारीरिक विकलांगता के प्रकार मंजूर नहीं किया गया था अगर अपने स्वभाव में इस तरह की एक सूची है, इसलिए व्यापक हो सकता है और नहीं हो सकता था, यह निर्धारिती के दावे पर कोई असर नहीं है और उस आधार पर अधिकारियों से नीचे कर सकता निर्धारिती के दावे मना नहीं. "(पी. 6
इन पर टिप्पणी - ऊपर परिपत्र इतो वी. एमएस चौधरी में होने पर कहा जाता है और टिप्पणी की थी, [1984] 41 सीटीआर (, Ind - ट्राई बी.) 1, निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ:
"... बोर्ड के सर्कुलर नंबर 246 अब तक विकलांगता का संबंध है,, विकलांगता के उदाहरणों का उल्लेख किया गया है, जिसमें 20-9-1978 दिनांकित इनका और संपूर्ण नहीं है. इसके अलावा, कहा परिपत्र अपीलीय अधिकारियों [1974] 96 आईटीआर 1 (Bom.) (पूर्व) में बंबई उच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपात के अनुसार चिंतित हैं के रूप में संबंध बाध्यकारी होने के लिए नहीं कहा जा सकता.एक आँख एक स्थायी विकलांगता होने में दृष्टि की हानि, भी कर्मकार प्रतिकर अधिनियम, SCH 1923 ख़बरदार एंट्री नहीं 25 से समर्थन मिलता है.मैं, पी में भाग द्वितीय. बीआर Dolia द्वारा श्रम एवं औद्योगिक कानून में 1440 (1983 संस्करण.).इसलिए मैं स्पष्ट रूप से निर्धारिती अनुभाग आयकर अधिनियम की 80U और आईटीओ के तहत अपेक्षित कटौती के हकदार है कि देखने के निर्धारिती को आवश्यक राहत अनुमति देने के लिए निर्देश दिया है हूँ. "(पी. 6
में समझाया - ऊपर परिपत्र Khemraj जैन वी. आईटीओ में विस्तार से बताया गया था [1985] 23 TTJ (Hyd. - ट्राई बी.) 346, निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ:
"... सीखा विभागीय प्रतिनिधि मार्गदर्शन के लिए कुछ बीमारियों की एक सूची अनुभाग 80U के प्रयोजन के लिए उल्लेख किया गया था जिसमें 20-9-1978 सर्कुलर नं 246 के लिए मेरा ध्यान आकर्षित किया. लेकिन इस परिपत्र में यह परिपत्र 246 में वर्णित रोगों की सूची में इनका और संपूर्ण नहीं है और प्रत्येक मामले के तथ्यों और परिस्थितियों करना होगा कि आयोजित किया गया है जिसमें 22-1-1984 को एक बाद में सर्कुलर नंबर 375 के द्वारा संशोधित किया गया है खंड 80U की आवश्यकताओं को पूरी तरह से संतुष्ट हैं कि क्या निर्धारित करने में में चला गया हो. इस प्रकार कोई रिलायंस सर्कुलर नंबर 246 पर रखा जा सकता है .. . . "(पी. 347)
में समझाया : - निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ, 558 - ऊपर परिपत्र आईटीओ [1986] 24 TTJ (. ट्राई बी Asr.) वी. कंवर नारायण गुप्ता में विस्तार से बताया गया था
"... इसके अलावा बोर्ड के परिपत्र सं 375 ख़बरदार यह बहरापन, गूंगापन और मानसिक मंदता अनुभाग 80U राहत के तहत हकदार शारीरिक विकलांगता की श्रेणी में लिया गया है क्योंकि यह निर्धारिती के लिए कृपापूर्वक सर्कुलर नंबर 246 पर सुधार हुआ है.
इसके अलावा, बोर्ड के परिपत्र सं 375 सर्कुलर नंबर 375 भी बहरापन से पीड़ित हैं जो व्यक्ति, अनुभाग 80U के तहत राहत की अनुमति दी है, क्योंकि एक स्थायी शारीरिक विकलांगता अधिनियम की धारा 80U के तहत राहत के लिए आधार है कि प्रदर्शित नहीं करता है , गूंगापन और मानसिक मंदता. मानसिक मंदता और बहरापन इलाज कर रहे हैं और सुनवाई सहायता का उपयोग करके सुन सकते हैं बहरापन से पीड़ित है जो बहरापन और एक व्यक्ति को हटा जो उपकरणों, कर रहे हैं. शिकार भाषण की शक्ति को खो दिया है जो Parkinsonism, से पीड़ित है और कानूनी पेशे से संबंधित है, इसलिए, तो इस तरह के शिकार (अधिवक्ता) की वजह से काफी निर्धारिती की क्षमता (वकील) को कम करने के प्रभाव के लिए खंड 80U राहत के हकदार है कमाऊ व्यवसाय में संलग्न करने के लिए. . . . "(पी. 561)
में समझाया - 20-9-1978 दिनांकित ऊपर परिपत्र टी. में विस्तार से बताया गया था इतो वी. राजा राम मोहन राव [1989] 28 आईटीडी 534 (Hyd. - ट्राई बी.), निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ:
"ऊपर निकाले परिपत्र के italicised हिस्से से, यह एक व्यक्ति परिपत्र में सचित्र विकलांगता की तरह से ग्रस्त है, अंतर्निहित धारणा ऐसी कोई दोष या कमी व्यक्ति की क्षमता को कम करने का असर है कि है कि स्पष्ट हो जाएगा एक लाभकारी रोजगार में संलग्न हैं और आगे कोई सबूत अनुभाग में के लिए प्रदान के रूप में एक चिकित्सा प्रमाण पत्र के रूप में इस तरह के विकलांगता को साबित करने के सिवाय आवश्यक है. सीखा आयुक्त निर्धारिती आगे उसकी शारीरिक विकलांगता वास्तव में लाभकारी रोजगार के अपने बढ़ाता कम हो गया है कि साबित किया है कि संभालने में गलती. . . . "(पी. 539)

