आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

355

अधिसूचना तिथि

22/11/2006

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

22/11/2006

अधिसूचना: 355 जारी करने की तिथि: 22/11/2006

अधिसूचना सं. 355/2006, 22-11-2006 दिनांक


आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 10 के खंड (23 सी) के उपखंड (वी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्र सरकार एतद् द्वारा सूचित कि ओर से किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई भी आय "मंदिर, धर्मार्थ संस्थाओं और बंबई, मुंबई के गौड़ सारस्वत ब्राह्मण समुदाय के फंड" (बाद में "संस्था") का आकलन वर्ष 2007 के लिए वर्ष 2005-06 के लिए निर्धारणीय के रूप में ऐसे व्यक्ति की कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा - 08, निम्न शर्तों के अधीन:

(I) संस्था अपनी आय लागू होगी, या पूरी तरह से और विशेष रूप से यह स्थापित किया है और अपनी आय के अधिक से पंद्रह फीसदी अप्रैल के LST दिन को या उसके बाद जमा है, जहां एक मामले में है, जिसके लिए वस्तुओं के लिए, आवेदन के लिए जमा 2002, अपनी आय का पंद्रह प्रतिशत से अधिक राशि के संचय की अवधि भी मामले में पांच साल से अधिक नहीं होगी;

(Ii) इंस्टीट्यूशन निवेश करने या किसी भी एक में से अन्यथा ऊपर उल्लेख किया मूल्यांकन वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्षों के दौरान किसी भी अवधि के लिए (आदि आभूषण, फर्नीचर, के रूप में प्राप्त की और बनाए रखा स्वैच्छिक योगदान के अलावा अन्य) अपने फंड जमा नहीं करेंगे या रूपों का अधिक या धारा 11 की उप - धारा (5) में निर्दिष्ट मोड;

व्यापार में इस तरह के व्यापार के संबंध में बनाए रखा है खाता पीएफ संस्था के उद्देश्यों और अलग पुस्तकों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है जब तक कि (iii) इस अधिसूचना, कोई आय जा रहा है लाभ और व्यापार के लाभ के संबंध में लागू नहीं होगा;

(Iv) संस्था नियमित रूप से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार आयकर प्राधिकरण से पहले अपनी आय का रिटर्न फाइल करेंगे;

(V) उस संस्था के विघटन अपने अधिशेष और संपत्ति की घटना में इसी तरह के उद्देश्यों के साथ एक संगठन को दी जाएगी.

यह सूचना केवल संस्था की ओर से आय के प्राप्तकर्ताओं को और न कोई अन्य रसीद या ऐसे प्राप्तकर्ताओं की आय पर लागू होता है. कर देयता या, अन्यथा संस्था की आय का अलग से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा.

[एफ सं 197/33/2006-ITA-I]